इस महा- श्रृंखला के रचनाकार लोकप्रिय लेखक एवं पूर्व पत्रकार, इकबाल राज हैं. यह कहानी पूरी तरह से सच्ची ...
अतीत का कसाई और वजूद का कत्ल (बीस खौफनाक भाग)भाग एक: आँखों में जमा बर्फअजनबी के उन तीन शब्दों—" ...
आक्रोश का नंगा नाच और रूहानी कत्लेआमभाग एक: आँखों में उतरता खूनइकबाल की आँखें अब सफेद नहीं, बल्कि स्याही ...
शून्य का सिरा और भटकती रूहभाग एक: वास्तविकता का टूटना (The Glitch)सगाई वाले घर से अपमानित होकर भागने के ...
शक्कर का जहर और रूह का कत्लेआमभाग एक: एक मखमली साजिश (The False Calm)मुंबई की वह दोपहर इतनी गर्म ...
चेतना का कत्लेआमभाग एक: शून्यता का गर्भाशयजैसे ही वह' ठक' की आखिरी आवाज हुई, सारा शोर थम गया. न ...
पन्नों से परे का प्रहारभाग एक: कागज की सरसराहट और अदृश्य उंगलियांअस्पताल के उस कमरे में सन्नाटा इतना गहरा ...
टाइपराइटर की चीख- स्याही का कत्लेआमभाग एक: लोहे का पाताल और' की' (Key) का प्रहारमैं गिर रहा था. हवा ...
शॉक थेरेपी का राज और रूहानी साजिशभाग एक: सफेद दीवारों का नरकअस्पताल की छत पर लगा वह पीला बल्ब ...
(सावधान: इस अध्याय को पढते समय अपने पीछे का दरवाजा बंद कर लें, क्योंकि इस कहानी के शब्द आपके ...