Gujarati Whatsapp Status | Hindi Whatsapp Status
Dr Darshita Babubhai Shah

मैं और मेरे अह्सास प्रेम विवाह प्रेम विवाह का बंधन निराला होता हैं l दिल से जुड़ा रिसता सुहाना होता हैं ll दिवाने मोहब्बत का वास्ता है कि l जज़्बातों का यकी दिलाना होता हैं ll जिसकी चाहतों में जुडे हों उसकी l आगोश में ख़ुद को मिटाना होता हैं ll १६-२-२०२६ "सखी" डो. दर्शिता बाबूभाई शाह

Aruna N Oza

🙏🙏

Meghna Sanghvi

જીવંત રહેવા માટે કંઈક ને કંઈક લખતાં - વાંચતા રહેવું ખુબ જરુરી છે. કારણકે, અમુક શબ્દો આપણને જીવવાં માટે ફ્રી પ્રેરિત કરી જતાં હોય છે. 😊😊😊 - Meghna Sanghvi

Gajendra Kudmate

ख़ुशीयाँ बाँटने से बढ़ती हैं कहता रहा सारा जहाँ हमसें इस हीं गलतफ़हमी में पड़कर साहब हम सबकुछ अपना लुटा चुके हैं गजेन्द्र

Tr. Mrs. Snehal Jani

પ્રિય ટપાલ, તારો પણ એક જમાનો હતો. સુખદુઃખનાં સંદેશાઓ આપી તુ બધાને ખુશ કે નિરાશ કરતી હતી. વાર્ષિક પરીક્ષાનાં પરિણામ માટે અમે તારી રાહ જોતાં હતાં. તારા પર પડેલું આંસુનું એક ટીપું લખનારની વ્યથા આડકતરી રીતે જણાવતું હતું. વાર તહેવારે શુભેચ્છા સંદેશાઓ તારા થકી જ મળતાં હતાં. ભલે તને આવતાં વાર લાગતી હતી, પણ રાહ જોવાની મજા હતી. હજુ પણ એ જમાનો પાછો આવે એની રાહ જોઉં છું. ભલે આંગળીનાં ટેરવે હવે સંદેશાઓ પહોંચે છે, પણ લાગણીઓ એમાં અનુભવાતી નથી. તને અમે સાચવી શકતાં હતાં. આ ડિજિટલ સંદેશાઓ તો ક્યારે ડીલીટ થઈ જાય છે ખબર પણ નથી પડતી. આશા રાખું કે તું સદાય માટે લુપ્ત ન થઈ જાય. તારું અસ્તિત્વ કાયમ માટે રહે.

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

हानि-लाभ, जीवन-मरण, यश-अपयश में भेद। कभी नहीं ज्ञानी करे, रखता भाव अभेद।। दोहा--४२५ (नैश के दोहे से उद्धृत) -----गणेश तिवारी 'नैश'

