"काश तुम बनारस होती" बनारस की गलियों से शुरू हुई दास्तां सुबह के साढ़े सात बजे बनारस ...
"चौपाल से कैफे तक का फासला" (हरियाणा का लड़का और दिल्ली की लड़की की वो बात जो अधूरी नहीं ...
"तेरे साथ, एक वर्दी का सपना" गाँव की छोटी सी लाइब्रेरी में हर दिन सुबह 6 बजे एक ...
"विजय और वो आम वाला बाग" विजय बम्बई का लड़का था — ऊंची बिल्डिंग में रहने वाला, चमकते जूते ...
“पेड़ से मीठे जामुन, पर पकड़ से तेज़ थे हम” गर्मी की छुट्टियाँ चल रही थीं और पूरा ...
तमीज़ और तन्हाई के दरमियान "हुज़ूर, मोहब्बत में लहज़ा भी वही रखिए, जो चाय में इलायची की तरह ...
"वो लास्ट ऑनलाइन 4 दिन पहले..." "तुम हर दिन मेरी मुस्कान की वजह बनते थे… अब तुम्हारी ...
"अनजान प्रोफ़ाइल से दिल तक" ️ अनजान प्रोफ़ाइल से दिल तक"तुमसे बात करके ऐसा लगता है जैसे मैं ...
️ उस सावन की आख़िरी रात "वो रात आज भी मेरी धड़कनों में ठहरी है... उस सावन की ...
रात के दो बजे का समय था। चारों तरफ़ सन्नाटा पसरा हुआ था। पुलिस जब उस फ्लैट में पहुँची, ...