Gujarati Whatsapp Status | Hindi Whatsapp Status
kattupaya s

people prefer sex over love. mm that's hilarious. hard to understand

kattupaya s

Nowadays love is sex. sex is love. i just failed in both attempts

kattupaya s

love is infinite. controlling them into novel format is difficult. poem is the best way to express love

kattupaya s

Pongal celebrations are over.. Monday is waiting on the corner. enjoy the Sunday ! iam just thinking about my new novel

archana

समझने की जगह जब “साइको” कहा गया, दर्द ने भी आज मुझसे रिश्ता बना लिया। 2. हमने तो बस दिल की बात रखी थी, उन्होंने हमें ही बीमारी बता दिया।

Raju kumar Chaudhary

सपनो की राह में कहानी का नाम: "वो लौट आएँगे" शहर की भीड़ और तेज़ रफ्तार ज़िंदगी से थककर, आकाश ने कुछ महीने के लिए अपने गाँव लौटने का फैसला किया। उसका दिल शहर की चमक-दमक से परेशान था, और उसे लगता था कि सिर्फ़ गाँव की सादगी में वह फिर से अपने विचार और सपनों को समझ पाएगा। गाँव में उसकी मुलाकात हुई प्रियंका से, जो गाँव की ही रहने वाली थी। प्रियंका अपने माता-पिता के साथ रहती थी और अपने छोटे से पुस्तकालय को सँभालती थी। उसकी आँखों में हमेशा चमक थी, और उसके चेहरे पर मासूम मुस्कान। पहली मुलाकात झील के किनारे हुई, जब आकाश की किताबें हवा में उड़ गईं और प्रियंका ने उसे संभाल कर लौटाई। आकाश ने धन्यवाद कहा और कहा, "शायद मेरी जिंदगी में तुम्हारी मदद ही मेरी नई शुरुआत हो।" प्रियंका मुस्कुराई, "शायद! लेकिन तुम्हें भी तो अपनी किताबों से प्यार करना होगा, ना कि सिर्फ़ शहर की भागदौड़ से।" धीरे-धीरे, उनकी मुलाकातें रोज़मर्रा का हिस्सा बन गईं। वे सुबह की चाय पर बातें करते, झील के किनारे बैठकर सपनों की दुनिया में खो जाते, और कभी-कभी सिर्फ़ चुपचाप बैठकर एक-दूसरे की Company का आनंद लेते। लेकिन जैसे ही प्यार गहरा हुआ, आकाश के परिवार ने उसे शहर बुला लिया। वे चाहते थे कि वह अपने करियर पर ध्यान दे और गाँव में समय न गंवाए। वहीं प्रियंका के माता-पिता को लगा कि आकाश उनके परिवार के लिए सही नहीं है। एक दिन, गाँव की गलियों में एक बड़ी बहस हुई। आकाश और प्रियंका की नज़दीकियों के बारे में अफवाहें फैल गईं। प्रियंका के माता-पिता ने उसे चेतावनी दी: "तुम्हारे लिए यह रिश्ता ठीक नहीं है।" प्रियंका दुखी हुई, लेकिन उसने अपने दिल की सुनी। उसने आकाश को मिलने बुलाया। आकाश ने कहा, "प्रियंका, मैं नहीं चाहता कि तुम्हें परेशानी हो। शायद हमें अलग होना ही ठीक है।" प्रियंका ने आँसू पिए, लेकिन ज़िद्दी मुस्कान के साथ कहा, "अगर हमारा प्यार सच में मजबूत है, तो कोई भी ताकत इसे तोड़ नहीं सकती।" आकाश शहर लौट गया, लेकिन उसके दिल में सिर्फ़ प्रियंका की यादें ही बसी रही। उसने अपने जीवन में कई सफलताएँ पाई, लेकिन हर कहानी में प्रियंका का नाम लिखा। सालों बाद, आकाश की किताबें गाँव में पुस्तक मेले में आईं। प्रियंका वहाँ पहुँची। जैसे ही उनकी आँखें मिलीं, सारी पुरानी यादें, झगड़े, और जुदाई एक पल में गायब हो गईं। इस बार, आकाश ने प्रियंका के सामने घुटने टेक दिए और कहा, "मैंने हर सफलता तुम्हारे बिना नहीं जी पाई। क्या तुम मेरे साथ अपना जीवन बिताओगी?" प्रियंका ने आँसू पोंछते हुए कहा, "हाँ! अब हम कभी अलग नहीं होंगे।" आकाश और प्रियंका ने अपनी जुदाई और संघर्ष की कहानी को पीछे छोड़ दिया। गाँव की झील, जहाँ उनकी कहानी शुरू हुई थी, अब उनके प्यार की गवाही थी—सपनों, संघर्ष और सच्चे प्यार की। कहानी का संदेश: सच्चा प्यार वो नहीं जो सिर्फ़ पास होने में है, बल्कि वो जो हर मुश्किल और जुदाई में भी मज़बूत बना रहे।

Chaitanya Joshi

વરસતી આંખે તારી યાદ આવી મને. ના ઝાંખેઝાંખે તારી યાદ આવી મને. અંતર પણ થૈ વ્યાકુળ તરફડી ઊઠતું, માયના શલાખે તારી યાદ આવી મને. શબ્દો થયા શૂન્ય તને પોકારતી વેળાએ, વત્સલતા પલાખે તારી યાદ આવી મને. શું બોલાયુંને શું સંભળાયું દિલને ખબર, શરણાગતિની પાંખે તારી યાદ આવી મને. જે અનુભવાયું હતું એ શબ્દાતીત મૌનને, બાકી કોણ રાખે? તારી યાદ આવી મને. - ચૈતન્ય જોષી. " દીપક " પોરબંદર.

Chaitanya Joshi

તને બાદ કરીને જીવવાનું મને નહિ ફાવે. ખાલી વાદ કરીને જીવવાનું મને નહિ ફાવે. જરૂરી છે અંતરનું નિચોવાવું ખરાખરી ટાણે, માત્ર યાદ કરીને જીવવાનું મને નહિ ફાવે. નથી કોઈ સ્થળ તારા વિના આ જગતમાંહી, કેવળ સાદ કરીને જીવવાનું મને નહિ ફાવે. છું માણસ હું તો દીનહીનમાંયે તને નિહાળતો શાસ્ત્રસંવાદ કરીને જીવવાનું મને નહિ ફાવે. હરખું છું હરપળ સ્વરૂપ વિવિધ તારાં ભાળી, સેવામાં પ્રમાદ કરીને જીવવાનું મને નહિ ફાવે. - ચૈતન્ય જોષી " દીપક " પોરબંદર.

