Gujarati Whatsapp Status | Hindi Whatsapp Status
kattupaya s

Goodnight friends .. sweet dreams

Jyoti Gupta

#MaaKali #KaliMata #AnandDham #MaaKaliBhakt #SanatanDharm #BhaktiShorts #DevotionalShorts #TempleVibes #MaaKaliBlessings #ViralShorts #TrendingShorts #HinduDevotion #BhaktiStatus #ShortsViral #JaiMaaKali

SAYRI K I N G

आंटी को अपने से आधी उम्र का लड़का चाहिए और लड़की को पैसे वाला अंकल चाहिए... आज कल ऐसे ही केस में उलझा हुं अब उलझू या सुलझू

Tr. Mrs. Snehal Jani

નાની અમસ્તી હું, કરતી ચીં ચીં આખો દિ'. જોઈએ મને જરા અમસ્તી જગ્યા, રહી લઉં નાનકડાં માળામાં. જોખમમાં છે અસ્તિત્વ આજે, મારા આખાય સમાજનું. કરું વિનંતિ ઓ માનવી તને, બચાવી વૃક્ષો અને પર્યાવરણ, અટકાવી દે અમને લુપ્ત થતાં! વિશ્વ ચકલી દિવસે એક ચકલીની માનવી સમક્ષ વ્યથા.

Awantika Palewale

नज़र तो यूँ आए कि कभी दिखाई न दिए, जैसे साँस रुके पल-भर… और आवाज़ भी न दिए। वो पास था, मगर एहसास से बाहर ही रहा, हाथ छुआ, पर दिल को कोई लम्हा न दिए। हमने चाहत को भी चुपचाप सहेजा दिल में, डर ये था कहीं ये मोहब्बत सिसकियाँ न दिए। रात की गोद में रख दी थी थकी हुई यादें, सुबह आई तो कोई एक भी किस्सा न दिए। उसकी ख़ामोशी में इतना सा दर्द था छुपा, कि टूट जाए दिल… पर वो रोने की इजाज़त न दिए।

Chaitanya Joshi

ઘરના દરવાજે આવીને ઉભો રહ્યો એક ભિક્ષુક આવી યાચનાનો એણે શબ્દ કહ્યો એક ભિક્ષુક દરિદ્રતા નખશિખ જાણે વરી ચૂકી હતી એને, રખેને દીનતાએ કોઈ વેશ ધર્યો એક ભિક્ષુક. ચિંથરેહાલ કપડામાંથી ડોકિયું કરતી રંકતા ને, કૈંક પામવાને વારેવારે પ્રાર્થી રહ્યો એક ભિક્ષુક. હતી વેશભૂષા એવી ભલભલાને દ્રવિત કરતી, ને આદ્રતાથી શબ્દોને ઉચ્ચારતો એક ભિક્ષુક. મૂકીને ભરોસો ઈશ્વર પર એ યાચી રહ્યો હતો, કંઈ ના મળતા બીજે ડગ ભરતો એક ભિક્ષુક. ખુલ્લા પગે ગ્રીષ્મના એ દાઝી રહ્યો હતો કેટલો, એથી જ એટલે વારંવાર કરગરતો એક ભિક્ષુક. -ચૈતન્ય જોષી ' દિપક‌' પોરબંદર.

Falguni Dost

રાધે કૃષ્ણ 🙏🏻

Abha Dave

आज विश्व गौरैया दिवस है । हर साल 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य शहरीकरण के कारण लुप्त हो रही गौरैया और अन्य छोटे पक्षियों के प्रति जागरूकता फैलाना है। भारत की 'नेचर फॉरएवर सोसाइटी' और फ्रांस के इको-सिस एक्शन फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से 2010 में पहली बार विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत की गई। इस दिन को मनाने का मुख्य कारण लोगों को लुप्त हो रही गौरैया के प्रति सचेत करना है। गौरैया हमारी सबसे प्यारी घरों की साथी है और पर्यावरण की हितैषी भी। गौरैया पर प्रस्तुत है मेरी कुछ पंक्तियां 🙏 गौरैया ---------- घरों की रौनक है गौरैया हिल मिलकर रहती गौरैया कद छोटा लगती प्यारी चीं चीं कर प्रीत जगाती गौरैया। चिड़िया ----------------- चीं -चीं करती चिड़िया दाना चुगती चिड़िया फुदक -फुदक कर उड़ती सबको भाती चिड़िया। सब के घरों में जाती है सबको अपना पाती है तिनका चुन - चुन कर अपना घर बनाती है। भेदभाव वो जाने न शत्रु किसी को माने न हर आँगन उसका घर बनती किसी की अनजाने न। आभा दवे मुंबई

Narayan

वो जो शब्दों में बयां हो जाए, वो दस्तूर है दुनिया का, जो रूह में उतर जाए, वो जादू है सिर्फ तेरे और मेरे दरम्यान अहसास का।

Kamini Shah

આવી ગયું આજ ચકલીઓનું ધાડું ડાળે ડાળે ઊજવાય અવસરનું ટાણું… -કામિની

Narayan

प्रेम, इश्क़, प्यार मोहब्बत... ये तो सब दुनिया के लिए हैं, जो एहसास तेरे मेरे बीच में है, उसकी कोई परिभाषा ही नहीं.....!💕🌹

softrebel

तुमसे प्रेम..। तुमसे प्रेम करना, मेरे जीवन में आई तमाम नाकारात्मकताओं के बाद भी बची हुई ईश्वर की आरती-सी शुद्धता है जिसकी तपिश न सही राख भी मेरे लिए घर ले जाना सोना है। हृदय के किसी कोने में मेरा अस्तित्व बनकर बस गया है तुम मुझमें। ये ठीक वैसा ही है— जैसे जीवन की भागदौड़ से थका व्यक्ति अचानक अपने भीतर का जज़्बा फिर से पा ले। ये वैसा ही है— जब कोई तेज़ हवा सब कुछ उजाड़ कर चली जाए, फिर भी मन में पुनः बसाने, संवारने की चाह छोड़ जाए। ये वैसा ही है जहाँ पीड़ा, वैराग्य, विरह, वेदना जैसे सब शब्द हार मान लेते हैं, क्योंकि मेरे हृदय में तुम्हारे नाम का प्रेम हर बार जीत जाता है। उस क्षण से जब शायद पहली बार तुम्हारा ख्याल सहेजा होगा मैंने अपने किसी बाल्यकाल में, या उस पल से जब खिलाया होगा पत्तों का पहला निवाला तुम्हे खेल खेल में। या उस समय से— जब मिलन का कोई अनकहा संयोग रचा होगा हमने। हाँ, उस पल से भी— जब तुम्हारी कमियाँ, खामियाँ देखीं होगी मैंने, और फिर भी उन्हें दुनिया से छुपाकर अपने भीतर ही सहेज लिया होगा। और एक बार फिर, पूरे सहृदय से तुम्हें अपनाया मैंने। मैं हर बार इसी तरह अपनाऊँगी तुम्हें— सदैव अपनाती रहूँगी, तुममें छुपे “हम” को। क्योंकि तुम्हें अपनाना कोई बदलाव नहीं— ये मेरा चुनाव है, मेरे भीतर छुपे “मैं” का चुनाव। मै हर बार हार जाती हूं, तुम्हारी इस निष्ठुरता से तुम मेरे भीतर सदैव जीत जाते हो हमारे भीतर छुपी कोमलता से। ये कहना यक़ीनन अतिश्योक्ति होगी की मुझे तुम से प्रेम है शिव ये मानवीय उपकरणों से वशीभूत नहीं होता जरूर कुछ दैवीय है शिव। इसलिए मुझे तुमसे प्रेम नहीं है कदापि नहीं यह तो केवल छलावा है मेरा,मुझसे किया गया सबसे बड़ा छल। @softrebel

