Rishabh Sharma stories download free PDF

काश तुम बनारस होती

by Rishabh Sharma
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"काश तुम बनारस होती" बनारस की गलियों से शुरू हुई दास्तां सुबह के साढ़े सात बजे बनारस ...

चौपाल से कैफे तक का फासला

by Rishabh Sharma
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"चौपाल से कैफे तक का फासला" (हरियाणा का लड़का और दिल्ली की लड़की की वो बात जो अधूरी नहीं ...

तेरे साथ, एक वर्दी का सपना

by Rishabh Sharma
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"तेरे साथ, एक वर्दी का सपना" गाँव की छोटी सी लाइब्रेरी में हर दिन सुबह 6 बजे एक ...

विजय और वो आम वाला बाग

by Rishabh Sharma
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"विजय और वो आम वाला बाग" विजय बम्बई का लड़का था — ऊंची बिल्डिंग में रहने वाला, चमकते जूते ...

पेड़ से मीठे जामुन, पर पकड़ से तेज़ थे हम

by Rishabh Sharma
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“पेड़ से मीठे जामुन, पर पकड़ से तेज़ थे हम” गर्मी की छुट्टियाँ चल रही थीं और पूरा ...

तमीज़ और तन्हाई के दरमियान

by Rishabh Sharma
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तमीज़ और तन्हाई के दरमियान "हुज़ूर, मोहब्बत में लहज़ा भी वही रखिए, जो चाय में इलायची की तरह ...

वो लास्ट ऑनलाइन 4 दिन पहले...

by Rishabh Sharma
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"वो लास्ट ऑनलाइन 4 दिन पहले..." "तुम हर दिन मेरी मुस्कान की वजह बनते थे… अब तुम्हारी ...

अनजान प्रोफ़ाइल से दिल तक

by Rishabh Sharma
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"अनजान प्रोफ़ाइल से दिल तक" ️ अनजान प्रोफ़ाइल से दिल तक"तुमसे बात करके ऐसा लगता है जैसे मैं ...

उस सावन की आख़िरी रात

by Rishabh Sharma
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️ उस सावन की आख़िरी रात "वो रात आज भी मेरी धड़कनों में ठहरी है... उस सावन की ...

वो तीसरा कौन था?

by Rishabh Sharma
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रात के दो बजे का समय था। चारों तरफ़ सन्नाटा पसरा हुआ था। पुलिस जब उस फ्लैट में पहुँची, ...