शहर की ऊंची इमारतों के बीच, एक छोटे से कमरे में बैठी मैं अक्सर सोचती हूँ कि हम कितना ...
कदम बस से उतरी ! अकेले दुनिया बड़ी लगने लगी , मानो कि किस मेले में आ गए हो। ...
ये कहानी जो गाँव की यादें, अद्भुत एहसास से जुड़ी है। गाँव, वो गाँव जिस भूमि पर हमारे खानदान ...
मै ये नहीं कहती कि हर संगति अच्छी होती है या बुरी, हां पर ये जरूर कहूंगी कि संगत ...