Gujarati Whatsapp Status | Hindi Whatsapp Status
Kamini Shah

દેવતાઓ બધા બન્યાં છે ગવાહ શિવ પાર્વતીનાં રચાય છે વિવાહ… -કામિની

Sanjay Sheth

“ब्रेकिंग न्यूज़ का रंगमंच” दूरदर्शन का वो ज़माना था, चेहरा सादा, स्वर भी सुहाना था, सीधे पढ़ते थे जो समाचार हम कहते थे, “न्यूज़ रीडर” हमारा था। फिर बदला दौर, बदली बोली, साहस की बातें, आवाज़ अनोखी, कैमरे लेकर सच के संग, कहलाए सब “पत्रकार” बड़े संजोई। फिर आया वो मंजर काला, मुंबई पर जब टूटा ज्वाला, TRP की भूखी टोली ने दर्द को भी बना डाला तमाशा निराला। फिर सच धीरे-धीरे खो गया, झूठ का सिक्का चलने लगा, स्टूडियो में चीखों का मेला, संयम का सूरज ढलने लगा। हर शाम अदालत सजती है, हर एंकर जज बन बैठा है, तथ्य बेचारा कोने रोता, मत का बाज़ार सजा बैठा है। फिर आया “ऑपरेशन सिंदूर” का रंग, रंग से ज्यादा था उसमें ढंग, कहानी ऐसी गढ़ दी सबने, जैसे सच हो बस उनका संग। अब तो हाल ये हो बैठा है न कोई रीडर, न पत्रकार, स्क्रिप्ट थामे कलाकार खड़े हैं, चेहरे पर गंभीरता, भीतर व्यापार। जो सबसे ऊँचा चिल्लाए, वही नंबर वन कहलाए, दुनिया के आख़िरी पायदान वाले भी यहाँ शिखर पर ध्वज फहराए। माइक नहीं, ये जादू की छड़ी है, शब्द नहीं, अभिनय की लड़ी है, सवाल नहीं, बस संवाद रटे हैं, सच्चाई फिर भी पड़ी-पड़ी है। हे दर्शक! आँखें खोल ज़रा, हर फ्रेम में मत डूब ज़रा, जो दिखता है हरदम सच हो ये मान लेना भी भूल ज़रा। समाचार अगर रंगमंच बने, तो समझो पर्दा गिरना है, सच को फिर से आवाज़ मिले ये काम हमें ही करना है। संजय शेठ

Soni shakya

तुम... मेरी जिंदगी का वो उपन्यास हो.. जिसका हर पेज मैं अपनी अंतिम सांस तक.. अनंत बार पड़ सकती हूं...💞 - Soni shakya

Falguni Dost

हर परिस्थितियां जानने के बावजूद जो आपको साथ दे उसका प्यार कभी आम नहीं होता। और यू साथ देना हर किसी के बस की बात नहीं। - फाल्गुनी दोस्त

Shraddha Panchal

મન તણી માથાકૂટ , ચોરે ન ચર્ચાય , પછી જીવ જાય તોય, માં માં જ રખાય કાન્હા 😇

Prathibha

ഒരു പൂവിൻ ജന്മം കൊണ്ടതും ഞാനെന്നിയി ജന്മം കൊണ്ടതും ഒരമ്മതൻ മാറിൻ അമൃതം തേടിയതും ഒരായിരം വസന്തം പൂക്കുമി ഈ പുലർ കാലവേളയിൽ എന്തു ചെയ്യുമി എങ്ങനെ ചെയ്യുമിന്ന് അറിവില്ലായിമയിൽ നിന്നുരുകവേ ഒരു ചെറു പുഞ്ചിരിയിൽ നിന്നുണർന്നു വന്ന നീ ഒരു കോടി വസന്തം എന്നിൽ വിതറി പോയിടുമോ.. ഓർക്കുവാൻ വയ്യ എനിക്കി ജന്മം മുഴുവനും ഈ ജീവിത നൈഷരതയിൽ വെന്തു വെണ്ണിറായി പോകുമോ ഞാൻ ഈ ജന്മം... . -prathibha

Imaran

सफर वहीं तक है जहां तक तुम हो नजर वहीं तक है जहां तक तुम हो हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर खुशबू वहीं तक है जहां तक तुम हो 🩵💛imran 🩵💛

Ruchi Dixit

शब्द अव्यवस्थित असमर्थ रहते हैं तु जरूर मेरा अन्तर पढ़ती है! शब्द अपूर्ण निकलते हैं मेरे! तु जरूर बचे मौन को सुनती हैं तु करती है समझ से परे! क्योंकि तु समझती है समझ में रहती है । - Ruchi Dixit

Dhamak

(હિન્દીમાં કોકની સરસ સાંભળેલી કવિતા ઉપરથી ) આ આંખો તારાથી થોડું જૂઠું બોલી શકી હોત, તો વેદનાના આ અસંખ્ય ઘા મેં છુપાવી લીધા હોત. ​તારા જ સ્પર્શથી મેં તૂટેલા આ મનને ફરી સાંધ્યું છે, જરા રિસાઈને ફરી તારા જ સ્નેહમાં દિલને બાંધ્યું છે. ​ભલે જાણતા-અજાણતા તેં દિલને મારા ચારણી કર્યું, પણ આશાનું બીજ તો એમાં જ તારા હાથે ફરી રોપ્યું. ​રોઈને પણ હસી પડી બસ તારી 'ખેરિયત' જાણીને, આજ તને ખબર પણ ન હોત, જો આંખો જૂઠું બોલી હોત તને. (એકદમ એવું તો નથી પણ ઠીક છે કંઈક સરસ બનીગયુ) હિના

Thakor Pushpaben Sorabji

હોય જો તારો સથવારો બસ ખુશીઓનો હોય સથવારો જય શ્રી કૃષ્ણ - Thakor Pushpaben Sorabji

Saliil Upadhyay

Laughter is the best way to keep yourself energetic.. डॉक्टर (रोगी से) : बहुत कमजोरी है। फल खाया करो छिलके सहित । एक घंटे बाद रोगी: डॉक्टर साहब ! मेरे पेट में बहुत दर्द हो रहा है। डॉक्टर : क्या खाया था? रोगी : नारियल छिलके सहित।😀

Jeetendra

इश्क़ की राह में हर कदम इबादत बन गया ❤️ तेरे इंतज़ार में मेरा हर लम्हा सजदा बन गया 🤲 रात भर जागते हैं तेरी यादों के साथ 🌙 इश्क़ भी तू, इंतज़ार भी तू, मेरी हर इबादत भी तू ही साथ ✨ तेरी एक झलक के लिए दिल धड़कता है हर बार 💓 इंतज़ार भी इबादत है, जब हो तेरा प्यार 🤍 मस्जिद भी गया, मंदिर भी गया तेरे नाम के साथ 🕌⛪ इश्क़ ने सिखा दिया, इंतज़ार ही असली इबादत की बात 🌹 तेरे बिना हर खुशी अधूरी लगती है 😔 इश्क़ में इंतज़ार भी मीठी इबादत सी लगती है 🌸 जब से तुझसे दिल लगा लिया है ❤️ हर इंतज़ार को इबादत बना लिया है 🤲 तेरी राहों में आँखें बिछाए बैठे हैं 👀 इश्क़ में इंतज़ार को भी इबादत बनाए बैठे हैं 🌙

Fazal Esaf

आज पुन्हा शहरात एक विचित्र शांतता आहे, जणू कुणीतरी आवाजांचाच गळा दाबून टाकला आहे। ती गल्ली, जिथे मुलं एकत्र खेळायची, आता तिथे भिंती उगवल्या आहेत— नावांच्या, आणि भीतीच्या। मंदिराची घंटाही उदास वाटते, मस्जिदची अजानही थकलेली, दोघेही जणू विचारत आहेत— आमची काय चूक होती? काल मी एका म्हाताऱ्या वडाच्या झाडाला रडताना पाहिलं, त्याच्या फांद्यांवर कधी ईदही विसावली होती, आणि दिवाळीही। आता त्याच्या सावलीत लोक थांबत नाहीत, फक्त पुढे निघून जातात आपापली भीती छातीशी घट्ट धरून। रात्रीने मला सांगितलं— माणसाने स्वतःच्या सावलीशीच नातं तोडलं आहे, आणि आता प्रत्येक चेहरा आरशालाही घाबरतो। पण कुठेतरी, खूप दूर नाही, अजूनही या तुटलेल्या शहराचं शेवटचं उजेड आहे। — फ़ज़ल अबूबक्कर एसाफ

Vrishali Gotkhindikar

..भेट ....* .........सागर किनार्यावरची ..आपली पहिली .भेट !! ........सूर्यास्ताच्या 'सुंदर ' छटा ..तुझे रूप अधिकच खुलवत होत्या ..! ..तुझ्या डोळ्यात ..असणारी अगणित स्वप्ने .. ....माझ्या स्वप्नाना ..कवेत घेवु पहात .होती ... ..भेटताच क्षणी ..आपले हात हातात कधी "गुंतले "समजलेच नाही .. ......खुप काही बोलायच होत.. .....खुप काही सांगायच होत ..दोघानाही..!!! ...एकमेकांच्या ..सहवासात वेळ कसा निघून गेला ..उमजलेच नाही.. .....आणि जेव्हा ..निरोपाची वेळ आली ..तेव्हा समजल .... ...काहीही न बोलता .एकमेकांच्या ..मनाची "भाषा "कळली.होती !!! ...............................................********वृषाली

