Vandna Sharma stories download free PDF

मासूम सी वो लड़की - 1

by Vandna Sharma
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शाम के सात बजे थे। अक्टूबर की ठंडी हवा चल रही थी और आसमान एकदम साफ था। चाँद तारों ...

त्यौहार

by Vandna Sharma
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दशहरे का मेला लगा हुआ था। पूरे बाजार में ऐसी रौनक थी जैसे दिवाली अभी से आ गई हो।जगह-जगह ...

नन्ही चिड़िया

by Vandna Sharma
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बहुत समय पहले की बात है। एक घने हरे पेड़ की सबसे ऊँची डाल पर एक नन्हीं सी चिड़िया ...

आँगन का दिया

by Vandna Sharma
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कहानी - आँगन का दियालेखिका - डॉ वंदना शर्माअक्टूबर का महीना अपने साथ ऋतु-परिवर्तन लेकर आता है। प्रातः और ...

रिटायरमेंट

by Vandna Sharma
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रिटायरमेंटप्रताप सिंह आज अपने आंगन में उदास लेटा था।आज उसकी रिटायरमेंट की पहली सुबह थी। जिस सुबह का उसे ...

घुंघट के पट खोल

by Vandna Sharma
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कहानी - घूँघट के पट खोलविजय नगर का रेलवे स्टेशन। नाम बड़ा था, पर स्टेशन बहुत छोटा। पूरे दिन ...

चिड़िया और पायल

by Vandna Sharma
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छोटे से शहर के बीचों-बीच एक राजकीय बालिका इंटर कॉलेज था। कहते हैं अंग्रेजों के जमाने में ये जेल ...

स्कूल की छुट्टी और बारिश

by Vandna Sharma
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अदिति किचन में जल्दी-जल्दी हाथ चला रही थी। दीवार घड़ी में एक बज रहा था। डेढ़ बजे अर्णव की ...

कुछ खास है

by Vandna Sharma
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कहानी - कुछ खास हैनेहा की ननद रीना आई थी। बस के लंबे सफर के बाद भी रीना इतनी ...

सर्वगुण संपन्न बहु चाहिए

by Vandna Sharma
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शारदा देवी अस्सी साल की थीं, पर उनकी कमर आज भी सीधी थी और आवाज में वही रौब था ...