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (१५) की व्याख्या तवेद्धि सख्यम् स्तृतम्। १/१५/५ भावार्थ -प्रभो ! आपकी ही मैत्री सच्ची है। पद-विश्लेषण-- तव = तेरा / आपका एव इद्धि (एव इद्धि/एव हि) = निश्चय ही, वास्तव में सख्यम् = मित्रता, मैत्री, सखा-भाव स्तृतम् (स्तृत) = विस्तृत, फैलाया हुआ, स्थापित भावार्थ-- “निश्चय ही आपकी (हे प्रभु!) मैत्री ही सर्वत्र स्थापित और शेष रहने वाली है।”इसे सरल शब्दों में — “हे प्रभु! अंततः आपकी ही मैत्री स्थिर और शाश्वत है।” यह भाव इस सत्य को व्यक्त करता है कि संसार की अन्य मित्रताएँ क्षणभंगुर हो सकती हैं, परन्तु ईश्वर का सखा-भाव अखंड और अटल है। गीता से साम्य-- श्रीमद्भगवद्गीता (9.18) में भगवान कहते हैं— “सुहृदं सर्वभूतानां…” अर्थात् मैं समस्त प्राणियों का हितैषी मित्र हूँ। इसी प्रकार (9.22) में भगवान कहते हैं-- “योगक्षेमं वहाम्यहम्” भावार्थ — जो भक्त अनन्य भाव से मेरा स्मरण करता है, उसके कल्याण का भार मैं स्वयं लेता हूँ। उपनिषद से साम्य-- श्वेताश्वतर उपनिषद (6.23) — “यस्य देवे परा भक्तिः…” भावार्थ — जिस साधक की ईश्वर में परम भक्ति है, उसके लिए दिव्य ज्ञान प्रकट होता है। यहाँ भी ईश्वर-सखा की निकटता का संकेत है। पुराणों से उदाहरण-- श्रीमद्भागवत महापुराण में ध्रुव और प्रह्लाद की कथा स्पष्ट करती है कि जब सबने साथ छोड़ा, तब प्रभु की ही मैत्री शेष रही और वही रक्षक बनी। "तवेद्धि सख्यम् स्तृतम्” का गूढ़ संदेश भी यही है कि संसार की मित्रता परिवर्तनशील है, परन्तु परमात्मा की मैत्री अनन्त और सर्वव्यापी है। भक्त के लिए अंतिम आश्रय केवल ईश्वर-सखा ही है।श्रीमद्भगवद्गीता से प्रमाण (1) अध्याय 9, श्लोक 18 “गतिर्भर्ता प्रभुः साक्षी निवासः शरणं सुहृत्…” अर्थ — भगवान ही गति, पालनकर्ता, शरण और सुहृद (सच्चे मित्र) हैं। यहाँ स्पष्ट कहा गया कि परमात्मा ही वास्तविक सुहृद (हितकारी मित्र) हैं। (2) अध्याय 5, श्लोक 29 “भोक्तारं यज्ञतपसां सर्वलोकमहेश्वरम्। सुहृदं सर्वभूतानां ज्ञात्वा मां शान्तिमृच्छति॥” भावार्थ — जो मुझे समस्त प्राणियों का सुहृद (मित्र) जानता है, वह शान्ति को प्राप्त होता है। यह सीधे “प्रभु की ही सच्ची मैत्री” को सिद्ध करता है। (3) अध्याय 9, श्लोक 22 “अनन्याश्चिन्तयन्तो मां… योगक्षेमं वहाम्यहम्।” भावार्थ — जो अनन्य भाव से मेरा स्मरण करते हैं, उनके योग-क्षेम का वहन मैं स्वयं करता हूँ। सच्चा मित्र वही जो रक्षा और पालन करे। उपनिषदों से प्रमाण-- (१) श्वेताश्वतर उपनिषद (4.6–7) “द्वा सुपर्णा सयुजा सखाया…” भावार्थ — एक ही वृक्ष पर दो सुंदर पक्षी (जीव और परमात्मा) सखा (मित्र) रूप से साथ स्थित हैं। यहाँ परमात्मा को जीव का अनादि-सखा कहा गया है। (२) कठोपनिषद् (2.2.13) “नित्यो नित्यानां चेतनश्चेतनानाम्…” भावार्थ — वह परमात्मा सभी नित्यों में नित्य और चेतनों में चेतन है, जो सबका पालन करता है। यही शाश्वत आश्रय और सखा है। (३) मुण्डकोपनिषद् (3.1.1) पुनः “द्वा सुपर्णा…” मन्त्र द्वारा परमात्मा को जीव का सहचर-सखा कहा गया है। निष्कर्ष-- गीता और उपनिषद दोनों यह सिद्ध करते हैं कि — परमात्मा ही “सुहृदं सर्वभूतानाम्” हैं। जीव और ईश्वर का संबंध “सखा” के रूप में अनादि है। संसारिक मैत्री क्षणिक है, परन्तु ईश्वर की मैत्री शाश्वत और अखंड है। अतः “तवेद्धि सख्यम् स्तृतम्” का भाव वेदान्त से पूर्णतः समर्थित है हे प्रभु! आपकी ही मैत्री सर्वत्र व्याप्त और अविनाशी है। अन्य उपनिषदों से प्रमाण -- (४) बृहदारण्यक उपनिषद् (4.3.21) “एष त आत्मा सर्वान्तरः…” भावार्थ — यह आत्मा (परमात्मा) सबके भीतर स्थित है। जो सर्वान्तर्यामी है, वही सच्चा निकटतम सखा है; बाह्य मित्र दूर हो सकता है, पर अन्तर्यामी नहीं। (५) छान्दोग्य उपनिषद् (6.8.7) “तत्त्वमसि श्वेतकेतो।” भावार्थ — हे श्वेतकेतु! तू वही (ब्रह्म) है। जीव और ब्रह्म का अभिन्न संबंध बताकर यह दर्शाता है कि परमात्मा से बढ़कर कोई आत्मीय नहीं। (६) तैत्तिरीयोपनिषद् (2.7) “रसो वै सः। रसं ह्येवायं लब्ध्वानन्दी भवति।” भावार्थ — वह (ब्रह्म) ही आनन्दस्वरूप है; उसी को प्राप्त कर जीव आनन्दित होता है। सच्चा मित्र वही जो परम आनन्द दे — यह गुण केवल परमात्मा में है। (७) ईशोपनिषद् (मन्त्र 6–7) “यस्मिन् सर्वाणि भूतानि आत्मैवाभूद्विजानतः…” भावार्थ — ज्ञानी के लिए सब प्राणी आत्मस्वरूप हो जाते हैं। जब सबमें एक ही परमात्मा है, तो वही सर्वव्यापी सखा है। (८) मैत्रायणी उपनिषद् (6.17) “एको देवः सर्वभूतेषु गूढः…” भावार्थ — एक ही देव सब प्राणियों में गुह्य रूप से स्थित है। वही अन्तर्यामी, वही शाश्वत सहचर। इन उपनिषदों का समवेत संदेश यह है कि— परमात्मा सर्वान्तर्यामी है। जीव का उससे संबंध अभिन्न और नित्य है। वही आनन्दस्वरूप और सच्चा हितैषी है। अतः “तवेद्धि सख्यम् स्तृतम्” का वेदान्तीय समर्थन स्पष्ट है — हे प्रभु! आपकी ही मैत्री सर्वव्याप्त, अन्तर्यामी और सच्ची है। पुराणों से प्रमाण-- (१) श्रीमद्भागवत महापुराण (क) ध्रुव चरित्र (चतुर्थ स्कन्ध) जब ध्रुव को पिता और सौतेली माता से तिरस्कार मिला, तब उन्होंने परमात्मा की शरण ली। भगवान प्रकट होकर उन्हें ध्रुवपद दिया। संदेश — जब सांसारिक संबंध छूट जाते हैं, तब प्रभु की ही मैत्री शेष रहती है। (ख) प्रह्लाद चरित्र (सप्तम स्कन्ध) हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद को अनेक कष्ट दिए, पर भगवान नृसिंह ने प्रकट होकर रक्षा की। “नैवोद्विजे पर दुर्व्यसनादसाधो…” (7.9.43) प्रह्लाद कहते हैं — मुझे किसी भय की चिन्ता नहीं, क्योंकि आप मेरे रक्षक हैं। परमात्मा ही नित्य सखा और रक्षक हैं। (२) विष्णु पुराण (1.19) “नारायणः परोऽव्यक्तात्…” वह नारायण सबके कारण और आश्रय हैं। जो समस्त जगत का आश्रय है, वही शाश्वत मित्र है। (३) शिव पुराण मार्कण्डेय ऋषि की कथा में जब यमराज प्राण लेने आए, तब भगवान शिव ने प्रकट होकर अपने भक्त की रक्षा की। संदेश — देवाधिदेव शिव अपने भक्त के सच्चे सखा बनकर मृत्यु से भी रक्षा करते हैं। (४) पद्म पुराण “सर्वदा सर्वभावेन भजनीयः जनार्दनः।” भावार्थ — जनार्दन (भगवान) का सर्वदा सर्वभाव से भजन करना चाहिए। क्योंकि वही परम हितैषी और अनन्त सखा हैं। निष्कर्ष-- पुराणों का समवेत संदेश यह है — भक्त का अन्तिम और अटल आश्रय केवल भगवान हैं। सांसारिक मित्रता परिवर्तनशील है, पर ईश्वर की मैत्री नित्य है। संकट में वही रक्षा करते हैं और कल्याण करते हैं। अतः “तवेद्धि सख्यम् स्तृतम्” का भाव पुराण-साहित्य से पूर्णतः समर्थित है — हे प्रभु! आपकी ही मैत्री सर्वत्र व्याप्त और शाश्वत है। महाभारत से प्रमाण-- (1) उद्योगपर्व — श्रीकृष्ण की पाण्डवों के प्रति सख्यता श्रीकृष्ण स्वयं कहते हैं कि पाण्डव उनके अत्यन्त प्रिय हैं और वे उनके हित के लिए सदा तत्पर हैं। यहाँ भगवान का सखा-भाव स्पष्ट है — वे केवल उपदेशक नहीं, बल्कि संकट में साथ खड़े होने वाले मित्र हैं। (2) भीष्मपर्व (गीता प्रसंग) अर्जुन के विषाद में श्रीकृष्ण ने सारथि बनकर मार्गदर्शन दिया। यह केवल ईश्वर का उपदेश नहीं, बल्कि सच्चे मित्र का कर्तव्य है — सखा बनकर रक्षा और मार्गदर्शन करना। (3) वनपर्व — द्रौपदी की रक्षा द्यूतसभा में जब सब मौन रहे, तब द्रौपदी ने कृष्ण को पुकारा। भगवान ने उसकी लाज की रक्षा की। संदेश — जब सांसारिक मित्र साथ छोड़ दें, तब प्रभु की मैत्री ही शेष रहती है। (4) शान्तिपर्व “न मे भक्तः प्रणश्यति” (यह भाव महाभारत में भी प्रतिपादित है) भावार्थ — भगवान अपने भक्त का कभी नाश नहीं होने देते। यही शाश्वत सखा का लक्षण है। (5) नारायणीयोपाख्यान (शान्तिपर्व) यहाँ भगवान नारायण को सब प्राणियों का परम आश्रय और हितैषी बताया गया है। परमात्मा ही अन्तिम शरण और नित्य मित्र हैं। महाभारत का संदेश स्पष्ट है— श्रीकृष्ण ने पाण्डवों के साथ सखा रूप में व्यवहार किया। संकट में रक्षा, मार्गदर्शन और आश्रय दिया। सांसारिक संबंध टूट सकते हैं, पर ईश्वर की मैत्री अटूट है। अतः “तवेद्धि सख्यम् स्तृतम्” का भाव महाभारत से पूर्णतः समर्थित है — हे प्रभु! आपकी ही मैत्री अंततः स्थिर और शाश्वत है। हितोपदेश(मित्रलाभ) -- “आपत्सु मित्रं ज्ञायते।” भावार्थ — विपत्ति में ही सच्चे मित्र की पहचान होती है। इस सिद्धान्त से स्पष्ट है कि जो हर परिस्थिति में साथ दे, वही सखा है। भक्त के लिए यह गुण परमात्मा में पूर्णतः विद्यमान है। चाणक्य नीति-- “त्यजेदेकं कुलस्यार्थे ग्रामस्यार्थे कुलं त्यजेत्।” (नीति का व्यापक सिद्धान्त — उच्चतर हित के लिए निम्न का त्याग) तथा — “आपदि मित्रं जानीयात्।” चाणक्य स्पष्ट करते हैं कि संकट में जो साथ दे वही सच्चा मित्र है। संसारिक मित्र सीमित होते हैं, पर ईश्वर का आश्रय सर्वकालिक है। नीतिशतकम् — भर्तृहरि “सज्जनाः परहितनिरता भवन्ति।” भावार्थ — सज्जन सदा दूसरों के हित में लगे रहते हैं। तथा एक अन्य नीति-वाक्य — “दुर्जनः परिहर्तव्यः…” भर्तृहरि का तात्पर्य है कि सच्चा मित्र वही है जो निष्कपट हित करे। परमात्मा “परहितनिरत” का सर्वोच्च आदर्श हैं। इन नीति-ग्रन्थों का संयुक्त संदेश है कि सच्चा मित्र संकट में पहचाना जाता है। जो निष्काम होकर हित करे वही सखा है। जो सर्वदा, सर्वत्र रक्षा और कल्याण करे वही परम मित्र है। अतः नीति-शास्त्रों की कसौटी पर भी “तवेद्धि सख्यम् स्तृतम्” का भाव सिद्ध है — हे प्रभु! आपकी ही मैत्री पूर्ण, निष्काम और शाश्वत है। ------+-------+-----+-------+------+

गिरीश

विचार

બદનામ રાજા

वो लड़की थी साहब भुल गई सब कुछ एकबार रोने के बाद वो लड़का था, ताउम्र हंसकर भी तड़पता रहा उसे खोने के बाद... 🌸❤️‍🩹