અવિચલ પંચાલ

- અવિચલ પંચાલ

Nisha Jitesh Palan

🌸 आज का विस्तृत प्रेरणादायक विचार 🌸 अगर सच में जीवन में कुछ अलग और बड़ा करना है, तो केवल सपने देखना काफी नहीं है… हमें हर दिन खुद को थोड़ा-थोड़ा बेहतर बनाना होगा। रोज़ कुछ नया सीखें — चाहे वह एक नई skill हो, नई सोच हो, या अपने व्यवहार में छोटा सा सुधार। सीखना ही काफी नहीं, उसे अपने जीवन में implement करना भी ज़रूरी है। क्योंकि ज्ञान तभी शक्ति बनता है, जब वह कर्म में बदलता है। याद रखिए — हर दिन का 1% सुधार एक साल में आपको पूरी तरह बदल सकता है। धीरे चलिए, लेकिन रुकिए मत। सीखते रहिए, बढ़ते रहिए। ✨

Dr Darshita Babubhai Shah

मैं और मेरे अह्सास समझाना ना-समझ होते है उसे समझाना ज़रूरी है l समझाने को हाल ए दिल बतलाना ज़रूरी है ll दीदार की प्यास के साथ जीते रहे है कि l मुकम्मल चैन ओ सुकून पाना ज़रूरी है ll "सखी" डो. दर्शिता बाबूभाई शाह

Urvashi Oza

बताने से ज़्यादा मज़ा जताने में है....

simi shayeri you tube

वो पल जो गुज़र गए... वो पल जो गुज़र गए, अब सपनों में लौट आते हैं। जागूँ तो उदासी साथ होती है, सोऊँ तो अधूरापन जग जाता है। ✍️ सिमी शायरी...

Sony Nagar

Good Morning, my lovely readers! 😊🌻 Lately, I’ve been noticing something that truly warmed my heart—you’ve been showering so much love on my work, even when I couldn’t update regularly. I know it’s been quite a while since the last chapter, and I sincerely thank you for your patience, support, and constant encouragement 💖 And today… I finally get to share some AMAZING news with all of you! 🥹✨ 📢 My book has officially received a contract with AlphaNoval! 📢 Yes—you heard that right! This means you can now read my story anytime, anywhere, with regular updates and even more exciting chapters coming your way 🔥📖 So what are you waiting for? Dive back into the world you love, relive the emotions, and experience the story in a whole new way 💫 👇 Click the link below and start reading now! 👇 And don’t forget—your comments, thoughts, and experiences mean the world to me. Share them, because your love is what keeps this story alive 💕 Happy reading, my precious readers! 🥰✨ https://alphanovel.io/novels/fantasy/princess-layra-s-dangerous-bodyguard-by-nia-b

Soni shakya

मेरे पीछे जो खड़ा है ... वह ब्रह्मांड में सबसे बड़ा है... ओम नमः शिवाय🙏🌹🙏

गिरीश

cinema and kolhapur

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

जिसे ज्ञान है तत्व का, रहे सदा वह मस्त। नहीं कभी कर सके यह, दुनिया उसको पस्त।। दोहा --४२४ (नैश के दोहे से उद्धृत) ------गणेश तिवारी 'नैश'

Ravi chendra Sunnkari

100k సెలబ్రేషన్ & థాంక్స్ మెసేజ్: ​"అందరికీ నమస్కారం! మన 'అంతం కాదు షరీఫ్' కథ కేవలం 8 నెలల్లోనే 100,000 (100k) డౌన్‌లోడ్స్ మార్కును దాటింది. ఈ ప్రయాణంలో నాకు తోడుగా నిలిచిన ప్రతి ఒక్క పాఠకుడికి నా హృదయపూర్వక ధన్యవాదాలు. మీ ఆదరణే నన్ను మరిన్ని మంచి ఎపిసోడ్స్ రాసేలా ప్రోత్సహిస్తోంది. ఇలాగే మీ ప్రేమాభిమానాలు ఎప్పుడూ ఉండాలని కోరుకుంటున్నాను. మీ అందరికీ మరోసారి కృతజ్ఞతలు! 🙏✨" ​2. కొత్త కథ 'త్రిమూర్తి' గురించి అప్‌డేట్: ​"త్వరలో ఒక సరికొత్త సంచలనం రాబోతోంది! నా తర్వాతి కథ 'త్రిమూర్తి' పనులు శరవేగంగా జరుగుతున్నాయి. ఈ కొత్త ప్రయాణం కోసం మీలో ఎంతమంది ఆసక్తిగా ఎదురుచూస్తున్నారు? మీ ఎగ్జైట్‌మెంట్‌ను కామెంట్స్ ద్వారా నాకు తెలియజేయండి! మీ స్పందన కోసమే నేను వెయిట్ చేస్తున్నాను. స్టే ట్యూన్డ్! 🔜📚"

Raushan kumar

#17. वो लड़की कुछ ज्यादा खास नहीं हैं....! उसके दर्द के सिवा कुछ मेरे पास नही हैं, वो लड़की कुछ ज्यादा खास नही है, उसकी बस आँखों मे नूर है, मेरे आँखों ने दिया उसको गुरुर है, मैं देखता था उसको इस कदर कि नही रहता था मेरे दिल का कोई खबर...! वो जन्नत की कोई हूर नही, मेरे सिवा उसके प्यार में कोई चुर नही, हाँ नागिन जैसी उसकी चाल है, जुल्फ़ें भी कोई जादु वाला जाल हैं, मैं उलझा था उसकी जुल्फों में इस कदर कि नही रहता था मेरे दिल का कोई खबर....! उसका व्यवहार ज्यादा अच्छा नही हैं, उसका प्यार किसी के लिए सच्चा नही हैं, हाँ उसके होठों की मुस्कान बड़ी कायल है जिससे मेरा दिल घायल है, मैं पागल था उसके मुस्कुराहट के पीछे इस कदर कि नही रहता था मेरे दिल का कोई खबर...! उसके लौट के आने का मुझे कोई आश नही, मैं जिन्दा भी हूँ इस बात का उसे एहसास नही, माना उसकी बातों में मिठास है, मेरा हर सांस में उसका एहसास हैं, लेकिन उसके दर्द के सिवा कुछ मेरे पास नही है वो लड़की कुछ ज्यादा खास नही हैं। :- रौशन कुमार केसरी 15.02.2026

Raushan kumar

#16. अब सबकुछ इसके बाद करूँगा, पहले तेरी बेवफ़ाई का हिसाब करूँगा, वफ़ा की मुरत समझते हैं न लोग तुम्हें, तेरी सच्चाई को दुनियाँ से आगाज करूँगा, तु जी नहीं पायेगी इस कदर मैं अपनी शायरी में तुझे बेनकाब करूँगा...! :- रौशन कुमार केसरी 15.02.2026

રોનક જોષી. રાહગીર

"હારવું તો એમના લોહીમાં છે, પણ સ્વીકારવાની જીદ નથી, કરતૂત બધી કાચી છે, ને સપનાઓની કોઈ હદ નથી!" #indiawin #india #T20WorldCup2026 #t20cricket #greatful #cricket #cricketlovers

Thakor Pushpaben Sorabji

મૃત્યુ એ જીવનની વાસ્તવિકતા છે જીવનનું મોટું રહસ્ય એ મૃત્યુ છે! એટલે જ ચડાવી ભસ્મ ને પૂજા થાય છે... કરી તિલક ભાલે ને સત્ય આ જણાવાય છે...... ૐ નમઃશિવાય - Thakor Pushpaben Sorabji

Raushan kumar

#15. तुझे याद करना कोई रोग नही ये तो मेरा आदत हैं, तु हमेशा खुश रहे यही मेरा रब से इबादत है, और मैनें सोचा था कुछ हीं दिनों में भूल जाऊँगा तुझे लेकिन तेरी मुलाकात की आज भी इस दिल में चाहत है :- रौशन कुमार केसरी 14.02.2026

Aruna N Oza

🙏🌹 HAR har Mahadev 🌹🙏🩷👈

Aruna N Oza

🙏🌹🔱🪔🩷🙏🙏

Ashish

માનવ સાધના શંકરભગવાન નો ઉત્સવ ujvyo

Mrs Farida Desar foram

इंतजार तुम्हारा इस कदर रेहता हे, जैसे प्यासे को पानी का, मेरी हालत तुम बखूबी जानते हो, एक बार आ जाते.... - Mrs Farida Desar foram

महेश रौतेला

बन्द करो ये चलना-फिरना बन्द करो ये जय-जयकार, दीर्घ शान्ति को आ जाने दो बन्द करो ये भाषणवाद। आ जाने दो हवा शान्ति की रह जाने दो अरण्य देवतुल्य, बन्द करो ये ठगना-ठगाना बन्द करो ये शैक्षिक व्यापार। पूर्ण करो पूजा मन की बन्द करो लय के व्यवधान, आ जाने दो स्नेह की धारा बन्द करो झूठे वादे सादे। रोको सारे रण के रथ बन्द करो ये जय-जयकार, सुख-दुख रख प्राणों के अन्दर ले आओ सब फूल भरे रथ। **** महेश रौतेला