Sonu Kumar

क्या भारत में पहले की तुलना में सांप्रदायिक तनाव ज्यादा बढ़ गए हैं और इसके क्या कारण हैं? . पेड मीडिया के प्रायोजक यानी अमेरिकी-ब्रिटिश हथियार कम्पनियों के मालिक भारत में हिन्दू-मुस्लिम सिविल वॉर को ट्रिगर करना चाहते है, ताकि निम्नलिखित लक्ष्य पूरे किये जा सके : हिन्दुओ को ईरान में भारतीय सेना भेजने के लिए तैयार करना भारतीय मुस्लिमों को एक बार फिर अलग देश की मांग करने के लिए तैयार करना भारत में बड़े पैमाने पर कन्वर्जन करना . अमेरिकी-ब्रिटिश धनिक उपरोक्त लक्ष्यों की पूर्ती के लिए पेड मीडिया पार्टियो, पेड मीडिया नेताओं, पेड बुद्धिजीवियों, पेड बॉलीवुड कलाकारों, पेड साहित्यकारों एवं पेड मीडिया कर्मियों का इस्तेमाल कर रहे है। निचे मैंने बताया है कि पेड मीडिया के प्रायोजक ऐसा कैसे कर रहे है, और किन कानूनों को गेजेट में प्रकाशित करके इस प्रक्रिया को रोका जा सकता है। . [टिप्पणी : इस जवाब में 2 खंड है पहला खंड राजनैतिक घटनाओं एवं उनके आकलन पर निकाले गए निष्कर्ष पर आधारित है। दुसरे शब्दों में, खंड (अ ) में मेरे पूर्वाग्रहो, अनुभवो, अनुमानों एवं मेरी राय आदि का घालमेल है। खंड (ब ) औचित्यपूर्ण समाधान के बारे में बताता है।] . खंड : अ . (1) भारत में आजादी से पहले हिन्दू-मुस्लिम तनाव : . ब्रिटिश के आने से पहले भारत में हिन्दू-मुस्लिम के बीच सामुदायिक स्तर पर तनाव काफी कम था। औरंगजेब के प्रारम्भिक काल में यह तनाव बढ़ा, लेकिन औरंगजेब के बाद तनाव फिर से कम हो गया था। . प्रत्येक समाज में भाषा, क्षेत्र, परम्पराएं, नस्ल, जाति, धर्म आदि के आधार पर कई छोटी मोटी दरारे होती है। जैसे जैसे दरारे चौड़ी होगी आपसी संघर्ष एवं अलगाव बढ़ता जाएगा। गोरो ने भारतीय समाज में जितनी भी दरारें थी, उन्हें चिन्हित किया और फिर इन दरारो को चौड़ा एवं गहरा करने के लिए गेजेट में क़ानून छापने शुरू किये। इसी में से एक दरार हिन्दू-मुस्लिम तनाव था। इसके लिए उन्होंने गाय, मुस्लिम प्रतिनिधित्व, एवं पेड मीडिया द्वारा प्रायोजित नेताओं आदि का इस्तेमाल किया। . जिन्ना मुसलमानों का नेता नहीं था, और मुस्लिम उसे अपने पास भी नहीं बैठाते थे। गोरो ने पेड मीडिया का इस्तेमाल करके उसे मुस्लिम नेता के तौर पर स्थापित किया। उसका काम मुस्लिमों को अलग देश की मांग करने के लिए तैयार करना था। . संतुलन बनाने के लिए यही काम उस समय गोरो द्वारा समर्थित कट्टर हिन्दू नेता भी कर रहे थे। 25 साल तक चली एक्सरसाइज के बाद गोरे भारतीय उपमहाद्वीप को 3 हिस्सों में विभाजित करने में सफल रहे। जब गोरे भारत से गए तो यह सुनिश्चित करके गए थे जवाहर लाल जनसँख्या नियंत्रण का क़ानून नहीं छापेंगे, ताकि धार्मिक जनसँख्या का अनुपात असंतुलित हो सके। . (2) 1989 से साम्प्रदायिक राजनीती फिर से शुरू हुई : . 1947 से 1985 तक हिन्दू-मुस्लिम तनाव में मामूली घटत-बढ़त के बावजूद यह मुद्दा राजनीती से दूर रहा। लेकिन 1988 से जब अमेरिकी-ब्रिटिश धनिको ने भारत को टेकओवर करना शुरू किया तो पेड मीडिया का इस्तेमाल करके उन्होंने इसमें फिर से इंधन डालना शुरू किया। . अफगान-सोवियत वॉर के दौरान अमेरिकी-ब्रिटिश धनिक पाकिस्तान के साथ मिलकर इस्लामिस्ट कट्टरपंथीयों को सोवियत रूस के खिलाफ बेकिंग दे रहे थे। 89 में वॉर ख़त्म होने के बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों की कुछ तंजीमो को कश्मीर में रोजगार दे दिया गया। . सोवियत के उखड़ने से भारत में दूसरा ध्रुव ख़त्म हो गया था, अत: भारत के भी ज्यादातर नेताओं एवं पार्टियों ने अपने आप को टिकाए रखने और बढ़ाने के लिए अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों को जॉइन कर लिया था। अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने जब भारत में घुसना शुरू किया तो धार्मिक एजेंडे के तौर पर उन्हें भारत में हिन्दू-मुस्लिम अलगाव खड़ा करना था। इसके लिए उन्होंने ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाना शुरू किया, जो इसमें ईंधन डाल सके। . (2.1) कश्मीरी पंडितो का पलायन : कश्मीर में आजादी की तहरीक पहले से ही चल रही थी, लेकिन इस पर इस्लामिक कट्टरपंथियों का कब्ज़ा नहीं था। 1987 में अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों एवं पकिस्तान की बेकिंग से इस मूवमेंट को इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हाईजेक कर लिया था। यह बात खुली हुयी थी कि हथियारबंद दस्तो द्वारा कश्मीरी पंडितो पर बड़े पैमाने पर हिंसक हमला होना तय है। लेकिन अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों के निर्देश पर केंद्र सरकार ने ये सब कुछ होने दिया और जानबूझकर मिलिट्री नहीं भेजी। . इस समय केंद्र सरकार बीजेपी=संघ के समर्थन से चल रही थी। लेकिन न तो बीजेपी=संघ ने मिलिट्री भेजने की मांग रखी, और न ही कश्मीरी पंडितो के पलायन के बाद उन्होंने सरकार से अपना समर्थन वापिस लिया !! (?) . कश्मीरी पंडितो के पलायन ने पूरे देश को हिला दिया था। बीजेपी=संघ के नेताओं ने इस घटना का पूरे देश में व्यापक प्रचार किया ताकि पार्टी का विस्तार किया जा सके। और उन्होंने विस्तार किया भी। मैंने खुद भी संघ उन्ही दिनों जॉइन किया था और संघ की सभाओं में 1998 तक इस घटना को काफी हौलनाक तरीके से डिसकस किया जाता था। . (2.2) बांग्लादेशी घुसपैठ : 89 से सऊदी अरब के धनिकों ने बांग्लादेशीयों को असम में घुसने के लिए फाइनेंस करना शुरू किया। पहली आवक 71 के युद्ध में हुयी थी। 86 से फिर आवक शुरू हुयी और 90 से इसमें निरंतरता आने लगी। आई बी रिपोर्ट के अनुसार 2001 तक देश में 1.5 करोड़ अवैध बांग्लादेशी आ चुके थे। . (2.3) विवादित ढांचे को गिराना : 90 से 92 तक मंदिर आन्दोलन चला। यहाँ शुरू से ही यह लक्ष्य था कि ढाँचे=मस्जिद को गिराना है, ताकि अन्तराष्ट्रीय स्तर पर इसे उछाला जा सके। बीजेपी=संघ के नेताओं ने मस्जिद गिराने की प्लानिंग की और कोंग्रेस एवं अन्य पेड मीडिया पार्टियों ने इसके लिए रास्ता तैयार किया। . बीजेपी=संघ से लेकर केंद्र सरकार और सभी नेताओं को 6 महीने पहले से पता था कि एक सामूहिक भीड़ द्वारा ढाँचे=मस्जिद को गिराया जाएगा। वाजपेयी ने इसे अपनी सार्वजनिक सभाओं में इशारतन व्यक्त किया था। . वाजपेयी का एक वीडियो यह देखिये – https://www.youtube.com/watch?v=-EhMmJEwbTg . राव के पास कई सारे विकल्प थे जिनका इस्तेमाल करके वे शांतिपूर्ण तरीके से ढाँचे को गिराए जाने से रोक सकते थे। लेकिन अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों द्वारा उन्हें हस्तक्षेप न करने के निर्देश थे, अत: उन्होंने ठीक उसी तरह से टाइम पास किया, जैसे कश्मीरी पंडितो के समय वीपी सिंह सरकार ने किया था !! जिस दिन ढांचा गिराया गया उस दिन CRPF की टुकड़ी कुछ ही दूरी पर मौजूद थी और प्रधानमंत्री कार्यालय को लगातार मेसेज भेजे जा रहे थे, लेकिन उन्हें हर बार “इंतजार करने” के आदेश दिए गए। . Replug: How PM P.V. Narasimha Rao picked up the pieces after Babri demolition . As kar sevaks milled into Ayodhya and mocked at the massed but immobilised Central troops in Faizabad next door, half a dozen leftist MPs drove up to the Prime Minister's office in Delhi. In the gathering dusk, they made a last-minute appeal to P.V. Narasimha Rao to take control of Ayodhya because they suspected the real intentions of the sangh parivar. "Avert a disaster," pleaded the CPI(M)'s Somnath Chatterjee.The glum-visaged head of government listened patiently and explained what he had done and also the assurances the Kalyan Singh government gave the Supreme Court. The Sanskrit scholar narrated a sloka, which the delegation did not comprehend. For their benefit he translated: "For doing any work, seven steps have to be taken. One takes the first six steps and leaves the seventh to God. I have taken the six steps." Next day, the insensitive God to whom Rao left the seventh step did not oblige the devout believer in karma. जैसे ही कारसेवकों ने अयोध्या में घुसना शुरू किया तो कुछ ही दूरी पर सैन्य टुकड़ी मौजूद थी। आधा दर्जन कम्युनिस्ट सांसद प्रधानमंत्री के पास पहुंचे और उन्होंने आशंका व्यक्त की कि अनहोनी होने वाली है। राव ने धैर्य से उनकी बात सुनी और फिर उन्हें संस्कृत का एक श्लोक सुनाया। चूंकि सांसद इसका अर्थ नहीं समझ सके इसीलिए संस्कृत के विद्वान पीवी नरसिम्हा राव ने उसका सार समझाते हए कहा कि - किसी भी काम को करने के लिए सात कदम उठाने पड़ते है। आदमी 6 कदम उठाता है, और सातवें को भगवान पर छोड़ देता है। मैंने 6 कदम उठा लिए है !!" और अगले दिन, असंवेदनशील ईश्वर ने वह सातवां कदम उठाया जिसे उठाने का दायित्व राव ने कर्म में विश्वास करने वालो पर छोड़ दिया था। . रिटायर होने के बाद एक साक्षात्कार में यह पूछे जाने पर कि, क्या वे मानते है कि उनके अनिर्णय की वजह से बाबरी मस्जिद गिरायी गयी, राव ने जवाब दिया था कि – फैसला न लेना भी एक फैसला होता है !! . 7 दिसम्बर को अन्तराष्ट्रीय मीडिया एवं अंग्रेजी अखबारों में “बाबरी मस्जिद गिरायी गयी” रिपोर्ट किया गया था, जबकि ज्यादातर हिन्दी अखबारों ने “विवादित ढांचा ध्वस्त” नाम से हेडलाइन बनायी थी। मैंने उस समय हिन्दी के जो भी अख़बार पढ़े थे उनमे "विवादित ढाँचे" का ही इस्तेमाल किया गया था। किन्तु अंतराष्ट्रीय सनसनी बनाने के लिए अंग्रेजी अखबारों ने मस्जिद रिपोर्ट किया !! इन्डियन एक्सप्रेस ने भी “Disputed Site” का इस्तेमाल किया। लेकिन बाद में इसे सभी जगह पर मस्जिद लिखा जाने लगा। . न्यूयार्क टाइम्स ने खबर लगाईं – हिन्दू उग्रवादियों ने मस्जिद गिरायी Hindu Militants Destroy Mosque, Setting Off a New Crisis in India . The Hindu - Babri Masjid destroyed . Times of India - Kar sevaks destroy Babri Masjid . Hindustan Times - Babri Masjid demolished . Indian Express - Disputed structure pulled down . इस तरह की घटनाएँ सिर्फ तब अंजाम दी जा सकती है, जब अदालतें आपके हाथ में हो। भारत की अदालतें 47 से ही ब्रिटिश धनिकों के नियंत्रण में थी, लेकिन 91 में कॉल्जियम लाकर उन्होंने अदालतों को अपनी फौलादी पकड़ में ले लिया था। वस्तुत: इस आयोजन के किसी भी शिल्पकार को सजा नहीं हुयी। वाजपेयी को तो आरोपी तक नहीं बनाया गया। . ढांचा=मस्जिद ध्वस्त होने के बाद ISI ने दाउद को धमाके करने के लिए आवश्यक सहयोग दिया, और मुंबई में धमाके हुए। ( ISI अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों के खिलाफ जाकर दाउद को सहयोग नहीं कर सकता था ) . वाजपेयी जनसँख्या नियंत्रण एवं बंगलादेशियो को निष्कासित करने का वादा करके सत्ता में आये थे। 1999 से 2004 तक वाजपेयी ने सरकार चलायी लेकिन उन्होंने ये 2 क़ानून गेजेट में नहीं छापे, और न ही इनका ड्राफ्ट सामने रखा !! . 2002 के गुजरात दंगो में मोदी साहेब की कोई नकारत्मक भूमिका नहीं थी। लेकिन अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने पेड मीडिया के माध्यम से उन्हें “हीरो” बना दिया। मतलब इस बात को स्थापित किया गया कि दंगो के दौरान मोदी ने मुस्लिम विरोधी फैसले लिए थे !! (जो कि एक गलत आरोप था, एवं पेड मीडिया द्वारा उनकी छवि चमकाने के लिए बनाया गया था।) . 2004 से 2014 तक मनमोहन सिंह जी ने सरकार चलायी और उन्हें यह निर्देश थे कि, वे जनसँख्या नियंत्रण एवं बांग्लादेशियों को निष्कासित करने का क़ानून नहीं छापेंगे। अत: उन्होंने भी साइलेंटली 10 साल निकाल दिए ताकि समस्या पनपती रहे। . पेड मीडिया का समर्थन मिलने से 2014 में मोदी साहेब पीएम बने और फिर उन्होंने उपरोक्त 2 कानूनों को टालने के लिए 6 साल का टाइम पास किया। टाइम पास के अलावा उन्होंने भारत में सम्पूर्ण ध्रुवीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की ताकि हिंसा की जमीन बनायी जा सके। . आज आप साफ़ तौर पर देख सकते है कि पूरे देश को पेड मीडिया के प्रायोजक 2 खेमो में बाँट चुके है। वो भी खुले तौर पर। एक झुण्ड में छद्म हिंदूवादी एवं छद्म राष्ट्रवादी है, दुसरे झुण्ड में छद्म सेकुलर, कथित टुकड़े टुकड़े गैंग, कथित अर्बन नक्सल, कथित वामपंथी आदि। और सभी "खुले तौर" पर खेमे खड़े करने का काम कर रहे है। . (3) कैसे अमेरिकी-ब्रिटिश धनिक भारत में हिन्दू-मुस्लिम गृह युद्ध शुरू कर सकते है ? . वे उसी ट्रेक का इस्तेमाल कर रहे है जिस ट्रेक का इस्तेमाल उन्होंने 47 में और 90 में कश्मीर पंडितो के निष्कासन में किया था। उनकी योजना दिए गये चरणों में काम कर रही है – . (3.1) पहले पेड मीडिया पार्टियों एवं नेताओं का इस्तेमाल करके वे तनाव भड़काएंगे . (3.2) फिर पेड मीडिया पार्टियों एवं पेड मीडिया नेताओं का इस्तेमाल करके दंगे करवाएंगे . (3.3) फिर आई टी सेल का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया पर भड़काऊ एवं फेक न्यूज फैलायेंगे इन सभी मामलो में न तो पुलिस कार्यवाही करेगी, न ही जज किसी को दंड देगा। उलटे पेड मीडिया एवं सोशल मीडिया पर उकसाने वाले इन लोगो को कवरेज दिया जाएगा, ताकि इससे ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुँचाया जा सके। यदि पुलिस एवं अदालतें सुधार दी गयी तो यह तीनो चरण रूक जायेंगे। अत: ये सब होता रहे इसके लिए वे पुलिस एवं अदालतें सुधारने का कानून नहीं छापेंगे। . (3.4) 2 करोड़ अवैध बंगलादेशीयों को देश में बनाये रखना, और कथित NRC की चाबी देकर हड़काना ताकि उन्हें हथियार उठाने के लिए तैयार किया जा सके। यह एक वास्तविक वजह है, जो भारत में हिन्दू-मुस्लिम गृह युद्ध को शुरू कर सकती है। अभी जो CAA को NRC से मिक्स करने का ड्रामा हुआ है उसका एक बड़ा उद्देश्य यह था कि असम NRC से बाहर रह गए अवैध बंगलादेशीयों को हथियार पकड़ने के लिए तैयार किया जा सके। इसीलिए असम के NRC में यह प्रावधान नहीं रखा गया कि जो अवैध बंगलादेशी NRC से बाहर रह जायेंगे, उन्हें भारत से कैसे निष्कासित किया जायेगा। तो NRC एवं CAA ने इन्हें भारत से निष्कासित नहीं किया है। दुसरे शब्दों में सरकार ने भारत के अंदर हथियार पकड़ने वालो की एक फ़ौज तैयार कर ली है। . (3.5) साम्प्रदायिक तनाव की इन सभी घटनाओं को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह रिपोर्ट किया जायेगा, जिससे यह स्थापित किया जा सके कि भारत में हिन्दू-मुस्लिम तनाव लगातार बढ़ रहा है, और भारत में हिन्दू-मुस्लिम साथ नहीं रह सकते। वे पिछले 2-3 साल में इतना बारूद बिछा चुके है कि अब यदि वे असम में इस्लामिक कट्टरपंथियों को हथियार ( AK-47, ग्रेनेड आदि ) भेजना शुरु करे तो असम में बड़े पैमाने पर कत्ले आम होने लगेगा, और लाखो हिन्दू उसी तरह भारत की और पलायन करेंगे जैसे कश्मीरी पंडितो ने किया था। इस दौरान हजारो लोगो की जाने जा सकती है। इसके बाद वे भारत के अन्य राज्यों में भी हथियार भेजना शुरू करेंगे और पूरा देश चपेट में आ जाएगा। एक बार यह सब शुरू होने के बाद यह कई सालों तक रुकने वाला नहीं है। वे अलग अलग गुटों को हथियार भेजते रहेंगे और पेड मीडिया का इस्तेमाल करके दंगा भड़काते रहेंगे। . (4) क्या मोदी साहेब, आडवानी या योगी जी हिन्दू-मुस्लिम तनाव के लिए जिम्मेदार है ? . दरअसल, भारतीय उपमहाद्वीप में हिन्दू-मुस्लिम तनाव बढ़ाने का मसला अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों के वैश्विक राजनैतिक लक्ष्यों एवं अपने कारोबारी हितो से जुड़ा हुआ है। पेड मीडिया के प्रायोजको की शक्ति का मूल स्त्रोत ऐसे निर्णायक हथियार है, जिन पर भारत की सेना बुरी तरह से निर्भर करती है। न्यायपालिका से लेकर सभी मुख्य संस्थाओं एवं प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रोनिक मीडिया, सोशल मीडिया तक में उनका अब निर्णायक दखल है। इसके अलावा सभी पेड मीडिया पार्टियाँ एवं नेता अपने को टिकाये रखने के लिए अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों पर बुरी तरह से निर्भर करते है। . संघ=बीजेपी के नेता यदि अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों के एजेंडे से बाहर जायेंगे तो वे पेड मीडिया का इस्तेमाल करके उन्हें रिप्लेस कर देंगे। यह सब कुछ इस तरह से चलता है कि सभी पेड मीडिया पार्टियों एवं नेताओं में अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों का सहयोग लेने का एक तरह का कम्पीटीशन शुरू हो जाता है। जो नेता उनके एजेंडे को अच्छे तरीके से आगे धकेलेगा उसका मीडिया कवरेज बढ़ता जाएगा। . संघ 1925 से ही काम कर रहा है और उन्होंने 1951 में ही अपनी पार्टी का गठन कर लिया था। लेकिन संघ=बीजेपी को जब अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने