Pooja Singh stories download free PDF

Agent Tara

by Krishna bhakt bhajan and art

मुंबई कभी नहीं सोती.रात के तीन बजे भी इसकी सडकों पर जिंदगी बहती रहती है—कभी रोशनी बनकर, कभी साए ...

सदियों से तुम मेरी - 1

by Krishna bhakt bhajan and art
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घने जंगल के बीचोंबीच फैली वह प्राचीन गुफा आज भी रहस्यों से भरी थी। चट्टानों से रिसता पानी सदियों ...

वाशिकारिणी - 6

by Krishna bhakt bhajan and art
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इच्छा : प्रेम या प्रेतखाई के किनारे खड़ा शक्ति काँप रहा था।नीचे अंधेरा था… अंतहीन।उसी अंधेरे से एक जानी-पहचानी ...

वाशिकारिणी - 5

by Krishna bhakt bhajan and art
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आईना जो सच नहीं दिखाताशक्ति की चीख किले की दीवारों से टकराकर लौट आई…लेकिन उसकी आवाज़ उसे खुद सुनाई ...

पंखो में बंधा प्रेम

by Krishna bhakt bhajan and art
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पक्षीलोक की सुबह आज कुछ अलग थी।आकाश सामान्य से अधिक उजला था, हवाओं में हल्की सी मिठास थी, और ...

वाशिकारिणी - 4

by Krishna bhakt bhajan and art
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सच का पहला दरवाज़ाउस आदमी की आवाज़ में अजीब सी ठंडक थी।शक्ति उसकी तरफ देखता रहा, जैसे शब्द उसके ...

दो दिल कैसे मिलेंगे - 46

by Krishna bhakt bhajan and art
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अंधकार लोक के विनाश के बाद, जब समस्त लोकों में संतुलन लौट आया, तब आकाश के द्वार एक बार ...

मेरी हो तुम - 3

by Krishna bhakt bhajan and art
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विवेक – अदिति | गहरा रिश्तारात का सन्नाटा चारों ओर फैला था।घर सो चुका था… लेकिन अदिति की आँखों ...

दो दिल कैसे मिलेंगे - 45

by Krishna bhakt bhajan and art
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पुनर्मिलन की शांति अभी पूरी तरह उतरी भी नहीं थी कि आकाश में अचानक काले बादल घिर आए। हवा ...

मेरी हो तुम - 2

by Krishna bhakt bhajan and art
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आदित्य – चेताक्क्षी | सोलफुल रिश्तामंदिर में धूप और अगरबत्ती की खुशबू फैली थी।चेताक्क्षी दीपक जला रही थी।आदित्य उसे ...