Raju kumar Chaudhary

कहानी का नाम: "वो लौट आएँगे" शहर की भीड़ और तेज़ रफ्तार ज़िंदगी से थककर, आकाश ने कुछ महीने के लिए अपने गाँव लौटने का फैसला किया। उसका दिल शहर की चमक-दमक से परेशान था, और उसे लगता था कि सिर्फ़ गाँव की सादगी में वह फिर से अपने विचार और सपनों को समझ पाएगा। गाँव में उसकी मुलाकात हुई प्रियंका से, जो गाँव की ही रहने वाली थी। प्रियंका अपने माता-पिता के साथ रहती थी और अपने छोटे से पुस्तकालय को सँभालती थी। उसकी आँखों में हमेशा चमक थी, और उसके चेहरे पर मासूम मुस्कान। पहली मुलाकात झील के किनारे हुई, जब आकाश की किताबें हवा में उड़ गईं और प्रियंका ने उसे संभाल कर लौटाई। आकाश ने धन्यवाद कहा और कहा, "शायद मेरी जिंदगी में तुम्हारी मदद ही मेरी नई शुरुआत हो।" प्रियंका मुस्कुराई, "शायद! लेकिन तुम्हें भी तो अपनी किताबों से प्यार करना होगा, ना कि सिर्फ़ शहर की भागदौड़ से।" धीरे-धीरे, उनकी मुलाकातें रोज़मर्रा का हिस्सा बन गईं। वे सुबह की चाय पर बातें करते, झील के किनारे बैठकर सपनों की दुनिया में खो जाते, और कभी-कभी सिर्फ़ चुपचाप बैठकर एक-दूसरे की Company का आनंद लेते। लेकिन जैसे ही प्यार गहरा हुआ, आकाश के परिवार ने उसे शहर बुला लिया। वे चाहते थे कि वह अपने करियर पर ध्यान दे और गाँव में समय न गंवाए। वहीं प्रियंका के माता-पिता को लगा कि आकाश उनके परिवार के लिए सही नहीं है। एक दिन, गाँव की गलियों में एक बड़ी बहस हुई। आकाश और प्रियंका की नज़दीकियों के बारे में अफवाहें फैल गईं। प्रियंका के माता-पिता ने उसे चेतावनी दी: "तुम्हारे लिए यह रिश्ता ठीक नहीं है।" प्रियंका दुखी हुई, लेकिन उसने अपने दिल की सुनी। उसने आकाश को मिलने बुलाया। आकाश ने कहा, "प्रियंका, मैं नहीं चाहता कि तुम्हें परेशानी हो। शायद हमें अलग होना ही ठीक है।" प्रियंका ने आँसू पिए, लेकिन ज़िद्दी मुस्कान के साथ कहा, "अगर हमारा प्यार सच में मजबूत है, तो कोई भी ताकत इसे तोड़ नहीं सकती।" आकाश शहर लौट गया, लेकिन उसके दिल में सिर्फ़ प्रियंका की यादें ही बसी रही। उसने अपने जीवन में कई सफलताएँ पाई, लेकिन हर कहानी में प्रियंका का नाम लिखा। सालों बाद, आकाश की किताबें गाँव में पुस्तक मेले में आईं। प्रियंका वहाँ पहुँची। जैसे ही उनकी आँखें मिलीं, सारी पुरानी यादें, झगड़े, और जुदाई एक पल में गायब हो गईं। इस बार, आकाश ने प्रियंका के सामने घुटने टेक दिए और कहा, "मैंने हर सफलता तुम्हारे बिना नहीं जी पाई। क्या तुम मेरे साथ अपना जीवन बिताओगी?" प्रियंका ने आँसू पोंछते हुए कहा, "हाँ! अब हम कभी अलग नहीं होंगे।" आकाश और प्रियंका ने अपनी जुदाई और संघर्ष की कहानी को पीछे छोड़ दिया। गाँव की झील, जहाँ उनकी कहानी शुरू हुई थी, अब उनके प्यार की गवाही थी—सपनों, संघर्ष और सच्चे प्यार की। कहानी का संदेश: सच्चा प्यार वो नहीं जो सिर्फ़ पास होने में है, बल्कि वो जो हर मुश्किल और जुदाई में भी मज़बूत बना रहे।कहानी का नाम: "सपनों की राह में" शहर की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में, जहाँ हर कोई अपनी दुनिया में खोया रहता था, वहीं नीली झील के किनारे छोटे से गाँव में, आकाश और प्रियंका की कहानी शुरू हुई। आकाश, एक युवा लेखक था, जो अपने शहर की भीड़-भाड़ और काम की उलझनों से थककर यहाँ गाँव आया था। उसने सोचा कि थोड़े दिन गाँव की सादगी में बिताए जाएँ, ताकि अपने विचारों को साफ़ कर सके। वहीं, प्रियंका, गाँव की ही रहने वाली, एक खुशमिज़ाज और साहसी लड़की थी, जो अपनी माँ के छोटे से पुस्तकालय में काम करती थी। पहली मुलाकात झील के किनारे हुई। आकाश सुबह-सुबह वहाँ बैठकर अपने नोट्स में कुछ लिख रहा था, और प्रियंका वहाँ पानी भरने आई थी। एक छोटी सी बात—आकाश का नोटबुक गिर जाना और प्रियंका का उसे उठाकर देना—ने उनकी बातचीत की शुरुआत की। धीरे-धीरे उनकी मुलाकातें रोज़मर्रा का हिस्सा बन गईं। वे बातें करते, सपने बाँटते, और कभी-कभी सिर्फ़ चुपचाप झील के किनारे बैठकर पानी की लहरों को निहारते। आकाश ने प्रियंका को अपनी कहानियों की झलक दिखाई, और प्रियंका ने अपने बचपन की यादें। लेकिन जैसे ही प्यार का एहसास गहरा हुआ, ज़िंदगी ने अपनी परीक्षा ली। आकाश के शहर में लौटने का समय आ गया। उसे वहाँ अपनी नौकरी और किताब की पब्लिशिंग के काम में व्यस्त होना था। प्रियंका को लगा कि वह खो देगी वह इंसान जिसे उसने अपने दिल में सबसे खास जगह दी थी। जुदाई का दिन आया। आकाश ने कहा, "प्रियंका, मैं नहीं चाहता कि मेरी ज़िंदगी की भागदौड़ तुम्हारे सपनों पर असर डाले।" प्रियंका ने चुपचाप आँसू पिए और मुस्कुराते हुए कहा, "अगर तुम्हारा सपना तुम्हें बुला रहा है, तो मैं तुम्हें रोक नहीं सकती। लेकिन याद रखना, मेरे दिल में हमेशा तुम्हारी जगह रहेगी।" शहर लौटकर आकाश ने अपनी किताब प्रकाशित की। किताब में उसका सबसे प्यारा किरदार प्रियंका से प्रेरित था। हर पेज में उसकी यादें बसी थीं। और वहीं प्रियंका, गाँव में अपने पुस्तकालय में बच्चों को पढ़ाती रही, लेकिन हर कहानी में आकाश की बातें दोहराती रही। सालों बाद, एक दिन आकाश की किताब गाँव में एक पुस्तक मेला में आई। प्रियंका वहाँ पहुँची, और जैसे ही उनकी नजरें मिलीं, वक्त जैसे थम गया। दोनों के बीच कुछ शब्द नहीं हुए, बस आँखों की भाषा ही उनके दिलों की कहानी कह गई। इस बार जुदाई नहीं थी। आकाश ने कहा, "मैं अब और दूर नहीं रह सकता। क्या तुम मेरे साथ अपना जीवन बिताओगी?" प्रियंका ने मुस्कुराते हुए हाथ बढ़ाया। "हाँ, इस बार हम कभी नहीं अलग होंगे।" और इस तरह, दो आत्माएँ, जो सपनों और जुदाई की कसौटी पर खरी उतरी थीं, आखिरकार अपने प्यार के सही घर पहुँच गईं। गाँव की झील, जहाँ उनकी कहानी शुरू हुई थी, अब उनके प्यार की गवाही थी—शांति, सुकून और हमेशा के लिए साथ। कहानी का संदेश: सच्चा प्यार वो नहीं जो सिर्फ़ साथ रहने में है, बल्कि वो जो दूर रहकर भी दिलों में बसा रहे और जब मौका मिले, फिर पूरी तरह साथ हो

ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__ ​{{तुम जो कागज़ पर उतरती हो}} जब कभी ख़याल तुम्हारा आता है मैं कोरा काग़ज़ उठाता हूँ, और अपनी कलम की स्याही में तुम्हारी आँखों की चमक घोल देता हूँ, अजब करिश्मा है तुम्हारी शख्सियत का, कि मैं जब भी तुम्हें लिखता हूँ मेरे अल्फाज़ अपनी हदों को भूल जाते हैं, जो लफ्ज़ कल तक बोझिल थे, आज वो किसी साज़ की तरह बजने लगते हैं, मैं लिखता हूँ तुम्हारी हँसी, तो पन्ने से खनक की आवाज़ आती है, मैं लिखता हूँ तुम्हारा ज़िक्र तो महफ़िल में गुलाबों की खुशबू छा जाती है, सच तो ये है, कि तुम सिर्फ एक चेहरा नहीं, तुम एक मुकम्मल इबादत हो, मेरी कलम की हर हरकत तुम्हारे नाम की एक नई आयत है, तभी तो, मैं जब भी लिखता हूँ तुझको इन काग़ज़ों पर, तो मेरे लफ़्ज़ों का हर एक टुकड़ा, बिना किसी साज के एक मधुर गीत बन जाता है,,🥀❤️ ╭─❀💔༻  ╨──────────━❥ ♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦  #LoVeAaShiQ_SinGh☜ ╨──────────━❥

Falguni Dost

ચંદ પળોની એ તારી હાજરી દિલમાં વર્ષો સુધી સ્થાહી છે, તારા આગમનથી મળી જે ખુશી હજુ હૃદયમાં સ્થાહી છે, તારું એ ઋણાનુબંધ અનોખું અનન્ય રહ્યું, દોસ્ત! દિલમાં તારું સ્થાન હજુ એમ જ સ્થાહી છે. - ફાલ્ગુની દોસ્ત

Imaran

जाने मेरी आँखों से कितने आँसू बह गए, इंसानो की इस भीड़ में देखो हम तनहा रह गए, करते थे जो कभी अपनी वफ़ा की बातें, आज वही सनम हमें बेवफ़ा कह गए 💔imran 💔