Payal Bansal

अब मैं खुद की हो चुकी हूँ... Payal Bansal तेरे लौट आने की दुआ अब नहीं करती, मैं अब तुझसे नहीं… खुद से मिलना चाहती हूँ। तेरे सवालों में उलझ कर, मैंने अपने जवाब खो दिए थे, अब हर जवाब अपनी धड़कनों से पूछना चाहती हूँ। तेरे नाम की चुप्पी जो ओढ़ी थी, अब उसे अपनी आवाज़ से फाड़ देना चाहती हूँ। बहुत जी ली तेरी कहानी, अब अपनी लिखना चाहती हूँ। तेरे दिए हुए ज़ख्मों को अब कविता बना कर खुद के ही नाम छपवाना चाहती हूँ। तू कहता था - “तू अधूरी है मेरे बिना,” आज तुझसे कहती हूँ - “मैं पूरी हूं, बस थोड़ी सी टूटी हूँ।” मैं अब भी रोती हूँ, पर अब इन आँसुओं में डर नहीं, अब ये बहते हैं इसलिए… क्योंकि मैं अब अपनी सच्चाई से मुकरना चाहत नहीं। अब जो तू आ भी जाए, मैं रुकूँगी नहीं - क्योंकि अब मैं तुझसे नहीं, खुद से वफ़ा निभा चुकी हूँ। #love #sad #breakup #hindipoetry #shayari #poem #feelings #alone #heartbroken #writers

RAKESH

Time is precious

Abantika

"शून्य से शुरू, शून्य पर खत्म, वही है सृष्टि, वही है ब्रह्म। जिसके होने से ही सारा संसार है, महाशिवरात्रि का पावन ये त्यौहार है।" ​महादेव के भक्तों को महाशिवरात्रि की अनंत शुभकामनाएँ! 🔱✨

Mrudhula

I felt this is one of my favourite. It expresses the starting of life and what are the tasks done in path of life. Which type of relationships that experience in life travelling . The life has different scenarios that are meant to be completed on the basis of path what to choose from beginning to ending

Raju kumar Chaudhary

https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE

ધબકાર...

આનંદ, પરમાનંદ ને શિવ, સદાશિવ, આજનો ઉત્ત્સવ, જીવ લાગે સજીવ. શિવ શક્તિ ના મિલનની ઘડી આવી, ભક્તોનું ઘોડાપુર, જીવંત શક્તિ આવી. હર હર મહાદેવ...

Kamini Shah

હરિઓમનો નાદ સંભળાય બિલિપત્રનો અભિષેક કરાય દૂધ પાણી શિવજીને ચડાવાય ભાંગનો આજ પ્રસાદ ધરાવાય સ્તુતિ ભક્તિનો સંગમ રચાય સર્વત્ર ખુશીને આનંદ છલકાય મહાવદ ત્રયોદશીની શિવરાત્રિએ નમન કરીને બોલીએ પ્રેમથી ઓમ નમઃશિવાય… -કામિની

Ajay Solanki

સાદગી ની રાજકન્યા ‘રૂપલ’ તેર દિવસો આ ગણું તો તેર વર્ષો લાગે છે, રૂપ તારું જોઉં તો ભક્તિનો લહરો લાગે છે. ચંચળ ભલે હો સ્વભાવે, મન તારું છે પવિત્ર, મંદિરેથી આવતું કોઈ ધન્ય પર્વ લાગે છે. સાદગી તારી જ તારા દેહની શોભા બની, સામાન્ય વસ્ત્રોમાં પણ તું રાજકન્યા લાગે છે. રસોઈની એ વાત છોડો, સ્મિત તારું છે મધુર, તું મળે જો રાહમાં, આખું જગત મારું લાગે છે. શ્રીમંતાઈ છે તારા ઉંબરે, પણ તું સાવ નિખાલસ છે, તારા મનની અમીરાતમાં, ઘર અમારું લાગે છે. હળીમળી જવાની રીત તારી, જીતી લે છે સૌના મન, વાત કરવાની પદ્ધતિમાં, સ્નેહ અનોખો લાગે છે. મૌન તારું કોરી ખાય, પૂછું છું હું ખુદને પણ, કેમ આ આતુર મનને તારો જવાબ વહાલો લાગે છે? જવાબ તારો જે હશે, મંજૂર હશે આ દિલને પણ, મેં મારી જિંદગીની ખુશી, તારા નામે તોળી દીધી.

Archana Singh

🙏🙏 *जय श्री महाकाल* *श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का आज का भस्म आरती शृंगार दर्शन* 🔱 *15 February 2026.. जय बाबा महाकाल हम सभी भक्त जनों की रक्षा करें और कृपा करें जय बाबा महाकाल! महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। जय भोलेनाथ।🙏😇🕉️❤️🕉️🙏*🔱

Archana Singh

सभी दोस्तों को महाशिवरात्रि की ढेर सारी शुभकामनाएं ! हर-हर महादेव... शम्भू 🙏🏻🙏🏻💐💐

Nilesh Rajput

लड़की ने प्यार में कुछ नही खोया, खोया अगर प्यार तो नसीब में भी प्यार ही आया।

Priya kashyap

Baba ji🕉🔱🥺

Raju kumar Chaudhary

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Falguni Dost

તારો એક એક શબ્દ મારામાં પ્રાણ પૂરે છે, દોસ્ત! રાખ થતા જીવનમાં જીવંતતા લાવે છે. -ફાલ્ગુની દોસ્ત # my son

SAYRI K I N G

आँसू अगर बुलाते हैं, सोए प्रभु जग जाते हैं, सुख में आयें न आयें, दुख में शंकर आते हैं!

MASHAALLHA KHAN

मेरे किरदार को मुझे ही सम्भालना है लोगो हर किरदार किरदार जैसा नही होता, अपनी नाकामयाबी को कभी हार ना समझो कभी कभी जीत कर भी कोई फायदा नही होता, खुवाहिशे जरा सम्भल कर किया करो हर एक बाप के पास पैसा नही होता, और कमाने जाओंगे तो जान जाओगे के कोई इंसान तुम्हारे बाप जैसा नही होता .

SAYRI K I N G

पहले भिखारी होते जो दे दे उसी में खुश पर अब भिखारी कि भीख मांगने की अदा चेंज हो गई है अब बड़े बिखरी हो गए हैं रोड पे नाच के रील बनाते हैं सोच वही है तरीका नया है पर वो पहले वाला रियल था फटे कपड़े अब नए कपड़े इज्जत दोनों की नहीं दिमाग होने का कोई मतलब नहीं

