Dharmpal Sroj stories download free PDF

पहाड़, जंगल और झरने के बीच एक छोटा सा घर

by Dharmpal Sroj

बहुत दूर, शहर की भीड़ और शोर से बिल्कुल अलग, ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों के बीच एक छोटी-सी घाटी थी। उस ...

मेरी पहली किताब

by Dharmpal Sroj
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जंगल में हाथी से सामना: मेरे जीवन का एक ऐसा दिन जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगायह कहानी मेरे जीवन ...

महबूब की वह हसीन रात

by Dharmpal Sroj
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लखनऊ की सर्दियों की रात थी। दिसंबर का महीना, घड़ी में रात के साढ़े ग्यारह बज रहे थे और ...

रिश्तों का एहसास

by Dharmpal Sroj
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एक ऐसा सफर, जिसमें मंजिल से ज्यादा रास्ते ने सिखायापूरनपुर की सुबह में एक अलग ही अपनापन था।सूरज निकलने ...

एक पिता का आखिरी वादा

by Dharmpal Sroj
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दीवार पर लगी पुरानी घड़ी कई साल पहले ही बंद हो चुकी थी, लेकिन राघव ने उसे कभी दीवार ...

अधूरी मुलाकात का पूरा प्यार‎

by Dharmpal Sroj
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‎‎शहर की उस पुरानी गली में शाम हमेशा थोड़ी जल्दी उतरती थी। सूरज पहाड़ियों के पीछे छिपने से पहले ...

यह मेरी जिंदगी की कहानी है जो मैंने जिया है वही मैंने लिखा है

by Dharmpal Sroj
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मेरी जिंदगी की कहानी — जो मैंने जिया है, वही लिखा हैमेरा नाम धर्मपाल सरोज है। मैं उत्तर प्रदेश ...

चांट,फिरोजपुर भूतिया हवेली

by Dharmpal Sroj
  • 2.1k

चांट फिरोजपुर की भूतिया हवेलीपीलीभीत शहर से लगभग दूर, पूरनपुर की तरफ जाने वाले रास्ते पर एक छोटा-सा गाँव ...