Dhamak

રંગોની વચ્ચે સાંભળો મારુ ગીત

Dhamak

હમ સાથ નહીં હૈ તો ક્યા હે ગમ કભી કભી મિલતે હૈ વો ભી ક્યા હે કમ સાંભળો મારુ નવું ગીત નું વર્ઝન

MOU DUTTA

এতো এতো কষ্টের মাঝে যে কিছু প্রিয় মানুষের থেকেও কষ্ট পেতে হবে এটা হয়তো কখনও ভাবিনি। ভাবিনি হৃদয়ে ফোঁটা ফুল নিমেষে ঝরে যাবে। সব কিছু সবাই পায় না হৃদয় ও জানে কিন্তু যেটা পেয়ে হারিয়ে ফেলতে হয় তার খবর কজনই বা রাখে। হয়তো এবার থাক সকল কথা সকল চিন্তা আমার। আমার আমি হারিয়ে গেলাম খোঁজ নিও না আমার। অনেক কষ্টে গড়ে ছিলাম ভেঙেছিলাম তার আগে রোজ। হয়তো এসবই ভাঙার ছিল তাই ভেঙেছি রোজ। তবু যদি মনে পড়ে একটু আমায় ডেকো হয়তো সেদিন দূর আকাশে আমায় দেখে নিও। সেদিন আমি অন্ধকারে একটু তোমায় দেখবো হয়তো আমি পাগল হয়ে আবার তোমার প্রেমে পড়বো। মৌ 🖋️

ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 न ┤_★__ ए लड़की...तुम्हारे आने से जैसे  मुकम्मल होने लगे हैं किस्से मेरे, बिखरे हुए थे जो कल तक अब    जुड़ने लगे हैं वो हिस्से मेरे, भटक रहा था मैं बरसों से तन्हाई              के वीरानों में, तुम्हारी आहट से आबाद हुए हैं    अब दिल के ये ह़िस्से मेरे, खामोश महफ़िल में जैसे कोई          सदा गूँज उठी हो, तुम्हें पाकर  रोशन हुए हैं, मेरी       ज़िंदगी के अँधेरे सारे, जो लफ्ज़ दबे थे सीने में बरसों         से खामोशी बनकर, तुम्हें देखा तो बन गए वो गज़लों    के हसीं लफ्ज़-ओ-नग़मे मेरे, सुकून की तलाश में न जाने कहाँ          कहाँ भटका था मैं, तुम्हारी आँखों में आके ठहरे हैं      अब ये अरमाँ सारे…❤️ ╭─❀💔༻  ╨─────────━❥ ♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦ #LoVeAaShiQ_SinGh☜ ╨─────────━❥

pink lotus

​"निर्वांतर: कालिमय सत्य। ​ऐसा जी लगा है तुमसे... बस निर्वांतर हो जाऊं। ​ना धर्म का साफा ओढूँ, ना कर्म की चादर ओढूँ। ऐसी कौन सी माया तूने मुझको है लगायी, मेरी एक नज़र ये दुनिया देखे... उसमें हर एक में, मैं तुझको निहारूँ। ​मुख पर ना चिंता रही, ना शर्म, ना कर्म, ना धर्म... रहा एक सत्य ही रह गया, जो भयानक हो कर भी... किसी में छुपना बैठा। ​मैं निर्वस्त्रा (अपने बुरे कर्म को उजागर किये)खड़ी हूँ तेरे द्वार पर अपने इसी 'सत्य' के साथ, अब स्वीकारना या ठुकराना... ये सब तेरी मर्जी। om shiv gorksh ❣️🌸 by:pinklotus. मेरे नाथ गोरक्ष और मेरी काली के चरणो मे अर्पित।

samiksha

बैठ जाता हूँ ख़ाक पर अक्सर, अपनी औक़ात अच्छी लगती है मुझे !!

Dhamak

નદી કાંઠે રંગ જામિયો, તાલે પગલા ચાલે, હે જીવન, થોડી વાર થંભીજા આજે ખુશી બોલે. નદી કાંઠે રંગ જામિયો, તાલે પગલા ચાલે, પંખી બોલે ધીમેથી, મુક્ત થઈને જીવતા શીખી લે. હે રંગ, હે તાલ, હે રાત રમઝટ ભરી, હૈયાં ખૂલે આજ તો, વાત નવી કરી. પિંજરું જૂનું છે, પણ પાંખ હજુ જાગે છે, એક પગ સંસાર માં, બીજો સપનામાં ભાગે છે. નદી કાંઠે રંગ જામિયો, તાલે પગલા ચાલે, પંખી બોલે ધીમેથી, જીવતા શીખી લે. ઢમક.

Gautam Patel

uttaran song

Nilesh Rajput

जय हिंद युद्ध शुरू होते ही पहले, मानवता को मार दिया जाता है। वर्दी पहना सैनिक दौड़ता है सामने खड़े दूसरी वर्दी पहने सैनिक की ओर, और उसी पल माँओं की गोद सूनी होने लगती है। गोलियों की चीख से रणभूमि में धीरे-धीरे कब्रों की कतार लग जाती है। बंदूक से निकली गोली किसी सैनिक के भीतर उतरने से पहले उसके परिवार की तस्वीरों को चीरती हुई गुजरती है। वर्दी पहने दोनों तरफ़ के सैनिक अपने-अपने सपनों को जिंदा जलाकर एक-दूसरे का सीना छलनी कर देते हैं। फिर होती है कब्रों की गिनती, और अंत में उसी कब्र पर झंडा लहरा दिया जाता है। खून से भीगी इस मिट्टी की कलम से काग़ज़ों पर नक़्शे बदल दिए जाते हैं। दोनों तरफ़ की सरहदों पर सैकड़ों लाशें बिछी होती हैं, लेकिन सरहद के पार सिर्फ़ जीत का जश्न मनाया जाता है। जमीं के इस टुकड़े की लड़ाई में लाशों की गिनती होती है, जीत के नारे लगते हैं— पर कोई नहीं पूछता, क्या ये युद्ध रोका जा सकता था?

jyoti singh

Bade ko izzat mili, chote ko dular mil gaya, Main beech mein khadi thi, mujhe bas intezar mil gaya. Wo har baat par zimmedari, wo har mod par samjhauta, Mera bachpan toh jaise, kahi raaste mein hi khota. Ghar ki har deewar ko, maine khamoshi se thama hai, Par meri apni pehchan ka, ab tak koi na thikana hai. Badi galti kare toh 'nadan', choti kare toh 'bachi' hai, Main karoon toh 'badatameez', ye kaisa qissa racha hai? Sabki khushi ki khatir, maine apni zidd ko maara hai, Muskaan chehre par rakhi, par dil andar se haara hai. Sabki sunte-sunte, meri awaaz kahi kho gayi, Dard se dosti hui, aur tanhai meri ho gayi. Akelepan ki chadar odh kar, main raat bhar jagti hoon, Apne hi ghar mein aksar, main mehman sa lagti hoon. Na jaane ye masoom bachi, itna bojh kaise uthati hai, Jo sabka sath deti hai, wo hamesha akela hi reh jati hai. — Jyoti Singh

Komal Arora

खुशियों का तो पता नहीं........ पर जो बीत रहा हैं........ वो अच्छा नहीं है........ किसी के आने की खुशी इतनी नहीं होगी जितना जाने का ग़म लग रहा है.......