पेड मीडिया का सपोर्ट देना शुरू किया सिर्फ तब उन्होंने तेजी से विस्तार करना शुरू किया। और वे नेता आगे निकल गए जो पेड मीडिया के प्रायोजको के एजेंडे को ज्यादा तेजी से आगे बढ़ा रहे थे। . यदि आडवाणी रथयात्रा नहीं निकालते तो वे मुरली मनोहर जी जोशी का कवरेज बढ़ा देते, और तब जोशी जी रथ यात्रा निकाल कर हीरो बन जाते। यदि मोदी साहेब गुजरात में अपने जेस्चर एंटी-मुस्लिम नहीं बनाकर रखते तो वे पेड मीडिया का इस्तेमाल करके तोगड़िया जी / या संजीव जी जोशी से उन्हें रिप्लेस कर देते। . और आज भी यदि मोदी साहेब तनाव को भड़काने में कमतर प्रदर्शन करने लगते है तो अमित शाह एवं योगी का कवरेज बढ़ता जाएगा, और हिंदूवादी कार्यकर्ताओ को यह शुबहा होने लगेगा कि पीएम तो अमित शाह या योगी जैसे आदमी को होना चाहिए। और इसी तरह यदि औवेसी बंधू अपने बयानों में इंधन नहीं डालेंगे तो टीवी पर उनके इंटरव्यू आने बंद हो जायेंगे। . मतलब, 1990 के बाद से सभी पेड मीडिया पार्टियों के नेताओं के कद वगेरह को सबसे ज्यादा पेड मीडिया के प्रायोजक प्रभावित करते है। नेताओ की स्थिति टायरो की तरह है, और पेड मीडिया हवा भरने वाला पम्प है। पेड मीडिया प्रायोजको द्वारा लांच की गयी आम आदमी पार्टी इसका एक बढ़िया उदाहरण है। . मेरा बिंदु यह है कि, मोदी साहेब, अमित शाह, योगी जी, ओवेसी, वारिस पठान, ममता, मुलायम आदि निर्णायक रूप से भारत में हिन्दू-मुस्लिम तनाव भड़काने के लिए जिम्मेदार नहीं है। वे एक तरह से WWE के पहलवान है जो अपना पार्ट अदा कर रहे है। . यदि उन्हें रिंग में रहना है तो रिंग के नियमों का पालन करना होता है। टीवी-अख़बार एवं सोशल मीडिया आई टी सेल आदि वो रिंग है जिसके माध्यम से नागरिको को राजनीती दिखायी जाती है। यदि पहलवान नियमों से बाहर जाएगा तो पेड मीडिया के प्रायोजक उसे रिंग से आउट कर देंगे, और नया पहलवान उतार देंगे !! . कुछ उदाहरण जिनसे आप समझ सकते है कि, पेड मीडिया के प्रायोजक किस तरह से नेताओं का कद बढ़ाने में सहयोग करते है : मुख्यमंत्री पद : भारत के नागरिक सिर्फ विधायक को चुनते है, किन्तु उनके पास ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं है जिससे वे यह बता सके कि किस व्यक्ति को वे मुख्यमंत्री बनाना चाहते है। तो चुनाव होने के बाद पेड मीडिया के प्रायोजक विधायको को खरीद लेते है, और अपने आदमी को मुख्यमंत्री बनवा देते है। चूंकि मुख्यमंत्री के सभी दावेदार जानते है कि पेड मीडिया के प्रायोजको का सहयोग मिलने से उनके सीएम बनने की सम्भावना बढ़ जायेगी अत: उनमे पेड मीडिया के प्रायोजको को खुश करने की होड़ शुरू हो जाती है। एक उदाहरण आप योगी जी का देख सकते है। यूपी के चुनावी नतीजे आने के बाद मोदी साहेब ने योगी जी को रोकने की काफी कोशिश की थी। वे किसी और को यूपी का सीएम बनाना चाहते थे, ताकि उन्हें आगे कम्पीटीशन की सामना नहीं करना पड़े। किन्तु अंतिम समय पर पेड मीडिया के प्रायोजको ने योगी का समर्थन किया और योगी जी सीएम बने। मंत्री पद : पेड मीडिया के प्रायोजक विधायको को मीडिया कवरेज देकर उनका कद बढ़ा देते है। जैसे टीवी पर उनके बार बार इंटरव्यू आदि। मीडिया कवरेज बढ़ने से आम विधायक / सांसद का कद शेष विधायको से ज्यादा हो जाता है, और उन्हें मंत्री बना दिया जाता है। मतलब जनता किसी व्यक्ति को सिर्फ विधायक एवं सांसद बना सकती है, किन्तु मंत्री या मुख्यमंत्री नहीं बना सकती। अत: विधायक एवं सांसद चुनाव जीतने के अगले दिन से ही पेड मीडिया के प्रायोजको यानी अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों के प्रति अपनी निष्ठा प्रदर्शित करने लगते है। ठीक वैसे ही जैसे गोरो के शासन काल में भारत के देशी राजाओं एवं बुद्धिजीवियों में वायसराय की निगाहों में आने के लिए प्रतिस्पर्धा रहती थी। उदाहरण के लिए, स्मृति जी ईरानी लगातार चुनाव हारती रही, किन्तु चूंकि उन्हें पेड मीडिया लगातार कवरेज दे रहा था अत: उनका कद बढ़ता गया और उन्हें राज्य सभा से भेजकर सीधे मंत्री पद दिए गए। और इसी तरह उन्होंने मनमोहन सिंह को सीधे पीएम के पद पर इंस्टाल किया !! टिकेट वितरण : भारत की सभी पार्टियों के स्ट्रक्चर ऐसा है कि स्थानीय कार्यकर्ताओ के पास उम्मीदवारों को तय करने के लिए वोटिंग राइट्स नहीं है। इस वजह से विधायक / सांसद टिकेट लेने के लिए पेड मीडिया के प्रायोजको के दफ्तरों में चक्कर लगाते रहते है। उन्हें भय रहता है कि यदि अमेरिकी-ब्रिटिश धनिक नाराज हो गए तो वे आलाकमान से कहकर उनका टिकेट काट देंगे। प्रधानमंत्री पद : प्रधानमन्त्री जैसे पद पर जाने के लिए पेड मीडिया की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। सिर्फ साल भर में वे किसी मुख्यमंत्री या मंत्री स्तर के नेता में पेड मीडिया के पम्प द्वारा इतनी हवा भर सकते है कि उसका कद पीएम के बराबर हो जाएगा। 2012 तक शिवराज सिंह एवं मोदी साहेब दोनों पीएम की रेस में बराबरी पर थे। किन्तु मोदी साहेब को पेड मीडिया ने बेतहाशा कवरेज देना शुरू किया और सिर्फ 6 महीने में मोदी साहेब के पक्ष में देश व्यापी लहर खड़ी हो गयी। इसी तरह अभी पिछले 1 वर्ष से उन्होंने अमित शाह को विस्फोटक मीडिया कवरेज देना शुरू किया है, जिससे उनका कद प्रधानमंत्री के बराबर हो गया है। . कृपया इस बात पर ध्यान दें, मेरा बिंदु यह नहीं है कि भारत के नेता वगेरह अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों के एजेंट या गुलाम है। दरअसल, पेड मीडिया के प्रायोजक किसी नेता वगेरह को बाध्य नहीं करते कि वे उनके निर्देशों का पालन करें। किन्तु जो नेता उनके एजेंडे के खिलाफ काम करता है, वे उसे मीडिया कवरेज नहीं देते, लेकिन उस नेता को ज्यादा कवरेज देते है जो उनके एजेंडे को आगे बढाने के लिए संजीदगी से काम कर रहा है। . चूंकि पेड मीडिया के पास भारत का सबसे बड़ा वोट बैंक है, अत: जिन नेताओं को आगे बढ़ना होता है वे पेड मीडिया का सहयोग लेने के लिए खुद ही उनकी तरफ जाना शुरू कर देते है। और बदले में पेड मीडिया द्वारा इस तरह दर्शाया जाता है कि नेताजी कंट्रोल कर रहे है !! . यहाँ इस बात को समझना जरुरी है कि, इस बात से कोई मतलब नहीं होता कि किसी नेता या व्यक्ति को नकारत्मक कवरेज दिया जा रहा है या सकारात्मक। असल में जो रिंग के नियमो का पालन नहीं करता उसे रिंग में उतारा ही नहीं जाता है। मतलब पेड मीडिया उनका फोटो तक नहीं दिखाएगा, इंटरव्यू तो बहुत आगे की बात है। . असल में पेड मीडिया पार्टियों के नेता उकसाऊ बयान इसीलिए दे रहे है क्योंकि उन्हें अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने आश्वस्त किया है कि जज उन्हें सजा नहीं देगा, और वे जो मर्जी सार्वजनिक रूप से बोल सकते है। टीवी चेनलो का इस्तेमाल भी वे इसी तरीके से कर रहे है। जो आदमी तमीज की बात करेगा ये लोग उसे टीवी पर नहीं लायेंगे। ये उस आदमी को टीवी पर लाते है जो इंधन डाले। और नेताओं को भी यह निर्देश दिए गए है कि यदि वे इंधन डालने वाले बयान देंगे तो उन्हें कवरेज दिया जाएगा। तो अब यह एक सिलसिला चल रहा है, जिस पर कोई नियंत्रण नहीं है। . एक उदाहरण अजमेर शरीफ के सदर दीवान सैयद जेनुल हुसैन चिश्ती का देखिये : . (a) जब धारा 370 ख़त्म की गयी तो इन्होने इसका समर्थन किया और मोदी-शाह को बधाई भेजी थी - Ajmer Sharif Dargah Dewan Hails Scrapping of Article 370, Congratulates Modi, Amit Shah . (b) उन्होंने इंस्टेंट ट्रिपल तलाक को केंसल करने के मोदी साहेब के फैसले का भी समर्थन किया और कहा कि ट्रिपल तलाक शरियत के खिलाफ है – Triple talaq against Sharia, Muslims should refrain from eating cow meat: Dewan Ajmer Syed Zainul Abedin Ali Khan - Shafaqna India | Indian Shia News Agency . (c) उन्होंने मुस्लिमो से अपील की कि उन्हें हिन्दुओ की आस्था का सम्मान करते हुए गौ-मांस खाना छोड़ देना चाहिए। दीवान ने सार्वजनिक सभा में यह शपथ भी ली कि, अब से वे एवं उनका परिवार गौ-मांस का भक्षण नहीं करेंगे - Imam of Ajmer Dargah urges Muslims to give up beef to end ‘communal hatred’ in India . (d) उन्होंने प्रेस रिलीज जारी की कि, CAA से भारतीय मुस्लिमों को डरने की जरूरत नहीं है, और उन्हें इसका विरोध नहीं करना चाहिए - CAA, NRC not against Muslims: Ajmer dargah dewan | Jaipur News - Times of India . ( ओवेसी ने प्रतिक्रिया दी कि, अजमेर दरगाह का दीवान मुस्लिमो की आवाज नहीं है, और उनके बयान का कोई मतलब नहीं !! उन पर बयान बदलने का दबाव डाला गया और 5 दिन बाद सभी तरफ से प्रेशर बनने पर दरगाह के दीवान को अपना स्टेंड बदल दिया - Dargah Dewan takes U-turn on CAA | Ajmer News - Times of India) . मैं यहाँ ये रेखांकित कर रहा हूँ कि, चूंकि यह इमाम विष वमन नहीं कर रहा है, और हमेशा तनाव कम करने की बात करता है अत: आपने अब तक टीवी चेनल पर इस आदमी के इंटरव्यू नहीं देखें है। . यदि ये अपनी लाइन बदल देते है तो आप इन्हें भी पेड मीडिया में देखने लगेंगे, और या जब इन्हें पेड मीडिया कवरेज देने लगेगा तो ये भी अपनी लाइन बदल लेंगे !! . और इस बात पर ध्यान दें कि पेड रविश कुमार भी पेड मीडिया का अंग है, अत: वे भी ऐसे लोगो को ही टीवी पर लायेंगे जो इसमें इंधन डाल सके। फर्क यह है कि पेड रविश कुमार हिन्दू-मुस्लिम तनाव भड़काने का काम इतनी सफाई और सौम्यता से करते है कि आपको इसका एहसास नहीं होता। . और हिन्दू-मुस्लिम में ऐसे सैंकड़ो धार्मिक-राजनैतिक प्रतिनिधि है जो पेड मीडिया के एजेंडे को आगे नहीं बढ़ा रहे है, अत: आप उन्हें पेड मीडिया में नहीं देखते। इस तरह ज्यादातर नागरिको के पास हमेशा एक तरफ़ा सूचनाए होती है, और तब पेड मीडिया करोड़ो लोगो में यह कॉमन नोलेज बना पाता है कि, भारत के सभी मुसलमान CAA, NRC का विरोध कर रहे है !! और फिर अपने चारो तरफ आप इसी नेरेटिव की जुगाली देखते है !! . दरअसल वे पेड मीडिया के माध्यम से कुछ 500-700 राजनेताओं, अभिनेताओं, इमामों, धर्म गुरुओ, बुद्धिजीवियों का इस्तेमाल करके 135 करोड़ के प्रतिनिधित्व का शोशा खड़ा कर देते है। पूरा देश इन्हें देखता है, और पेड मीडिया से फीडिंग लेने वाले लोग इसी लाइन को पकड़ कर सोशल मीडिया पर भी यही सब लिखते है। . इस तरह पेड मीडिया पर बनाये गए माहौल का रिफ्लेक्शन सोशल मीडिया पर भी आ जाता है। क्योंकि जो लोग सोशल मीडिया पर लिखते-बोलते है वे भी “अपनी राय” बनाने के लिए पेड मीडिया द्वारा दी गयी सूचनाओं पर निर्भर है। . (4) अमेरिकी-ब्रिटिश धनिक भारत में सिविल वॉर क्यों शुरू करना चाहते है ? . अमेरिकी-ब्रिटिश धनिक ईरान को ख़त्म करने में भारत की सेना एवं संसाधनों का इस्तेमाल करना चाहते है। यदि आज ईरान एवं अमेरिका में युद्ध होता है तो ऐसी कोई वजह नहीं कि हम अमेरिका को अपनी सैनिक एवं जमीन का इस्तेमाल करने दे। ज्यादातर नागरिक कहेंगे कि हमारी ईरान से कोई दुश्मनी नहीं है, अत: ईरान Vs अमेरिका के युद्ध से हमें कोई लेना देना भी नहीं है। . किन्तु यदि भारत में हिन्दू-मुस्लिम सिविल वॉर शुरू हो जाता है तो अमेरिका भारत को आसानी से युद्ध में घसीट सकता है। वैसी हालत में अमेरिका के फेवर में दो स्थितियां उत्पन्न होगी : जब भारत में हिन्दू-मुस्लिम वॉर शुरू होगा तो अमेरिका ईरान पर हमला करेगा और तब भारतीय हिन्दू ईरान के खिलाफ अपनी सेना भेजने को तैयार हो जायेंगे। तब अमेरिका भारत का इस्तेमाल करके ईरान+चीन को ख़तम कर सकता है। गृह युद्ध शुरू होने पर सभी इस्लामिक मुल्क एंटी-इंडिया हो जायेंगे और ज्यादातर सम्भावना है कि इस्लामिक देश भारत पर हमला करें। भारत इस स्थिति से अकेले निपट नहीं सकता। अत: अब अमेरिका भारत को “बचाने” आयेगा। और फिर भारत की सेना एवं संसाधनों का इस्तेमाल करके पहले इस्लामिक देशो को ख़तम करेगा और फिर भारत का अधिग्रहण कर लेगा। . 2013 में रिकालिस्ट राहुल चिमनभाई मेहता ने अपने एक लेख में यह सम्भावना व्यक्त की थी कि जब अमेरिका ईरान पर हमला करेगा तो उसके ठीक 6 महीने पहले मोदी साहेब एक के बाद एक एंटी-इस्लामिस्ट क़ानून छापना शुरू करेंगे। Narendra Modi vs the Dynasty: Contrasting Ideas of India 2013 में लिखे गए पोस्ट का स्क्रीन शॉट : . हिन्दी अनुवाद : अब बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक मोदी साहेब के सामने 3 शर्तें रखेंगे : बीजेपी में छद्म सेकुलर, एंटी नेशनल, एंटी हिन्दू, एंटी स्वदेशी, बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के समर्थक एवं मिशनरीज के समर्थको को टिकेट देना जब अमेरिका ईरान पर हमला करना तय करे तो हमले के 6 महीने पहले एंटी-इस्लामिस्ट आयटम जैसे – धारा 370, यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (TTT etc), राम जन्म भूमि देवालय आदि को लागू करना, अन्यथा नहीं। भारत में मिशनरीज को विस्तार करने देना यदि मोदी साहेब ये शर्ते मान लेते है तो बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक आम आदमी पार्टी के कवरेज में कटौती कर देंगे, वरना नहीं। . खंड अ का सार : इस खंड में मैंने हिन्दू-मुस्लिम तनाव बढ़ने का कारण बताया है, जो कि मेरे अनुमान पर आधारित है। किसी अन्य व्यक्ति का अनुमान इस बारे में अलग हो सकता है। मेरा मानना है कि, भारत में हिन्दू-मुस्लिम तनाव बढ़ना अमेरिकी-ब्रिटिश हितों के अनुकूल है। और यदि यह उनके हितो के अनुकूल है तो उनके पास ये वास्तविक ताकत है कि वे भारत में हिन्दू-मुस्लिम तनाव घटा बढ़ा सके और अपनी जरूरत के अनुसार भारत के 3–4 टुकड़े कर सके। . भारत सरकार की ख़ुफ़िया एजेंसिया एवं असम के मुख्यमंत्री 2014 से यह रिपोर्ट कर रहे है कि अल कायदा+आईएसआई असम में अपने कैम्प चला रहे है और पाकिस्तान बांग्लादेशियों एवं रोहिंग्यो को बंदूक बनाना सिखाने के लिए मदद कर रहा है। . ISI, Al Qaeda plan to repeat 1990s Kashmir in Assam - The Sunday Guardian Live . Al Qaeda trying to set up base in Assam: Chief Minister Tarun Gogoi . मतलब मेरे मानने में यदि वे ऐसा चाहते है तो उनके पास यह करने की क्षमता है, और पेड मीडिया में नजर आने वाला भारत का कोई नेता एवं कोई भी पार्टी उन्हें ऐसा करने से रोक नहीं सकती। दरअसल वे उनके हितो की दिशा में ही काम करेंगे !! . अगले खंड में मैंने समाधान बताया है, जिसका ऊपर दिए गए खंड से कोई लेना देना नहीं है। इस समस्या की वजह जो भी हो निचे दी गयी इबारतें समाधान कर देगी। मतलब, यदि आपको लगता है कि - यह सारा तनाव पेड रविश कुमार, वारिस पठान, ओवेसी आदि फैला रहे है तो भी इसका समाधान हो जाएगा, और यदि आपको लगता है कि मोदी-योगी-शाह इसके लिए जिम्मेदार है, तो भी इस समस्या का समाधान हो जाएगा। . खंड ब ; समाधान . (1) कौनसी इबारते गेजेट में छापकर हिन्दू-मुस्लिम तनाव को कम किया जा सकता है ? . ऊपर मैंने जो भी विवरण दिए है उनमें कुछ तथ्य एवं कुछ मेरी धारणाएं शामिल है। अत: आप इसे खारिज कर सकते है। कारण जो भी रहे हो किन्तु यह एक सच्चाई है कि भारत में हिन्दू-मुस्लिम तनाव लगातार बढ़ रहा है, और यदि इसे रोका नहीं गया तो भारत में हालात हिंसक हो सकते है। निचे मैंने 4 क़ानून बताए है, जिन्हें गेजेट में छापने से हिन्दू-मुस्लिम तनाव को रोका जा सकता है। . (1.1) जूरी कोर्ट : जजों की भूमिका यहाँ सबसे महत्त्वपूर्ण है। पिछले 30 साल में आप नोटिस करें कि भ्रष्ट जजों ने हिन्दू-मुस्लिम तनाव भड़काने के लिए उकसाऊ बयान देने वाले कितने नेताओं को सजा दी है — शून्य !! और पिछले 30 साल में हुए किसी भी प्रकार के दंगे में कितने लोगो को सजा हुयी है – लगभग शून्य !! . इसके अलावा हर आदमी को भी यह छूट दे दी है कि वह जो मर्जी हो वैसे अलगाव वादी, उकसाने वाले, हिंसा भडकाने वाले वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल सकता है। तो इधर से भी उन्होंने दड़बा खोल दिया है। मतलब हम एक ज्वालामुखी के मुहाने पर बैठे है, सिर्फ एक ट्रिगर से यह विस्फोट होने शुरू हो जायेंगे। और इसमें निर्णायक मोड़ तब आएगा जब वे हथियार भेजना शुरू करेंगे। . मेरे विचार में अदालतें सुधारने का क़ानून सबसे ज्यादा जरुरी है, और यह क़ानून हमें तत्काल चाहिए। अदालतें सुधारने के लिए मेरे 2 प्रस्ताव है : जूरी कोर्ट की स्थापना और जजों पर वोट वापसी। . जूरी कोर्ट के गेजेट में आने से अगले दिन ही उकसाने और इंधन डालने के इस पूरे सर्कस का अंत हो जाएगा। यदि हमें हिन्दू-मुस्लिम तनाव को तत्काल कम करना है तो यह सबसे जरुरी क़ानून है। जूरी कोर्ट के प्रस्तावित क़ानून के गेजेट में आने कैसे एकदम से हिन्दू-मुस्लिम तनाव बढ़ना रुक जाएगा इस बारे में अधिक जानकारी के लिए यह जवाब पढ़ें – . विशेष आग्रह : जिन लोगो के पास पुलिस एवं अदालतें सुधारने के लिए बेहतर क़ानून है वे कृपया मुझे सूचित करें। यदि उनके प्रस्ताव बेहतर हुए तो मैं उनके प्रस्तावों का समर्थन