Bhavna Bhatt

#એક વાર્તા....ભાગ -૧

Aachaarya Deepak Sikka

*RUDRAKSHA* - The Sacred Science of Divine Beads Not jewelry. Not superstition. A living spiritual technology gifted by Shiva himself. This image reveals the mystery of Rudraksha Mukhi. Let’s decode it properly. 1/ Rudraksha = "Tears of Rudra". When Shiva's compassion overflowed for humanity's suffering, his tears fell and became these sacred seeds. Each Mukhi (face/line) carries a specific frequency of Shiva's energy — like different keys unlocking different doors in your consciousness.Most people wear 5 Mukhi casually. But the real science begins when you match the bead to your current life need / karmic block. 2/ 1 Mukhi (very rare, usually Nepali half-moon shape) → Supreme consciousness, direct connection to Shiva → Destroys ego, brings absolute clarity & detachment → For serious sadhana / moksha seekers only Mantra: ॐ ह्रीं नमः3/ 2 Mukhi (Ardhanarishwar form) → Union of Shiva & Shakti → Heals relationships, removes distrust & separation wounds → Brings harmony between partners, family, inner masculine-feminine → Very powerful for marriage / love issues Mantra: ॐ नमः4/ 3 Mukhi (Agni) → Burns past-life karma & guilt → Releases self-sabotage, low self-worth, depression → Gives courage to start over → Excellent after major emotional trauma Mantra: ॐ क्लिं नमः5/ 4 Mukhi (Brahma) → Speech, creativity, knowledge → Removes stage fear, writer’s block, dull intellect → Students, teachers, speakers, artists — this is your go-to Mantra: ॐ ह्रीं नमः6/ 5 Mukhi (most common, Kalagni Rudra) → Balances all five elements → Reduces blood pressure, anxiety, overthinking → Brings general peace & stability → Safe & powerful baseline bead for almost everyone Mantra: ॐ ह्रीं नमः7/ 6 Mukhi (Kartikeya) → Willpower, charm, sexual energy balance → Helps overcome laziness, addiction, lack of direction → Attracts love & artistic success → Good for actors, performers, young people Mantra: ॐ ह्रीं हं नमः8/ 7 Mukhi (Mahalakshmi / Sapta Matrika) → Money karma, financial stability → Removes poverty consciousness, sudden losses → Attracts opportunities & sustained wealth → Business owners / people facing chronic money blocks wear this Mantra: ॐ ह्रीं क्लीं सौः9/ 8 Mukhi (Ganesh) → Removes obstacles & delays → Excellent before starting new ventures, exams, surgeries → Clears inner & outer blockages → Very fast-acting bead Mantra: ॐ ह्रीं गं नमः10/ 9 Mukhi (Durga) → Fearlessness, courage, protection from black magic / evil eye → Strengthens nervous system, overcomes phobias → For people who feel constantly attacked / insecure Mantra: ॐ ह्रीं नमः11/ 10 Mukhi (Vishnu / Yama) → Protection from planets, untimely death, accidents → Balances all dashas, especially when multiple planets are malefic → Gives overall shielding energy Mantra: ॐ ह्रीं नमः12/ 11 Mukhi (Hanuman / 11 Rudras) → Massive physical & mental strength → Victory in competition, litigation, debates → Increases stamina, discipline, celibacy power → Favorite of spiritual warriors Mantra: ॐ ह्रीं हं नमः13/ 12 Mukhi (Surya) → Radiance, leadership, self-confidence → Removes low self-esteem, father-related karma → Attracts respect, fame, authority positions Mantra: ॐ ह्रीं सूर्याय नमः14/ 14 Mukhi (Hanuman / third eye awakener) → Extremely powerful intuition & sixth sense → Opens Ajna chakra, prophetic dreams, danger warnings → One of the rarest & strongest protectors Mantra: ॐ नमः15/ 15 Mukhi (Pashupatinath) → Deep heart healing, compassion, forgiveness → Heals emotional wounds, mother-related karma → Attracts abundance through love & kindness Mantra: ॐ ह्रीं नमः16/ 16 Mukhi (Mahamrityunjaya form) → Victory over death fears, chronic illness, accidents → Emotional stability, forgiveness, divine love → Protects kidneys, reproductive system, gives inner security Mantra: ॐ ह्रीं हौं नमः17/ Gauri Shankar (naturally joined pair — Shiva + Parvati) → Ultimate relationship harmonizer → Brings peace in marriage, removes delay in marriage → Balances ida-pingala, awakens kundalini safely → Creates deep inner union first, then outer → One of the most beautiful & peaceful beads18/ Key reminders: • Authenticity matters — fake beads give zero effect (and sometimes negative) • Energy cleanses regularly (Ganga jal, moonlight, incense) • Wear with intention, not as fashion accessory *Start with 5 Mukhi if you're new.* Then go specific19/ Rudraksha is not magic. It is vibrational technology that aligns your bio-field with higher states of consciousness. When worn with shraddha + correct sadhana

Aachaarya Deepak Sikka

*AUM NAMAH SHIVAY* *FOOD FOR PLANETS* *☀️ Sun = Wheat* • Builds strength, confidence, and stamina • Grounds ego without inflating it • Ideal when self-worth or authority feels shaky *🌙 Moon = Rice* • Nourishes emotions and mental calm • Supports sleep, mood, and emotional security • Used when mind feels restless or unstable *🔥 Mars = Red Dal* • Strengthens blood, courage, and drive • Channels aggression into discipline • Helpful when anger or impulsiveness dominates *🌿 Mercury = Moong Dal* • Light, easy to digest, sharpens intellect • Improves communication and clarity • Given when overthinking or confusion rises *🌼 Jupiter = Chickpeas* • Heavy, nourishing, expansive • Symbol of wisdom, growth, and faith • Supports learning, optimism, and guidance *💎 Venus = Lima Beans* • Linked to comfort, pleasure, and harmony • Nourishes reproductive and creative energy • Used when relationships or joy feel blocked *🪐 Saturn = Sesame Seeds* • Deep, grounding, slow-digesting • Builds patience, endurance, and humility • Prescribed during fear, delay, or karmic pressure *🐍 Rahu = Black Gram* • Dense, tamasic, powerful • Grounds obsession, anxiety, and craving • Helps stabilise scattered desires *☄️ Ketu = Horsegram* • Detoxifying, heating, minimal • Encourages detachment and inner clarity • Used when confusion or spiritual imbalance appears Aapka Apna Aachaarya Deepak Sikka Founder Graha Chaal Consultancy

Aachaarya Deepak Sikka

कठोपनिषद (रथ दृष्टांत) → 1. शरीर (Body) – रथ है जीवन का साधन, खुद निर्णय नहीं लेता। 2. पाँच इंद्रियाँ (Five Senses) - घोड़े सुख की ओर दौड़ती हैं, नियंत्रण जरूरी। 3. मन (Mind) - लगाम → इंद्रियों को नियंत्रित करता है। 4. बुद्धि (Intellect) - सारथी करती है। सही-गलत का निर्णय ← 5. आत्मा (Soul) - रथ का स्वामी अंतिम लक्ष्य को जानने वाली चेतना। सार - जब आत्मा जाग्रत, बुद्धि विवेकपूर्ण, मन नियंत्रित और इंद्रियाँ अनुशासित हों- तभी जीवन सही दिशा में चलता है। आपका अपना आचार्य दीपक सिक्का संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी

Aachaarya Deepak Sikka

*Neptune Enters Aries – A Historic Shift Begins* The last time Neptune entered Aries (1861–1875): • The American Civil War began • Slavery was abolished • Nations were reborn • Humanitarian laws were created *♆ in ♈ ignites the birth of new civilizations through fire and transformation.* *This marks the rise of:* ✨ New identities ⚔️ New conflicts 📜 New myths 🌍 New spiritual paths No one alive today has witnessed Neptune’s final entry into Aries before. The veil is lifting. We are stepping into uncharted spiritual territory. *This is history-level energy.* *This is not just another planetary transit.* *it is a once-in-a-lifetime cosmic shift.* Aapka Apna Aachaarya Deepak Sikka Founder Graha Chaal Consultancy

Aachaarya Deepak Sikka

ऋणानुबन्धरूपेण पशुपत्नीसुतालयाः। ऋणक्षये क्षीयन्ते तत्र परिवेदना॥ ... पद्म पुराण पशु (संपत्ति/साधन), पत्नी, पुत्र और घर है - ये सब ऋणानुबन्ध के रूप में ही संबद्ध होते हैं। जब वह ऋण समाप्त हो जाता है, तो वे संबंध भी क्षीण हो जाते हैं, और वहीं से वेदना (पीड़ा) उत्पन्न होती है। पीड़ा इसलिए नहीं कि वे चले गये, बल्कि इसलिए कि हमने उन्हें शाश्वत समझ लिया। जो संबंध ऋण पर आधारित थे, उन्हें हमने प्रेम पर आश्रित मान लिया। पीड़ा का कारण वियोग नहीं, भ्रम का टूटना है। आपका अपना आचार्य दीपक सिक्का संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी

sunilS

રોજ નું થયું આમ ઉકળવાનું યાદો સાથે મુખ હસતું રાખવાનું.. 🥀🥀

Aachaarya Deepak Sikka

*ॐ नमः शिवाय।* *"चित्तमेव हि संसारः तत्तत्त्वं चित्तनिश्चयः।* *तस्माच्चित्तं समादाय यत्नेनैव प्रशाम्यति।।"* यह संसार वास्तव में मन (चित्त) से ही बनता है। जैसा मन का निश्चय होता है, वैसा ही संसार दिखाई देता है। इसलिए मन को समझकर और प्रयास-पूर्वक शान्त करना चाहिए। जब भी नई परिस्थितियां सामने आए — भले ही वो आपको पसंद न हो— उसे स्वीकार करें। आपमें जितना कम प्रतिरोध होगा, आप उतने ही अधिक कुशल और प्रभावशाली होंगे। *आपका अपना* *आचार्य दीपक सिक्का* *संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी*