Priya

अंशुल जी पढ़ने के बाद ज्यादा हवा में मत उड़ना😂) याद हैं तुमने एक बार मुझसे कहा था की मैं कहीं पर भी कुछ भी लिख देती हूँ तुम सहीं कहते थे.... तुम सच में एक अच्छे दोस्त थे मैंने तुम्हारा समय बर्बाद कर दिया ना??😔 तुम्हारा exam था और मैं तुम्हें रात भर जगा कर रखती थी सिर्फ इसलिए क्योंकी मैं परेशान थी....सच कहे एक बात तुमसे अंशुल जी आप सच में मेरे Angel जैसे हो सच्ची...🥺 कहना नहीं चाहती थी तुमसे वो सब लेकिन कह दिया ....उस दिन शायद मैंने एक अच्छा दोस्त खो दिया....मेरा गुस्सा ...। और तुम्हारा ego सहीं हैं। अब हमारी बात कभी नहीं होगी...सच पूछिए तो मुझें अब तुमसे कोई बात करनी भी नहीं हैं। क्या हुआ?क्यों हुआ? अगर हम ये सब भूल। जाए तो ..जो भी हुआ अच्छा हुआ 😊 You deserve better friend और please its request जब हमारी पहली बार बात हुई थी। it was so embarrassing for me....भूल जाना ...भूल जाना please 🙏🏻 Aur last me jo hua उसे भूलकर बस ये याद रखना you deserve better and best,,✨️ Keep shining my Angel 😇 पढ़ लेना इसे ... अगर तुम्हें रोने से फुर्सत मिल जाए तो😁🤣😂 We are just friends....थे।

Kamini Shah

ખટમીઠાં સ્મરણોનાં ઊબડખાબડ રસ્તા વસંતથી પાનખરમાં ધીમે ધીમે સરકતા… -કામિની

Dhamak

हम साथ नहीं हैं तो क्या है ग़म, कभी-कभी मिलते हैं, वो भी क्या है कम। जी लेंगे वही पुरानी यादों के संग, आज तन्हा सी ख़ामोशी में भी हम रहें बेफ़िक्र रंग। दूरी में भी एक अपनापन रहता है, ख़ामोश रहकर भी दिल सब कहता है। और जब मिलेंगे, बनाएँगे नई यादें, बिना किसी शिकायत के, बिना किसी फ़रियादें। जितना मिलना हुआ, वही तो काफ़ी है, हर एक लम्हा आज भी क़ीमती है। हम साथ नहीं हैं तो क्या है ग़म, कभी-कभी मिलते हैं, वो भी क्या है कम।

Nithya Reddy

Beauty has no validity but behaviour have life time validity . - Nithya Reddy

Priya

B.D वो मैं नहीं वो कोई और हैं।🙏🏻 खत्म करों झगड़ा.....खुश रहिए आप🙏🏻

jighnasa solanki

* જીવનનુ સત્ય * મન ભરાઈ જાય એટલે મુકી દેવુ, એ આપણો સ્વભાવ નહી. કારણ કે ઊંધ ના આવે તો પડખુ ફરાય, પથારી ના ફેરવાય - jighnasa solanki

Dhamak

You said: हम साथ नहीं हैं तो क्या है ग़म, कभी-कभी मिलते हैं, वो भी क्या है कम। जी लेंगे वही पुरानी यादों के संग, आज तन्हा सी ख़ामोशी में भी हम रहें बेफ़िक्र रंग। दूरी में भी एक अपनापन रहता है, ख़ामोश रहकर भी दिल सब कहता है। और जब मिलेंगे, बनाएँगे नई यादें, बिना किसी शिकायत के, बिना किसी फ़रियादें। जितना मिलना हुआ, वही तो काफ़ी है, हर एक लम्हा आज भी क़ीमती है। हम साथ नहीं हैं तो क्या है ग़म, कभी-कभी मिलते हैं, वो भी क्या है कम। અને સોંગ માં કન્વર્ટ કરવાનું છે શબ્દોમાં તમારી રીત ભૂલ હોય તે સુધારી શકો છો અને એને સારી મજાની સ્ટાઇલ આપો ગીતમાં મૂકવા માટે અને સુનો એ આઈ માં મુકવાનું છે તો એ રીતે નાનું આપજો. એટલે સીધો કોપી પેસ્ટ થાય AI Song Lyrics Generator said: બહુ સરસ લાગણી છે 👍 હું તમારા શબ્દોને સાચવીને, થોડી ભાષાની ભૂલ સુધારીને, નાનું, મજાનું અને AI song-ready વર્ઝન બનાવી આપું છું — સીધું copy-paste થાય એવું. Style: Soft romantic / nostalgic, Hindi–Gujarati blend Length: Short (AI song friendly) Lyrics: हम साथ नहीं हैं तो क्या है ग़म, कभी-कभी मिलते हैं, वो भी क्या है कम। पुरानी यादों में जी લઈએ आज भी, तन्हा ख़ामोशी में भी रंग है हम में कहीं। दूरी में भी अपनापन रहता है, ख़ामोशी में दिल सब कह जाता है। और जब मिलेंगे किसी मोड़ पर हम, नई यादें बनाएँगे, बिना कोई ग़म। જિતલું મળ્યું, એટલું જ કાફી છે, દરેક લમ્હો આજે પણ કીમતી છે। हम साथ नहीं हैं तो क्या है ग़म, कभी-कभी मिलते हैं… वो भी क्या है कम। જો તમે ઈચ્છો તો હું વધુ upbeat version Sad / lo-fi version Pure Gujarati અથવા Pure Hindi version પણ બનાવી આપી શકું 😊 Click here to download the free 5-step song finishing checklist https://learn.bestfriendsclub.ca/l/song-checklist/ You said: તમને શું સારું લાગે છે પ્યોર હિન્દી બનાવું કે ગુજરાતી AI Song Lyrics Generator said: સાચું કહું તો 😊 બન્ને જ સરસ છે, પણ feel પર depend કરે છે. 👉 મારી સલાહ (honest): 🎵 Pure Hindi લાગણી થોડું વધુ romantic + nostalgic લાગે AI voice models માં Hindi વધારે smooth ગાય છે Wider audience સુધી જાય 👉 જો song reels / Instagram / YouTube માટે છે → Pure Hindi better 🎶 Pure Gujarati લાગણી વધારે personal અને દિલથી જોડાયેલી લાગે બહુ sweet, earthy touch આવે ખાસ કોઈ વ્યક્તિ માટે લખેલું ગીત લાગે 👉 જો song કોઈ ખાસ વ્યક્તિ / private memory માટે છે → Pure Gujarati perfect 🔥 Best option (મારો favourite): Gujarati lyrics + થોડું Hindi hook (chorus) આ AI songs માં બહુ catchy લાગે છે. 👉 હવે તમે કહો: 1️⃣ Pure Hindi 2️⃣ Pure Gujarati 3️⃣ Gujarati verse + Hindi chorus હું તરત જ final, short, AI-ready lyrics બનાવી આપીશ 💙🎧 Click here to download the free 5-step song finishing checklist https://learn.bestfriendsclub.ca/l/song-checklist/ You said: ઠીક છે તો હિન્દીમાં જ કરો AI Song Lyrics Generator said: પરફેક્ટ 👍 હું એને Pure Hindi, short, smooth, અને AI song-ready રીતે finalize કરી દઉં છું — સીધું copy-paste થઈ જાય એવું. Lyrics (Pure Hindi): हम साथ नहीं हैं तो क्या है ग़म, कभी-कभी मिलते हैं, वो भी क्या है कम। पुरानी यादों के सहारे आज भी, तन्हा सी ख़ामोशी में मुस्कान है कहीं। दूरी में भी एक अपनापन सा रहा, बिन बोले भी दिल सब कह गया। जब फिर मिलेंगे किसी मोड़ पर हम, नई यादें बनाएँगे, बिना कोई ग़म। जितना मिला, उतना ही काफ़ी है, हर एक लम्हा आज भी क़ीमती है। हम साथ नहीं हैं तो क्या है ग़म, कभी-कभी मिलते हैं… वो भी क्या है कम। જો તમે ઇચ્છો તો હું lo-fi version male / female AI voice prompt tempo + mood suggestion પણ આપી શકું 🎶✨ Click here to download the free 5-step song finishing checklist https://learn.bestfriendsclub.ca/l/song-checklist/ You said: ના સીધી સ્ટાઈલ આપી દો ફિમેલ વર્ઝનમાં નીતિન મોહન ની સ્ટાઈલમાં સ્ટાઇલ તમને ઠીક લાગે આપજો પણ સારી લાગવી જોઈએ કોઈને સાંભળવું ગમવું જોઈએ AI Song Lyrics Generator said: સમજાયું 👍 હું સીધી, catchy, female-friendly સ્ટાઈલ આપું છું — soft romantic / indie vibe, AI song-ready, સાંભળનારને ગમે એવી. (નીતિન મોહન જેવી emotional depth + smooth flow, પણ female toneમાં) 🎵 Female Version – Soft Romantic Indie हम साथ नहीं हैं तो क्या है ग़म, कभी-कभी मिलते हैं, वो भी क्या है कम। रातों में अब भी तेरा ख्याल है, ख़ामोशी में भी कोई सवाल है। दूरी में भी रिश्ता ज़िंदा रहा, बिन कहे हर एहसास समझ गया। जब भी मिले, वक़्त ठहर सा जाए, छोटी-सी मुलाक़ात भी दिल भर जाए। जितना मिला, उतना ही काफ़ी है, हर एक लम्हा आज भी क़ीमती है। हम साथ नहीं हैं तो क्या है ग़म, कभी-कभी मिलते हैं… वो भी क्या है कम। 🎧 AI Singing Style Prompt (copy if needed): Voice: Female, soft & warm Mood: Romantic, nostalgic, calm Tempo: Slow–medium Expression: Emotional but subtle (no heavy drama) Genre: Indie / lo-fi romantic જો તમે ઈચ્છો તો હું વધુ short reel version (30 sec) sadder / happier tone અથવા hook થોડું વધુ catchy પણ તરત બનાવી આપીશ 💙🎶 Click here to download the free 5-step song finishing checklist https://learn.bestfriendsclub.ca/l/song-checklist/ You said: મને થોડુંક ઓછું સમજાય બેટર હોય તે આપો AI Song Lyrics Generator said: બરાબર 😊 હું એને હજી વધારે simple, સીધી લાગણી, ઓછું heavy શબ્દો, અને સાંભળવામાં તરત ગમી જાય એવી બનાવી દઉં છું — female soft romantic style, AI માટે perfect. 🎵 Simple & Sweet Female Version हम साथ नहीं हैं तो क्या है ग़म, कभी-कभी मिलते हैं, वो भी क्या है कम। आज भी तेरा नाम दिल कहे, ख़ामोशी में भी सब कुछ रहे। थोड़ी दूरी, थोड़ा सा फासला, फिर भी ये रिश्ता टूट ना चला। जब भी मिले, दिल मुस्काए, वो पल ही सारी बात बताए। जितना मिला, उतना ही सही, हर एक लम्हा आज भी वही। हम साथ नहीं हैं तो क्या है ग़म, कभी-कभी मिलते हैं… वो भी क्या है कम