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (१३) की व्याख्या अधाम इन्द्र श्रणवो हवेमा — ऋग्वेद ७/२९/३ पदच्छेद-- अधाम । इन्द्र । श्रणवः । हवेमा ॥ शब्दार्थ अधाम — हम नीचे (विनीत भाव से), या संकटग्रस्त अवस्था में इन्द्र — परम शक्तिमान, ऐश्वर्ययुक्त प्रभु श्रणवः — सुनें, श्रवण करें हवेमा — हम आह्वान करें, पुकारें भावार्थ-- हे इन्द्र! हम विनम्र भाव से आपका आह्वान करते हैं; आप हमारी पुकार सुनें। कारुणिक भाव-- यह मंत्र उपासक की विनयपूर्ण प्रार्थना को व्यक्त करता है। जब साधक स्वयं को असहाय, दुर्बल या संकटग्रस्त अनुभव करता है, तब वह परम शक्तिशाली ईश्वर को पुकारता है। यहाँ “अधाम” से दीनता और समर्पण का भाव प्रकट होता है। यहाँ इन्द्र शब्द परमात्मा के लिए प्रयोग किया गया है। अर्थात् जब मनुष्य नम्र होकर ईश्वर का स्मरण करता है, तब उसकी प्रार्थना अवश्य सुनी जाती है। ऋग्वैदिक भाव — “हे प्रभो! हमारी पुकार सुनो” — के समर्थन में उपनिषदों में भी अनेक स्थानों पर ईश्वर की शरणागति और प्रार्थना का आश्वासन मिलता है। उदाहरणार्थ — १. कठोपनिषद (१/२/२३) नायमात्मा प्रवचनेन लभ्यो… यमेवैष वृणुते तेन लभ्यः। भावार्थ: यह आत्मा केवल वाक्चातुर्य या बुद्धि से नहीं मिलता; जिस पर वह (परमात्मा) कृपा करता है, उसी को प्राप्त होता है। २. श्वेताश्वतरोपनिषद (६/१८) यो ब्रह्माणं विदधाति पूर्वं… तं ह देवं आत्मबुद्धिप्रकाशं मुमुक्षुर्वै शरणमहं प्रपद्ये। भावार्थ: जो ब्रह्मा आदि का भी नियंता है, उस आत्मप्रकाशक देव की मैं शरण ग्रहण करता हूँ। यह स्पष्ट शरणागति है । ३. मुण्डकोपनिषद (३/२/३) भिद्यते हृदयग्रन्थिः… तस्मिन् दृष्टे परावरे। भावार्थ: जब परमात्मा का साक्षात्कार होता है, तब बंधन कट जाते हैं। अर्थात् ईश्वर की ओर किया गया आह्वान अंततः मुक्ति का कारण बनता है। ४. तैत्तिरीयोपनिषद (शिक्षावल्ली १/११) सत्यं वद, धर्मं चर… आचार्याय प्रियं धनमाहृत्य प्रजातन्तुं मा व्यवच्छेत्सीः। यहाँ प्रत्यक्ष प्रार्थना न होकर भी उपदेश है कि धर्माचरण द्वारा ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। धर्ममय जीवन ही ईश्वर की सुनवाई का मार्ग है। सारांश-- ऋग्वेद का “अधाम इन्द्र श्रणवो हवेमा” विनम्र पुकार है। भगवद्गीता से प्रमाण १. (९/२२) अनन्याश्चिन्तयन्तो मां… योगक्षेमं वहाम्यहम्। भावार्थ -- जो अनन्य भाव से मुझे स्मरण करते हैं, उनके योग-क्षेम का वहन मैं स्वयं करता हूँ। भाव: भक्त की पुकार ईश्वर सुनते हैं और उसकी रक्षा करते हैं। भगवत् गीता_ २. (१८/६६) सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज। अहं त्वां सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः॥ भावार्थ -- मेरी शरण में आओ; मैं तुम्हें मुक्त कर दूँगा। भाव: शरणागत की प्रार्थना निष्फल नहीं जाती। भगवत् गीता- ३. (७/१६) चतुर्विधा भजन्ते मां… आर्तो जिज्ञासुरर्थार्थी ज्ञानी च। भावार्थ _ संकटग्रस्त (आर्त) भी मुझे पुकारता है। भाव: दुःख में की गई पुकार भी भगवान स्वीकार करते हैं। महाभारत से प्रमाण १. भीष्मपर्व (गीता का ही संदर्भ) अर्जुन के विषाद में श्रीकृष्ण का उपदेश — “क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थ…” (२/३) भावार्थ -- जब शिष्य शरणागत होता है, तब ईश्वर मार्गदर्शन देते हैं। ३. शान्तिपर्व “न हि कल्याणकृत्कश्चिद् दुर्गतिं तात गच्छति।” भावार्थ -- जो शुभ मार्ग पर चलता है, उसकी दुर्गति नहीं होती। भाव: धर्मनिष्ठ की रक्षा ईश्वर करते हैं। निष्कर्ष-- ऋग्वेद का भाव — “हे प्रभो! हमारी पुकार सुनो” — गीता में शरणागति और योगक्षेम, महाभारत में संकट में स्मरण और दिव्य सहायता के रूप में प्रतिपादित है। ऋग्वैदिक भाव — “हे प्रभो! हमारी पुकार सुनो” — के समर्थन में पुराणों में ध्रुव और मार्कण्डेय आदि की हृदयविदारक पुकार अत्यन्त प्रसिद्ध है। ध्रुव की पुकार-- (भागवत पुराण, चतुर्थ स्कन्ध) जब बालक ध्रुव वन में तप कर रहे थे, तब भगवान के प्रकट होने पर उन्होंने स्तुति की — योऽन्तः प्रविश्य मम वाचमिमां प्रसुप्तां संजीवयत्यखिलशक्तिधरः स्वधाम्ना। अन्यांश्च हस्तचरणश्रवणत्वगादीन् प्राणान् नमो भगवते पुरुषाय तुभ्यम्॥ (भागवत ४.९.६) भावार्थ: हे प्रभो! आप ही मेरे भीतर प्रवेश करके मेरी सुप्त वाणी और समस्त इन्द्रियों को चेतना देते हैं। मैं उस पुरुषोत्तम भगवान को नमस्कार करता हूँ। ध्रुव की तपःपूर्ण पुकार सुनकर भगवान प्रकट हुए — यह शरणागतवत्सलता का प्रमाण है। मार्कण्डेय की पुकार-- (शिव पुराण तथा महाभारत में कथा) जब यमराज ने सोलह वर्ष की आयु पूर्ण होने पर मार्कण्डेय को बाँधना चाहा, तब बालक ने शिवलिङ्ग का आश्रय लेकर प्रार्थना की। परम्परा में प्रचलित उनका स्तोत्र — त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ ऋग्वेद ७/५९/१२) भावार्थ: हम तीन नेत्रों वाले भगवान की उपासना करते हैं; वे हमें मृत्यु के बन्धन से मुक्त करें। उनकी पुकार से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए और उन्हें अमरत्व प्रदान किया। सारांश-- ध्रुव — विष्णु की अनन्य भक्ति से भगवान साक्षात् प्रकट हुए। मार्कण्डेय — मृत्यु के भय में की गई शिव-शरणागति से अमरत्व प्राप्त हुआ। गजेन्द्र की पुकार-- (भागवत पुराण, अष्टम स्कन्ध — गजेन्द्रमोक्ष) जब गजेन्द्र को ग्राह (मगर) ने पकड़ लिया और वह असहाय हो गया, तब उसने भगवान को पुकारा — नमः शान्ताय घोराय मूढाय गुणधर्मिणे। निर्विशेषाय साम्याय नमो ज्ञानघनाय च॥ (भागवत ८.३) और अत्यन्त प्रसिद्ध शरणागति श्लोक — नारायणाखिलगुरो भगवन् नमस्ते॥ भावार्थ: हे नारायण! आप समस्त जगत् के गुरु हैं; मैं आपको नमस्कार करता हूँ। गजेन्द्र की निष्कपट पुकार सुनकर भगवान विष्णु गरुड़ पर आरूढ़ होकर तुरंत आए और उसे मुक्त किया। प्रह्लाद की पुकार-- (भागवत पुराण, सप्तम स्कन्ध) हिरण्यकशिपु के अत्याचारों के बीच भी प्रह्लाद निरन्तर भगवान का स्मरण करते रहे — नैवोद्विजे पर दुरत्यय-वैतरण्याः त्वद्वीर्य-गायन-महामृत-मग्न-चित्तः॥ (भागवत ७.९.४३) भावार्थ: हे प्रभो! आपकी महिमा का गान करते हुए मेरा चित्त अमृत में डूबा है; मुझे संसारसागर से भय नहीं। और उनकी स्तुति में — ब्रह्मादयः सुरगणा मुनयोऽथ सिद्धाः सत्त्वैकतानमतयो वचसां प्रवाहैः। नाराधितुं पुरुगुणैरधुनापि पिप्रुः किं तोष्टुमर्हति स मे हरिरुग्रजातिः॥ (७.९.८) प्रह्लाद की पुकार पर भगवान नृसिंह खम्भे से प्रकट हुए और भक्त की रक्षा की। निष्कर्ष-- गजेन्द्र — संकट में आर्त पुकार। प्रह्लाद — अत्याचार के बीच अटल स्मरण। दोनों घटनाएँ सिद्ध करती हैं कि निष्कपट शरणागति और आर्त प्रार्थना अवश्य सुनी जाती है — यही “श्रणवो हवेमा” का साक्षात् पुराण-प्रमाण है। द्रौपदी की पुकार-- (महाभारत, सभापर्व) जब दुर्योधन की सभा में द्रौपदी असहाय हुई, तब उसने पूर्ण शरणागति से पुकारा — “हे गोविन्द! हे केशव! हे द्वारकावासिन् कृष्ण!” पूरा श्लोक-- गोविन्द द्वारकावासिन् कृष्ण गोपीजनप्रिय। कौरवैः परिभूतां मां किं न जानासि केशव॥ भावार्थ: हे गोविन्द! कौरवों द्वारा अपमानित मुझे क्या आप नहीं जानते? उसकी पुकार पर भगवान ने अनन्त चीर प्रदान कर उसकी रक्षा की। अजामिल की पुकार-- (भागवत पुराण, षष्ठ स्कन्ध) मृत्युशय्या पर अजामिल ने अपने पुत्र का नाम लेकर पुकारा — नारायण इति व्याजहार विवशो नामोच्चारणमात्रतः। (भाव — भागवत ६.२) और शास्त्र में कहा — एतावान् संख्ययोगाभ्यां स्वधर्मपरिनिष्ठया। जन्मलाभः परः पुंसामन्ते नारायणस्मृतिः॥ (६.२.१२) भावार्थ: मनुष्य-जीवन की सर्वोच्च सिद्धि अन्त समय में “नारायण” का स्मरण है। नाम-स्मरण से ही विष्णुदूत आकर उसे यमदूतों से बचाते हैं। शबरी की पुकार-- (रामायण, अरण्यकाण्ड) शबरी वर्षों तक प्रभु की प्रतीक्षा करती रहीं। उनका भाव — आगमिष्यति मे रामो दाशरथिः प्रियदर्शनः। जब भगवान श्रीराम उनके आश्रम आए, तब उन्होंने प्रेमपूर्वक कहा-- भक्तिर्भवति नैष्ठिकी। निष्कपट भक्ति और प्रतीक्षा की पुकार पर स्वयं भगवान श्रीराम पधारे। निष्कर्ष-- द्रौपदी — पूर्ण समर्पण की आर्त पुकार। अजामिल — अन्तकाल का नाम-स्मरण। शबरी — दीर्घ प्रतीक्षा और निष्कलुष भक्ति। तीनों उदाहरण सिद्ध करते हैं कि सच्चे हृदय से की गई पुकार अवश्य सुनी जाती है — यही “श्रणवो हवेमा” का शास्त्रीय प्रत्यक्ष प्रमाण है। हितोपदेश-- आपदि स्मरणं विष्णोः सम्पदि स्मरणं हरिः। यत्र यत्र स्मरेन्नित्यं तत्र तत्र सहायता॥ (प्रचलित पाठ) भावार्थ: संकट में विष्णु का स्मरण और समृद्धि में भी हरि का स्मरण—जहाँ-जहाँ स्मरण होता है, वहाँ-वहाँ सहायता मिलती है। निष्कर्ष: आर्त पुकार व्यर्थ नहीं जाती। चाणक्य नीति-- आपदर्थे धनं रक्षेद् दारान् रक्षेद् धनैरपि। आत्मानं सततं रक्षेद् दारैरपि धनैरपि॥ भावार्थ: आपत्ति के लिए धन बचाओ; धन से परिवार की रक्षा करो; परन्तु आत्मा (धर्म) की रक्षा सर्वोपरी है। संकेत: अंतिम आश्रय धर्म और परमसत्ता ही है—वहीं सच्ची सुरक्षा है। एक अन्य नीति-वाक्य (प्रचलित) धर्मो रक्षति रक्षितः। जो धर्म की शरण लेता है, उसकी रक्षा होती है। भर्तृहरि नीतिशतक- दैवेनोद्धृतबुद्धयः परिभवन्त्येव साधवः। दैवाधीनं जगत्सर्वं तस्माद् दैवं परं बलम्॥ (भावानुसार उद्धरण) भावार्थ: यह संसार दैवाधीन है; इसलिए दैव (ईश्वर) ही परम बल है। संकट में परम बल की ओर ही मनुष्य की पुकार जाती है। और — सत्सङ्गत्वे निस्सङ्गत्वं… निस्सङ्गत्वे निर्मोहत्वं… सत्संग और ईश्वराभिमुखता से ही बन्धन कटते हैं। निष्कर्ष-- हितोपदेश — संकट में ईश्वर-स्मरण को सहायक बताता है। चाणक्य — धर्म को परम आश्रय मानते हैं। भर्तृहरि — दैव को परम बल स्वीकार करते हैं। इस प्रकार आर्ष नीतिग्रन्थ भी यही प्रतिपादित करते हैं कि जब मनुष्य विनयपूर्वक उच्च शक्ति/धर्म की ओर उन्मुख होकर पुकारता है, तब वही उसका वास्तविक संरक्षण करती है — यही “श्रणवो हवेमा” का नीतिशास्त्रीय समर्थन है। मनुस्मृति-- (८/१५) धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः। तस्माद्धर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो हतोऽवधीत्॥ भावार्थ: धर्म का नाश करने वाला स्वयं नष्ट होता है; धर्म की रक्षा करने पर वही हमारी रक्षा करता है। संकेत: जो धर्म (ईश्वर-मार्ग) की शरण लेता है, उसकी रक्षा अवश्य होती है। (४/१३८ – भावानुसार) सततं धर्ममाश्रित्य शुचिः स्यात् प्रयतः नरः। भावार्थ -- मनुष्य को निरन्तर धर्म का आश्रय लेना चाहिए — यही स्थायी सुरक्षा है। योगवासिष्ठ- (उपशमप्रकरण) ईश्वरप्रणिधानाद्वा चित्तस्यैकाग्रता भवेत्। भावार्थ: ईश्वर-प्रणिधान (समर्पण) से चित्त की एकाग्रता और शान्ति प्राप्त होती है। संकट में ईश्वर-स्मरण ही स्थिरता देता है। एक प्रसिद्ध उक्ति (भावानुसार) यदा यदा मनो दुःखैः पीड्यते मानवस्य हि। तदा तदा हरिं स्मृत्वा शान्तिमाप्नोति मानवः॥ जब-जब मनुष्य दुःखी होता है, तब-तब ईश्वर-स्मरण से शान्ति पाता है। निष्कर्ष-- मनुस्मृति — धर्म-आश्रय को सुरक्षा का आधार बताती है। योगवासिष्ठ — ईश्वर-प्रणिधान को चित्त-शान्ति और मुक्ति का मार्ग बताता है। अर्थात् आर्ष परम्परा का समग्र मत यही है कि विनयपूर्वक की गई पुकार, धर्माश्रय और ईश्वर-समर्पण व्यर्थ नहीं जाते। ------+-------+--------+--------+---