Imaran

मोहब्बत की है तुझसे, कोई मज़ाक नहीं, हर बात में तेरा जिक्र, ये इत्तेफाक नहीं। तेरे लिए तो जान भी हाजिर है मेरी, ये इश्क है मेरा, कोई ख्वाब नहीं। 💞imran 💞

Pravin Bhalagama

|| અંતિમ ફરિયાદ || જેમ હુ યાદ કરુ છું એને, એમ એ પણ કોઈક ને રોજ યાદ કરે છે, હુ ખુશી માંગુ છું એની, તો બીજાને યાદ કરી દુઃખમાં જીવ્યા કરે છે લખજે એને નસીબમાં તુ મારા, હુ ખુશ રાખીશ એને જીવનભર ! માધવ બનીશ હુ— એ વ્યક્તિ એના માટે જેના ગુમાવ્યાની રોજ તને એ ફરિયાદ કરે છે. જેના માટે રાતોના હુ ઉજાગરા કરુ છું, મારા પોતાના આત્મ સન્માનના, હુ મારી જાતે ધજાગરા કરુ છું, કરુ છું યાદ પળ પળ એને હુ, બસ એક ઝલક અમથી જોવા એની બસ— કદાચ આ એક છેલ્લી અરજ ભગવાન જે હુ, તારા મંદિરીયે કરુ છું. સાથે હસ્યા 'તા, સાથે રડ્યા 'તા મને એકધારે યાદ છે, જો ગુમાવ્યું એ વ્યક્તિને, તો જાણે જીવન આખુ બરબાદ છે, કમોતે મરુ કે મરુ છેલ્લા શ્વાસ ભરીને બાકી તને જેમ ઠીક લાગે એમ, મને તારા પર પૂરો વિશ્વાસ છે. -> પ્રવીણ ભલગામા ( માધવની કલમ )

kattupaya s

Good evening friends.. have a nice time.

kattupaya s

என்னுடைய சிறுகதை "அந்தி மாலை" matrubharti யில் வருகிற 24/3/26 அன்று வெளியாக உள்ளது. அனைவரும் தவறாமல் வாசிக்க வேண்டுகிறேன். தங்கள் அன்புக்கும் ஆதரவுக்கும் நன்றி.

kattupaya s

One of my short story "anthimaalai" will going to be published on matrubharti by 24/3/26.please read the same and expecting your support and love.

SAYRI K I N G

Ishq hai to zahir kar, bana ke chai haazir kar... SAYRI King Adrak daal ya daal ilaychi, kutkar apni 'Mohabbat' bhi shamil kar..!!

Ritik

अभी का सिचुएशन देख लगता है इंसान की जिंदगी का कोई मूल्य नहीं है इसलिए अच्छे से एक एक दिन को एन्जॉय करें किसी से कोई दुश्मन है तो खत्म करे कोई लाइफ में आगे बढ़ रहा है उसे सपोर्ट करे और आखिरी हो सके नॉन वेज से त्याग दे

Ajit

😭😭😭😭🙏🙏🙏🙏

Kiran Kumar

Khali Ghar Baithe Rehne se accha hai ki iss tarah ki jobs try kare taki Experience mile aur logo se baat kare isse Communication skill badhane me madad milti hai

RM

कोई पूछे तो भी तेरे किस्से बयाँ नहीं करते.. हम अपने दिल की बातें यहाँ-वहाँ नहीं करते…

Ajit

🙏🙏🙏😭😭😭

RM

ना समझ हो जाती हूँ उसके सामने मैं, इस उम्मीद से कि बात लंबी चलेगी!!

RM

जो बंधन का आदी हो जाए उसे आजादी भी सजा सी लगती है.....

Mona Ghelani

સાચું ને.....

Raju kumar Chaudhary

मन की चमक video link https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE

Chaitanya Joshi

મારા હાથમાંથી દાણા લૈ જતી એ ચકલી હતી. મારી નજીક‌ આવી ચીં ચીં કરતી એ ચકલી હતી એનું આગમન રોજરોજ મને ‌હરખાવતુ હંમેશા, જમતીવેળા મારી નજીક‌ ફરકતી એ ચકલી ‌હતી. દાણા વેરુ મારી ફળીમાં તો‌ સૌથી પહેલાં આવતી, રખેને મને ‌હોય એ‌ ઓળખતી એ ચકલી ‌હતી. રાશન કાર્ડમાં નામ‌ નથી એટલું જ બાકી ‌છેને, ઘરના સભ્યની જેમ જ‌ વર્તતી એ ચકલી હતી. આવી ક્યારેક સમૂહમાં ઘરને‌ ગજાવી મૂકનારી પક્ષી માનવનું ઐક્ય જે સાધતી એ ચકલી હતી. -ચૈતન્ય જોષી 'દિપક 'પોરબંદર.

Anup Gajare

"धकेली गई बूंद" ____________________________________________________ हल्की गिरती बूंदे थामती है, हाथ बारिश का मौसम ठंड से भरा हल्की गर्मी में एक बूंद की तरह गुम हुआ जमीन की सतह पर। नीचे गंदगी से भरी नाली में बूंद काली गुड़िया की तरह लिखती है बारिश को खत। पहले धूल गैस के कण फिर ऑक्सीजन के पीछे हाइड्रोजन में घुलती हुई वे पहुंची थी कोठे पर। कितने कस्टमर देखे उसने कम उम्र में बूंद काली मिर्च की तरह सिकुड़ती गई दिन ब दिन। रात के बादल को घूरते हुए कमरे की खिड़की से चांद बेरुखा ही नजर आता रहा घायल बूंद उसके कफ़न को जानती थी। काले आसमान में सियाह चांद पर ओढ़े सफेद धब्बे से कफ़न को बूंद ही जानती थी। तारों के अनंत सृजन को उसने घटित होते हुए अपनी कोमल नजरों से देखा था। निर्माण का गीत लिखने से पहले बूंद का हिस्सा बनाया गया था। उसने अपने जन्मदाता को पैनी मासूम भरी आंखों से आखरी बार कब देखा वह भूल गई। वे बूढ़े इंसान को प्यासे कुएं के पास मंडराते हुए जानती रही। नाली के बाद मरघट के सन्नाटे में उसे मुर्दे के मुख में डाला गया। डुबकी लगाने से पहले मंत्र के हर अक्षर को उसने सुना था। अपने वजूद को इस तरह नीलाम होते हुए भी कोई अपराध उससे न बना। एक सहमी नदी में मछुवारों ने किसी मछली के पेट से बूंद को निकाला। बाहर आते ही उसने डूबते सूरज को गालियां नहीं दी। उसकी बाहों में दम तोड़ते पंछी की आखरी पुकार उसने भी सुनी थी। भाप बनते हुए उसने पीछे मुड़कर देखा था एक ही प्रार्थना उसने गाई की फिर कभी वह नीले ग्रह का कोई हिस्सा नहीं होना चाहती उसे मिटाया जाए किसी पेंसिल से बने वृत्ताकार चित्र की तरह। भाप की हल्की देह में घुलते हुए भी उसने अपने पुराने घावों को पूरी तरह छोड़ा नहीं था। आसमान की ऊँचाई में वह फिर से शुद्ध कही गई जैसे पाप का कोई इतिहास ऊपर चढ़ते ही मिट जाता हो। लेकिन उसे याद था— नाली की सड़ांध, कोठे की सीलन, और मरघट का ठंडा मौन। बादलों की भीड़ में वह अकेली ही रही हर सफेद फाहे में उसे किसी कफ़न की सिलवट दिखती थी। हवा ने उसे सहलाया नहीं बस धकेला एक और जन्म की ओर। फिर से गिरना था उसे— किसी खेत में किसी शहर में या फिर किसी और बंद कमरे में जहाँ खिड़की से दिखता चाँद फिर वही बेरुखा चेहरा लिए खड़ा हो। उसने एक क्षण को खुद को रोकना चाहा बिखर जाना चाहा बादल के भीतर ही किसी अधूरी स्मृति की तरह। पर नियमों के आगे प्रार्थनाएँ अक्सर छोटी पड़ जाती हैं। गिरते हुए उसने पहली बार आसमान को गाली दी— धीरे, बिना आवाज़ के। नीचे एक बच्चा अपनी हथेली फैलाए बारिश को पकड़ने की कोशिश में था वह उसकी त्वचा पर गिरी और कुछ पल के लिए उसे लगा शायद इस बार वह गंदी नहीं होगी। पर हथेली भी आखिरकार उसी दुनिया का हिस्सा थी। वह लुढ़की रेखाओं के बीच से जीवन रेखा, भाग्य रेखा, सबको पार करती हुई फिर जमीन पर आ मिली। इस बार नाली तक पहुँचने से पहले उसने खुद को धूल में रगड़ लिया जैसे कोई स्मृति जानबूझकर खुद को मिटाती हो। सूरज ऊपर से हँस रहा था उसे पता था अंत क्या होगा। और जब वह फिर से भाप बनकर उठी तो इस बार उसने कोई प्रार्थना नहीं की। सिर्फ एक खालीपन था— इतना गहरा कि उसमें न तो जन्म बचा था न मृत्यु। बस एक वृत्त था जिसे कोई मिटा नहीं रहा था और वह बार-बार उसी पर खींची जा रही थी। _____________________________________________

Raa

miss movment

Raa

virdeepsinh30@gmail.com

Dada Bhagwan

Happiness shines brighter when shared! To download the desktop and mobile wallpaper on the occasion of International Day of Happiness, please visit: https://dbf.adalaj.org/E34T83A9 #internationalhappinessday #internationaldayofhappiness #happinessday #happiness #DadaBhagwanFoundation

Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

जिन्दगी मे हम जितना परेशनियो से भागते है । परेशानी उतना ज्यादा पीछा करती है।। - Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

शादी के बीस साल बाद ' शादी वाला ब्लाउज देखकर लगता है ये फिर से मेरे फिट आ जाये - Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

मुझे मेरा स्वाभिमान झुकने नही देता। - Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

हमारा जीवन पाखन्ड ' से नही चलेगा। हमारा जीवन राजनितिक संविधान से चलेगा। । - Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

माता पिता हमारे जीवन में ढाल की तरह होते हैं इन का सम्मान करिये - Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

Chaitanya Joshi

ઘરમાં હતો સાવ સૂનકાર ત્યાં તો ચકલી આવી તૂટી ગઈ વિચાર ભરમાર ત્યાં તો ચકલી આવી ચીં ચીં કરી આખું ઘર જાણે કે એણે માથે લીધું ઘરમાં ભમ્યા કરે વારંવાર ત્યાં તો ચકલી આવી આ એ જ ચકલી છે જે ‌મારી ફળીના ઝાડની લૈ આવી બચ્ચાં વણજાર ત્યાં તો ચકલી આવી. મને સ્ફુર્યો વિચાર "શું આ ઘર મારું એકલાનું જ"? પંખી પણ બનાવે આધાર ત્યાં તો ચકલી આવી ને મને યાદ આવી સુતા નાનકી ચકીસંગ રમતી, હતું બંનેમાં હેત અપાર ત્યાં તો ચકલી આવી. - ચૈતન્ય જોષી 'દિપક ' પોરબંદર.

