Kapil Tiwari stories download free PDF

विद्या और अविद्या

by Kapil Tiwari
  • 345

“विद्या और अविद्या किसको कहते हैं?” तो बड़ा सारगर्भित और संक्षिप्त उत्तर देता है उपनिषद्: “अहंभाव की जन्मदात्री अविद्या ...

निगलते पहाड़

by Kapil Tiwari
  • (0/5)
  • 909

महज आठ साल का ही तो था मैं, जब मैंने अपने खेत जाते समय अपनी दादी से पूछा था—"ये ...

चेतन और अवचेतन मन

by Kapil Tiwari
  • (0/5)
  • 1.2k

सिगमंड फ्रायड के अनुसार मनुष्य का मन एक नहीं होता, बल्कि यह अलग-अलग स्तरों पर काम करता है। उन्होंने ...

प्रेम

by Kapil Tiwari
  • (0/5)
  • 1.5k

प्रेम-प्रेम सब कोइ कहैं, प्रेम न चीन्है कोय।जा मारग साहिब मिलै, प्रेम कहावै सोय॥~ कबीर साहबप्रेम प्रेम सब कहते ...

डर

by Kapil Tiwari
  • (4.9/5)
  • 1.8k

अध्यात्म का बहुत सीधा और सरल अर्थ है—ख़ुद को जानना। (‘अधि + आत्म’) यानी आत्म के और करीब आना। ...

लड़की की सुरक्षा

by Kapil Tiwari
  • (4.9/5)
  • 1.6k

प्रश्न ~ लड़कियों को पढ़ाई के लिऐ अथवा काम के लिऐ बहुत कम घर से बाहर भेजा जाता है। ...

दोस्ती

by Kapil Tiwari
  • (5/5)
  • 1.8k

हम अक्सर एक दूसरे से पूछते हैं कि.. आपका दोस्त कौन...??सामान्यतः उत्तर यही मिलता है कि जो मेरे साथ ...

शिव

by Kapil Tiwari
  • (0/5)
  • 1.5k

मैं वो हूँ जो नहीं है ,जो नहीं है वो मैं हूँ।जो अस्तित्व के परे है वो मैं हूँ।जो ...

डिप्रेशन

by Kapil Tiwari
  • (0/5)
  • 1.8k

आपने कभी सोचा है,आज से पचास-साठ साल पहले एक मानसिक रोगी को जितनी एंग्ज़ायटी महसूस होती थी, उतनी आज ...

कामवासना

by Kapil Tiwari
  • (2.9/5)
  • 1.8k

जन्म से ही हमारे भीतर कामवासना नाम की एक वृत्ति या प्रवृत्ति मौजूद रहती है। यह प्रकृति की अपनी ...