Aachaarya Deepak Sikka

*ॐ नमः शिवाय* *कौन सा ग्रह है कमजोर* ये कैसे जानें ??? अपनी छोटी-छोटी आदतों पर ध्यान दिया जाए तो हम यह पता कर सकते हैं कि हमारी कुंडली का कौन-सा ग्रह कमजोर है। आप अपनी पसंद के खाने से जान सकते हैं कि आपका कौन सा ग्रह कमजोर है, जैसे- 1 जिस व्यक्ति का गुरु कमजोर होता है उसे पीली चीजें अधिक पसंद आती हैं। ऐसा व्यक्ति चने की दाल, सोनपापड़ी, बेसन के लड्डू एवं हल्दी खाना अधिक पसंद करता है। 2 कमजोर मंगल वाले व्यक्ति की पसंद मसूर की दाल, शहद एवं लाल मिर्च होती है। इन्हें मीठा भी काफी पसंद होता है। 3 जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर होता है, ऐसे लोग नमकीन भोजन के शौकीन होते हैं। इन्हें तेज नमक खाना पसंद होता है। 4 चंद्रमा और शुक्र दोनों का रंग सफेद है। जिनकी जन्मपत्री में चन्द्र या शुक्र कमजोर होता है, वे दूध, दही, चावल, मिश्री एवं आइसक्रीम के दीवाने होते हैं। 5 उड़द, तिल, खिचड़ी, सरसों तेल आदि का कारक शनि माना जाता है। कमजोर शनि वाले व्यक्तियों को तैलीय चीजें काफी पसंद आती हैं। शनि की दशा में तैलीय चीजें अधिक मात्रा में खाने से शनि का कुप्रभाव दूर होता है। 6 जिनका बुध कमजोर होता है उन्हें मूंग की दाल, साग और मटर रुचिकर लगता है। ये सभी वस्तुओं को खानें से अपच या पेट में गैस की शिकायत भी होगी। *आपका अपना* *आचार्य दीपक सिक्का* *संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी*

Aachaarya Deepak Sikka

ॐ नमः शिवाय आज का ज्योतिषीय सूत्र :— जातक/ जातिका का स्वभाव न केवल जन्म नक्षत्र पर निर्भर करता है अपितु जन्म नक्षत्र से पहले नक्षत्र पर भी निर्भर करता है। उदाहरणार्थ:— यदि किसी जातक/ जातिका का जन्म नक्षत्र चित्रा है तो उस जातक/ जातिका के स्वभाव में चित्रा नक्षत्र के साथ—साथ हस्त नक्षत्र के गुण भी विद्यमान होंगे क्योंकि चित्रा नक्षत्र से पहले हस्त नक्षत्र आता है। आप सभी अपने ऊपर अपने अपने नक्षत्र पर ये सूत्र लगाकर देखिए आपका अपना आचार्य दीपक सिक्का संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी

Aachaarya Deepak Sikka

*ॐ नमः शिवाय* यहां इस ब्लॉग पर आपको मेरे द्वारा ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु, मनोविज्ञान, आध्यात्म एवं अन्य ऑकल्ट से संबंधित विषयों की प्रैक्टिकल नॉलेज दी जाएगी आज का ज्योतिषीय सूत्र:— किसी भी जन्म कुण्डली में जिन भी भावों के स्वामी गुरु या शनि होते हैं उन भावों से संबंधित समस्याएं जातक/जातिका को जीवन भर सताती रहती हैं उदाहरणार्थ:— मेष लग्न की कुंडली में ९ और १२ भाव के स्वामी गुरु एवं १० और ११ भाव के स्वामी शनि होते हैं तो मेष लग्न के जातक/ जातिका को जीवन भर भाव ९, १०, ११ और १२ भावों से संबंधित समस्याएं आती रहती हैं। इसी प्रकार प्रत्येक लग्न में लगाकर देख सकते हैं। आपका अपना आचार्य दीपक सिक्का संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी

Aachaarya Deepak Sikka

*ॐ नमः शिवाय।* *"चित्तमेव हि संसारः तत्तत्त्वं चित्तनिश्चयः।* *तस्माच्चित्तं समादाय यत्नेनैव प्रशाम्यति।।"* यह संसार वास्तव में मन (चित्त) से ही बनता है। जैसा मन का निश्चय होता है, वैसा ही संसार दिखाई देता है। इसलिए मन को समझकर और प्रयास-पूर्वक शान्त करना चाहिए। जब भी नई परिस्थितियां सामने आए — भले ही वो आपको पसंद न हो— उसे स्वीकार करें। आपमें जितना कम प्रतिरोध होगा, आप उतने ही अधिक कुशल और प्रभावशाली होंगे। *आपका अपना* *आचार्य दीपक सिक्का* *संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी*

Raj Phulware

IshqKeAlfaaz मला तुझ्या मनाजवळ...

Raj Phulware

IshqKeAlfaaz तुझ्या सुखातच मी...

mahadev ki diwani

https://www.matrubharti.com/book/19987976/bina-dekhe-pyar-1 - mahadev ki diwani

mahadev ki diwani

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Narendra Parmar

ऐ घोर कलयुग में कैसी वफ़ा और कैसी मोहब्बत हुस्न मिलने के बाद कहां है हमें उसकी वफ़ा की जरूरत ।। नरेन्द्र परमार ✍️

Rajiv Jangid

एक गुल्लक है मेरे पास। अकेले में जो बातें तुमसे करता हूँ, उनमें से कुछ शब्द बचाकर उस गुल्लक में जमा कर लेता हूँ। जब यह गुल्लक शब्दों से भर जाएगा और तुम अनायास कहीं मिल जाओगी— तब मेरे पास कहने को बहुत कुछ होगा। मैं निडर होकर सब कुछ कह दूँगा तुमसे।

ધબકાર...

હાથમાં એનો હાથ આવ્યો આજ આપોઆપ, તોય ચહેરો નિસ્તેજ સમય જે ગયેલો અમાપ. ધબકાર...

kashish

Meri Beti Meri Lakshmi sabke man udas ho gye the lekin pata nhi khu?? log kehte the ladki hui hai lekin mere ghar to Lakshmi hui thi क-ख-ग sikhne se pehle mammy papaa bolna sikh gyi chanlna sikhate sikhate pata hi nhi chala kab school se college tak ka safer ho gya pata hi nhi chala samay kab nikal gya log bolte the Beti hai ghar mai rakho kab kya kar degi sakle dikhne layak nhi rekhe gi lekin jab panchi ko nhi pasand pinjra to vo to meri Beti ko kise pasand hoga aur aaj mujhe garv hai vo meri Lakshmi meri Beti hai lekin pata hi nhi chala samay kab nikal gya ab uske liye mere se achche ladka dundna preyga jo mere se jadha pyar dega pata nhi ab ghar aate hi papaa kya laye ho bole ga pata nhi meri Lakshmi aper ghar kab kab aaye gi pata nhi pata ab ye jindhgi kise kate gi uske bina pata nhi pata nhi meri Lakshmi meri betiiii .....

Falguni Dost

तजुर्बा कहता है जनाब जितने जरूरतमंद रहोगे उतनेही याद रहोगे! - फाल्गुनी दोस्त

Vipul Borisa

જ્યાં ફક્ત મૌન હોય એવો ઉદ્દગાર થઈ જઈએ. કૃષ્ણ રાધા જેમ એકબીજાને સ્વીકાર થઈ જઈએ. વિપૂલ પ્રીત - Vipul Borisa

ARTI MEENA

क्या मुझे भी मिलेगी वो दुनिया अब मैं भी बढ़ना चाहती हूँ उस दिशा में, जहाँ अस्तित्व को लिंग से नहीं, मानवता से पहचाना जाए। जहाँ पहचान का पहला अक्षर — इंसान हो। क्या मुझे भी मिलेगी वो दुनिया, जहाँ मेरी आवाज़ पर पहरे न हों, जहाँ मेरे शब्दों को मेरे होने से कम न आँका जाए। क्या वहाँ कोई ठहराएगा मुझे इन सीमाओं के अदृश्य घेरों में? क्या कोई पूछेगा मुझसे — क्यों तोड़ी तुमने परंपराओं की जंजीरें? क्यों लांघी तुमने उस चौखट की चुप दीवारें, जिसे सदियों से औरत की सीमा कहा गया? क्या वहाँ कोई रोकेगा मुझे मेरी उड़ान की दहलीज़ पर? या खुलेगा मेरे सामने संभावनाओं का अनंत आकाश — जहाँ मैं बन सकूँ अपनी ही परिभाषा। मैं औरत हूँ — पर उससे पहले मैं चेतना हूँ, मैं स्वप्न हूँ, मैं संघर्ष की वह अग्नि हूँ जो राख से भी जन्म लेती है।

Saroj Prajapati

इस दुनिया का गणित बड़ा कठिन है देख दूसरे का दुख हो जाते सभी दुखी हैं फिर देख दूसरे का सुख होते खुश क्यों नहीं है। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati

Shefali

#shabdone_sarname__

kajal jha

कभी-कभी इंसान गलत नहीं होता, बस वो उस जगह पर होता है जहाँ उसकी कद्र नहीं होती। ज़िंदगी की सबसे बड़ी सच्चाई ये है कि लोग बदलते नहीं… बस उनका असली चेहरा सामने आ जाता है। खामोशी अक्सर उन सवालों का जवाब होती है, जिनके जवाब शब्दों में नहीं मिलते। हम जिनसे सबसे ज़्यादा मोहब्बत करते हैं, वही हमें सब्र और दर्द दोनों सिखा जाते हैं। हर मुस्कुराता चेहरा खुश हो, ये ज़रूरी नहीं… कुछ लोग अपनी उदासी भी बड़ी खूबसूरती से छुपाते हैं। किस्मत मौके देती है, लेकिन मेहनत उन्हें कहानी बना देती - kajal jha

Bhagyashali Raut

"लफ्ज़ कम हैं मगर जज्बात गहरे हैं, इस वैलेंटाइन, हमारी खामोशियों के ही पहरे हैं।" ✍️: @bhagyshalianup In frame: माझी मैत्रीण ❤️ @ashvinimahangade PC : @ruchika_khamkar_photography #loveislife #ᴛʀᴀɴᴅɪɴɢ #explore

Bhagyashali Raut

"लफ्ज़ कम हैं मगर जज्बात गहरे हैं, इस वैलेंटाइन, हमारी खामोशियों के ही पहरे हैं।" ✍️: @bhagyshalianup In frame: माझी मैत्रीण ❤️ @ashvinimahangade PC : @ruchika_khamkar_photography

Shailesh Joshi

સૌથી વધારે સહનશીલ, અને મજબૂત વ્યક્તિ એ બની શકે કે જેને, સાંભળવા, સમજવા, કે પછી નાજુક સમયમાં સાચવવાવાળું કોઈ ન મળે. - Shailesh Joshi

ek archana arpan tane

મને એટલી ફુરસદ ક્યાં છે કે હું તકદીરે લખેલું જોઉં પણ જયારે મારા દીકરા ના ચહેરા ની મુસ્કાન જોઉં છું ત્યારે સમજી જાઉં છું કે મારી તકદીર બુલંદ છે. - ek archana arpan tane

Amal das

निर्देशहीन सृष्टि ईश्वर सच में एक बच्चा है, जिसने अनंत शून्य में एक सफ़ेद काग़ज़ उठाया। उसके हाथों में थे बहुत सारे रंग, स्याही से भरे कलम, और उनकी शक्ति को काग़ज़ में उतारा। और एक मासूम बच्चे की तरह, बिना किसी योजना, बिना किसी डर, वह इस ब्रह्मांड को बस बनाता चला गया। कहीं उसने आकाश बना दिया, कहीं समुद्र की गहराई, कहीं मनुष्य को, कहीं प्रेम, कहीं पीड़ा, कहीं मृत्यु। उसे खुद भी नहीं पता था आख़िर में वह क्या बना रहा है। वह तो बस खेल रहा था। क्या उसके लिए यह बस एक आनंद का विषय था? क्या यह सृष्टि सिर्फ़ एक निरुद्देश्य है? मेरे हिसाब से वह कुछ भी नहीं जानता था— न अच्छाई, न बुराई, न लक्ष्य, न अंत। वह बस बनाता चला गया, जैसे बच्चा खेलता है और मुस्कुराकर भूल जाता है कि उसने क्या खेल रहा है। और हम— उसकी उसी मासूम ड्रॉइंग के अंदर अपने अर्थ खोजते चले गए।

રોનક જોષી. રાહગીર

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Pragna Ruparel

કોઈ પણ વ્યક્તિ ક્યારેય સુખી નથી.કારણ કે કોઈને અભાવ નડે છે.કોઈને સ્વભાવ નડે છે.અને કોઈને પ્રભાવ. કારણ, મનુષ્ય અને સંબંધ ક્યારેય સંપૂર્ણ નથી હોતા.બધા માં એડજેસ્ટ કરવું જ પડે છે.માટે સુખી થવું હોય તો તમે પોતાને સુખી કરો.બીજાની અપેક્ષા રાખ્યા વગર. જય સ્વામીનારાયણ

SAYRI K I N G

मैं नन्दी बन तेरे दर पे बैठा रहूं तू बस मुझे निहारने का वादा तो कर..!!

Jeetendra

जब तुम साथ नहीं होंगे, मेरी सुबह अधूरी लगेगी 🌅💔, कड़कती चाय की चुस्कियों में भी ☕ तुम्हारी यादें घुली होंगी… 💭 तुम्हारी हँसी की गूँज नहीं होगी 😔, मेरे कमरे की खामोशी में 🏠 सिर्फ तुम्हारे जाने का खालीपन गूँजेगा… 🌙 हर रास्ता तुम्हारे नाम का लगेगा 🚶‍♂️, हर मौसम तुम्हारी तस्वीर से भरा होगा 🍃📸, और मैं उन पलों में खो जाऊँगा जहाँ तुम्हारा हाथ मेरा हाथ थामे था… 🤝❤️ जब तुम साथ नहीं होंगे, दिल हर धड़कन में तुम्हें पुकारेगा 💓, और आँखें उन खिड़कियों की ओर टकटकी लगाएंगी 👀 जहाँ तुम कभी मेरी आँखों में मुस्कुराए थे… 😊 तुम दूर सही, पर तुम्हारी यादें पास हैं 🌌, मेरे हर साँस, मेरे हर ख्वाब में… 🌠 और मैं समझ जाऊँगा, कि प्यार सिर्फ साथ होने से नहीं, दिल में होने से जिंदा रहता है… ❤️‍🩹

Nilesh Rajput

अगर होता एक खून माफ, तो तेरे जीवन के हर दर्द को हर लेता। अगर होता दो खून माफ, तो हर उस आईने का क़त्ल कर देता, जो तेरे हुस्न पर अपना हक़ जताता। अगर होता तीन खून माफ, तो आसमान से वो हर सितारा गिरा देता, जिस पर तेरी नज़र ठहर जाती। अगर होता हर खून माफ, तो इस ज़ालिम दुनिया को ही मिटा देता, जो हमारे इश्क़ को गुनाह समझती है।

ArUu

ऐ मेरे कोमल से हृदय तू व्यर्थ की चिंता मत कर मैं जानती हूं तू सिर्फ मेरे लिए बिना रुके अथक परिश्रम करता है तू निरंतर चलायमान रहता है ताकि मैं गतिमान रह सकू मेरा यकीन कर जिस क्षण तू गतिहीन हो स्थिर अवस्था मैं आ जायेगा उस दिन भी तू कई लोगो के जेहन में जिंदा रहेगा । किसी में जलन बन तो किसी में ज्वाला बन कर किसी में करुणा बन तो किसी में क्रांति बन कर किसी में विरह बन तो किसी में वेदना बन कर किसी में दोस्ती बन तो किसी में दुलार बन कर किसी में प्रेम बन तो किसी में पश्चाताप बन कर भले ही तू थम जाए पर यकीन कर ...हर हृदय में तू जिंदा रहेगा असीमित अनगिनत अनंत स्मृतियां बन और जब समय की धूल तेरे हर निशान को ढकने लगेगी, तब भी तेरी धड़कनों की गूँज कई रूहों में सुनाई देगी। कहीं वो प्रेरणा बनकर उभरेगी, कहीं अधूरी कहानी बनकर ठहरेगी, कहीं मुस्कानों की वजह होगी, तो कहीं आँखों की नमी बन बह जाएगी। जब तक स्मृतियों का आकाश है, तब तक तेरा अस्तित्व अमर रहेगा। ✨❤️

Shailesh Joshi

માથાકૂટ લાગતી મોટાભાગની પરિસ્થિતિઓ, આપણા જીવનની મોટાભાગની માથાકૂટો ઓછી કરવા આવતી હોય છે, માટે આપણે જો એને નજરઅંદાજ કરીશું, તો આપણા ભાગમાં આવવાવાળી જેટલી માથાકૂટો હશે, એમાં થોડો વધારો જ કરશે, બીજું કંઈ નહીં. - Shailesh Joshi

Amal das

সুখৰ মোহনীয় বিশ্বব্ৰহ্মাণ্ড খন মায়াৰে ভৰা নানা‌ মায়াৰে আমি আপোনপাহৰা হৈ আছো প্ৰকূতিৰ এই যে প্ৰেমৰ মায়া অনন্ত এই মায়াত পৰি নিজৰ অস্তিত্ব হেৰুৱালু | মই মোৰ নিজৰ কাম কি? মই মোক নিজকে জনা উচিত | প্ৰকূতিৰ মোহনীয় প্ৰেম সকলো জীৱৰ ক্ষেত্ৰত নিজে নিজে আহে | মই ইয়াত কোনো জীৱৰ প্ৰেম নথকাৰ কথা কোৱা নাই মই মোৰ বাবে কোন ? মই কিনো কৰি আছো এইবোৰ আমাক সকলোকে কোনটো দিশৰ পৰা জাগ্ৰিত কৰি আছে ? প্ৰকূতিৰ প্ৰেমত মই নিজকে নিজে যিমান কাষ চপাইছিলো মই লাহে লাহে দুখৰ যে কিমান গভীৰ পৰা গভীৰ সুখ উপলদ্বি কৰিব পাৰিছো |