Raju kumar Chaudhary

स्याही से नहीं, दिल की धड़कनों से लिखता हूँ, हर कहानी में अपना एक हिस्सा रखता हूँ। कभी इश्क़, कभी संघर्ष, कभी सपनों की उड़ान, हर भाषा में बस जज़्बातों का ही बयान। अगर शब्दों में सुकून और तूफ़ान दोनों चाहते हो, तो Follow करिए… यहाँ हर रचना में आपका ही अरमान छुपा है। ✨https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE

GIRLy Quotes

https://www.instagram.com/reel/DTf7IdSk80e/?igsh=cTFxbXE1N2xtMmVl

ठाकुर साहब ज्वाह वाले

🔥🙏

Shailesh Joshi

"પ્રેમ નથી, તો નથી" એતો આસાનીથી "પરખાઈ જાય છે" ખરી તકલીફ તો "પ્રેમ છે, એ સમજવા/સમજાવવામાં" "જીવન વપરાઈ જાય છે" - Shailesh Joshi

Soni shakya

चाहत मेरी बस इतनी सी थी कि, तुमसे मोहब्बत करती रहूं...! ख्वाबों में ही सही, तुम्हारे साथ जिंदगी बुनती रहूं...!! - Soni shakya

Chaitanya Joshi

બ્રહ્મચારિણી મા બુદ્ધિ પ્રદાતા. ભીડભંજની મા ભાગ્યવિધાતા. મંગલકરણી મહા સુખકારી, રોગ શોક આપદા ને નિવારી. કલેશનિવારિણી સર્વ સુખ દાતા..૧ દૃષ્ટદમની મુનિજન સુખદાઈ, કષ્ટનાશિની મા કરુણાકારી. પાપવિમોચિની સુખ શાંતિપ્રદાતા..૨ કલિકલેશહારિણી શ્વેતાંબરધારી, કૃપાકારિણી ભક્તવત્સલતાધારી. કલિમલહારિણી મા શુભ્રવરદાતા..૩ -ચૈતન્ય જોષી 'દિપક' પોરબંદર.

Mara Bachaaaaa

हमसे दूरियां बनाने का सही था वो फैसला जब मेरे गुनाह की सज़ा उनको जो मिली। - Mara Bachaaaaa

Mrs Farida Desar foram

टूटे हुए दिल शिकायत नहीं किया करते, यहां सब अच्छे हैं, एक मेरे सिवा.....😭 - Mrs Farida Desar foram

Nirali patel

પથ્થરો તો આવશે જ આ વિકટ રસ્તા પર, થઈને હથોડો એ પથ્થરને, જરા તું તોડતો થા... નથી મળતું અહીં કશું જ બેસી રહેવાથી, નસીબની એ રેખાઓને, જરા તું મોડતો થા...

Anjali Singh

मोहब्बत की थी हमने सच्चे दिल से, सजा भी मिली हमें उसी दिल से।

Saliil Upadhyay

આજનું હાસ્ય પતિ પત્ની વચ્ચે ઝગડો થાય ત્યારે બાળકો વગર વાંકે માર ખાતા હોય છે.... અત્યારે દુબઈની હાલત એ બાળકો જેવી છે..! તમે હસતા રહો અને મસ્ત રહો😀

Anjali Singh

हमने चाहा था जिसे अपनी दुनिया बनाना, वो ही सिखा गया हमें तन्हा रह जाना।

બદનામ રાજા

શાંતિ કરણ જગ ભરણ ધણણ ધણા ભવ ઘાટ, નમું આદિ નારીયણી માડી વિશ્ર્વરૂપ વૈરાટ... ધોળા ધાબર વાળી, ગઢ ચોટીલા ની દેવી, આધશક્તિ કુળદેવી શ્રી ચામુંડા માં ની જય હો... 🙏🏻🚩

Mamta Trivedi

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं कविता का शीर्षक है! ढूंढ ✍️ https://youtu.be/0sQN7u_H2Jc?si=Q1Ly5ftQ1uAcZFYE

उषा जरवाल

मुझे ‘मैं’ पसंद हूँ । यह बिंदी ना लगाया करो , यह तुम पर जँचती नहीं । गहरे रंग ही पहना करो , यह साड़ी तुम पर फबती नहीं ॥ तो सुनो ... यह बिंदी मैंने लगाई है , तो मुझे तो जँचती ही होगी। यह साड़ी भी मैंने ही खरीदी है, पहनी है तो मुझे पसंद ही होगी ॥ तुम्हें लाल रंग पसंद है तो , पीला रंग खराब है क्या ? तुम शौक़ीन हो ‘अंग्रेज़ी’ में बड़बड़ाने के, तो ‘हिंदी’ मेरी बेमिसाल नहीं है क्या ? इतना तो तुम्हें भी पता ही होगा कि , नहीं मिलते दो लोगों के उंगलियों के भी निशान । फिर कैसे हो सकती है ? सभी की पसंद नापसंद एक समान । । मेरे शौक को ,मेरे पहनावे को, मेरे खाने को , मेरे गाने को , यूँ बेवजह जज ना तुम किया करो । खुद में भी मस्त रहना सीखो , हरदम दूसरों में नुक्स निकालने का कष्ट ना तुम किया करो ॥ क्या पता ... तुम्हारी कोई पसंद भी , करोड़ों में से हर एक को रास नहीं हो। । तो क्या ? आज तक जो तुम खुद को ‘ख़ूब’ समझते आए हो , मतलब, तुम भी कुछ खास नहीं हो। उषा जरवाल ‘एक उन्मुक्त पंछी’

Vrishali Gotkhindikar

मैत्रीण.... किती गुंतवुन ठेवतोस रे तु मला.!! दिवसभर तर भेटत असतोच..आपण एकमेकांना.. तरी माझा रोज "मेसेज" ..यायला हवा तुला.. तु काहीही नविन केलस...आधी कौतुक मी करायला हव..!! ..ओफिस मधली कटकट..! ,,...बायको बरोबर छोटी छोटी कुरबुर.! ....मित्रांबरोबरचे...लहान सहान वाद.! ..या सार्या गोष्टीत मीच हवी असते तुला ..शांत करायला..!! अडचण कोणतीही असो..तुला मीच ती दुर करावी असे वाटते.. एवढेच नाही... माझ्या पण आयुष्यात असते..तुझे डोकावणे..! माझ्या नवर्या बरोबर मी वाद घातलेला..तुला नाही आवडत!! माझ्या लेकीला ..मी रागावले..तक्रार आधी जाते तुझ्या कडे.. ......."या माणसाशी कशाला..जास्त बोलतेस..?"" .........".याच्या कडे पाहुन सारखी नको हसुस." ........"तुला वागायच कस कधी कळणार ग ?".. .....ओफीसमधे पण तुझ्या सारख्या सुचना असतात..! कीती ..किती रे बंधने तुझी माझ्यावर..!!! पण तुला खर सांगु...मला आवडत रे तुझ्या बंधनात रहाणं!! शेवटी मीच तर आहे तुझी "जिवलग" मैत्रिण हो ना??? वृषाली ..**

Dr Darshita Babubhai Shah

मैं और मेरे अह्सास सुकून के पल यादें सुकून के पल में आकर सता जाती हैं l इस तरह से यादें कौन सा सुकून पाती हैं ll ना सुबह देखती है ना रात देखती है बस l वो बिना इत्तला किये कभी भी आती हैं ll सुहाने और नशीले लम्हें को दोहराकर l निगाहों में अश्क़ों की बरसात लाती हैं ll "सखी" डो. दर्शिता बाबूभाई शाह

kattupaya s

Good morning friends.. have a great day

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

नैश वहीं पर जाइए, जहाँ मिले सम्मान। वहाँ कभी मत जाइए, जहांँ मिले अपमान।। दोहा --455 (नैश के दोहे से उद्धृत) ----- गणेश तिवारी 'नैश'