Abantika

✨️इतवार की धूप✨️ ​ आलम है सुस्ताने का, एक लंबी मीठी तान का। ना अलार्म की कोई ज़िद है आज, ना फ़िक्र किसी काम का। ​ चाय की प्याली में घुली हुई, थोड़ी फुर्सत, थोड़ा प्यार है, भीड़ से कट कर खुद से मिलने का, बस यही एक इतवार है। ​ धूप खिड़की से झाँक कर कहती है, "आज तो ज़रा धीरे चलो," सारे हफ्ते की थकान भूल कर, अपनों के संग हो लो।

Urvashi Oza

कष्ट तो दोनों ने सहा था , तभी मिलन हो पाया एक ने तप किया तो एक ने विरह सहा था

kavitha

I feel that life is never constant. Happiness and struggles come and go like waves and storms. This poem is my way of accepting life with strength.

shabdh skhi

🌼🌼🌼🌼

Pragna Ruparel

તમને દુઃખી કોણ કરે? પારકા? ના પોતાના. શા માટે? કારણ આપણી અપેક્ષા અનુસાર એ રિસ્પોન્સ ના આપે.બરાબર ને? સુખી કેમ? કારણ આપણી અપેક્ષાઓ પૂર્ણ થાય. બસ આ જ વ્યાખ્યા છે.તમારું શું માનવું છે? માણસ ને જીતવું પણ પોતાના પાસે.પણ યાદ રાખો,પોતાના પાસે હારી ને પણ જીતવાનું જ છે. પણ યાદ રાખો આશા અને અપેક્ષા વગર બીજા ને ખુશી આપવામાં જીવનની સાર્થકતા છુપાયેલી છે.તમારું શું માનવું છે? જય સ્વામીનારાયણ

Chaudhari sandhya

શિવ વગર શક્તિ અધૂરી, ને શક્તિ વગર શિવ છે મૌન, આ અખિલ બ્રહ્માંડના સર્જનહાર, એમના સિવાય છે કોણ? કણ-કણમાં શિવનો વાસ છે, ને શક્તિમાં આખો સંસાર છે. બંનેના મિલનથી જ રચાયો, આ અદ્ભુત સૃષ્ટિનો શણગાર છે.

SAYRI K I N G

में चाहूं तो देख सकता हूं तेरे सिवा भी कोई और कम्भख्त ये आंखे ही दगा नहीं करती

SAYRI K I N G

तुझे किसने कहा है कि अंजान बन कर आया कर मेरे दिल के आयने का मेहमान बन कर आया कर ये पागल तुझे इस दिल की सल्तनत सोफी हैं तू इस सल्तनत में सुल्तान बन कर आया है

Hardik Boricha

भगवान शिव का आशीर्वाद आपके हर कदम पर साथ रहे, कठिन समय में साहस दे और सुख के क्षणों में कृतज्ञता का भाव बनाए रखे। *आपको और आपके परिवार को महाशिवरात्रि की मंगलकामनाएँ।*

Saliil Upadhyay

हर हर महादेव 🙏

SAYRI K I N G

Happy Mahashivratri प्रेम की लिखी गई थी वो कहानी, श्मशान के राजा के लिए, महल छोड़कर आई थी एक महारानी ।

Raju kumar Chaudhary

महाशिवरात्रि व्रत कथा🕉️ महाशिवरात्रि व्रत कथा – काव्य रूप फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात आई, अंधकार में चंद्रमा की रौशनी छाई। वन में गूँज उठे कानों में शांति के स्वर, शिवभक्तों के हृदय में जागा था अमर प्रेम का असर। 🔹 कथा प्रारंभ एक नगर में शिकारी सुदर्शन रहता, हिंसा और शिकार में ही उसका जीवन बसता। धन-धान्य से उसका घर भरा नहीं था, बल्कि पाप और अपराध उसका दिनभर का व्यायाम था। एक दिन वन में वह चला, शिकार की खोज में, परंतु न मिला शिकार, न सुख, न आज की रोज़मर्रा में। भूखा, थका और प्यासा, वह बेल वृक्ष पर चढ़ा, जहाँ नीचे शिवलिंग खड़ा था, जैसे स्वयं शिव वहीं बसा। रात हुई, अंधेरा छाया, सुदर्शन ने पत्तियाँ तोड़कर गिराया। अनजाने में ही अर्पित हुए बेलपत्र, शिवलिंग पर बूँद-बूँद गिरा, जैसे अमृतधारा। 🔹 शिव का आशीर्वाद भूखा-प्यासा, थका और भयभीत, शिकारी जागरण करता रहा, रातभर अनन्य प्रीत। तभी प्रकट हुए भोलेनाथ, त्रिनेत्रधारी, कहा, “हे सुदर्शन, तेरा हृदय हुआ पावन, तू बन गया भक्त सच्चा और सारा। तेरे पाप नष्ट हुए, करुणा जागी है, अब धर्ममार्ग पर चल, जीवन में विजय पाओगे।” 🔹 व्रत का महत्व शिवभक्ति केवल दिखावा नहीं, मन और हृदय से होना चाहिए यही सही। अनजाने में भी किया गया पुण्य, भविष्य को करता है प्रकाशमय और सुंदर। जो भक्त शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें, जागरण करें और मंत्र “ॐ नमः शिवाय” जपें, उनका जीवन हो जाता है सुख-समृद्धि और शांति से भरा। 🕉️ शिव भक्ति संदेश: “सच्चा भक्त वही है जो मन, वचन और कर्म से शिव की भक्ति करता है। अंधकार में भी प्रकाश पाता है वही, जो निष्ठा से व्रत निभाता है।” हर-हर महादेव! 🙏

