दिलखुश गुर्जर stories download free PDF

काली घाटी - 6

by दिलखुश गुर्जर
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पिछले पार्ट में अपने देखा कि कैसे शिवा ओर रैंचो उस पुल को पार करके आगे चले जाते हैं ...

काली घाटी - 5

by दिलखुश गुर्जर
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तो चलो चलते हैं।शिवा व रेंचो दोनो धीरे धीरे सीढ़ीयों से नीचे जाने लगते हैं।वहां पर उनके पदचापों की ...

काली घाटी - 4

by दिलखुश गुर्जर
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शिवा- सुबह की पहली किरण के साथ ही में उस गुफा को ढूंढूंगा।यह कहकर वह सोने की कोशिश करता ...

काली घाटी - 3

by दिलखुश गुर्जर
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(दोस्तों इतने दिनों बाद कहानी लाने के लिए क्षमा चाहता हूं)शिवा- गुरुदेव आप मेरा नाम कैसे जानते हैगुरुदेव मुस्कुराते ...

काली घाटी - 2

by दिलखुश गुर्जर
  • (3.7/5)
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शिवा उपर पेड़ पर देखता है तो उसकी आंखें फटी की फटी रह जाती हैसाहब.....साहब पेड़ पर सियाराम की ...

काली घाटी - 1

by दिलखुश गुर्जर
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नमस्कार दोस्तों मेरा नाम दिलखुश गुर्जर है और यह मेरी पहली कहानी है तो अगर कोई त्रुटी हो जाए ...