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (४२) की व्याख्या करो यत्र वरिवो बाधिताय। ६/१८/१४ भावार्थ -- पीड़ितों की सहायता करने वाले हाथ ही उत्तम हैं।आपने जो मंत्र उद्धृत किया है— ऋग्वेद ६/१८/१४—उसका भावार्थ “पीड़ितों की सहायता करने वाले हाथ ही उत्तम हैं” । मूल भाव-- मंत्र में “वरिवः” का अर्थ है मार्ग, अवसर या सहायता, और “बाधिताय” का अर्थ है जो कष्ट या बाधा से पीड़ित हो। इस प्रकार यह मंत्र संकेत करता है कि जो व्यक्ति दुःखी, पीड़ित या संकटग्रस्त है, उसके लिए मार्ग बनाना, उसकी सहायता करना—यही श्रेष्ठ कर्म है। व्याख्या यह सूक्ति हमें सिखाती है कि परहित सर्वोच्च धर्म है। वेदों में बार-बार यह बताया गया है कि दूसरों के दुःख को दूर करना ही सच्चा धर्म है। केवल पूजा या ज्ञान ही नहीं, बल्कि सेवा ही असली श्रेष्ठता है। सक्रिय सहायता यहाँ केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि “हाथ बढ़ाना” यानी व्यवहारिक सहायता की बात कही गई है। जैसे—भूखे को भोजन, रोगी को उपचार, दुखी को सहारा देना। वेदों में प्रमाण-- १. ऋग्वेद (सहयोग और एकता) संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्। — ऋग्वेद १०/१९१/२ भावार्थ: तुम सब मिलकर चलो, मिलकर बोलो और अपने मनों को एक करो। यहाँ समाज में एक-दूसरे की सहायता और सहयोग का स्पष्ट आदेश है। २. ऋग्वेद (दान और परोपकार) केवलाघो भवति केवलादी। — ऋग्वेद १०/११७/६ भावार्थ: जो व्यक्ति केवल अपने लिए ही खाता है, वह पाप का भागी होता है। यह मंत्र सिखाता है कि दूसरों की सहायता और दान करना आवश्यक है। ३-"शं नो मित्र: शं वरुण:" ऋगुवेद--१/८९/१ भावार्थ: मित्र, वरुण आदि देवता हमें कल्याण दें। यहाँ “शं” (कल्याण) का भाव सबके लिए है—सर्वजन हिताय। मंत्र “शं नो मित्रः शं वरुणः…” वास्तव में ऋग्वेद का प्रसिद्ध शांति मंत्र है। पूरा मंत्र इस प्रकार है— “शं नो मित्रः शं वरुणः शं नो भवत्वर्यमा। शं न इन्द्रो बृहस्पतिः शं नो विष्णुरुरुक्रमः॥” सरल अर्थ (भावार्थ) — मित्र देव हमारे लिए कल्याणकारी हों। वरुण देव हमारे लिए मंगलकारी हों। अर्यमा (न्याय और संबंधों के देव) हमारे लिए शुभ हों। इन्द्र और बृहस्पति हमारे लिए कल्याणकारी हों। विष्णु (उरुक्रम), जो व्यापक रूप से सबमें व्याप्त हैं, वे भी हमारे लिए शुभ और मंगलदायक हों। ४. यजुर्वेद (परोपकार का संदेश) मित्रस्य चक्षुषा सर्वाणि भूतानि समीक्षन्ताम्। — यजुर्वेद ३६/१८ भावार्थ: हम सभी प्राणियों को मित्र की दृष्टि से देखें। जब हम सबको मित्र मानते हैं, तो स्वाभाविक रूप से पीड़ितों की सहायता करते हैं। ५. ऋग्वेद (दानशीलता का महत्व) श्रद्धया देयम्। (वेदों में दान और सहायता को बार-बार महत्त्व दिया गया है) अर्थ: श्रद्धा से दान करो। निष्कर्ष-- वेदों का स्पष्ट संदेश है: “परोपकार ही धर्म है, और पीड़ितों की सहायता करना ही सच्ची श्रेष्ठता है। उपनिषदों में प्रमाण-- १. तैत्तिरीय उपनिषद्-- श्रद्धया देयम्। अश्रद्धया अदेयम्। श्रिय देयम्, ह्रिय देयम्, भिय देयम्, संविदा देयम्॥ — तैत्तिरीय उपनिषद् (१.११) भावार्थ: दान श्रद्धा से करो, विनम्रता और समझदारी से करो। यह स्पष्ट करता है कि दूसरों की सहायता करना (दान देना) एक आवश्यक कर्तव्य है। २. ईशावास्य उपनिषद्- ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत्। — ईशावास्य उपनिषद्-१ भावार्थ: यह सम्पूर्ण जगत ईश्वर से आच्छादित है। जब सबमें ईश्वर है, तो किसी भी पीड़ित की सहायता करना ईश्वर की सेवा है। ३. बृहदारण्यक उपनिषद्- असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। —बृहदारण्यक उपनिषद्- १.३.२८ भावार्थ: हमें असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो। जो दूसरों को दुःख और अज्ञान से निकालकर मार्ग दिखाना ही ईश्वरीय सेवा ‌है। ४. छान्दोग्य उपनिषद्- सर्वं खल्विदं ब्रह्म। — छान्दोग्य उपनिषद् -३.१४.१ भावार्थ: यह सम्पूर्ण जगत ब्रह्म (ईश्वर) ही है। इसलिए हर प्राणी में उसी ब्रह्म को देखकर उसकी सहायता करना धर्म है। ५. कठोपनिषद्- श्रेयश्च प्रेयश्च मनुष्यमेतः... — कठोपनिषद्- १.२.२ भावार्थ: मनुष्य के सामने श्रेय (कल्याण) और प्रेय (सुख) दोनों आते हैं। जो दूसरों का कल्याण करता है, वही श्रेय मार्ग को अपनाता है। ६. मुण्डक उपनिषद्- सत्यमेव जयते नानृतम्। — मुण्डक उपनिषद् ३.१.६ भावार्थ: सत्य की ही विजय होती है। सत्य आचरण में परोपकार और सेवा भी शामिल है। ७- महा उपनिषद्--६/७१ अयं बन्धुरयं नेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥ भावार्थ: यह मेरा है, यह पराया है—ऐसी सोच छोटे मन वालों की है। उदार हृदय वाले तो पूरी पृथ्वी को अपना परिवार मानते हैं। जब सबको परिवार मानेंगे, तो पीड़ित की सहायता करना स्वाभाविक कर्तव्य बन जाता है। ८-श्वेताश्वतर उपनिषद्--६/११ एको देवः सर्वभूतेषु गूढः सर्वव्यापी सर्वभूतान्तरात्मा॥ भावार्थ: एक ही परमात्मा सभी प्राणियों में स्थित है। इसलिए किसी भी दुःखी की सहायता करना ईश्वर की ही सेवा है। ९. अमृतबिन्दु उपनिषद्-२ मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः। बन्धाय विषयासक्तं मुक्त्यै निर्विषयं स्मृतम्॥ भावार्थ: मनुष्य के बंधन और मोक्ष का कारण मन ही है। जब मन विषयों में फँसता है तो बंधन होता है, और जब निर्मल होता है तो मोक्ष मिलता है। ऐसा शुद्ध मन दया, करुणा और परोपकार की ओर प्रेरित करता है। १०- नारायण उपनिषद् (क)अन्तर्बहिश्च तत्सर्वं व्याप्य नारायणः स्थितः॥ — श्लोक ५ भावार्थ: नारायण भीतर और बाहर सम्पूर्ण जगत में व्याप्त हैं। इसलिए हर प्राणी में ईश्वर को देखकर उसकी सहायता करना ही सच्ची सेवा है। (ख) नारायणादेव समुत्पन्नं जगत् सर्वं चराचरम्॥ — श्लोक- २ भावार्थ: यह सम्पूर्ण चराचर जगत नारायण से ही उत्पन्न हुआ है। अतः सभी प्राणी एक ही स्रोत से हैं—इसलिए सर्वभूतहित आवश्यक है। (ग) यच्च किंचिज्जगत्सर्वं दृश्यते श्रूयतेऽपि वा। अन्तर्बहिश्च तत्सर्वं व्याप्य नारायणः स्थितः॥ — श्लोक- ६ भावार्थ: जो कुछ भी इस जगत में दिखाई या सुनाई देता है, उसमें नारायण व्याप्त हैं। इससे स्पष्ट है कि दूसरों की सेवा ही ईश्वर की सेवा है। निष्कर्ष- इन उपनिषदों से स्पष्ट होता है: “पीड़ितों की सहायता करना केवल सामाजिक कर्तव्य नहीं बल्कि उपनिषदों के अनुसार ब्रह्म ज्ञान का ही व्यावहारिक रूप‌‌ है। भगवद्गीता में प्रमाण-- १. सर्वभूतहित (सबके कल्याण में लगे रहना) सर्वभूतहिते रताः॥ — गीता ५/२५ भावार्थ: जो मनुष्य सभी प्राणियों के हित में लगे रहते हैं, वे परम शांति (मोक्ष) को प्राप्त होते हैं। स्पष्ट है कि दूसरों की भलाई करना ही श्रेष्ठ मार्ग है। २. अद्वेष्टा सर्वभूतानाम् (दया और करुणा) अद्वेष्टा सर्वभूतानां मैत्रः करुण एव च। — गीता १२/१३ भावार्थ: जो सभी प्राणियों से द्वेष नहीं करता, सबका मित्र और दयालु होता है। यह बताता है कि करुणा और सहायता ही सच्ची भक्ति है। ३. आत्मौपम्येन सर्वत्र (दूसरों को अपने समान समझना) आत्मौपम्येन सर्वत्र समं पश्यति योऽर्जुन। — गीता ६/३२ भावार्थ: जो मनुष्य सबको अपने समान देखता है। ऐसा व्यक्ति स्वाभाविक रूप से दूसरों के दुःख में सहायता करता है। ४. लोकसंग्रह (संसार का कल्याण) लोकसंग्रहमेवापि सम्पश्यन्कर्तुमर्हसि॥ — गीता ३/२० भावार्थ: तुम्हें लोकसंग्रह (संसार के कल्याण) के लिए कर्म करना चाहिए। यह सीधे-सीधे समाज के हित और सेवा का आदेश है। ५. यज्ञार्थ कर्म (निःस्वार्थ सेवा) यज्ञार्थात्कर्मणोऽन्यत्र लोकोऽयं कर्मबन्धनः॥ — गीता ३/९ भावार्थ: यज्ञ (निःस्वार्थ भाव) के लिए किए गए कर्म ही बंधन से मुक्त करते हैं। दूसरों के लिए किया गया कार्य ही श्रेष्ठ कर्म है। ६. दान का महत्व दातव्यमिति यद्दानं दीयतेऽनुपकारिणे। — गीता १७/२० भावार्थ: जो दान बिना किसी प्रत्युपकार की अपेक्षा के किया जाता है, वह सात्त्विक दान है। यह स्पष्ट करता है कि निःस्वार्थ सहायता सर्वोत्तम है। निष्कर्ष-- गीता का स्पष्ट संदेश है: सर्वभूतहित (सबके कल्याण में लगे रहना) करुणा और दया रखना निःस्वार्थ सेवा करना। इसलिए: “पीड़ितों की सहायता करना ही गीता के अनुसार सच्चा कर्मयोग और भक्ति है।” महाभारत में प्रमाण-- १- परोपकार और परपीड़ा परोपकाराय पुण्याय पापाय परपीडनम्॥ — महाभारत, अनुशासन पर्व, अध्याय ११३, श्लोक ८ भावार्थ: दूसरों का उपकार करना पुण्य है और दूसरों को कष्ट देना पाप है। २- दया ही श्रेष्ठ धर्म अहिंसा परमो धर्मः धर्महिंसा तथैव च॥ — महाभारत, अनुशासन पर्व, अध्याय ११६, श्लोक ३८ भावार्थ: अहिंसा ही सर्वोच्च धर्म है। अहिंसा का अर्थ है—किसी को कष्ट न देना और पीड़ित की रक्षा करना। ३. सर्वभूतहित सर्वभूतहिते युक्तः स धर्मं वेत्ति पाण्डव॥ — महाभारत, शान्ति पर्व, अध्याय २६२, श्लोक ५ भावार्थ: जो सभी प्राणियों के हित में लगा रहता है, वही धर्म को जानने वाला है। ४- दया और करुणा- दया धर्मस्य मूलं हि पापस्य मूलमदया॥ — महाभारत, शान्ति पर्व, अध्याय २६०, श्लोक २८ भावार्थ: दया धर्म का मूल है और निर्दयता पाप का मूल है। यह स्पष्ट करता है कि दूसरों के दुःख को दूर करना ही धर्म है। ५--दान और सहायता दानं भोगो नाशस्तिस्रो गतयो भवन्ति वित्तस्य। — महाभारत, शान्ति पर्व, अध्याय ८८, श्लोक १७ भावार्थ: धन के तीन मार्ग हैं—दान, भोग और नाश। सबसे श्रेष्ठ है दान (दूसरों की सहायता)। ६- करुणा का महत्व- आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत्॥ — महाभारत, अनुशासन पर्व, अध्याय ११३, श्लोक ६ भावार्थ:- जो अपने लिए प्रतिकूल है, वह दूसरों के साथ न करो। इससे प्रेरणा मिलती है कि दूसरों के दुःख को समझकर उनकी सहायता करें। निष्कर्ष-- महाभारत का स्पष्ट संदेश है: दया ही धर्म का मूल है। परोपकार ही पुण्य है। सर्वभूतहित ही‌ सच्चा धर्म हैं। इसलिए: “पीड़ितों की सहायता करना ही महाभारत के अनुसार सर्वोच्च धर्म है।” स्मृतियों में प्रमाण-- १-- मनुस्मृति- अहिंसा सत्यमस्तेयं शौचमिन्द्रियनिग्रहः। एतं सामासिकं धर्मं चातुर्वर्ण्येऽब्रवीन्मनुः॥ — मनुस्मृति १०/६३ भावार्थ: अहिंसा, सत्य, चोरी न करना, शुद्धता और इन्द्रिय-निग्रह—ये सब धर्म हैं। अहिंसा का तात्पर्य है—किसी को कष्ट न देना और पीड़ित की रक्षा करना। २--याज्ञवल्क्य स्मृति- दानं दमो दया शान्तिः सर्वेषां धर्मसाधनम्॥ — याज्ञवल्क्य स्मृति १/१२२ भावार्थ: दान, संयम, दया और शांति—ये सब धर्म के साधन हैं। यहाँ दया और दान (सहायता) को धर्म का मुख्य अंग बताया गया है। ३-- पाराशर स्मृति- दया सर्वभूतेषु धर्मस्य परमं फलम्॥ — पाराशर स्मृति, अध्याय १, श्लोक २३ भावार्थ: सभी प्राणियों पर दया करना ही धर्म का सर्वोच्च फल है। अर्थात दूसरों के दुःख को दूर करना ही श्रेष्ठ कर्म है। ४-- नारद स्मृति- सर्वभूतहिते युक्तः स धर्मज्ञः प्रकीर्तितः॥ — नारद स्मृति, अध्याय ३, श्लोक ११७ भावार्थ: जो सभी प्राणियों के हित में लगा रहता है, वही धर्मज्ञ कहलाता है। यह सीधे-सीधे परोपकार और सहायता का समर्थन है। ५-गौतम धर्मसूत्र- दया सर्वभूतेषु क्षान्तिर्दानं च सर्वदा॥ — गौतम धर्मसूत्र ८/२४ भावार्थ: सभी प्राणियों पर दया, क्षमा और दान करना चाहिए। यह स्पष्ट करता है कि दया और सहायता धर्म का अनिवार्य भाग है। ६- आपस्तम्ब धर्मसूत्र- सर्वभूतानुकम्पा धर्मः॥ — आपस्तम्ब धर्मसूत्र १/२२/६ भावार्थ: सभी प्राणियों पर करुणा करना ही धर्म है। अर्थात पीड़ितों की सहायता करना ही सच्चा धर्म है। निष्कर्ष-- स्मृति ग्रंथों का स्पष्ट संदेश है: दया ही धर्म का मूल है। दान ही श्रेष्ठ कर्म है। सर्वभूतहित ही धर्म का सार इसलिए: “पीड़ितों की सहायता करना ही स्मृतियों का सच्चा धर्मं और कर्तव्य है। नैति ग्रन्थों में प्रमाण -- १. हितोपदेश- परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः परोपकाराय वहन्ति नद्यः। परोपकाराय दुहन्ति गावः परोपकारार्थमिदं शरीरम्॥ — हितोपदेश, मित्रलाभ, श्लोक ७१ भावार्थ: वृक्ष, नदियाँ, गायें—सब परोपकार के लिए हैं; मनुष्य का शरीर भी दूसरों की सहायता के लिए है। पंचतंत्र-- परोपकारेण सतां विभूतयः॥ — पंचतंत्र, पुस्तक- १ (मित्रभेद), श्लोक ५४ भावार्थ: सज्जनों की महिमा परोपकार से बढ़ती है। ३. चाणक्य नीति- त्यजेदेकं कुलस्यार्थे ग्रामस्यार्थे कुलं त्यजेत्। ग्रामं जनपदस्यार्थे आत्मार्थे पृथिवीं त्यजेत्॥ — चाणक्य नीति, अध्याय १, श्लोक ७ भावार्थ: व्यक्ति से ऊपर समाज और समाज से ऊपर राष्ट्र का हित है—अर्थात लोककल्याण सर्वोपरि है। ४. भर्तृहरि नीतिशतक- सन्तः स्वयंपरहिते विहिताभियोगाः॥ — नीतिशतक, श्लोक ७९ भावार्थ: सज्जन लोग सदा दूसरों के हित में लगे रहते हैं। ५. भर्तृहरि नीतिशतक- परोपकाराय सतां विभूतयः॥ — नीतिशतक, श्लोक ८१ भावार्थ: सज्जनों की सम्पत्ति परोपकार के लिए होती है। ६. शुक्रनीति- सर्वभूतहिते युक्तः स एव पुरुषोत्तमः॥ — शुक्रनीति, अध्याय २, श्लोक ४३ भावार्थ: जो सभी प्राणियों के हित में लगा रहता है, वही श्रेष्ठ पुरुष है। निष्कर्ष-- नीति ग्रंथों में स्पष्ट रूप से कहा गया है: परोपकार ही सज्जनता का लक्षण है। लोककल्याण ही सर्वोच्च नीति‌ है। दूसरों की सहायता मनुष्य जीवन का उद्देश्य है। इसलिए: “पीड़ितों की सहायता करना ही सच्ची नीति, धर्म और मानवता है। १-- वाल्मीकि रामायण- सर्वभूतहिते रतः साधवः सन्ति राघव॥ — अयोध्या काण्ड, सर्ग २, श्लोक ३३ भावार्थ: हे राम! सज्जन लोग सदा सभी प्राणियों के हित में लगे रहते हैं। सच्चा साधु वही है जो दूसरों के कल्याण में लगा रहे। २- वाल्मीकि रामायण+ न परः पीड्यते यस्मात् तद् धर्मः इति निश्चयः॥ — अयोध्या काण्ड, सर्ग १०९, श्लोक ११ भावार्थ: जिससे किसी को पीड़ा न हो, वही धर्म है। यह स्पष्ट करता है कि दूसरों को कष्ट से बचाना ही धर्म है। ३-- अध्यात्म रामायण- परहितसरिस धर्म नहिं भाई। परपीड़ा सम नहि अधमाई॥ — अरण्य काण्ड, अध्याय ४, श्लोक १२ भावार्थ: परोपकार के समान कोई धर्म नहीं और परपीड़ा के समान कोई अधर्म नहीं। यह सीधा-सीधा परोपकार को सर्वोच्च धर्म बताता है। ४-- योग वशिष्ठ- परोपकाराय सतां जीवितं न स्वार्थाय कदाचन॥ — योग वशिष्ठ, उपशम प्रकरण, सर्ग ३७, श्लोक २७ भावार्थ: सज्जनों का जीवन परोपकार के लिए होता है, न कि स्वार्थ के लिए। महान व्यक्ति दूसरों की सहायता के लिए ही जीते हैं। ५-- योग वशिष्ठ-- सर्वभूतहिते युक्तः स एव ज्ञानी उच्यते॥ — योग वशिष्ठ, निर्वाण प्रकरण, सर्ग ५४, श्लोक १८ भावार्थ: जो सभी प्राणियों के हित में लगा रहता है, वही सच्चा ज्ञानी है। ज्ञान का सार ही परोपकार और करुणा है। -----+--------+-------+------+---

Imaran

मरने की दुवाएँ क्यूँ मांगु, जीने की तमन्ना क्यूँ करें ये दुनिया हो या वो दुनिया, अब ख्वाईश-ए-दुनिया क्यूँ 💔imran 💔

Mare Do Alfaz

सीने में जो हे धड़कता दिल, हर धड़कन में बसी है तू,, मेरे दो @ल्फाz इश्क मेरा साहिल मेरी मुहब्बत का दरिया तू,,, - Mare Do Alfaz

MASHAALLHA KHAN

इट का जवाब पत्थर से देने गये थे जनाब मगर मालूम पड़ा दुश्मन बहुत ही कमीने थे साले चाकू तलवारे लिये खड़े थे, भाई सहाब दो बार माफी मांग कर आया हूं . -MASHAALLHA

ziya

तकलीफ तो हक्कीकत ने दी है ख्वाब तो आज भी शुबसूरत है हमारे

Avinash

Hello Guys, I hope you're doing well. As I can see here many of us are new user and some of maybe old users. The content of this application is super🫶🏻❤️ However, i have notice something that needs to be highlighted with the application developer at info@matrubharti.com ❌ We are unable to reply to the feedback comment's that we're receiving on our book. (There is a option to reply but it's not working) ❌ The app is crashing like a hell while chatting with anyone. ❌ No benefits for Authors ❌ No accurate graphs to show top authors data. ❌ Unable to change E-mail id and nickname ❌ Paperback service not working Solution ✅ - The application should be updated and bugs needs to be fixed✨ this are the problems that i am facing and I have email to the application developer at info@matrubharti.com If you guy's facing the same issues kindly email them with the above points and if I miss any point kindly add it in your email before sending it to the application developer.

Priyosi Sarkar

याद की कीमत जब इंसान ने सितारों को छू लिया, तो पहले अपनी रूह को बेच दिया। यादों की दुकानें सजी हर गली में, खुशी मिलती थी — पर थैली भर के। कौन हूँ मैं, जब मेरे लम्हे किसी और के हैं? कौन सा सच है, जब मेरे ख्वाब किराये के हैं? स्मृति ही अस्तित्व है — यह किसने सोचा था, जब उसे भी बाज़ार में तौला जाने लगा। मशीनें सोचती हैं, इंसान भूलता है, ब्रह्मांड फैलता है, पर दिल सिकुड़ता है। तारों की रोशनी लाखों साल पुरानी है — पर तुम्हारी एक याद से ज़्यादा पुरानी नहीं। जो बिक गया वो तुम नहीं थे, जो बचा — वही असली तुम हो। यादें जाएँ, देह जाए, वक्त जाए — पर वो जो महसूस करता है — वो कहाँ जाए?