Raju kumar Chaudhary

महाशिवरात्रि व्रत कथा🕉️ महाशिवरात्रि व्रत कथा – काव्य रूप फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात आई, अंधकार में चंद्रमा की रौशनी छाई। वन में गूँज उठे कानों में शांति के स्वर, शिवभक्तों के हृदय में जागा था अमर प्रेम का असर। 🔹 कथा प्रारंभ एक नगर में शिकारी सुदर्शन रहता, हिंसा और शिकार में ही उसका जीवन बसता। धन-धान्य से उसका घर भरा नहीं था, बल्कि पाप और अपराध उसका दिनभर का व्यायाम था। एक दिन वन में वह चला, शिकार की खोज में, परंतु न मिला शिकार, न सुख, न आज की रोज़मर्रा में। भूखा, थका और प्यासा, वह बेल वृक्ष पर चढ़ा, जहाँ नीचे शिवलिंग खड़ा था, जैसे स्वयं शिव वहीं बसा। रात हुई, अंधेरा छाया, सुदर्शन ने पत्तियाँ तोड़कर गिराया। अनजाने में ही अर्पित हुए बेलपत्र, शिवलिंग पर बूँद-बूँद गिरा, जैसे अमृतधारा। 🔹 शिव का आशीर्वाद भूखा-प्यासा, थका और भयभीत, शिकारी जागरण करता रहा, रातभर अनन्य प्रीत। तभी प्रकट हुए भोलेनाथ, त्रिनेत्रधारी, कहा, “हे सुदर्शन, तेरा हृदय हुआ पावन, तू बन गया भक्त सच्चा और सारा। तेरे पाप नष्ट हुए, करुणा जागी है, अब धर्ममार्ग पर चल, जीवन में विजय पाओगे।” 🔹 व्रत का महत्व शिवभक्ति केवल दिखावा नहीं, मन और हृदय से होना चाहिए यही सही। अनजाने में भी किया गया पुण्य, भविष्य को करता है प्रकाशमय और सुंदर। जो भक्त शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें, जागरण करें और मंत्र “ॐ नमः शिवाय” जपें, उनका जीवन हो जाता है सुख-समृद्धि और शांति से भरा। 🕉️ शिव भक्ति संदेश: “सच्चा भक्त वही है जो मन, वचन और कर्म से शिव की भक्ति करता है। अंधकार में भी प्रकाश पाता है वही, जो निष्ठा से व्रत निभाता है।” हर-हर महादेव! 🙏🕉️ महाशिवरात्रि व्रत कथा (संक्षिप्त पाठ) फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के दिन भक्तगण भगवान भगवान शिव का व्रत रखते हैं। प्राचीन काल में एक शिकारी था, जो जीवों की हत्या करके अपना जीवन चलाता था। एक दिन वह शिकार की खोज में वन में गया, परंतु उसे कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ। रात होने पर वह एक बेल वृक्ष पर चढ़ गया। उस वृक्ष के नीचे एक शिवलिंग स्थापित था। रातभर जागते हुए वह बेलपत्र तोड़कर नीचे गिराता रहा। संयोग से वे पत्ते शिवलिंग पर गिरते रहे। उस दिन महाशिवरात्रि थी। शिकारी भूखा-प्यासा रहा और पूरी रात जागरण करता रहा। इस प्रकार उससे अनजाने में ही महाशिवरात्रि का व्रत पूर्ण हो गया। प्रातःकाल भगवान शिव प्रकट हुए और बोले— “हे भक्त! तुमने अज्ञानवश भी मेरा व्रत किया है। तुम्हारे पाप नष्ट हो गए हैं।” इस प्रकार शिकारी का हृदय परिवर्तन हुआ और वह धर्ममार्ग पर चल पड़ा। 🌿 व्रत विधि (संक्षेप में) प्रातः स्नान करके व्रत का संकल्प लें। शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद से अभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा और फल अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें। रात्रि जागरण करें और शिव कथा का श्रवण करें। जो भक्त श्रद्धा से यह व्रत करते हैं, उन पर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है। 🕉️ हर-हर महादेव 🙏🕉️ महाशिवरात्रि व्रत कथा फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि, भगवान भगवान शिव की आराधना का सर्वोच्च पर्व माना जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस रात्रि में सच्चे मन से किया गया व्रत और जागरण अनेक जन्मों के पापों का नाश करता है। 📖 प्राचीन कथा एक समय की बात है। एक नगर में “सुदर्शन” नाम का एक शिकारी रहता था। वह हिंसक स्वभाव का था और जीवों का शिकार करके ही अपना जीवन यापन करता था। एक दिन शिकार की खोज में वह घने वन में चला गया। दिनभर भटकने के बाद भी उसे कोई शिकार नहीं मिला। भूख और प्यास से व्याकुल होकर वह एक बेल (बिल्व) वृक्ष पर चढ़ गया ताकि रात वहीं बिता सके। उस वृक्ष के नीचे संयोगवश एक शिवलिंग स्थापित था, जिसकी उसे जानकारी नहीं थी। रात भर जागते हुए उसने समय बिताने के लिए वृक्ष की पत्तियाँ तोड़कर नीचे गिरानी शुरू कीं। वे बेलपत्र सीधे शिवलिंग पर गिरते रहे। अनजाने में ही उसने भगवान शिव पर बेलपत्र अर्पित कर दिए। उस दिन महाशिवरात्रि थी। भूखा-प्यासा रहकर उसने उपवास किया, रातभर जागरण भी किया, और बेलपत्र भी अर्पित किए—अर्थात व्रत की सारी विधि अनजाने में पूर्ण हो गई। रात के अंतिम प्रहर में एक हिरणी वहाँ आई। शिकारी ने तीर चढ़ाया, पर हिरणी ने विनती की—“मैं अपने बच्चों से मिलकर लौट आऊँगी।” उसकी करुण पुकार सुनकर शिकारी का हृदय पिघल गया। उसने उसे जाने दिया। धीरे-धीरे उसका मन परिवर्तन होने लगा। तभी भगवान शिव प्रकट हुए और बोले— “हे सुदर्शन! अनजाने में भी तुमने महाशिवरात्रि का व्रत किया है। तुम्हारे पाप क्षीण हो गए हैं। तुम्हारे हृदय में करुणा जागी है—यही सच्ची भक्ति है।” भगवान शिव ने उसे मोक्ष का वरदान दिया और उसका जीवन धर्ममय हो गया। 🌿 व्रत का संदेश सच्ची भक्ति केवल विधि से नहीं, भावना से होती है। अनजाने में भी किया गया शुभ कर्म जीवन बदल सकता है। करुणा और दया ही शिवत्व की पहचान है। जो भक्त श्रद्धा और नियम से महाशिवरात्रि का व्रत करते हैं, उन्हें भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस पावन रात्रि में उपवास, रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पण और जागरण करने से मन, बुद्धि और आत्मा शुद्ध होती है। 🕉️ “शिव की भक्ति में जो लीन हो जाता है, वह भय, दुख और बंधन से मुक्त हो जाता है।” हर-हर महादेव! �

Mrs Farida Desar foram

काश तेरी यादों का भी, कोई रवीवार होता, मै छुट्टी रखती, अपने जज्बातों की.... Happy Sunday 🌹 - Mrs Farida Desar foram

SADIKOT MUFADDAL 《Mötäbhäï 》

संघर्ष पिता से सीखे ..! संस्कार माँ से सीखे ..! बाकि सब कुछ दुनियाँ सीखा देगी .. ✍️✍️ - SADIKOT MUFADDAL 《Mötäbhäï 》

Shailesh Joshi

વિચારો ઈચ્છાઓ અને સપનાઓની જ્યાં નિખાલસ પણે આપલે, અને ચર્ચાઓ થતી હોય, એવા સંબંધો, અને એવા ઘર અને પરિવારો, આદર્શની વ્યાખ્યામાં આવતા હોય છે. - Shailesh Joshi

kajal jha

"महादेव" जिनकी जटाओं से बहती है गंगा की धार, जिनके माथे पे सजा है चाँद अपार। डमरू की धुन में बसता है सारा संसार, वो हैं मेरे भोले, मेरे शिव शंकर दातार। राख लपेटे, आँखों में गहरा सुकून, क्रोध में प्रलय, प्रेम में जैसे सुकून। जो माँगो वो दे दें, बस दिल हो सच्चा, महादेव के दर पे कोई नहीं है कच्चा। हर हर महादेव की गूँज जहाँ में रहे, उनकी कृपा से हर मुश्किल आसान रहे। जब भी लगे दुनिया से हार गए हम, भोले का नाम लो — और पार गए हम। - kajal jha

Balkrishna patel

Happy Mahashivratri 🎉🙏🎉

Chaitanya Joshi

અનુસંધાન શિવનું પ્રતિદિન થાય તો હરદિન શિવરાત્રિ છે. શ્વાસેશ્વાસે સદાશિવને સ્મરાય તો હરદિન શિવરાત્રિ છે. ના રહે વળગણ માયાનું જે જીવમાત્રને સતાવનારું હો સતત, સંયમ વિષયોમાં આવી જાય તો હરદિન શિવરાત્રિ છે. ના રહે ભેદભાવ હરિહરનાને જીવમાં દરશન શિવનું થાય, દીનદુઃખી દેખીને કરીએ સહાય તો હરદિન શિવરાત્રિ છે. વજન ભજનનું વધતું જાયને કરુણા કેદારેશ્વરની વસી જાય, ખાલી દિન ભજનવિણ ના ખમાય તો હરદિન શિવરાત્રિ છે. તીરથસમા છે માતપિતા ઘરઆંગણે હાજરાહજૂર પ્રતિદિનને, એનું દિલ કદી પણ ના દૂભાવાય તો હરદિન શિવરાત્રિ છે. - ચૈતન્ય જોષી. " દીપક " પોરબંદર.