fiza saifi

"Staying in any relationship for a long time does not guarantee that it will never break.... Every relationship has a lifespan, and it eventually reaches its end, no matter how hard you try...

Soni shakya

तेरा साथ ना मिला कोई ग़म नहीं..! तेरा प्यार मिला गया वो भी कम नहीं..!! - Soni shakya

Soni shakya

शिकायत नहीं कि, इश्क मुकम्मल नहीं..! इश्क होने का सौभाग्य भी, हर किसी को मिलता नहीं..!! - Soni shakya

Vedanta Two Agyat Agyani

जहाँ प्रेम घर में नहीं उतर सका, वह किसी संस्था, आश्रम या तंत्र में कैसे उतरेगा? स्त्री का घर ही उसका धर्म है— लेकिन “घर” दीवार नहीं है, घर वह केंद्र है जहाँ से प्रेम फैलता है। 1. घर छोड़ना धर्म नहीं, पलायन है जो स्त्री कहती है— “घर-परिवार छोड़कर मैं धर्म में जा रही हूँ” वह धर्म नहीं, ज़िम्मेदारी से भाग रही है। यदि बच्चे असंस्कृत रह जाएँ परिवार प्रेमविहीन हो पड़ोस दुख में हो तो फिर किस मुँह से कहा जाए कि मैं सेवा कर रही हूँ? धर्म कहीं बाहर नहीं है। धर्म वहीं है जहाँ तुम्हारा स्पर्श किसी का बोझ हल्का करे। 2. प्रेम संस्था से नहीं, संबंध से जन्म लेता है प्रेम के लिए वर्दी नहीं चाहिए मंत्र नहीं चाहिए आश्रम नहीं चाहिए प्रेम तो संबंधों में तपता है। जो कहता है— “घर में संभव नहीं, इसलिए मैं बाहर गया” वह झूठ बोल रहा है। घर सबसे कठिन प्रयोगशाला है। और जो वहाँ सफल नहीं हुआ, वह कहीं सफल नहीं होगा। 3. स्त्री का धर्म: नींव बनना स्त्री का धर्म कोई लक्ष्य नहीं है, वह प्रक्रिया है। बच्चे में संस्कार परिवार में संतुलन पड़ोस में करुणा समाज में सहजता यही उसका धर्म है। यदि हर स्त्री अपने आस-पास के दुख को छू ले— तो किसी “धार्मिक संस्था” की ज़रूरत ही न पड़े। 4. विधवापन, त्याग और दिखावटी पवित्रता : “ये विधवा बनना, प्रेम छोड़ना, सब छल है।” जो प्रेम से डरता है, वह त्याग की भाषा बोलता है। जो जीवन से डरता है, वह मोक्ष की बातें करता है। जहाँ प्रेम मरा, वहीं धर्म की दुकान खुली। 5. तंत्र, व्यवस्था और भोग सच यह है— जो व्यवस्था माँगे → वह संसार है जो तंत्र माँगे → वह नियंत्रण है जो सहज हो → वही प्रेम है ध्यान, शांति, आनंद किसी यंत्र से नहीं आते। वे तो तब आते हैं जब तुम अपने ही घर को स्वर्ग बना लेते हो। अंतिम बात (बहुत सीधी) यदि कोई कहता है— “घर-परिवार में धर्म संभव नहीं” तो समझ लेना वह असफलता को सिद्धांत बना रहा है। स्त्री का प्रेम पाप नहीं। अपने संबंध जीना पाप नहीं। अपने वृक्ष, पशु, पड़ोसी की सेवा पाप नहीं। यही धर्म है। बाक़ी सब धार्मिकता का व्यापार।