Mrudhula

I feel calm when I read this poem. I feel like I’m standing alone in a quiet place, thinking about my journey. I feel proud that I can see life as a cycle — not just beginnings, but endings too. I feel peaceful accepting that joyful moments fade, because that’s what makes them precious. I feel strong for understanding that life keeps moving, even when chapters close. I feel like I have grown while writing this. And deep inside, I feel that I’m someone who thinks a lot… who observes more than speaks… and who understands life in a quiet way. 💙

Gunjan Gayatri

the past is unforgettable whether it's mistakes or right judgement and decisions but the thing we can proud is our present self because it's better than past. Check out this Quote on Writco by Gunjan Gayatri rawat https://writco.in/Quote/Q73202152026222131 👉 https://bit.ly/download-writco-app #Writco #WritcoApp #WritingCommunity

archana

सिर्फ़ तू… (एक पत्नी का प्रेम) इश्क़ भी तू, हक़ भी तू, मेरी हर सांस का सच भी तू… दुनिया चाहे सवाल उठा ले मुझ पर, मगर मेरे माथे की बिंदी की कसम, मेरी पहचान सिर्फ़ तू… तेरे इंतज़ार में वक़्त थक जाए, पर मेरी वफ़ा कभी न थके… मैं पत्नी हूँ, कोई कमज़ोरी नहीं, तेरे नाम की सबसे बड़ी ताक़त हूँ… तेरे लिए चुप रहना भी इबादत है मेरी, और अगर ज़रूरत पड़े, तो तेरे लिए पूरी दुनिया से लड़ जाना भी आता है मुझे… तेरे सिवा किसी को हक़ नहीं मेरे ख़्वाबों तक आने का, क्योंकि मेरा हर ख़्वाब तेरे नाम लिखा है… आग लगती है जब लोग कहते हैं — “पत्नी सिर्फ़ निभाती है” अरे साहब, पत्नी अगर चाहे तो पूरी ज़िंदगी जला कर रौशन कर दे… 🔥

Narendra Parmar

जानना जरूरी है ✔️💯

Gautam Patel

વેસેલિન રોબર્ટ ચેઝબ્રો નામનો અમેરિકન રસાયણશાસ્ત્રી કેરોસિન વેચવાનો ધંધો કરતો હતો. પેટ્રોલ સસ્તું બનવા માંડ્યું ત્યારે તેનો ધંધો મંદ પડ્યો અને ચેઝબ્રો સહેજે ચિંતામાં પડ્યો. લાઇન બદલવાની શક્યતા તપાસવા એક વાર તેણે પેન્સિલ્વેનિયા રાજ્યમાં આવેલા પ્રથમ તેલકૂવાની મુલાકાત લીધી.અહીં જોયું તો મજૂરો શારડી પર ચોંટેલો મીણ જેવો પદાર્થ ઉખેડતા હતા. એક મજૂરે પોતાના હાથ પરનો જખમ તે પદાર્થ વડે પૂર્યો. ચેઝબ્રોને જાણવા મળ્યું કે તેના વડે રૂઝ બહુ જલદી આવતી હતી. ત્વચા દાઝી હોય ત્યારે પણ તે મલમનું કામ આપતો હતો. રોબર્ટ ચેઝબોએ મીણિયા પદાર્થને છેવટે જે સ્વરૂપ આપ્યું તેનું નામ વેસેલિન. આ પદાર્થને તેણે રંગરહિત અને ગંધરહિત બનાવ્યો. વેસેલિન એટલે વાસ્તવમાં તો પેટ્રોલિયમ જેલી, પરંતુ ચેઝબ્રો તેને ફેશનેબલ વસ્તુ તરીકે વેચવામાં સફળ થયો. ૧૯૩૩માં ચેઝબ્રોનું અવસાન થયું ત્યાં સુધીમાં વેસેલિન જગત આખા માટે જાણીતું બની ચૂક્યું હતું. https://www.facebook.com/share/p/1AiqMsvxuP/

prit tembhe

रेख हातावरची....

Maulik Patel

પાછો એમનેમ વળું એના કરતાં એને મળું, કંઈ જ ના કરું બસ એને ગળે તો મળું, બસ શબ્દોથી એના દિલમાં પ્રેમનો Missed call તો કરું, ખબર નઈ એની સાથે હું શું કરું?

MASHAALLHA KHAN

उसकी ये बात हमे कभी समझ आई नही हम उसके दिल मे थे मगर उसने हमे बताया ही नही, जब हुए जुदा, उजागर हुए कई राज उससे ज्यादा तो हमे किसी ने चाहा ही नही, अब हम मोहलत मांगते है उनसे, के वे लोट आये, मगर कब्र से वापस लोट कभी कोई आया ही नही .

Ajay Solanki

સાંસ્કૃતિક મશાલ: રૂપલબેન વ્યાસ નિખાલસ હૃદયના તમે છો મહારાજ, બધા કાજે સરખું જ રાખ્યું છે હેત-કાજ. ભલે ઓછી ઊંચાઈ દેખાય જગને, તમે આંબ્યું આભે સફળતાનું તાજ. કલાકારની શક્તિ પારખી જ જાઓ, તમે છો વિદ્યાર્થીના સાચા અવાજ. બન્યા NSS ની તમે એક મશાલ, સેવા કાજે અર્પ્યું છે આખુંયે કાજ. જતન સંસ્કૃતિનું તમે જે કરો છો, ખરેખર રૂપલબેન, છે તમને આ નાજ. તમે ‘સંસ્કાર ભારતી’ ના માર્ગદર્શક, સીંચો છો સંસ્કારો, અનોખો અંદાજ. સૂર ને સંગીતમાં ડૂબ્યા છો તમે, છે સપ્તક ના સુરોમાં તમારો જ સાજ. મળ્યા ગુરુ અમને તમારા જેવો લ્હાવ, ધન્ય ભાગ્ય અમારા, છે તમારું જ રાજ.

mohansharma

वो मुझे ख़ास लगता भी तो कैसे मोहन.. भीड़पसंद था इसलिए वो भीड़ में खो गया..

Urmi Vala

ચકલીનું અસ્તિત્વ ટકાવી રાખવા માટે પ્રેરણા...

Dada Bhagwan

कोई भी व्यक्ति जब पाँच, दस या सौ लोगों का मन स्थिर कर सके, तब काम होता है और मन कौन स्थिर कर सकता है? जिसका खुद का मन स्थिर हो, वही कर सकता है। - दादा भगवान अधिक जानकारी के लिए: https://hindi.dadabhagwan.org/

Kamini Shah

દેવતાઓ બધા બન્યાં છે ગવાહ શિવ પાર્વતીનાં રચાય છે વિવાહ… -કામિની

Sanjay Sheth

“ब्रेकिंग न्यूज़ का रंगमंच” दूरदर्शन का वो ज़माना था, चेहरा सादा, स्वर भी सुहाना था, सीधे पढ़ते थे जो समाचार हम कहते थे, “न्यूज़ रीडर” हमारा था। फिर बदला दौर, बदली बोली, साहस की बातें, आवाज़ अनोखी, कैमरे लेकर सच के संग, कहलाए सब “पत्रकार” बड़े संजोई। फिर आया वो मंजर काला, मुंबई पर जब टूटा ज्वाला, TRP की भूखी टोली ने दर्द को भी बना डाला तमाशा निराला। फिर सच धीरे-धीरे खो गया, झूठ का सिक्का चलने लगा, स्टूडियो में चीखों का मेला, संयम का सूरज ढलने लगा। हर शाम अदालत सजती है, हर एंकर जज बन बैठा है, तथ्य बेचारा कोने रोता, मत का बाज़ार सजा बैठा है। फिर आया “ऑपरेशन सिंदूर” का रंग, रंग से ज्यादा था उसमें ढंग, कहानी ऐसी गढ़ दी सबने, जैसे सच हो बस उनका संग। अब तो हाल ये हो बैठा है न कोई रीडर, न पत्रकार, स्क्रिप्ट थामे कलाकार खड़े हैं, चेहरे पर गंभीरता, भीतर व्यापार। जो सबसे ऊँचा चिल्लाए, वही नंबर वन कहलाए, दुनिया के आख़िरी पायदान वाले भी यहाँ शिखर पर ध्वज फहराए। माइक नहीं, ये जादू की छड़ी है, शब्द नहीं, अभिनय की लड़ी है, सवाल नहीं, बस संवाद रटे हैं, सच्चाई फिर भी पड़ी-पड़ी है। हे दर्शक! आँखें खोल ज़रा, हर फ्रेम में मत डूब ज़रा, जो दिखता है हरदम सच हो ये मान लेना भी भूल ज़रा। समाचार अगर रंगमंच बने, तो समझो पर्दा गिरना है, सच को फिर से आवाज़ मिले ये काम हमें ही करना है। संजय शेठ

Soni shakya

तुम... मेरी जिंदगी का वो उपन्यास हो.. जिसका हर पेज मैं अपनी अंतिम सांस तक.. अनंत बार पड़ सकती हूं...💞 - Soni shakya

Falguni Dost

हर परिस्थितियां जानने के बावजूद जो आपको साथ दे उसका प्यार कभी आम नहीं होता। और यू साथ देना हर किसी के बस की बात नहीं। - फाल्गुनी दोस्त

