RAAHULL SHARMA stories download free PDF

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 13

by RAAHULL SHARMA
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हवेली में अब एक अजीब सी शांति थी, लेकिन यह शांति कल रात जैसी डरावनी नहीं थी, बल्कि एक ...

अमावस्या की काली रात एक खोफ या श्राप - 14

by RAAHULL SHARMA
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उसे अब अपने अस्तित्व की परवाह नहीं थी; उसे बस उस मुक्ति को रोकना था जो उसके प्रतिशोध को ...

अवनि एक अटूट विश्वास - 13

by RAAHULL SHARMA
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सोहन के हाथ आर्यमन के कंधे से ढीले पड़ गए। नीलम भाभी के चेहरे पर अब एक विजयी मुस्कान ...

कालू की पहाड़ी - 18

by RAAHULL SHARMA
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त्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालूत्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालू के भीतर के राक्षस को मार ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 14

by RAAHULL SHARMA
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कहते हैं, समय का चक्र बहुत तेज़ी से घूमता है। वह किसी राजा के लिए नहीं रुकता, किसी रंक ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 12

by RAAHULL SHARMA
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मजूमदार विलामजूमदार विला का अब किसी युद्ध के मैदान जैसा लग रहा था। यह एक आलीशान बंगला था, लेकिन ...

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 12

by RAAHULL SHARMA
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आदित्य की खुशी का ठिकाना नहीं था। बरसों पुराना यार, जिसने जवानी के दिनों में कंधे से कंधा मिलाकर ...

अमावस्या की काली रात एक खोफ या श्राप - 13

by RAAHULL SHARMA
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लच्छू की रूह के आजाद होते ही पूरी हवेली में एक ऐसा भयंकर तूफान उठा जैसे धरती फट जाने ...

अवनि एक अटूट विश्वास - 12

by RAAHULL SHARMA
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यह श्रद्धा कौन है आर्यमन जी?"आर्यमन के पास इस सवाल का जवाब तो था, पर ज़ुबान जैसे किसी गोंद ...

कालू की पहाड़ी - 17

by RAAHULL SHARMA
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पहाड़ी पर मौत का सन्नाटा और कालू का अट्टहास गूँज रहा था।दीपक और अभिलाषा कांपते हुए कातिलों की भूमिका ...