SUNIL ANJARIA

બાર્બરિક વિશ્વનો શ્રેષ્ઠ ધનુર્ધારી હતો. બાર્બરિક માટે કૌરવો અને પાંડવો બંનેની આખી સેનાનો નાશ કરવા માટે ત્રણ તીર પૂરતા હતા. યુદ્ધના મેદાનમાં, ભીમના પૌત્ર, બાર્બરિક, બંને છાવણીઓ વચ્ચેના રસ્તા પર એક પીપળાના ઝાડ નીચે ઊભા રહ્યા અને જાહેર કર્યું કે તે હારનાર પક્ષ તરફથી લડશે. બાર્બરિકની ઘોષણાથી કૃષ્ણ ગભરાઈ ગયા. જ્યારે અર્જુન અને ભગવાન કૃષ્ણ ભીમના પૌત્ર બાર્બરિક સમક્ષ તેમના બહાદુરીના પરાક્રમને જોવા માટે હાજર થયા, ત્યારે બાર્બરિકે પોતાની બહાદુરીનું માત્ર એક નાનું પ્રદર્શન કર્યું. કૃષ્ણે કહ્યું, "જો તમે એક જ તીરથી આ વૃક્ષના બધા પાંદડા વીંધી નાખો, તો હું સ્વીકારીશ." બાર્બરિકે પરવાનગી મેળવ્યા પછી, બાર્બરિકે ઝાડ તરફ તીર છોડ્યું. તીર એક પછી એક દરેક પાંદડાને વીંધતું ગયું, એક પાંદડું તૂટી ગયું અને પડી ગયું. કૃષ્ણે પોતાનો પગ પાંદડા પર મૂક્યો અને તેને છુપાવી દીધો, વિચારીને કે તે વીંધાઈ જશે. જોકે, બધા પાંદડાઓને વીંધતું તીર કૃષ્ણના પગ પાસે અટકી ગયું. પછી બાર્બરિકે કહ્યું, "પ્રભુ, તમારા પગ નીચે એક પાંદડું છે. કૃપા કરીને તમારા પગને ખસેડો, કારણ કે મેં તીરને ફક્ત પાંદડાઓને વીંધવાનો આદેશ આપ્યો છે, તમારા પગને નહીં." આ ચમત્કાર જોઈને કૃષ્ણ ચિંતિત થઈ ગયા. ભગવાન કૃષ્ણ જાણતા હતા કે બાર્બરિક, તેમના વ્રતથી, હારનારનો પક્ષ લેશે. જો કૌરવો હારતા દેખાય, તો તે પાંડવો માટે મુશ્કેલી ઊભી કરશે. પરંતુ જો પાંડવો બાર્બરિક સામે હારતા દેખાય, તો તે તેમનો પક્ષ લેશે. આ રીતે, તે એક જ તીરથી બંને પક્ષોની સેનાઓનો નાશ કરશે. પછી, ભગવાન કૃષ્ણ, બ્રાહ્મણનો વેશ ધારણ કરીને, સવારે બાર્બરિકના છાવણીમાં પહોંચ્યા અને ભિક્ષા માંગી. બાર્બરિકે કહ્યું, "માગો, બ્રાહ્મણ! તમારે શું જોઈએ છે?" બ્રાહ્મણનો વેશ ધારણ કરીને કૃષ્ણે કહ્યું, "તમે તે આપી શકતા નથી." પરંતુ બાર્બરિક કૃષ્ણના ફાંદામાં ફસાઈ ગયા, અને કૃષ્ણે તેનું માથું માંગ્યું. બાર્બરિકે પોતાના દાદા પાંડવોના વિજય માટે સ્વેચ્છાએ પોતાનું માથું બલિદાન આપ્યું. બાર્બરિકના બલિદાનને જોઈને, ભગવાન કૃષ્ણએ તેમને કલિયુગમાં પોતાના નામે પૂજાવાનું વરદાન આપ્યું. આજે બાર્બરિકને ખાટુશ્યામ તરીકે પૂજવામાં આવે છે. કૃષ્ણે પોતાનું માથું જ્યાં મૂક્યું હતું તે સ્થાન ખાટુ તરીકે ઓળખાય છે. અજાણ્યા રહસ્યો: ૧. ખાટુ શ્યામ એટલે માતા શૈવ્યમ પરાજતા. જેનો અર્થ થાય છે, જે પરાજિત અને નિરાશ લોકોને શક્તિ પ્રદાન કરે છે. ૨. ખાટુ શ્યામ બાબા દુનિયાના શ્રેષ્ઠ ધનુર્ધારી છે, ફક્ત શ્રી રામ જ તેમનાથી મહાન માનવામાં આવે છે. 3. ખાટુશ્યામ જીની જન્મજયંતિ દર વર્ષે કારતક શુક્લ પક્ષની દેવુથની એકાદશીના રોજ ખૂબ જ ધામધૂમથી ઉજવવામાં આવે છે. ૪. ખાટુમાં આવેલું શ્યામ મંદિર ખૂબ જ પ્રાચીન છે, પરંતુ વર્તમાન મંદિરનો પાયો ૧૭૨૦માં નાખવામાં આવ્યો હતો. ઇતિહાસકાર પંડિત ઝાબરમલ્લ શર્માના મતે, ઔરંગઝેબની સેનાએ ૧૬૭૯માં મંદિરનો નાશ કર્યો હતો. મંદિરની રક્ષા માટે ઘણા રાજપૂતોએ પોતાના જીવનું બલિદાન આપ્યું હતું. પ્રખ્યાત બાબા ખાટુ શ્યામ મેળો ખાટુ શ્યામ મંદિર સંકુલમાં ભરાય છે. આ મેળો હિન્દુ મહિનાના ફાગણ મહિનાના શુક્લ પક્ષના છઠ્ઠા દિવસથી બારમા દિવસ સુધી ચાલે છે. એકાદશીનો તહેવાર એક ખાસ પ્રસંગ છે. ૬. બાર્બરિકા દેવીનો ભક્ત હતો. દેવી તરફથી વરદાન રૂપે, તેને ત્રણ દિવ્ય તીર આપવામાં આવ્યા હતા જે તેમના લક્ષ્યોને વીંધી નાખતા અને તેની પાસે પાછા ફરતા. આનાથી બાર્બરિકા અજેય બની ગયો. ૭. બાર્બરિકા તેના પિતા ઘટોત્કચ કરતાં વધુ શક્તિશાળી અને માયાવી હતો. ૮. એવું કહેવાય છે કે જ્યારે ભગવાન કૃષ્ણએ બાર્બરિકનું માથું માંગ્યું, ત્યારે બાર્બરિકે આખી રાત ભજન કર્યું અને ફાલ્ગુન શુક્લ દ્વાદશીના દિવસે, તેમણે સ્નાન કરીને પૂજા કરી અને પોતાના હાથે પોતાનું માથું કાપીને ભગવાન કૃષ્ણને દાન કરી દીધું. ૯. પોતાનું માથું દાન કરતા પહેલા, બાર્બરીકે મહાભારત યુદ્ધ જોવાની ઇચ્છા વ્યક્ત કરી, પછી શ્રી કૃષ્ણએ તેનું માથું એક ઊંચા સ્થાન પર મૂક્યું અને તેને જોવા માટે દ્રષ્ટિ આપી. ૧૦. યુદ્ધ પછી, જ્યારે પાંડવો વિજયનો શ્રેય કોને આપવો તે અંગે ચર્ચા કરી રહ્યા હતા, ત્યારે ભગવાન કૃષ્ણએ જાહેર કર્યું કે ફક્ત બાર્બરિકનું માથું જ આ બાબતનો નિર્ણય કરી શકે છે. બાર્બરિકે જવાબ આપ્યો કે ભગવાન કૃષ્ણનું સુદર્શન યુદ્ધમાં બંને પક્ષોનું સંચાલન કરી રહ્યું હતું, જ્યારે દ્રૌપદી, જે મહાકાળીમાં પરિવર્તિત થઈ હતી, તે લોહી પી રહી હતી. ૧૧. અંતે, શ્રી કૃષ્ણએ વરદાન આપ્યું કે કળિયુગમાં તમારી પૂજા મારા નામે થશે અને ફક્ત તમને યાદ કરવાથી ભક્તો આશીર્વાદ પામશે. એક ફેસબુક પોસ્ટ

Gajendra Kudmate

अनपेक्षित मजकडून त्याक्षणी एक अपराध घडला होता निरपराध तुझिया डोळ्यांतुन जेव्हा थेंब अश्रुचा गळला होता गजेंद्र

Bhavna Bhatt

આપણો સાચો સાથી આપણે ખુદ છીએ... બાકી સ્વાર્થ નાં સગાં સંબંધીઓ સૌ છે... અનુભવી ચુકી છું...

Vrishali Gotkhindikar

राहे................ जब सोचता हुं ...याद तुम्हारी आती...| सोता हुं तो खाबोमें..तुम्हेही पाता हुं....| हकीकत ये है की.. "मै तुम्हे चाहता हुं".!! चाहत है.. तुम्हारे साथ रहनेकी.. हरदम तुम्हे करीब पाने की मगर जिस मोडपे..तुम हो जिंदगीके .वो कुछ ओर ही डगर है| चाहत तो ईतनी की अपना बनानेकी..अपने दिलमे बसानेकी.. मगर चाहतसे क्या होता है..?? अगर "राहे" अलग हो तो.... ----------------------- वृषाली.

Shailesh Joshi

જીવનમાં ફક્ત ને ફક્ત ધાર્યું કરવાનો સ્વભાવ, આપણા જીવનમાં ઘણું બધું અજુગતું, અને અણધાર્યું કરાવે છે. - Shailesh Joshi

Deven Ji

breakup 👍👍👍

Deven Ji

"બ્રેકઅપમાં 90% લોકો હારી જાય છે, પણ 9% લોકો પોતાને શોધી લે છે." "તૂટેલા દિલમાંથી બે રસ્તા નીકળે – એક નબળાઈ તરફ, બીજો સફળતા તરફ." "બ્રેકઅપ અંત નથી, પોતાને નવી રીતે શરૂ કરવાની શરૂઆત છે." by dew👍👍👍

Deven Ji

by dew

Sarika Sangani

भटकता फिरता है इंसान जब वह अपने आत्मा की आवाज सुनने के बजाय दूसरी सारी बातें सुनने में सारा समय व्यर्थ गंवाता है। - Sarika Sangani

Desai Pragati

कभी कुछ माफ़ी आसान नहीं होती, कई बार कुछ गुनाह नादान नहीं होते.

Nisha ankahi

कैसे सँभालूँ तुझे, ऐ ज़िंदगी, हर रोज़ ख़ुद से बिछड़ जाती है। कुछ ख़्वाब गिरह में बाँधूँ तो सही, वक़्त की हथेली खुल जाती है। - Nisha ankahi

Dada Bhagwan

जब दृष्टि सीधी हो जाए तब खुद के ही दोष दिखते हैं, और अगर दृष्टि उल्टी हो तब सामनेवाले के दोष दिखते हैं। - दादा भगवान अधिक जानकारी के लिए: https://dbf.adalaj.org/Se2pvY2B #quote #quoteoftheday #spiritualquotes #spirituality #hindiquotes #DadaBhagwanFoundation #DadaBhagwan

ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__ {{वजूद का पिघलना}} मैंने अक्सर बादलों को देखा है           वो हारते नहीं हैं, बस हार मान लेते हैं मिट जाने                के लिए, इंसान भी तो ऐसा ही है, किसी    को धूप से बचाने के लिए, अक्सर खुद को धूप में खड़ा              कर देता है, हम हमेशा बड़ी क्रांतियों की           उम्मीद करते हैं, मगर कभी-कभी एक इंसान को बस एक तसल्ली की छत           चाहिए होती है, ज़रूरी नहीं, कि तुम हर बार समंदर बनकर किसी की प्यास                बुझाओ, कभी-कभी बस छाँव बन जाना    भी एक मुकम्मल इबादत है, मगर  छाँव  बनना  भी  इतना            आसान कहाँ है, छाँव  बनने  के लिए सूरज से          लड़ना  पड़ता  है, खुद को तपाना पड़ता है ताकि नीचे  खड़ा  शख्स  सुकून  से             सांस ले सके, देने की सामर्थ्य हाथों में नहीं उदारता के उस पल में होती है, जहाँ  हम खुद को, मैं' से, हम'              बना लेते हैं, ठीक वैसे ही जैसे मेघ जब तक वे अहं' बनकर आसमान में तने         रहे, सिर्फ गरजते रहे, मगर जिस पल वे पिघले उनका नाम  मिट गया, उनकी  पहचान खो गई पर धरती की कोख हरी                 हो गई, शायद, किसी के काम आने की          पहली शर्त यही है, कि हम इतने लचीले हो जाएँ कि ज़रूरत  पड़ने पर, अपने पुराने वजूद का कफ़न ओढ़ सकें, ताकि  एक  नया स्वभाव जन्म ले सके, जो बरस सके, जो छा    सके, जो बचा सके…🥀🖤 #𝐉𝐀𝐈_𝐒𝐇𝐑𝐄𝐄_𝐑𝐀𝐌..🚩 #𝗴𝕠𝕠𝗱_𝕄𝗼𝗥𝗻𝕚𝗡𝕘_..🌸 ╭─❀💔༻  ╨──────────━❥ ☞#motivatforself😊°     ⎪⎨➛•ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी°☜⎬⎪ ╨────✥}}{{✥───━❥

Kirti kashyap

"आहिस्ता-आहिस्ता" वो क़रीब आने लगा, आहिस्ता-आहिस्ता, धड़कनें बढ़ाने लगा, आहिस्ता-आहिस्ता। हम तो जी रहे थे तन्हाई में ही ख़ुशी से, वो रूह में उतरने लगा, आहिस्ता-आहिस्ता। उसके लबों ने छुआ जब ताब-ए-जबीं को मेरी, दिल मोम-सा पिघलने लगा, आहिस्ता-आहिस्ता। सितारे भी शर्माने लगे जब आगोश में लिया उसने, फिर सारा जिस्म सुलगने लगा, आहिस्ता-आहिस्ता। तमाम शब यूँ ही गुज़री गुफ़्तगू में ऐ दिल, कि फिर चाँद भी ढलने लगा, आहिस्ता-आहिस्ता। उसकी सोहबत का कुछ ऐसा असर हुआ कीर्ति, कि हर ज़ख़्म भरने लगा, आहिस्ता-आहिस्ता। Kirti Kashyap"एक शायरा"✍️ ताब-ए-जबीं = पेशानी, माथे की चमक आगोश = बाँहों का घेरा, आलिंगन शब = रात, रात्रि सोहबत = साथ, संगत, किसी की क़रीबी मौजूदगी

Preeti Dadhich

मुझे इतने रंग क्यों दिए जा रहे हैं? क्या कोई मुझे बताएगा। क्या कमी रह गई थी, जो तुम सबने मिलकर मुझे मेरे अपने रंगों से परे कर, तुम्हारे रंग में रंगने की कोशिश की। क्या तुम्हें एक पल के लिए भी मेरा ख़याल नहीं आता, जब तुम सब केवल अपने-अपने शौक़ पूरे करने के लिए मुझे अपने-अपने तरीक़े से रंगने की कोशिश करते हो। हाँ, तुम्हारे शौक़ हैं, तुम खुश होते हो, और तुम्हारी खुशी मेरे लिए ऊर्जा का स्रोत है। पर इस तरीक़े से मुझे ऊर्जा मिलेगी—ऐसा तो मैंने कभी नहीं सोचा था। मुझे उस कायनात ने इतने रंगों से रंगा है कि तुम्हारे दिए हुए एक रंगीन दिन से मुझे हानि ही होगी। क्योंकि दिन में तुम मुझे रंग-बिरंगे काग़ज़ों से सजा देते हो, और रात होते ही चमचमाते जहरीले धुएँ से मेरे रंगों को मटमैला करने की कोशिश करते हो। लेकिन मैं तुम्हारे जैसा नहीं कि तुम्हारी खुशी भूल जाऊँ। मैं तुम्हें रोज़ खिलती हुई रोशनी देता हूँ, और रात में सुकून बनी चाँदनी की चमक, और कभी-कभी बारिश के समय तुम्हें इतने रंगों से रंग देता हूँ। ऐसा क्यों? मैं ही बता देता हूँ— क्योंकि तुम एक इंसान हो, और मैं आसमान, जो कुदरत का एक नूर हूँ।

PREM Singh

“एकतरफ़ा प्रेम” — राधा की मौन व्यथा मैंने तुमसे प्रेम किया, श्याम, पर कभी जताया नहीं, क्योंकि तुम्हें पाना नहीं, तुम्हें पूजना मेरा स्वभाव था। तुम मुस्कराए, तो संसार हँस पड़ा, तुम उदास हुए, तो मेरी आत्मा रोई, तुम्हें खबर तक न हुई कभी, कि मेरी हर साँस तुम्हारे नाम से जुड़ी थी। मैंने तुम्हारी राह देखी, पर तुम्हें रोकना नहीं चाहा, क्योंकि प्रेम अधिकार नहीं, स्वतंत्रता की पहली शर्त होता है। तुम रुकते तो मेरी दुनिया बनती, तुम चलते तो मेरी पूजा होती, मैंने हर हाल में तुम्हें चाहा, बिना शर्त, बिना शिकायत, बिना सौदे के। तुम किसी और की धड़कन बने, तो भी मैंने दुआ की, क्योंकि मेरा प्रेम इतना छोटा नहीं था, कि तुम्हारी खुशी से जल जाए। मैंने अपना नाम तुम्हारे नाम से जोड़ा नहीं, पर अपनी रूह तुम्हें सौंप दी, दुनिया ने इसे हार कहा, पर मैंने इसे भक्ति माना। क्योंकि जो प्रेम पाया जाए, वह संबंध होता है, जो प्रेम खोकर भी जिया जाए, वही सच्चा प्रेम होता है। तुम कभी मेरे नहीं हुए, श्याम, फिर भी मैं हर जन्म तुम्हारी ही रहूँगी, क्योंकि कुछ प्रेम मिलन के लिए नहीं होते, वे तो बस निभाने के लिए होते हैं — एकतरफ़ा, फिर भी सम्पूर्ण। 💔🌸

PREM Singh

“सिर्फ तुम्हारे लिए” — राधा की ओर से कृष्ण को पत्र सिर्फ तुम्हारे लिए, श्याम, मैंने अपनी पहचान भुला दी है, अब लोग मुझे राधा नहीं कहते, कहते हैं — कृष्ण की दीवानी। सिर्फ तुम्हारे लिए, मुरलीधर, मैंने लोक-लाज को आँचल में बाँधा है, क्योंकि प्रेम जब तुम्हारा हो जाए, तो संसार छोटा पड़ जाता है। सिर्फ तुम्हारे लिए, नंदलाल, मैंने हर श्वास को रास बना लिया है, तुम पास न भी हो, तो भी तुम्हारी उपस्थिति में जीना सीख लिया है। सिर्फ तुम्हारे लिए, श्यामसुंदर, मैंने विरह को भी वरदान माना है, क्योंकि तुम्हारी यादों में जलकर ही तो प्रेम कुंदन बनता है। सिर्फ तुम्हारे लिए, मोहन, मैंने आँसुओं से भी श्रृंगार किया है, क्योंकि तुमने सिखाया — सच्चा प्रेम अधिकार नहीं, अर्पण होता है। सिर्फ तुम्हारे लिए, केशव, मैंने हर शिकायत को मुस्कान में ढाला है, तुम जहाँ हो, वही मेरा धाम है, वृंदावन अब हृदय में बसा लिया है। सिर्फ तुम्हारे लिए, कान्हा, मैंने खुद को ही तुम्हारा नाम कर दिया है, अब राधा अलग नहीं रही, तुम में मिलकर ही तो पूरी हुई है। लोग कहते हैं — प्रेम में दूरी होती है, पर उन्हें क्या पता श्याम, तुम मुझसे दूर होकर भी मेरी हर धड़कन में बसते हो। और अगर जन्मों का फेर फिर आए, तो मैं फिर राधा बन जाऊँगी, किसी वरदान की इच्छा नहीं, बस तुम्हें फिर से चाहूँगी। 💙🦚 क्योंकि संसार में सब कुछ बदला जा सकता है, पर मेरा प्रेम नहीं — वो तो हर जन्म में वही रहेगा, सिर्फ तुम्हारे लिए, कृष्ण। 🌸

