AI का विकल्प : क्या प्राचीन भारत में चेतना-आधारित बुद्धिमत्ता की कोई परंपरा थी?मानव सभ्यता आज एक ऐसे युग ...
समस्या नहीं, समाधान की चर्चाजड़ों को सींचने की आवश्यकतासमाज की अनेक समस्याओं पर बहुत कुछ लिखा जा चुका है—नारी ...
शिक्षा नहीं, मनुष्य निर्माणविज्ञान, विद्या और चेतना का समन्वयआज मानव सभ्यता अपने इतिहास के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी ...
अभी नहीं...गाँव के किनारे एक विशाल पीपल का वृक्ष था। उसकी फैली हुई शाखाएँ दूर-दूर तक शीतल छाया बिखेरती ...
এখন নয়...গ্রামের প্রান্তে এক বিশাল অশ্বত্থ গাছ দাঁড়িয়ে ছিল। তার বিস্তৃত শাখা-প্রশাখা দূরদূরান্ত পর্যন্ত শীতল ছায়া বিলিয়ে দিত। পাখিদের ...
মন্ত্র, বীজনাম ও মুক্তি — ভারতীয় দর্শনের প্রকৃত দিশা ভারতীয় দর্শনে "মুক্তি" বা "মোক্ষ" মানবজীবনের সর্বোচ্চ লক্ষ্য বলে বিবেচিত ...
মুক্তির পঞ্চনীতি-পথ — শ্রীশ্রী ঠাকুর অনুকূলচন্দ্রের জীবনদর্শন ভারতীয় দর্শনে "মুক্তি" বা "মোক্ষ" মানবজীবনের সর্বোচ্চ লক্ষ্য হিসেবে বিবেচিত হয়েছে। সাধারণত ...
मुक्ति का पंचनीति मार्ग — श्री श्री ठाकुर अनुकूलचन्द्र की जीवन-दृष्टि भारतीय दर्शन में "मुक्ति" या "मोक्ष" को मानव ...
मंत्र, बीज-नाम और मुक्ति — भारतीय दर्शन की वास्तविक दिशा भारतीय दर्शन में "मुक्ति" या "मोक्ष" को मनुष्य जीवन ...
धनबाद उस समय सिर्फ एक शहर नहीं था—वह कोयले, धुएँ, पसीने और बीमारी से बना एक जीवित नरक था।धरती ...