Shraddha Panchal

મન તણી માથાકૂટ , ચોરે ન ચર્ચાય , પછી જીવ જાય તોય, માં માં જ રખાય કાન્હા 😇

Prathibha

ഒരു പൂവിൻ ജന്മം കൊണ്ടതും ഞാനെന്നിയി ജന്മം കൊണ്ടതും ഒരമ്മതൻ മാറിൻ അമൃതം തേടിയതും ഒരായിരം വസന്തം പൂക്കുമി ഈ പുലർ കാലവേളയിൽ എന്തു ചെയ്യുമി എങ്ങനെ ചെയ്യുമിന്ന് അറിവില്ലായിമയിൽ നിന്നുരുകവേ ഒരു ചെറു പുഞ്ചിരിയിൽ നിന്നുണർന്നു വന്ന നീ ഒരു കോടി വസന്തം എന്നിൽ വിതറി പോയിടുമോ.. ഓർക്കുവാൻ വയ്യ എനിക്കി ജന്മം മുഴുവനും ഈ ജീവിത നൈഷരതയിൽ വെന്തു വെണ്ണിറായി പോകുമോ ഞാൻ ഈ ജന്മം... . -prathibha

Imaran

सफर वहीं तक है जहां तक तुम हो नजर वहीं तक है जहां तक तुम हो हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर खुशबू वहीं तक है जहां तक तुम हो 🩵💛imran 🩵💛

Ruchi Dixit

शब्द अव्यवस्थित असमर्थ रहते हैं तु जरूर मेरा अन्तर पढ़ती है! शब्द अपूर्ण निकलते हैं मेरे! तु जरूर बचे मौन को सुनती हैं तु करती है समझ से परे! क्योंकि तु समझती है समझ में रहती है । - Ruchi Dixit

Dhamak

(હિન્દીમાં કોકની સરસ સાંભળેલી કવિતા ઉપરથી ) આ આંખો તારાથી થોડું જૂઠું બોલી શકી હોત, તો વેદનાના આ અસંખ્ય ઘા મેં છુપાવી લીધા હોત. ​તારા જ સ્પર્શથી મેં તૂટેલા આ મનને ફરી સાંધ્યું છે, જરા રિસાઈને ફરી તારા જ સ્નેહમાં દિલને બાંધ્યું છે. ​ભલે જાણતા-અજાણતા તેં દિલને મારા ચારણી કર્યું, પણ આશાનું બીજ તો એમાં જ તારા હાથે ફરી રોપ્યું. ​રોઈને પણ હસી પડી બસ તારી 'ખેરિયત' જાણીને, આજ તને ખબર પણ ન હોત, જો આંખો જૂઠું બોલી હોત તને. (એકદમ એવું તો નથી પણ ઠીક છે કંઈક સરસ બનીગયુ) હિના

Thakor Pushpaben Sorabji

હોય જો તારો સથવારો બસ ખુશીઓનો હોય સથવારો જય શ્રી કૃષ્ણ - Thakor Pushpaben Sorabji

Saliil Upadhyay

Laughter is the best way to keep yourself energetic.. डॉक्टर (रोगी से) : बहुत कमजोरी है। फल खाया करो छिलके सहित । एक घंटे बाद रोगी: डॉक्टर साहब ! मेरे पेट में बहुत दर्द हो रहा है। डॉक्टर : क्या खाया था? रोगी : नारियल छिलके सहित।😀

Jeetendra

इश्क़ की राह में हर कदम इबादत बन गया ❤️ तेरे इंतज़ार में मेरा हर लम्हा सजदा बन गया 🤲 रात भर जागते हैं तेरी यादों के साथ 🌙 इश्क़ भी तू, इंतज़ार भी तू, मेरी हर इबादत भी तू ही साथ ✨ तेरी एक झलक के लिए दिल धड़कता है हर बार 💓 इंतज़ार भी इबादत है, जब हो तेरा प्यार 🤍 मस्जिद भी गया, मंदिर भी गया तेरे नाम के साथ 🕌⛪ इश्क़ ने सिखा दिया, इंतज़ार ही असली इबादत की बात 🌹 तेरे बिना हर खुशी अधूरी लगती है 😔 इश्क़ में इंतज़ार भी मीठी इबादत सी लगती है 🌸 जब से तुझसे दिल लगा लिया है ❤️ हर इंतज़ार को इबादत बना लिया है 🤲 तेरी राहों में आँखें बिछाए बैठे हैं 👀 इश्क़ में इंतज़ार को भी इबादत बनाए बैठे हैं 🌙

Fazal Esaf

आज पुन्हा शहरात एक विचित्र शांतता आहे, जणू कुणीतरी आवाजांचाच गळा दाबून टाकला आहे। ती गल्ली, जिथे मुलं एकत्र खेळायची, आता तिथे भिंती उगवल्या आहेत— नावांच्या, आणि भीतीच्या। मंदिराची घंटाही उदास वाटते, मस्जिदची अजानही थकलेली, दोघेही जणू विचारत आहेत— आमची काय चूक होती? काल मी एका म्हाताऱ्या वडाच्या झाडाला रडताना पाहिलं, त्याच्या फांद्यांवर कधी ईदही विसावली होती, आणि दिवाळीही। आता त्याच्या सावलीत लोक थांबत नाहीत, फक्त पुढे निघून जातात आपापली भीती छातीशी घट्ट धरून। रात्रीने मला सांगितलं— माणसाने स्वतःच्या सावलीशीच नातं तोडलं आहे, आणि आता प्रत्येक चेहरा आरशालाही घाबरतो। पण कुठेतरी, खूप दूर नाही, अजूनही या तुटलेल्या शहराचं शेवटचं उजेड आहे। — फ़ज़ल अबूबक्कर एसाफ

Vrishali Gotkhindikar

..भेट ....* .........सागर किनार्यावरची ..आपली पहिली .भेट !! ........सूर्यास्ताच्या 'सुंदर ' छटा ..तुझे रूप अधिकच खुलवत होत्या ..! ..तुझ्या डोळ्यात ..असणारी अगणित स्वप्ने .. ....माझ्या स्वप्नाना ..कवेत घेवु पहात .होती ... ..भेटताच क्षणी ..आपले हात हातात कधी "गुंतले "समजलेच नाही .. ......खुप काही बोलायच होत.. .....खुप काही सांगायच होत ..दोघानाही..!!! ...एकमेकांच्या ..सहवासात वेळ कसा निघून गेला ..उमजलेच नाही.. .....आणि जेव्हा ..निरोपाची वेळ आली ..तेव्हा समजल .... ...काहीही न बोलता .एकमेकांच्या ..मनाची "भाषा "कळली.होती !!! ...............................................********वृषाली

અવિચલ પંચાલ

- અવિચલ પંચાલ

Nisha Jitesh Palan

🌸 आज का विस्तृत प्रेरणादायक विचार 🌸 अगर सच में जीवन में कुछ अलग और बड़ा करना है, तो केवल सपने देखना काफी नहीं है… हमें हर दिन खुद को थोड़ा-थोड़ा बेहतर बनाना होगा। रोज़ कुछ नया सीखें — चाहे वह एक नई skill हो, नई सोच हो, या अपने व्यवहार में छोटा सा सुधार। सीखना ही काफी नहीं, उसे अपने जीवन में implement करना भी ज़रूरी है। क्योंकि ज्ञान तभी शक्ति बनता है, जब वह कर्म में बदलता है। याद रखिए — हर दिन का 1% सुधार एक साल में आपको पूरी तरह बदल सकता है। धीरे चलिए, लेकिन रुकिए मत। सीखते रहिए, बढ़ते रहिए। ✨

Dr Darshita Babubhai Shah

मैं और मेरे अह्सास समझाना ना-समझ होते है उसे समझाना ज़रूरी है l समझाने को हाल ए दिल बतलाना ज़रूरी है ll दीदार की प्यास के साथ जीते रहे है कि l मुकम्मल चैन ओ सुकून पाना ज़रूरी है ll "सखी" डो. दर्शिता बाबूभाई शाह

Urvashi Oza

बताने से ज़्यादा मज़ा जताने में है....

simi shayeri you tube

वो पल जो गुज़र गए... वो पल जो गुज़र गए, अब सपनों में लौट आते हैं। जागूँ तो उदासी साथ होती है, सोऊँ तो अधूरापन जग जाता है। ✍️ सिमी शायरी...

