Renu Chaurasiya stories download free PDF

वरदान - 7

by Renu Chaurasiya
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"बड़ी रानी ने तुरंत निर्णय लिया । उसने अपने भरोसेमंद सैनिकों को आदेश दिया—छोटी रानी और उसका पुत्र अब ...

अंश, कार्तिक, आर्यन - 10

by Renu Chaurasiya
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मल्होत्रा का महलमल्होत्रा का महल…घर कम, ऐलान ज़्यादा था।ऊँचे काले लोहे के गेट उन पर सुनहरे शेर का निशान ...

वरदान - 6

by Renu Chaurasiya
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बड़ी रानी जो अब अस्थायी रूप से राजसिंहासन पर बैठी थी, उसके मन में एक गहरी चिंता घर कर ...

अंश, कार्तिक, आर्यन - 9

by Renu Chaurasiya
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कोई भी इंसान इतना बेख़ौफ़,कैसे हो सकता हैकी खुद को कानून से ऊपर,समझे।एक इंसान इतना निर्दयी अकेले के दम ...

वरदान - 5

by Renu Chaurasiya
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बड़ी रानी का दिखावा इतना सधा हुआ था कि छोटी रानी पूरी तरह उसके प्रभाव में आ गई। जब ...

वरदान - 4

by Renu Chaurasiya
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राजमहल का प्रसव कक्ष उस समय दीपों की रौशनी और मंगल ध्वनियों से जगमगा रहा था। चारों ओर रेशमी ...

अंश, कार्तिक, आर्यन - 8

by Renu Chaurasiya
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अगले दिन शाम कोपुराने स्पोर्ट्स ग्राउंड की बाउंड्री वॉल के पासआर्यन के दोस्त जमा थे—रघु, अमन और तीन–चार और ...

वरदान - 3

by Renu Chaurasiya
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भिखारी का रूप अचानक बदल गया।उसका जर्जर और घावों से भरा शरीर अब तेजोमय हो उठा। उसके अंगों से ...

दर्द से जीत तक - भाग 8

by Renu Chaurasiya
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कुछ महीने बाद...वही रोशनी, वही खुशी,लेकिन इस बार मंच नहीं — मंडप सजा था।सामने बैठी थी एंजल —सालों बाद, ...

वरदान - 2

by Renu Chaurasiya
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दिन ढल रहा था और महल की ओर जाने वाले मार्ग पर हल्की धूप बिखरी हुई थी। तभी समाचार ...