Raju kumar Chaudhary

महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँभोले की नगरी में उजाला ही उजाला है, हर मन में आज शिव का ही उजियाला है। मिट जाएँ अंधेरे जीवन के इस रात में, क्योंकि आज शिव ने सबको संभाला है।आदरणीय महोदय / प्रिय मित्र, आपको और आपके समस्त परिवार को पवित्र महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ। भगवान शिव की कृपा आप पर सदैव बनी रहे। यह पावन पर्व आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का संचार करे। भोलेनाथ की असीम अनुकंपा से आपके सभी कष्ट दूर हों और जीवन में नई ऊर्जा, नई आशा तथा सकारात्मकता का प्रकाश फैले। महाशिवरात्रि हमें संयम, साधना और आत्मचिंतन का संदेश देती है। इस पावन अवसर पर हम सभी सत्य, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। इसी मंगलकामना के साथ, आपको पुनः महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। सादर, Raju Kumar Chaudhary

Dr Darshita Babubhai Shah

मैं और मेरे अह्सास इश्क़ की आग में जले हुए इश्क़ की आग में जले हुए को फ़िर से जलाया नहीं करते l मोहब्बत में चोट खाए हुए का सरे आम तमाशा नहीं करते ll दिल की क़ायनात में बसाया और रग रग में बसाया ओ l प्यार में ख़ुद को मिटाया दिया हो उसे भुलाया नहीं करते ll "सखी" डो. दर्शिता बाबूभाई शाह

ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

श्मशान की भभूति का शृंगार करके, भूतों की टोली के संग शिव चले। गले में कंकाल की माला, ललाट पर त्रिनेत्र, हाथ में डमरू और त्रिशूल लेके शिव चले। महलों में रहने वाली दक्ष की प्रिय पुत्री, मलमल पर चलती थी मृदुला के भाती थी, प्रणय के पथ पर श्मशान की राह, शिव संग चले। ये थी समस्त सृष्टि के सर्जन की रात, जब शिव एक लिंग आकर में साकार हुए, इन निराकार नीलकंठ को अर्चन करने, भक्त गण चले। ब्रह्म और विष्णु ने अपने बल की प्रतियोगिता लगाई, भयभीत समस्त देव गण ने शिव की स्तुति गाई, मेरे देवाधि देव ने निराकार स्वरूप से अपनी योग्यता बताई, उस दिन सभी देवों ने माना, शिव की महिमा गाई। ये रात्रि है नील को कंठ में रखने की ये रात्रि है शिव और शक्ति की मिलन की, ये रात्रि है गंगा को जटा में धारण की, ये रात्रि है निराकार को लिंग में साकार होने की। आज पर्व आया है ऐसा, महादेव की महिमा का, सृष्टि के कण कण में, महाकाल को पाने का, मनाए आज की रात्रि भूतों के महराज की, दर्शन मात्र से ही जीव, शिव के संग चले।।।। भूपेन पटेल

Imaran

तुझे चाहता है बे-इंतेहां, पर चाहता नहीं आता.. ये कैसी मोहब्बत है, कि हमें कहना नहीं आता। . जिंदगी मैं आ जाओ हमारी जिंदगी बन कर, के तेरे बिन हमीं जिंदा रहना नहीं आता ❤️🤎💛imran ❤️🤎💛

Paagla

https://youtube.com/shorts/Vbl47f1pU3U?si=7EuhwbF9_5dy9qJX

Paagla

https://youtube.com/shorts/ybFFT4O7lR0?si=YeB72-L6h1r9-GZS

Paagla

https://youtube.com/shorts/Y-59-Q0hYrc?si=uBxXPEgYQYcmeBQs

Gautam Patel

महा शिवरात्रि

Soni shakya

शिव पार्वती विवाह महोत्सव "महाशिवरात्रि" की आप सभी को हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🙏 🙏🌹🙏 ओम् नमः शिवाय 🙏🌹🙏

Mamta Trivedi

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं कविता का शीर्षक है 🌹 आईना गिर पड़ा https://youtube.com/shorts/Ljv06kO9Ct4?si=VpbYiGHpsr-cnyUL

Ankithamohan

నేను ఎక్కువగా నమ్మే నా దైవం శివయ్య. నా అన్ని కష్టా సుఖల్లో తోడు ఉండే దైవం నా శివయ్య. నమ్మిన భక్తుని ఎంత బాధ పెట్టిన సరే అది వారి మంచికే అని పూసగుచ్చినట్టు అర్థం అయ్యేలా చేస్తాడు నా తండ్రి పరమేశ్వరుడు. దైవాన్ని నమ్మి చెడిపోయినా వాళ్ళు లేరు. కర్మను అనుసరించి జీవితం ముందుకు సాగుతుంది. ఓం నమ శివాయ నమః 🙏🌸🙏 అందరికి మహాశివరాత్రి శుభాకాంక్షలు.

Abantika

बेनाम एहसास ​कुछ लफ्ज़ हैं जो कहे नहीं जाते, कुछ दर्द हैं जो सहे नहीं जाते। ये ज़िंदगी भी अजीब मोड़ पर खड़ी है, कुछ रिश्ते हैं जो निभाए नहीं जाते। ​कभी खुशी का झोंका, कभी ग़म की बारिश, दिल में दबी हुई एक अधूरी सी ख्वाहिश। हर किसी को दिखता नहीं ये मंज़र मेरा, बस एक 'एहसास' है, जो करता है मेरी नुमाइश। ​ना कोई वजह है, ना कोई ठिकाना, बस यादों का है एक पुराना फ़साना। पलकों पर रुके हैं जो मोती बन कर, उन्हीं अश्कों में छुपा है मेरा ज़माना।

Meeta

આંખો પણ સાચો અભિપ્રાય ક્યાં આપે છે શબ્દો ની જેમ એ પણ ક્યારેક હકીકત છુપાવે છે.... મિતા......

Awantika Palewale

ऐसे तो हालात नहीं हैं मेरे कि तेरे लिए ख़ुद को बर्बाद कर लें इश्क़ को हमने तहज़ीब दी है हर एक जज़्बे को आबाद कर लें तेरी निगाहों का एक इशारा काफ़ी है, सदियों को याद कर लें हमने सिखाया है दिल को अक्सर ज़ख़्मों को चुपचाप आज़ाद कर लें तू सामने हो तो रुक जाती है साँस दूर हो तो तुझसे फ़रियाद कर लें हम फ़क़ीर-ए-इश्क़ ठहरे हैं जो मिल जाए, उसी में इजाद कर लें

Hetu P

પ્રેમ ની લખાય હતી એક કહાની સ્મશાન ના રાજા માટે મહેલ મૂકી આવ્યા હતા એક રાણી happy maha Shivaratri 🙏...hetu ✍️

Prathibha

ഓരോ രാവും പകലും നീങ്ങവേ ഞാനെന്ന ജന്മം ഓരോ കാത്തിരിപ്പിനു പുനർ ജന്മം കൊടുത്തിടാം എന്റെ ഉള്ളിൽ നീ പുതു ജീവൻ തേടി ജീവിക്കു. ആകുമോ പ്രിയനേ നിനക്ക് എന്നിൽ പൂക്കുവാൻ..... - Prathibha

Urmi Vala

કલા કુદરતે આપેલ બક્ષિશ છે. તેથી, નિર્દોષતા સાથે કલાને સમર્પણ થવું.

Siddhant Mahadik

मी पंधरा वर्षाचा लेखक तनिष्क

Neha kariyaal

https://www.matrubharti.com/book/19988368/ek-aur-jivan-1 Science fiction + Adventure story 🌠🌌🌏

Alfha production house

A day dedicated to showing gratitude and respect to parents as the ultimate guides in life. for students

Alfha production house

A day to celebrate romantic love and affection with partners through gifts and heartfelt gestures.

Alfha production house

Ye mere vatan ke logon zara aankh mein bhar lo paani jo shaheed hue hain unki zara yaad karo qurbani.

