पल्लवी के मुँह से निकली उस कांपती हुई आवाज़—"मेरा हाथ छोड़ दो"—के बाद, सड़क के उस किनारे पर छाई ...
कांच के टुकड़े बिखरे सपने: भाग 4रिया की शादी की तारीख नज़दीक आ रही थी और उधर आर्यन की ...
चाय की एक मशहूर दुकान के सामने, शहर की व्यस्त सड़क पर गाड़ियों का शोर अपने चरम पर था। ...
रात का सन्नाटा अभी भी रिया के कमरे में पसरा हुआ था, लेकिन उसकी धड़कनें अब भी तेज़ थीं। ...
खेतों में सुबह की सुनहरी धूप फैली थी। ताजी हवा में मिट्टी की सोंधी-सोंधी खुशबू थी। आर्यन और रिया ...
शाम ढल चुकी थी। घर में एक अजीब सी खामोशी पसरी थी, जैसे कोई बड़ा तूफान आने वाला हो। ...
शहर की भीड़भाड़ से दूर, एक संकरी गली के कोने में बना वह छोटा सा कैफे, 'द ओल्ड ओक', ...
### **धोखेबाज़ राहुल: एक घरवाली, कई बाहरवाली** ️शाम के ढलते सूरज की नारंगी रोशनी दिल्ली के उस शांत पार्क ...
### **पॉकेट में जितना ज्यादा माल, घरवाली के उतने ज्यादा गुलाबी गाल** संडे की अलसायी सुबह थी। आर्यन बेड ...
रात का घना पहरा था और चारों तरफ एक गहरी, शांत खामोशी छाई हुई थी। कमरे की बड़ी सी ...