Present Time –सृष्टि सॉफे पर लेटी थी। चेहरा उदास, आँखें लाल। उसका दिल भारी था। धीरे-धीरे उसके मन में ...
कुछ महीने बीत गए। हवेली की जिंदगी अब पूरी तरह बदल चुकी थी। सुबह सब अपने-अपने काम में लग ...
सुबह की हल्की धूप कमरे में घुस रही थी।श्रेया नींद से अभी-अभी उठी,करण और कबीर अब भी सो रहे ...
कार्तिकेय की गाड़ी मंदिर के पास रुकी।नरास्ते पर खड़ा एक गुंडा था, हाथ में बंदूक थामे। पंडित की कनपटी ...
Present time....कबीर सोफे पर अकेले बैठा था। चेहरा ठंडा, आँखें गंभीर। पर हाथ… हाथ से खून बह रहा था। ...
सुबह का समय है, सूरज की रोशनी बिल्डिंग पर पड़ रही है,पर अंदर के माहौल में अब भी एक ...
रात गहरी चुकी थी। हवेली के आँगन में सन्नाटा था…सिर्फ घड़ी की टिक-टिक सुनाई दे रही थी। संस्कृति अपने ...
Principal मैम ने जैसे-तैसे खुद को संभाला ही था कि बाहर खड़े दो–तीन शरारती स्टूडेंट उनकी आवाज़ें सुन चुके ...
शानवी की आँखों में गुस्सा और चोट का मिश्रण था।उसने महसूस किया कि कार्तिकेय ने उसकी भावनाओं को बहुत ...
कबीर ने सृष्टि को तुरंत कार में बिठाया। उसका हाथ उसके हाथ में कसकर था। सृष्टि लगातार रो रही ...