कभी-कभी वक्त के सारे जवाब शब्दों में नहीं होते,कभी-कभी वो बस एक मुलाक़ात में छिपे होते हैं —जहाँ दो ...
कभी-कभी कुछ बातें कही नहीं जातीं,बस वक्त के साथ हल्के-हल्के दिल में गूंजती रहती हैंजैसे किसी पुराने गाने की ...
कभी-कभी ज़िंदगी हमें वहीं ले आती है जहाँ से हमने चलना बंद कर दिया था।कुछ चेहरे, कुछ यादें, कुछ ...
उन दोनों की बातों को अब हफ़्ते भर हो चुका था।हर दिन के छोटे-छोटे पलजैसे एक-दूसरे को चुपचाप करीब ...
कभी-कभी silence भी बहुत कुछ कह जाती है…और कभी-कभी वही silence सबसे बड़ा दर्द बन जाती है।जहाँ शब्द खत्म ...
उस एक मुलाक़ात ने जैसे लड़की की दुनिया में एक धीमी-सी रोशनी भर दी थी।वो बदलना नहीं चाहती थी… ...
लाइब्रेरी हमेशा से उसकी पनाहगाह थी—एक ऐसी जगह जहाँ किताबों की ख़ामोशी में उसे अपनी धड़कनों की आवाज़ भी ...
कॉलेज का वही पुराना गलियारा, वही सुबह की हल्की धूप, वही library की खामोश खुशबू…सब पहले जैसा था,लेकिन Prakhra ...
कॉलेज की गलियों में अब एक नई पहचान बस चुकी थी —जहाँ हर सुबह की शुरुआत एक मुस्कान से ...
बारिश अब भी कॉलेज की पुरानी दीवारों को छूकर गिर रही थी,जैसे हर बूँद पिछले मौसम की कोई अधूरी ...