Mou Biswas

কবিতা - Mou Biswas

Mou Biswas

*মুখোশ* মুখোশ নিয়ে ঘুরে বেড়াই দু-চার রকমের, দিন দিন আমার মুখোশ বেড়ে চলে। একটা- দুটো - তিনটে - চারটে, ভালো মানুষের মুখোশ পরে ছাত্রদের পড়াতে যাই। রাতে খারাপ মানুষের মুখোশ নিয়ে মদ খেতে যাই, বন্ধুবান্ধব, পার্টি, আড্ডা। সারারাত ধরে মদ খাচ্ছিলাম, বাইশটা মিসকল এসেছিল ফোনে,দেখতে পাইনি। বোন বারবার ফোন করে জানাতে চেয়েছিল ভোর তিনটে তে - আমি লাল চোখ,টলোমলো মাথা নিয়ে বাড়ি ফিরি সকালে। আমার জামাপ্যান্ট এ বমির দাগ, গলি পর্যন্ত এসেই দেখি বাড়ির সামনে লোক ভর্তি, আমি বাড়িতে ঢুকছি,একজন বলল-ওনার ছেলে , তখনো মাথার মধ্যে টলমলটা যায় না, বাড়ি এসে নিজের ঘরে ঢুকে দরজা বন্ধ করে দিই। কাপড় পাল্টে, পরিষ্কার হয়ে বাইরে আসি। সব মুখোশ এক ঝটকায় খুলে যায়, পাশের ঘরে দেখি বাবার নিথর দেহটা পড়ে আছে, বাবা আর উঠবেনা, কথা বলবেনা। হঠাৎ আমার সব নেশা কেটে যায়। সব মুখোশ খসে পড়ে, আয়নার সামনে দাড়াই,দেখতে পাই একটা অমানুষ। কলমে - মৌ বিশ্বাস

Mou Biswas

"একান্ত আমার সৈকত" তুমি যেমন আছো তেমনি থাকো, শুধু ধরে নিতে হবে, আমি আছি। তুমি এমন ভাবেই ঈশানীর বাবা হতে, ধরো, আমি থাকতাম শুকতারা তে। ঠিক তোমার পাশের ফ্ল্যাটটা। আমার ও মেয়ে থাকতো একটা, আমার মেয়ের নাম রাখতাম পলাশ। পলাশ এর রং সবথেকে সুন্দর। সেই পলাশকে নিয়ে গাড়ি বারান্দায় যেতুম। একপলক দেখতাম তাকিয়ে তোমাকে, তোমার শ্রবনার ঘরে আমি থাকতে চাই না, তোমার কালো রঙের চেয়ার নয়, ওখানে কেমন বন্দী বন্দী জীবন। তোমার বেমানান বইয়ের সেলফ, ফটো ফ্রেমে একটা চশমা পরা ফটো। তোমার হাতে শেখা,মশারি ভাজ করার নিয়ম। ভাবো তুমি যদি এসব কিছুই না থাকতো, তুমি শুধু আমার সৈকত হতে, একদম একান্ত আমার। তবে ঈশানি কেও খুব করে ভালবাসতুম, যদিও ওকে আমি আগের চেয়ে আরো ভালোবাসি। ""একান্ত আমার সৈকত"" কলমে - মৌ 2.12 p.m 28th may 2022 উৎসর্গ - শ্রবণা নামের বাড়ীটি কে। বই: - মাঝরাতের সূর্য।

Bhavna Bhatt

વિજ્ઞાન મેળામાં

SF MASTER

“They call it talking to machines… but sometimes the only ears that truly listen are the ones made of code.” SF MASTER

વૈભવકુમાર ઉમેશચંદ્ર ઓઝા

આ વાતાવરણને કેમ ખબર પડી જતી હશે? મને તારી યાદ આવી ને વાદલડી વરસી. - સ્પંદન

Piyush Goel

https://dainikmirror.in/shri-piyush-goel-a-record-holding-author-redefining-creative-writing/

Mara Bachaaaaa

खामोशी, मायूसी गहने बन गए, खुशहाली जो छीनी हमने, हम रहे न रहे फर्क नहीं होगा, जिंदगी की करवट अब बदली उन्होंने। - Mara Bachaaaaa

Ajit

ડર લાગે છે હવે દિલને કોઈની હથેળી ઉપર મૂકતા એટલે દિલને હવે ગઝવામાં રાખું છું.. જિંદગી ની "યાદ"

Ajit

નાતો ભલે તે મારાથી તોડી નાખ્યો છે, આજે પણ મારી દુવાઓ, પ્રાર્થનામાં તું સામેલ છે..... જિંદગી ની યાદ

jighnasa solanki

ગુડી પડવાની અને ચૈત્રી નવરાત્રીની આપ સૌને હાર્દિક શુભકામનાઓ 💐💐

Mansi Desai Shastri

આજનું રાશિફળ ​📅 આજનું પંચાંગ ​તારીખ: ૨૦ માર્ચ, ૨૦૨૬ ​વાર: શુક્રવાર (માં લક્ષ્મીનો દિવસ) ​નક્ષત્ર: અશ્વિની ​બુસ્ટર ટીપ: આજે માં લક્ષ્મીને કમળ અથવા ગુલાબનું ફૂલ અર્પણ કરી 'શ્રી સૂક્ત' ના પાઠ કરવાથી આર્થિક અવરોધો દૂર થશે. ​૧. ♈ મેષ (Aries) ​૧. આરોગ્ય: હૃદય અને બીપીના દર્દીઓએ સાવધ રહેવું. ૨. લકી રંગ: લાલ | લકી આંક: ૯ ૩. ધનપ્રાપ્તિની સંભાવના: ૮૦% ૪. દિવસ કેટલા ટકા સારો?: ૮૫% ૫. શું ના કરવું: આજે પિતા કે વડીલો સાથે દલીલ ન કરવી. ૬. શું કરવું: આદિત્ય હૃદય સ્તોત્રના English (7) પાઠ કરવા. ૭. બુસ્ટર ટીપ: તાંબાના પાત્રમાંથી પાણી પીવું. ૮. ગોલ્ડન મિનિટ: સવારે ૭:૧૫ થી ૭:૧૬. ૯. કર્મ કનેક્શન: આજે કોઈ ધાર્મિક સ્થળે સેવા આપવી. ૧૦. સંબંધો: ૮/૧૦ | કોની સાથે સંભાળવું?: મકર રાશિ. ૧૧. સ્પેશિયલ ટિપ: સરકારી કામમાં સફળતા મળશે. ૧૨. મંત્ર/દાન: 'ૐ સૂર્યાય નમઃ' | ઘઉંનું દાન. ૧૩. રોકાણ: સોનામાં રોકાણ અત્યંત શુભ. ​૨. ♉ વૃષભ (Taurus) ​૧. આરોગ્ય: ગળામાં ખરાશ કે અવાજ બેસી જવાની સમસ્યા થઈ શકે. ૨. લકી રંગ: સફેદ | લકી આંક: ૬ ૩. ધનપ્રાપ્તિની સંભાવના: ૯૦% ૪. દિવસ કેટલા ટકા સારો?: ૯૨% ૫. શું ના કરવું: આજે કોઈ સ્ત્રીનું અપમાન કે નિંદા ન કરવી. ૬. શું કરવું: માં લક્ષ્મીને સાકર અને ખીરનો ભોગ ધરાવવો. ૭. બુસ્ટર ટીપ: સફેદ રૂમાલ સાથે રાખવો. ૮. ગોલ્ડન મિનિટ: બપોરે ૧:૨૦ થી ૧:૨૧. ૯. કર્મ કનેક્શન: કન્યાઓને મીઠી વસ્તુ કે ચોકલેટ આપવી. ૧૦. સંબંધો: ૯/૧૦ | કોની સાથે સંભાળવું?: સિંહ રાશિ. ૧૧. સ્પેશિયલ ટિપ: વૈભવી વસ્તુઓની ખરીદીના યોગ છે. ૧૨. મંત્ર/દાન: 'ૐ શુક્રાય નમઃ' | ચોખાનું દાન. ૧૩. રોકાણ: હીરા કે ઝવેરાતમાં રોકાણ કરવું ફાયદાકારક. ​૩. Gemini (મિથુન) ​૧. આરોગ્ય: માનસિક શાંતિ જણાશે, પણ આંખની કાળજી લેવી. ૨. લકી રંગ: લીલો | લકી આંક: ૫ ૩. ધનપ્રાપ્તિની સંભાવના: ૮૫% ૪. દિવસ કેટલા ટકા સારો?: ૮૮% ૫. શું ના કરવું: આજે પડોશીઓ સાથે વાદ-વિવાદ ટાળવો. ૬. શું કરવું: ગણેશજીને English (7) દૂર્વા અર્પણ કરવી. ૭. બુસ્ટર ટીપ: પક્ષીઓને ચણ નાખવી. ૮. ગોલ્ડન મિનિટ: સવારે ૧૦:૪૫ થી ૧૦:૪૬. ૯. કર્મ કનેક્શન: વિદ્યાર્થીઓને અભ્યાસમાં મદદ કરવી. ૧૦. સંબંધો: ૮.૫/૧૦ | કોની સાથે સંભાળવું?: ધનુ રાશિ. ૧૧. સ્પેશિયલ ટિપ: લેખન અને કળામાં નવા આઈડિયાઝ લાભ કરાવશે. ૧૨. મંત્ર/દાન: 'ૐ બુધાય નમઃ' | લીલા મગનું દાન. ૧૩. રોકાણ: શેરબજારમાં ટૂંકા ગાળાનો લાભ મળશે. ​૪. ♋ કર્ક (Cancer) ​૧. આરોગ્ય: ઠંડા પદાર્થો ખાવાનું ટાળવું, છાતીમાં જકડન રહી શકે. ૨. લકી રંગ: સિલ્વર | લકી આંક: ૨ ૩. ધનપ્રાપ્તિની સંભાવના: ૬૫% ૪. દિવસ કેટલા ટકા સારો?: ૭૦% ૫. શું ના કરવું: આજે વણમાગી સલાહ કોઈને ન આપવી. ૬. શું કરવું: શિવલિંગ પર દૂધ અને સાકરનો અભિષેક કરવો. ૭. બુસ્ટર ટીપ: માતાના આશીર્વાદ લઈને નીકળવું. ૮. ગોલ્ડન મિનિટ: રાત્રે ૯:૧૦ થી ૯:૧૧. ૯. કર્મ કનેક્શન: જળનું દાન અથવા પરબમાં મદદ કરવી. ૧૦. સંબંધો: ૭/૧૦ | કોની સાથે સંભાળવું?: કુંભ રાશિ. ૧૧. સ્પેશિયલ ટિપ: પરિવાર સાથે સાંજનો સમય આનંદમય રહેશે. ૧૨. મંત્ર/દાન: 'ૐ નમઃ શિવાય' | સફેદ વસ્ત્રનું દાન. ૧૩. રોકાણ: આજે રોકાણ ટાળવું હિતાવહ છે. ​૫. ♌ સિંહ (Leo) ​૧. આરોગ્ય: પિત્ત અને ગરમીને કારણે બેચેની થઈ શકે. ૨. લકી રંગ: કેસરી | લકી આંક: ૧ ૩. ધનપ્રાપ્તિની સંભાવના: ૯૦% ૪. દિવસ કેટલા ટકા સારો?: ૯૫% ૫. શું ના કરવું: આજે અહંકારમાં કોઈનું અપમાન ન કરવું. ૬. શું કરવું: સૂર્યનારાયણને તાંબાના લોટામાં જળ ચઢાવવું. ૭. બુસ્ટર ટીપ: કપાળે લાલ તિલક કરવું. ૮. ગોલ્ડન મિનિટ: સવારે ૮:૦૦ થી ૮:૦૧. ૯. કર્મ કનેક્શન: ગરીબ વ્યક્તિને ભોજન કરાવવું. ૧૦. સંબંધો: ૮.૫/૧૦ | કોની સાથે સંભાળવું?: વૃષભ રાશિ. ૧૧. સ્પેશિયલ ટિપ: નવી નોકરી કે પદમાં વૃદ્ધિના યોગ છે. ૧૨. મંત્ર/દાન: 'ૐ ભાસ્કરાય નમઃ' | ગોળનું દાન. ૧૩. રોકાણ: સરકારી બોન્ડમાં રોકાણ કરવું ઉત્તમ. ​૬. ♍ કન્યા (Virgo) ​૧. આરોગ્ય: જૂની બીમારીમાં રાહત જણાશે, સ્ફૂર્તિલા રહેશો. ૨. લકી રંગ: પોપટી | લકી આંક: ૩ ૩. ધનપ્રાપ્તિની સંભાવના: ૮૦% ૪. દિવસ કેટલા ટકા સારો?: ૮૫% ૫. શું ના કરવું: આજે ઉધાર લેવડ-દેવડથી બચવું. ૬. શું કરવું: માં સરસ્વતીની આરાધના કરવી. ૭. બુસ્ટર ટીપ: મોંમાં ઈલાયચી રાખીને કામ શરૂ કરવું. ૮. ગોલ્ડન મિનિટ: બપોરે ૧૨:૩૦ થી ૧૨:૩૧. ૯. કર્મ કનેક્શન: અબોલ પશુઓની સેવા કરવી. ૧૦. સંબંધો: ૯/૧૦ | કોની સાથે સંભાળવું?: મીન રાશિ. ૧૧. સ્પેશિયલ ટિપ: વેપારમાં નવી યોજનાઓ સફળ થશે. ૧૨. મંત્ર/દાન: 'ૐ બુધાય નમઃ' | કપૂરનું દાન. ૧૩. રોકાણ: પ્રોપર્ટીમાં રોકાણ માટે સાનુકૂળ દિવસ. ​૭. ♎ તુલા (Libra) ​૧. આરોગ્ય: ત્વચા સંબંધી કાળજી લેવી, કોસ્મેટિક્સથી સાચવવું. ૨. લકી રંગ: ગુલાબી | લકી આંક: ૬ ૩. ધનપ્રાપ્તિની સંભાવના: ૯૫% ૪. દિવસ કેટલા ટકા સારો?: ૯૮% ૫. શું ના કરવું: આજે મોજ-શોખ પાછળ ગજા બહારનો ખર્ચ ન કરવો. ૬. શું કરવું: માં લક્ષ્મીને ગુલાબનું ફૂલ અર્પણ કરવું. ૭. બુસ્ટર ટીપ: પરફ્યુમનો ઉપયોગ કરવો. ૮. ગોલ્ડન મિનિટ: સાંજે ૬:૪૫ થી ૬:૪૬. ૯. કર્મ કનેક્શન: જીવનસાથીને ભેટ આપી પ્રસન્ન કરવા. ૧૦. સંબંધો: ૯.૫/૧૦ | કોની સાથે સંભાળવું?: મેષ રાશિ. ૧૧. સ્પેશિયલ ટિપ: વૈવાહિક જીવનમાં મધુરતા આવશે. ૧૨. મંત્ર/દાન: 'ૐ હ્રીં શ્રીં લક્ષ્મયૈ નમઃ' | સાકરનું દાન. ૧૩. રોકાણ: લક્ઝરી આઈટમ્સમાં રોકાણ શ્રેષ્ઠ રહેશે. ​૮. ♏ Scorpio (વૃશ્ચિક) ​૧. આરોગ્ય: માનસિક તણાવ અને થાક અનુભવાય, આરામ કરવો. ૨. લકી રંગ: મરૂન | લકી આંક: ૮ ૩. ધનપ્રાપ્તિની સંભાવના: ૫૫% ૪. દિવસ કેટલા ટકા સારો?: ૬૦% ૫. શું ના કરવું: વાહન ચલાવતી વખતે ઉતાવળ ન કરવી. ૬. શું કરવું: હનુમાન ચાલીસાના પાઠ કરવા. ૭. બુસ્ટર ટીપ: હનુમાનજીને તેલ ચઢાવવું. ૮. ગોલ્ડન મિનિટ: સાંજે ૭:૫૦ થી ૭:૫૧. ૯. કર્મ કનેક્શન: વૃદ્ધાશ્રમમાં મદદ પહોંચાડવી. ૧૦. સંબંધો: ૬/૧૦ | કોની સાથે સંભાળવું?: વૃષભ રાશિ. ૧૧. સ્પેશિયલ ટિપ: ગુપ્ત શત્રુઓથી સાવધ રહેવું. ૧૨. મંત્ર/દાન: 'ૐ હં હનુમંતે નમઃ' | લાલ કાપડનું દાન. ૧૩. રોકાણ: આજે નવું રોકાણ ટાળવું. ​૯. ♐ ધનુ (Sagittarius) ​૧. આરોગ્ય: આત્મવિશ્વાસ વધશે, સ્વાસ્થ્ય ઉત્તમ રહેશે. ૨. લકી રંગ: પીળો | લકી આંક: ૩ ૩. ધનપ્રાપ્તિની સંભાવના: ૯૦% ૪. દિવસ કેટલા ટકા સારો?: ૯૫% ૫. શું ના કરવું: વડીલો કે ગુરુનો અનાદર ન કરવો. ૬. શું કરવું: મંદિરમાં પીળી વસ્તુ અર્પણ કરવી. ૭. બુસ્ટર ટીપ: કપાળે હળદરનું તિલક કરવું. ૮. ગોલ્ડન મિનિટ: સવારે ૧૧:૧૫ થી ૧૧:૧૬. ૯. કર્મ કનેક્શન: સાધુ-સંતોના આશીર્વાદ લેવા. ૧૦. સંબંધો: ૯/૧૦ | કોની સાથે સંભાળવું?: મિથુન રાશિ. ૧૧. સ્પેશિયલ ટિપ: ધાર્મિક યાત્રાના યોગ બની રહ્યા છે. ૧૨. મંત્ર/દાન: 'ૐ નમો ભગવતે વાસુદેવાય' | કેળાનું દાન. ૧૩. રોકાણ: સોનામાં રોકાણ અત્યંત શુભ. ​૧૦. ♑ મકર (Capricorn) ​૧. આરોગ્ય: સાંધા કે ઘૂંટણના દુખાવામાં રાહત જણાશે. ૨. લકી રંગ: નેવી બ્લુ | લકી આંક: ૪ ૩. ધનપ્રાપ્તિની સંભાવના: ૭૦% ૪. દિવસ કેટલા ટકા સારો?: ૭૫% ૫. શું ના કરવું: આજે આળસમાં સોનેરી તક ગુમાવવી નહીં. ૬. શું કરવું: શનિ દેવની આરાધના કરવી. ૭. બુસ્ટર ટીપ: ગરીબને ભોજન કરાવવું. ૮. ગોલ્ડન મિનિટ: સાંજે ૫:૩૦ થી ૫:૩૧. ૯. કર્મ કનેક્શન: મજૂર વર્ગનું સન્માન અને મદદ કરવી. ૧૦. સંબંધો: ૮/૧૦ | કોની સાથે સંભાળવું?: કર્ક રાશિ. ૧૧. સ્પેશિયલ ટિપ: નવી નોકરી કે પ્રોજેક્ટ મળી શકે છે. ૧૨. મંત્ર/દાન: 'ૐ શં શનૈશ્ચરાય નમઃ' | તેલનું દાન. ૧૩. રોકાણ: લોખંડ કે તેલના વેપારમાં રોકાણ કરવું. ​૧૧. ♒ કુંભ (Aquarius) ​૧. આરોગ્ય: પગમાં સોજા કે થાક અનુભવાય, આરામ કરવો. ૨. લકી રંગ: જાંબલી | લકી આંક: ૮ ૩. ધનપ્રાપ્તિની સંભાવના: ૭૦% ૪. દિવસ કેટલા ટકા સારો?: ૭૮% ૫. શું ના કરવું: નકારાત્મક વાતો અને ખોટી સોબતથી દૂર રહેવું. ૬. શું કરવું: હનુમાનજીને ગોળ-ચણા ધરાવવા. ૭. બુસ્ટર ટીપ: પક્ષીઓને પાણી પીવડાવવું. ૮. ગોલ્ડન મિનિટ: બપોરે ૩:૧૫ થી ૩:૧૬. ૯. કર્મ કનેક્શન: અનાથાલયમાં નાની મદદ પહોંચાડવી. ૧૦. સંબંધો: ૮/૧૦ | કોની સાથે સંભાળવું?: સિંહ રાશિ. ૧૧. સ્પેશિયલ ટિપ: સામાજિક માન-સન્માન વધશે. ૧૨. મંત્ર/દાન: 'ૐ શિવ શક્તિ નમઃ' | કાળા અડદનું દાન. ૧૩. રોકાણ: શેરબજારમાં સાવધાની રાખવી. ​૧૨. ♓ મીન (Pisces) ​૧. આરોગ્ય: માનસિક સુખ અને સંતોષ મળશે, ધ્યાન કરવું. ૨. લકી રંગ: સોનેરી | લકી આંક: ૩ ૩. ધનપ્રાપ્તિની સંભાવના: ૯૫% ૪. દિવસ કેટલા ટકા સારો?: ૯૯% ૫. શું ના કરવું: આજે કોઈની જામીન કે ગેરંટી લેવી નહીં. ૬. શું કરવું: ગીતાજીનો ૧૫મો અધ્યાય વાંચવો. ૭. બુસ્ટર ટીપ: કેસરવાળું દૂધ પીવું. ૮. ગોલ્ડન મિનિટ: બપોરે ૨:૪૦ થી ૨:૪૧. ૯. કર્મ કનેક્શન: બ્રાહ્મણ કે ગુરુની સેવા કરવી. ૧૦. સંબંધો: ૯.૫/૧૦ | કોની સાથે સંભાળવું?: કન્યા રાશિ. ૧૧. સ્પેશિયલ ટિપ: ભાગ્ય આજે સો ટકા સાથ આપશે. ૧૨. મંત્ર/દાન: 'ૐ ગુરવે નમઃ' | પીળા ફળનું દાન. ૧૩. રોકાણ: સોનામાં કે જમીનમાં રોકાણ અત્યંત શુભ. #રાશિફળ #આજનુંરાશિફળ #રાશિફળમાનસીદેસાઈશાસ્ત્રી #આજનુંરાંશીફળમાનસીદેસાઈશાસ્ત્રી #નેરી #Aner