Sony Nagar

Good Morning, my lovely readers! 😊🌻 Lately, I’ve been noticing something that truly warmed my heart—you’ve been showering so much love on my work, even when I couldn’t update regularly. I know it’s been quite a while since the last chapter, and I sincerely thank you for your patience, support, and constant encouragement 💖 And today… I finally get to share some AMAZING news with all of you! 🥹✨ 📢 My book has officially received a contract with AlphaNoval! 📢 Yes—you heard that right! This means you can now read my story anytime, anywhere, with regular updates and even more exciting chapters coming your way 🔥📖 So what are you waiting for? Dive back into the world you love, relive the emotions, and experience the story in a whole new way 💫 👇 Click the link below and start reading now! 👇 And don’t forget—your comments, thoughts, and experiences mean the world to me. Share them, because your love is what keeps this story alive 💕 Happy reading, my precious readers! 🥰✨ https://alphanovel.io/novels/fantasy/princess-layra-s-dangerous-bodyguard-by-nia-b

Soni shakya

मेरे पीछे जो खड़ा है ... वह ब्रह्मांड में सबसे बड़ा है... ओम नमः शिवाय🙏🌹🙏

गिरीश

cinema and kolhapur

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

जिसे ज्ञान है तत्व का, रहे सदा वह मस्त। नहीं कभी कर सके यह, दुनिया उसको पस्त।। दोहा --४२४ (नैश के दोहे से उद्धृत) ------गणेश तिवारी 'नैश'

Ravi chendra Sunnkari

100k సెలబ్రేషన్ & థాంక్స్ మెసేజ్: ​"అందరికీ నమస్కారం! మన 'అంతం కాదు షరీఫ్' కథ కేవలం 8 నెలల్లోనే 100,000 (100k) డౌన్‌లోడ్స్ మార్కును దాటింది. ఈ ప్రయాణంలో నాకు తోడుగా నిలిచిన ప్రతి ఒక్క పాఠకుడికి నా హృదయపూర్వక ధన్యవాదాలు. మీ ఆదరణే నన్ను మరిన్ని మంచి ఎపిసోడ్స్ రాసేలా ప్రోత్సహిస్తోంది. ఇలాగే మీ ప్రేమాభిమానాలు ఎప్పుడూ ఉండాలని కోరుకుంటున్నాను. మీ అందరికీ మరోసారి కృతజ్ఞతలు! 🙏✨" ​2. కొత్త కథ 'త్రిమూర్తి' గురించి అప్‌డేట్: ​"త్వరలో ఒక సరికొత్త సంచలనం రాబోతోంది! నా తర్వాతి కథ 'త్రిమూర్తి' పనులు శరవేగంగా జరుగుతున్నాయి. ఈ కొత్త ప్రయాణం కోసం మీలో ఎంతమంది ఆసక్తిగా ఎదురుచూస్తున్నారు? మీ ఎగ్జైట్‌మెంట్‌ను కామెంట్స్ ద్వారా నాకు తెలియజేయండి! మీ స్పందన కోసమే నేను వెయిట్ చేస్తున్నాను. స్టే ట్యూన్డ్! 🔜📚"

Raushan kumar

#17. वो लड़की कुछ ज्यादा खास नहीं हैं....! उसके दर्द के सिवा कुछ मेरे पास नही हैं, वो लड़की कुछ ज्यादा खास नही है, उसकी बस आँखों मे नूर है, मेरे आँखों ने दिया उसको गुरुर है, मैं देखता था उसको इस कदर कि नही रहता था मेरे दिल का कोई खबर...! वो जन्नत की कोई हूर नही, मेरे सिवा उसके प्यार में कोई चुर नही, हाँ नागिन जैसी उसकी चाल है, जुल्फ़ें भी कोई जादु वाला जाल हैं, मैं उलझा था उसकी जुल्फों में इस कदर कि नही रहता था मेरे दिल का कोई खबर....! उसका व्यवहार ज्यादा अच्छा नही हैं, उसका प्यार किसी के लिए सच्चा नही हैं, हाँ उसके होठों की मुस्कान बड़ी कायल है जिससे मेरा दिल घायल है, मैं पागल था उसके मुस्कुराहट के पीछे इस कदर कि नही रहता था मेरे दिल का कोई खबर...! उसके लौट के आने का मुझे कोई आश नही, मैं जिन्दा भी हूँ इस बात का उसे एहसास नही, माना उसकी बातों में मिठास है, मेरा हर सांस में उसका एहसास हैं, लेकिन उसके दर्द के सिवा कुछ मेरे पास नही है वो लड़की कुछ ज्यादा खास नही हैं। :- रौशन कुमार केसरी 15.02.2026

Raushan kumar

#16. अब सबकुछ इसके बाद करूँगा, पहले तेरी बेवफ़ाई का हिसाब करूँगा, वफ़ा की मुरत समझते हैं न लोग तुम्हें, तेरी सच्चाई को दुनियाँ से आगाज करूँगा, तु जी नहीं पायेगी इस कदर मैं अपनी शायरी में तुझे बेनकाब करूँगा...! :- रौशन कुमार केसरी 15.02.2026

રોનક જોષી. રાહગીર

"હારવું તો એમના લોહીમાં છે, પણ સ્વીકારવાની જીદ નથી, કરતૂત બધી કાચી છે, ને સપનાઓની કોઈ હદ નથી!" #indiawin #india #T20WorldCup2026 #t20cricket #greatful #cricket #cricketlovers

Thakor Pushpaben Sorabji

મૃત્યુ એ જીવનની વાસ્તવિકતા છે જીવનનું મોટું રહસ્ય એ મૃત્યુ છે! એટલે જ ચડાવી ભસ્મ ને પૂજા થાય છે... કરી તિલક ભાલે ને સત્ય આ જણાવાય છે...... ૐ નમઃશિવાય - Thakor Pushpaben Sorabji

Raushan kumar

#15. तुझे याद करना कोई रोग नही ये तो मेरा आदत हैं, तु हमेशा खुश रहे यही मेरा रब से इबादत है, और मैनें सोचा था कुछ हीं दिनों में भूल जाऊँगा तुझे लेकिन तेरी मुलाकात की आज भी इस दिल में चाहत है :- रौशन कुमार केसरी 14.02.2026

Aruna N Oza

🙏🌹 HAR har Mahadev 🌹🙏🩷👈

Aruna N Oza

🙏🌹🔱🪔🩷🙏🙏

Ashish

માનવ સાધના શંકરભગવાન નો ઉત્સવ ujvyo

Mrs Farida Desar foram

इंतजार तुम्हारा इस कदर रेहता हे, जैसे प्यासे को पानी का, मेरी हालत तुम बखूबी जानते हो, एक बार आ जाते.... - Mrs Farida Desar foram

महेश रौतेला

बन्द करो ये चलना-फिरना बन्द करो ये जय-जयकार, दीर्घ शान्ति को आ जाने दो बन्द करो ये भाषणवाद। आ जाने दो हवा शान्ति की रह जाने दो अरण्य देवतुल्य, बन्द करो ये ठगना-ठगाना बन्द करो ये शैक्षिक व्यापार। पूर्ण करो पूजा मन की बन्द करो लय के व्यवधान, आ जाने दो स्नेह की धारा बन्द करो झूठे वादे सादे। रोको सारे रण के रथ बन्द करो ये जय-जयकार, सुख-दुख रख प्राणों के अन्दर ले आओ सब फूल भरे रथ। **** महेश रौतेला

Payal Bansal

अब मैं खुद की हो चुकी हूँ... Payal Bansal तेरे लौट आने की दुआ अब नहीं करती, मैं अब तुझसे नहीं… खुद से मिलना चाहती हूँ। तेरे सवालों में उलझ कर, मैंने अपने जवाब खो दिए थे, अब हर जवाब अपनी धड़कनों से पूछना चाहती हूँ। तेरे नाम की चुप्पी जो ओढ़ी थी, अब उसे अपनी आवाज़ से फाड़ देना चाहती हूँ। बहुत जी ली तेरी कहानी, अब अपनी लिखना चाहती हूँ। तेरे दिए हुए ज़ख्मों को अब कविता बना कर खुद के ही नाम छपवाना चाहती हूँ। तू कहता था - “तू अधूरी है मेरे बिना,” आज तुझसे कहती हूँ - “मैं पूरी हूं, बस थोड़ी सी टूटी हूँ।” मैं अब भी रोती हूँ, पर अब इन आँसुओं में डर नहीं, अब ये बहते हैं इसलिए… क्योंकि मैं अब अपनी सच्चाई से मुकरना चाहत नहीं। अब जो तू आ भी जाए, मैं रुकूँगी नहीं - क्योंकि अब मैं तुझसे नहीं, खुद से वफ़ा निभा चुकी हूँ। #love #sad #breakup #hindipoetry #shayari #poem #feelings #alone #heartbroken #writers

RAKESH

Time is precious

Abantika

"शून्य से शुरू, शून्य पर खत्म, वही है सृष्टि, वही है ब्रह्म। जिसके होने से ही सारा संसार है, महाशिवरात्रि का पावन ये त्यौहार है।" ​महादेव के भक्तों को महाशिवरात्रि की अनंत शुभकामनाएँ! 🔱✨

Mrudhula

I felt this is one of my favourite. It expresses the starting of life and what are the tasks done in path of life. Which type of relationships that experience in life travelling . The life has different scenarios that are meant to be completed on the basis of path what to choose from beginning to ending

Raju kumar Chaudhary

https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE

ધબકાર...

આનંદ, પરમાનંદ ને શિવ, સદાશિવ, આજનો ઉત્ત્સવ, જીવ લાગે સજીવ. શિવ શક્તિ ના મિલનની ઘડી આવી, ભક્તોનું ઘોડાપુર, જીવંત શક્તિ આવી. હર હર મહાદેવ...

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