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अमृत वाणी - संत वाणी - 41

by Nitya Oswal

भगवान महावीर स्वामी की वाणी“अहिंसा परमो धर्मः।सव्वे जीवा वि इच्छंति, जीविउं न मरिज्जिउं।।”(अहिंसा ही सबसे बड़ा धर्म है। महावीर ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 40

by Nitya Oswal
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महाराज भर्तृहरि की वाणीमहाराज भर्तृहरि उज्जैन के महान राजा थे, जिन्होंने वैराग्य होने पर राजपाठ त्याग दिया और परम ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 39

by Nitya Oswal
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“प्रभु भल कीन्ह मोहि सिख दीन्हीं। मरजादा पुनि तुम्हरी कीन्हीं॥ढोल गवाँर सूद्र पसु नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी॥”गहरे अर्थ ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 38

by Nitya Oswal
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“दादू इस संसार में, दोई रत्न अमोल।एक साईं एक संत है, जे कोई जानै तोल॥”गहरे अर्थ की व्याख्यासंत दादू ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 37

by Nitya Oswal
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“संसार की चिंता छोड़ो और यह खोजो कि यह चिंता करने वाला ‘मैं’ कौन हूँ? जब तक अहंकार जीवित ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 36

by Nitya Oswal
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मक्खी बैठे शहद पर, पंख रहे लपटाए।रज्जब विकल होय धुने सिर, हाथ मले पछताए॥संत रज्जब जी समझाते हैं कि ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 35

by Nitya Oswal
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“भीखा बात अगम की, कहन सुनन की नाहिं।जो जाने सो कहे नहीं, कहे सो जाने नाहिं॥”संत भीखा साहब कहते ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 34

by Nitya Oswal
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“रे बंदे तू काहे के तोत दिवाना।काल अचाका पकरिहै तोहीं, जैहैं प्रान पराना॥”संत धरणीदास जी जीव को सचेत करते ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 33

by Nitya Oswal
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गुजरात के राजकोट जिले के वीरपुर गाँव के परम सिद्ध, त्यागी और साक्षात् अन्नपूर्णा के परम भक्त संत जलाराम ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 32

by Nitya Oswal
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भारत के महाराष्ट्र के वारकरी संप्रदाय के एक और परम सिद्ध, निश्छल और विट्ठल भगवान के अनन्य भक्त संत ...