जो कहा नहीं गया – भाग 7(मौन की सीढ़ियाँ)स्थान: प्रयाग से काशी की ओरसमय: उसी रातसंगम की लहरों में ...
रात के सन्नाटे में खिड़की के पास बैठा, मैं आसमान में टिमटिमाते तारों को देख रहा था। बाहर बारिश ...
मैं अधूरा जी रहा हूं…“तेरे बिना साँसें तो हैं, पर ज़िंदगी नहीं…”कमरे की खामोशी अब मेरी साथी बन चुकी ...
सिंहासन – अध्याय 4: रक्त का सौदा(सत्य का सामना, और एक सौदा जो जीवन से भी बड़ा है…)स्थान: नागफन ...
मैं उसकी यादों में खुश हूँरात के अंधेरे में अक्सर मैं खुद से बातें करता हूँ। खिड़की पर टिमटिमाती ...
जो कहा नहीं गया – भाग 6(प्रतिध्वनि की पुकार)स्थान: प्रयागसमय: कुछ दिन बादडायरी का अंतिम पेज पर — सिर्फ़ ...
सिंहासन – अध्याय 3: भीतर का नाग(एक यात्रा, जो मन में छुपे अंधकार को उजागर करेगी…)स्थान: नागफन सुरंगसमय: वही ...
(प्रतिध्वनि की पुकार)स्थान: काशीसमय: कुछ दिन बादडायरी के अंतिम पृष्ठ पर उभरा एक ही शब्द — “काशी” — रिया ...
सिंहासन – अध्याय 2: नागों का द्वार(एक शाप, एक खोज, और एक सिंहासन जिसे छूना मौत को न्योता देना ...
जो कहा नहीं गया – भाग 4(प्रतिध्वनि की पुकार)स्थान: हरिद्वार, गंगा तटसमय: वर्तमानगंगा किनारे स्थित पुराने शिव मंदिर की ...