SAYRI K I N G

Valentine's Day मोहब्बत का हफ्ता, uff ये हफ़्ते भर की मोहब्बत

Soni shakya

"किसी को चाहते रहने की चाहत ही ‌काफी है इस चाहत के बाद किसी और चाहत की जरूरत नहीं " - Soni shakya

Sudhir Srivastava

दोहा -कहें सुधीर कविराय *********** बसंत ****** मातु शारदे दे रहीं, जन मन नेह दुलार। शीश झुकाकर लीजिए, उनका पावन प्यार।। आम वृक्ष दिखने लगे, यहाँ-वहाँ अब बौर। नई- नई नित कोंपलें, जमा रही हैं ठौर।। पीली चादर ओढ़कर, धरती लगे सुजान। पक्षी कलरव कर रहे, मानव मन मुस्कान।। पतझड़ संग बसंत भी, दस्तक देता द्वार। ठंड विदाई ले रही, माघी बहे बयार।। सबसे ऊंची देखिए, मेरी उड़े पतंग। जन मानस को मोहता, अंबर का बहुरंग।। ******** सतगुरु देव ******* सतगुरु सुमिरन कीजिए, मन प्राणी विश्वास। और स्वयं को मानिए, तू है सबसे खास।। सतगुरु इक आधार है, समझ रहा संसार। फिर नाहक क्यों कर रहा, निंदा नफरत रार।। सुबह सबेरे कीजिए, सतगुरु चरण प्रणाम। छोड़ फिक्र परिणाम की, करिए अपने काम।। सतगुरु पर विश्वास का, सीख लीजिए मंत्र। वो ही देंगे आपको, सुखदा जीवन यंत्र।। ****** धरा ****** हरियाली की चाह में, धरा हुई बेचैन। मानव गुस्ताखियाँ, भिगो रही हैं नैन।। गिद्ध लुप्त होते धरा, छिनता उनका ठौर। प्राण बचाने के लिए, ठाँव ढूँढ़ते और।। आज धरा भी को रही, अपना असली रूप। यत्र- तत्र ही छाँव है, ज्यादा ही है धूप।। दूषित होती जा रही, धरा आज भरपूर। संकट जीवन का बढ़े, हम स्वारथ में चूर।। धरा धर्म की कीजिए, सभी पालना आज। नहीं धर्म दूजा बड़ा, करना है जो काज।। जल, जंगल संग मेदिनी, संरक्षण का भार। सब मिल आज उठाइए, जीवन का है सार।। ****** धार्मिक ******* मंगल मंगलमय बने, कृपा करें प्रभु राम। हनुमत के दरबार में, गूँजे राम का नाम।। सुनो विनय अब आइए, प्रथम पूज्य गजराज। भक्तों की दुश्वारियाँ, दूर करो अब आज।। शिव गौरी के लाल को, करिए सभी प्रणाम। उनकी जब होगी कृपा , पूरण होंगे काम।। शिव शंकर कृपा करो, मेरी भी फरियाद। पहले सब पर कीजिए, मम पर सबके बाद।। ******* शनिदेव ******** शनीदेव जी की कृपा, मुख फैले मुस्कान। उनके भक्तों का सदा, बढ़े मान सम्मान।। फ़ुरसत में हों जब कभी, मम पर भी दें ध्यान। राह निहारूं आपकी, शनीदेव भगवान।। छाया नंदन भूलिए, होता हमसे पाप। मानो हम नादान हैं, हरो कष्ट संताप।। मैं भी तो कहता यही, होती हमसे भूल। इसका मतलब यह नहीं, आप चुभाओ शूल।। सूर्य पुत्र देते नहीं, ओर हमारे ध्यान। या फिर है ये आपका, कोई नया विधान।। द्वार आपके हो खड़े, भक्त करें फरियाद। अर्जी इनकी लीजिए, या फिर आएं बाद।। शनी तुला पर तोलते, पाप-पुण्य का भार। समता मूलक न्याय का, यह उनका आधार।। ****** विविध ******* ईश कृपा इतनी रहे, सदा सभी के साथ। मन वाणी सद्भावना, हृदय बसें रघुनाथ।। दोहा लेखन कीजिए, करिए सभी विचार। प्रेम प्यार सद्भावना, कस फैले संसार।। रिश्तों का नित हो रहा, होता कत्लेआम। जैसे तैसे चल रहा, छिपकर सारा काम।। मोबाइल का बढ़ रहा, नित्य नया उपयोग। सुरसा डायन की तरह, बढ़ता जाता रोग।। मानव का अब देखिए, कैसे बदले रंग। गिरगिट भी यह देखकर, परेशान अरु दंग।। मौसम भी दिखला रहा, हमें आइना रोज। संग चिढ़ाता नित्य है, ये है तेरी खोज।। संसद में जो हो रहा, हमें नहीं स्वीकार। काम नहीं कुछ हो रहा, ठनी हुई बस रार।। टूट रहे परिवार हैं, विकसित कटु संबंध। हर रिश्ते से आ रही, महज स्वार्थ की गंध।। कब तक निज से भागकर, बचे रहोगे आप। सोचा था कल क्यों नहीं, करते थे जब पाप।। कोशिश करके देख लो, इतना तो अधिकार। शायद फिर सजने लगे, तेरा भी दरबार।। सत्ता किसकी है यहाँ, नहीं भूलना आप। पछताने से है भला, मानो अपना पाप।। सत-पथ पर जो चल रहे, डरें नहीं वो लोग। निंदा नफरत आड़ में, फैलाते नहिं रोग।। धन दौलत की आड़ में, करते गंदे काम। लालच में जो फँस गया, वही हुआ बदनाम।। भारी दुख भी समय से, दम देता है तोड़। जीवन में आता सदा, ऐसा इक दिन मोड़।। जिंदा हो तो चाहिए, देखे दुनिया रोज। देना पड़ता है कहाँ, इसकी खातिर भोज।। जिंदा रहने के लिए, करें सभी संघर्ष। पर ऐसे भी लोग हैं, करते खूब विमर्श।। गंदा बंदा भला क्यों, करिए सोच विचार। मान रहे मजबूर या, वो मेरे सरदार।। बंदा होकर हार क्यों, मान रहे हो मित्र। उठो और आगे बढ़ो, नया खींच दो चित्र।। दुख अपना हल्का करो, संग किसी से बाँट। बदले में चाहे पड़े, तुमको थोड़ी डाँट।। उठो और आगे बढ़ो, इंतजार में राह। बस थोड़ी सी कीजिए, पैदा मन में चाह।। मुझ पर इतना आप क्यों, करते रहे यकीन। नहीं पता क्या आपको, मैं हूँ बड़ा जहीन।। आज किसी पर अब नहीं, करिए आप यकीन। कल सुनने से है भला, बनकर रहिए दीन।। नेता इस लायक नहीं, जनता करे यकीन। ऊपर से भोले दिखें, भीतर बहुत मलीन।। आप बड़े बेवकूफ हो, क्यों कर करें यकीन। मीठे अपने ख्वाब हैं, बन जायें क्या दीन।। बेंच बाँच खाली हुए, झाड़ें दोनों हाथ। धन दौलत जागीर क्या, सँग में जब रघुनाथ।। अपनी तो जागीर है, मातु पिता का साथ। मैं अमीर सबसे बड़ा, सिर पर उनका हाथ।। खूब दिखावा कीजिए, माँग समय की आज। अपने घर को फूँककर, आप कीजिए राज।। कौन दिखावा कर रहा, जाने सकल जहान। फिर भी दुनिया कह रही, बंदा बड़ा महान।। हरे भरे संसार को, देख रहे हम आप। इसीलिए तो कर रहे, बड़े प्रेम से पाप।। सुधीर श्रीवास्तव

Dada Bhagwan

पचाया हलाहल, रहे सदा अविचल, जीव से शिव बने, आशीष देकर! इस महाशिवरात्रि के अपूर्व अवसर पर मोबाईल और डेस्कटॉप वोलपेपर डाऊनलोड करने के लिए यहाँ विज़िट करे: https://dbf.adalaj.org/bgsRNA7L #mahashivratri #lordshiva #mahadev #omnamahshivay #DadaBhagwanFoundation

Sudhir Srivastava

चौपाई - संतोष ************ अब संतोष नहीं है होता। भले बहुत कुछ हूँ मैं खोता।। व्यर्थ नहीं अब कुछ समझाओं।। हमें नहीं संतोष सिखाओ।। संतोषी है मारा जाता। मूरख जग में वो कहलाता।। संतोषी तमगा पाओगे।। पागल होकर मर जाओगे।। कब तक तुम संतोष करोगे। बच्चों को भूखा मारोगे।। कोई नहीं सोचने वाला। दुनिया वालों का दिल काला।। सारा जग संतोषी होए। कभी नहीं जब कोई रोए।। तभी धरा खुशहाल दिखेगी। मीठी सी मुस्कान बहेगी।। आओ इक अभियान चलाएं। ज्योति एक संतोष जलाएं।। ऐसा पावन मंत्र सुनाएं। जग संतोष गीत हम गाएं।। सुधीर श्रीवास्तव

Armin Dutia Motashaw

SHADOW Your name should have been SHADOW, not Roxy; for follow me You, everywhere Even in the middle of the night, your head bobs up, if sit up I; oh so much for me you care! Taki n you, both with me wish to play, and at times, you'll can't with each other, me share Then fight you each other over me, or a toy, that's when to interfere, I just don't dare Shadow, when arrived you, looked you, like a toy doggie, n you, "Buttons", I called, my lady fair Feel very bad, when you longingly look at me n my food with you, I cannot share Also a little annoying it is when over me, Taku n you jumping keep, n me hurt; that pain I cannot bear . God bless all of you my darlings, my shadows, your love precious is, with any another, I can't compare. Love you all, Your Grandma Armin Dutia Motashaw

Std Maurya

"मेरी कविता की तुम क्या कीमत जानोगे, मैंने इसमें अपने जीवन की हर बात समाई है। जो सुलूक तुमने मेरे साथ किया है, उसे भी हमने अपनी कलम से फूलों सा सजाया है।" लेखक - एसटीडी मौर्य #एसटीडीमौर्य #एसटीडी

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