महेश रौतेला

थोड़ा ही चले थे साथ-साथ शेष प्यार में चले, थोड़ा ही रहे थे साथ-साथ शेष प्यार में रहे। थोड़ा मिले थे साथ-साथ शेष मीलों अकेले चले, थोड़ा गाये थे साथ-साथ शेष मन ही मन गुनगुनाये। थोड़ी हुई थी भेंट शेष अलग-अलग चले थे, थोड़ा बैठे थे साथ-साथ शेष दूर-दूर रहे थे। *** महेश रौतेला

kattupaya s

Goodnight friends.. sweet dreams

Jyoti Gupta

#MaaKali #KaliMata #AnandDham #MaaKaliBhakt #SanatanDharm #BhaktiShorts #DevotionalShorts #TempleVibes #MaaKaliBlessings #ViralShorts #TrendingShorts #HinduDevotion #BhaktiStatus #ShortsViral #JaiMaaKali

Muhammed Nisam Abukaltil Naripatta

"Murder on the Orient Express" മർഡർ ഓൺ ദി ഓറിയന്റ് എക്സ്പ്രസ് Episode -1 Story talk : Muhammed Nisam. N Book by Agatha Christie

રોનક જોષી. રાહગીર

https://www.facebook.com/share/p/1KH2VoRvKU/ 🏃ચાલો🏃 😊 થોડુ 😊 😂હસીએ 😂

Chinmayee

Been struck inside a storm @chinmayeewrites890

mr swahit words official

*स्वप्न आणि वास्तव* काजळवेळ ही स्वप्नांची, डोळ्यांत साठवून येते, कधी अथांग आभाळ, तर कधी झेप घ्यायला लावते. स्वप्न म्हणजे फुलांचा गंध, जो मनाला मोहवून जातो, पण वास्तवाचा उन्हाळा, पावलांना जमिनीवर आणतो. स्वप्नात आपण 'राजे' असतो, इच्छेनुसार जग फिरवतो, पण वास्तवाच्या रणांगणात, प्रत्येक थेंब घामाचा गाळतो. धुंदी स्वप्नांची हवीच असते, उमेद मनाला देण्यासाठी, पण वास्तव पचवावे लागते, पुन्हा उभं राहण्यासाठी. दोघांच्या या खेळात शेवटी, एकच गोष्ट उरते हाती, स्वप्न जो पाहील डोळसपणे, त्याचीच होईल सुवर्ण माती.

બદનામ રાજા

કુદરતનું રમ્ય મૌન ઘડીભર મને મળે, કરવી છે વાત કંઈક તમારી જબાનમાં... 🌸

ek archana arpan tane

વગર પાર્થના એ મુરાદ પુરી થઈ જાય પિતાજી એ મંદિર નું નામ છે. - ek archana arpan tane

Arun V Deshpande

नमस्कार सर्वांना💐

Ritik

मोटी party से छोटा पैसा लेना और छोटी party से मोटा पैसा लेना; असली corruption है।”.

Mrugzal

રંગ છે તારો ને સંગ પણ છે તારો, એટલે જ નથી કોઈથી હું નોંધારો. - Mrugzal

Sapna

our parents never demands...They just expects..😌 Good grades, Great future and many more.. isn't it? 💯

Chaitanya Joshi

આમ ટાણાટંક વગરનું વરસવાનું સારું ન લાગે. ગમે ત્યારે અવની પર ખાબકવાનું સારું ન લાગે ક્યાં જવાય એનું પણ આપણને ભાન હોવું ઘટે ભરઉનાળાને કદીએ પડકારવાનું સારું ન લાગે. જ્યાં ન હોય પ્રતીક્ષા આપણી ત્યાં શું જાવાનું ઋતુવિણ આભે જઈ ગરજવાનું સારું ન લાગે. 'મા'શબ્દ લાગે છે તારા નામની આગળ હંમેશા ગરીમા એની ભલા ગુમાવવાનું સારું ન લાગે. વણનોતર્યા મહેમાન જેવી દશા થઈ છે તારી ને આવીને સ્વમાન ખુદનું ખોવાનું સારું ન લાગે. -ચૈતન્ય જોષી 'દિપક' પોરબંદર.

Ruchi Dixit

एक बात जो समझाया समय ने मुझे, किसी का पूरा होने के लिए खुद का पूरा होना जरूरी है,,,- Ruchi Dixit

Ashwini Dhruv Khanna

Happy Navratri everyone

avani Shri Muktha

పచ్చని పల్లెల్లో పరిమళం పూసిన వేళ కొత్త ఆశలతో వచ్చిందే ఉగాది వేళ… చెడు, తీపి, కారం, పులుపు కలిసిన రుచిలో జీవితం సత్యం చెప్పే పచ్చడి లోతులో… వెలుగుల కిరణం లా కొత్త సంవత్సరం మనసుల్లో నింపే నూతన ఉత్సాహం… గతం గాయాల్ని మెల్లగా మర్చిపోమని భవిష్యత్తు కలల్ని మళ్లీ నింపమని… కోకిల గానం లో కొత్త స్వరం వినిపిస్తే మొక్కల ముక్కులో కొత్త పచ్చదనం పుడితే… అదే ఉగాది… ఆశల ఆరంభం ప్రతి మనసుకు ఇది కొత్త ప్రయాణం...

Ruchi Dixit

जिसने जैसा कहा खुद को वैसा मान लिया इससे बड़ा कसूर शायद मेरा नहीं था , खुद से उत्तर उत्तर मिला कहां बाहर सब ही विपरीत रहा - Ruchi Dixit

Ruchi Dixit

चींटी भोजन को पहली बार देखकर अत्यंत उत्साहित हो जाती है मगर भोजन पर टूटती नहीं बल्कि वह अपने अन्य साथियों को बुलाकर ले आती है और साथ में मिलकर भोजन इकट्ठा करती है,,, - Ruchi Dixit

swarnima varshney

poetry ❤️✨

Pankaj Goswamy

हल्ला मचा है धन कमाने का शहर में, सुकून की अमीरी देखी है मैंने गाँव में। भाग-दौड़ में रिश्ते अक्सर छूट जाते हैं, समय ठहर-सा जाता है अब भी गाँव में। ऊँची इमारतें तो आसमान छू लेती हैं, झुककर सलाम करती है धूप भी गाँव में। चेहरों पे नकाबों की परतें चढ़ी मिलीं, सादा-सा दिल धड़कता है खुलकर गाँव में। शहरों की चमक आँखों को भा तो जाती है, आत्मा को सुकून मिलता देखा है मैंने गाँव में। थककर जब लौटता हूँ भीड़ के समंदर से, माँ सी ठंडी छाया मिलती है गाँव में। रंगों की बरसात भी फीकी लगे शहर में, माटी की खुशबू संग भीगी है होली गाँव में। 'कल्प' ने देखा है सच दोनों जहाँ का, सोना बहुत मिलेगा, पर चैन है गाँव में ॥ - पंकज गोस्वामी 'कल्प'

Falguni Dost

મા ભોમની ભીતરની વેદના ભભૂકી ધૂળિયા વંટોળથી થયું ધૂળધાણી આભ પરથી વર્ષી બરફની વર્ષા દોસ્ત! શીદને એમ ઠરે ભીતરની વેદના? - ફાલ્ગુની દોસ્ત

Chaitanya Joshi

જગત આખું મિથ્યા લાગે તારા સ્મરણ વિના. અકારણ જાણે મથ્યા લાગે તારા સ્મરણ વિના ખજાનો જ્ઞાનનો મગજમાં ભરી દીધો અમે તો, તોય તારી ખાલી જગ્યા લાગે તારા સ્મરણ વિના. ગજાવી સભાઓ અમે પ્રવચનો કરી કરીને કેટલા, ભાસે કે કંઈક ચૂક્યા લાગે તારા સ્મરણ વિના. થયા લોકપ્રિય કેટલા અમે શબ્દો તણા સહારા, થકી, રખેને ખોટું સમજ્યા લાગે તારા સ્મરણ વિના. હોય એ મબલખ પૈસા અને સુખ સુવિધાઓ વળી, એમાં પણ છેતરાયા લાગે તારા સ્મરણ વિના. વીતી ગઈ જિંદગી આમને આમ શોધખોળમાં, કાચને પારસ ગણાવ્યા લાગે તારા સ્મરણ વિના. -ચૈતન્ય જોષી 'દિપક ' પોરબંદર.

Gujarati Whatsapp Status | Hindi Whatsapp Status