CHIRANJIT TEWARY stories download free PDF

श्रापित एक प्रेम कहानी - 30

by CHIRANJIT TEWARY
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एकांश को वर्शाली की याद आती है। वो सौच रहा होता है---" कास में यह वर्षाली को ला पता ...

तेरे मेरे दरमियान - 50

by CHIRANJIT TEWARY
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इंस्पेक्टर :- जी , उन्ही का कंप्लेन है के आदित्य ने उनके और पापा को किडनेप किया और उससे ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 29

by CHIRANJIT TEWARY
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सोनाली खुश होती हैं और कहती हैं---->" ये तो बहुत अच्छी बात है। पर बहन क्या एकांश को भी ...

तेरे मेरे दरमियान - 49

by CHIRANJIT TEWARY
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जानवी डर जाती है और काली को रौकते हूए कहती है --जानवी :- नही रुको । मैं साईन करती ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 28

by CHIRANJIT TEWARY
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एकांश हैरानी से कहता है----एकांश :- मेरा महल..?वर्शाली कहती है:- हाँ एकांश जी। आप भूल गए के अपने कैसे ...

तेरे मेरे दरमियान - 48

by CHIRANJIT TEWARY
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विकास काली को फोन करता है और कहता है --विकास :- भाई जैसा आपने कहा था के मैं जानवी ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 27

by CHIRANJIT TEWARY
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मीरा मीना से कहती है----मीरा :- अरे दीदी अब बस भी करो ना क्यों सता रहे हो तुम मेरे ...

तेरे मेरे दरमियान - 47

by CHIRANJIT TEWARY
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आदित्य तिरु से कहता है --आदित्य :- मामा जी , पापा ने मेरे साथ ऐसा क्यू किया , क्या ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 26

by CHIRANJIT TEWARY
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वर्शाली एकांश की आंखों में अपने लिए प्रेम देख पारही थी।वर्शाली एक टक नजर से एकांश को देखे ही ...

तेरे मेरे दरमियान - 46

by CHIRANJIT TEWARY
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विकास :- यही कुछ 1000 करोड़ की ।काली :- साला , एक ही बार मे बड़ा हाथ , चल ...