कहते हैं कि किस्मत का लिखा और समय का बीता हुआ पल न कोई टाल सकता है, न वापस ...
नवंबर का महीना था। ठंड से भरी सुबह में ऊपर वाले कमरे की खिड़की खोलते हुए नैना बोली,“उठो बच्चों! ...