कैमरा दिखाता है — सीया बाथरूम से बाहर आती है। चेहरा पीला, हाथों में हल्की कांप। कुछ देर बाद ...
रात गहरी हो चुकी थी…घर के हर कमरे में बस सन्नाटा था…लेकिन उस सन्नाटे के अंदर…कई दिल धड़क रहे ...
कुछ ही देर बाद, संयोगिता के अपार्टमेंट की घंटी बजी।संयोगिता ने गहरी सांस ली और दरवाजा खोला। विराट बाहर ...
कैलाश ने धीरे-धीरे बोलना शुरू किया…वो बोला -मैं हमेशा से ऐसा नहीं था, शैलजा…एक साल पहले… मैं क्राइम रिपोर्टर ...
(सुबह की हल्की धूप परदे से झाँक रही है। कमरे में सन्नाटा है।सिया अब भी नींद में है, चेहरा ...
शिवांश भी उनके साथ ही कार में बैठा था… लेकिन रास्ते भर वो चुप था…उसके छोटे-छोटे चेहरे पर उलझन ...
संयोगिता ने अपनी चालाकी से ट्रक ड्राइवर को खामोश करा दिया था। उसने उसे एक मोटी रकम दी थी ...
अगली ही सुबह शैलजा मंदिर गई। उसकी आँखों में आँसू नहीं… अब संकल्प था। वो रोज़ आधी रात को ...
( एक हल्की सी नीली रोशनी कमरे में फैली हुई है।कबीर अपने लैपटॉप पर तेज़ी से कोड टाइप कर ...
कुछ देर बाद…शिवांश…श्रेया की बाहों में ही सो गया…उसकी धीमी-धीमी साँसें…और मासूम चेहरा…श्रेया को कुछ पल के लिए…सारी तकलीफें ...