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Arrenge Marriage

by ziya

भाग -1 : मेरा हावी ठहरा हुआ पतिबारिश की हल्की बूँदें खिड़की के शीशे पर गिर रही थीं, और ...

My Cruel Love

by ziya
  • 84

भाग 1शादी के मंडप में बैठी आलिया का दिल अजीब डर से भरा हुआ था। चारों तरफ रोशनी, मेहमानों ...

बे - सदाई

by ziya
  • 246

(भाग 1)उसने कभी ऊँची आवाज़ में कुछ नहीं कहा।न शिकायत… न इल्ज़ाम… न मोहब्बत का इज़हार।बस…चुपचाप सब सहती रही।और ...

बारिश में बंधा रिश्ता

by ziya
  • 633

भाग 1बारिश उस रात कुछ ज़्यादा ही बेरहम थी।आसमान से गिरती हर बूँद जैसे किसी गुनाह की गवाही दे ...

सिलसिला ये चाहत का

by ziya
  • (0/5)
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हवा आज कुछ ज़्यादा ही ठहरी हुई थी।जैसे उसे भी मालूम हो कि दो दिलों के बीच कुछ ऐसा ...

खून की प्यास

by ziya
  • 327

रात बहुत शांत थी…इतनी शांत कि सांसों की आवाज़ भी शोर लग रही थी।हवेली की तीसरी मंज़िल पर एक ...

ये एहसास प्यार का है

by ziya
  • 180

ये अहसास प्यार का हैबांस के ऊँचे पेड़ों के बीच से छनकर आती धूप, जैसे किसी ने सोने की ...

पहली नजर का पहला प्यार

by ziya
  • 525

पहली नज़र का प्यारधुंध से ढका वह शहर किसी पुराने ख्वाब जैसा लगता था।ऊँचे-ऊँचे पत्थर के महल, जिनकी मीनारें ...

ये कैसी दीवानगी

by ziya
  • 633

भाग -1:शादी की उस रात, जब हर तरफ रौशनी थी, तब भी आयरा को लगा जैसे वो किसी अँधेरी ...

परछाईयो के उस पार

by ziya
  • 444

भाग 1बारिश उस रात कुछ ज़्यादा ही बेरहम थी।रेलवे स्टेशन की पुरानी छत से टपकती बूंदें ज़मीन पर गिरकर ...