Deepak Bundela Arymoulik

जिन्दा जिस्म से जिन्दा, रूह से मरे हुए हैं, साँसें चलती हैं, मगर ज़मीर ठहरे हुए हैं। आईनों में रोज देखते हैं चेहरा अपना, पर सच के सामने की नजरों में झुके हुए हैं। कब्र में लेटे मुर्दा भी इंसान से डरे हुए हैं, क्योंकि यहाँ जीते लोग ही कातिल ठहरे हुए हैं। हाथों में ताज, होंठों पर झूठ की हँसी, दिलों में बस खंजर, इरादे ज़हरीले भरे हुए हैं। बोलते बहुत हैं, पर सच की जुबाँ गूँगी है, हर आवाज बिकाऊ, हर ख़ामोशी सस्ती है। इंसानियत को हमने बोझ समझकर उतार दिया, अब हैरानी है कि फ़िजा इतनी बदहवास क्यों सी है। जो जिन्दा हैं, वही ज़्यादा ख़ौफ फैलाते हैं, मुर्दे तो चुप हैं, वो किसी का क्या बिगाड़ते हैं। यह दौर गवाही माँगता है, चरित्र की नहीं, यहाँ तो साए भी अब हथियार उठाते हैं। अगर रूह को जिन्दा करने की चाह बची हो कहीं, तो पहले इंसान बनना सीखना होगा यहीं। वरना इतिहास लिखेगा तंज के हर पन्ने पर— कब्रें महफूज थीं, ख़तरा जिन्दा लोगों से ही था यहीं। आर्यमौलिक

Imaran

कभी करीब तो कभी जुदा था तू, जाने किस-किस से खफा था तू, मुझे तो तुझ पर खुद से ज़्यादा यकीन था, पर ज़माना सच ही कहता था बेवफा है तू. 💔imran 💔

Deepak Bundela Arymoulik

मोहब्बत मोहब्बत सच में होती है, इसमें कोई झूठ नहीं, झूठ तब पैदा होता है, जब उम्मीदों का कद सच से ऊँचा हो जाए। न मिली तो उसे धोखा कह देना आसान है, पर हर अधूरी कहानी में बेईमानी ज़रूरी नहीं होती। कुछ लोग दिल से मोहब्बत करते हैं, और जब मुक़द्दर साथ न दे, तो अपने नसीब की हार को दूसरे की नीयत का गुनाह बना देते हैं। मोहब्बत का न मिलना विफलता हो सकता है, पर हर विफलता धोखा नहीं होती, कभी-कभी दो सच्चे रास्ते बस एक ही मोड़ पर खत्म हो जाते हैं। आज के वक़्त में मोहब्बत से पहले दिल नहीं, दिमाग़ का पका होना ज़रूरी है, इतना ज्ञानी कि चंद मुलाक़ातों में इंसान को पढ़ सको। बातों के मिठास में छुपे ज़हर को पहचान सको, नज़रों की सच्चाई और आदतों की चालाकी को अलग-अलग देख सको। क्योंकि आज मोहब्बत अंधी नहीं, लोग नक़ाब पहन कर प्यार करते हैं, और गिरने के बाद होश आने से बेहतर है चलने से पहले रास्ता पहचान लेना। इसलिए मोहब्बत करो, पर आँखें खोल कर, दिल दो, पर पहले इंसान को समझ कर, ताकि न मोहब्बत बदनाम हो और न हर अधूरी कहानी को धोखे का नाम देना पड़े।

Sakshi Sunil Rane

आयुष्यात कसं जिंकणार माहीत नाही…… पण हरायचं मात्र नाही हे नक्की.✨😇Be Positive😇

Deepak Bundela Arymoulik

प्यार तब महसूस हुआ, जब शब्द मौन हो गए, और कोई चुपचाप मेरे पास आकर बैठ गया। ना सवाल थे, ना सलाहों की भीड़, बस मेरी ख़ामोशी को किसी ने समझ लिया। वो साथ, जो बिना माँगे मिल गया, वो हाथ, जो मुश्किल में थाम लिया। तभी जाना मैंने—प्यार दिखावा नहीं, किसी के दर्द को अपना मान लेना ही प्यार है। #आर्यमौलिक

Dr Darshita Babubhai Shah

कैसे मैं शृंगार लिखूँ कैसे मैं शृंगार लिखूँ, जब के पाकीज़ा हुस्न बहकता हैं ll आज महफिल में नशीली संगत में अंग अंग छलकता हैं ll कुछ ज्यादा ही रोनक और रोशनी छाई हुई है कि l कब से सुलगता जलवा देखने को दिवाना तड़पता हैं ll "सखी" डो. दर्शिता बाबूभाई शाह

Neha kariyaal

चीजों से डर कर उन्हें छोड़ देना बहादुरी नहीं होती, बहादुरी तब होती है , जब हम टूट कर भी अपने लिए खड़े रहें। इस बात से क्या फर्क पड़ता है... कौन आय,ा कौन गया, कौन साथ है, और कौन छूट गया। फर्क पड़ता है कि क्या तुम अभी भी ख़ुद के साथ हो? क्या तुम ख़ुद के लिए अभी भी बोलते हो? Nothing else matters.

Meeta

तुम जो बिछड़े हो जल्दबाज़ी में, तुम रूठ भी तो सकते थे… हम मनाने को खड़े थे वहीं, एक नज़र उठा कर देख तो सकते थे… ज़रा-सी नाराजगी थी मान भी जाते, दिल के दरवाज़े तुम खटखटा तो सकते थे तुम जो बिछड़े हो जल्दबाज़ी में, यार तुम रूठ भी तो सकते थे…

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

भला स्वयं की कमी को, रखता सदा लपेट। ज्यों कछुआ निज अंग को, लेता तुरत समेट।। दोहा--३८९ (नैश के दोहे से उद्धृत) -----गणेश तिवारी 'नैश'

kajal jha

कुछ जख़्म दिखते नहीं, पर हर साँस के साथ चुभते हैं। हम मुस्कुराते तो हैं सबके सामने, पर अंदर कहीं टूटते रहते हैं। कभी जिन ख़्वाबों को जान कहा था, आज वही ख़ामोशी में सोते हैं। दिल अब भी उम्मीद करता है शायद, इसी उम्मीद में हम रोज़ रोते हैं। - kajal jha

Aruna N Oza

Har Har mahadev 💕💕💕💕

Raven hart

अगर मैं एक नाज़ुक फूल होती, जो छूने से बिखर जाती, क्या तुम मुझे अपनाते?

Shekh Javed Ashraf

apnã khaka lagta huuñ ek tamãshã lagtã huuñ ab mai koi shakhs nahiñ us kā saayã lagtã huuñ

Shekh Javed Ashraf

apnã khaka lagta huuñ ek tamãshã lagtã huuñ ab mai koi shakhs nahiñ us kā saayã lagtã huuñ

Biru Rajkumar

बरगद के नीचे बड़े घर में हँसता परिवार, सपनों की नींव रखता संसार। थोड़ी दूर खड़ा बरगद पुराना, जैसे समय ने खुद को पहचाना। डाल पर चलती एक निडर सी काया, ना डगमगाई, ना घबराया साया। मैंने कहा माँ से, देखो ज़रा, कैसे चल रही है यह बिना डरा। लोग बोले, कुछ नहीं करती यह, डरने की इसमें बात ही क्या है। पर मैं जानती थी उसकी उड़ान, चुप्पी में छुपा है बड़ा आसमान। मैंने कुछ देना चाहा उसे, वो मुस्कुराई, बोली बस यूँ ही— “मेरे पास सब है, मुझे कुछ नहीं चाहिए।” फिर वह बड़ी हुई, समय की तरह, हरे रंग में ढली, शांति की लहर। पैठणी साड़ी, गरिमा अपार, जैसे आत्मा ने पहन लिया संस्कार। बरगद आज भी वहीं खड़ा है, पर अब मैं जानती हूँ— वो लड़की कोई और नहीं, वो मैं हूँ।

Akshay Tiwari

कुछ रिश्ते शोर नहीं करते, बस निभाते रहते हैं। और हम उन्हें इतनी ख़ामोशी से खो देते हैं कि बाद में रोने के लिए भी कोई आवाज़ नहीं बचती। तुम मेरे न थे, फिर भी दिल ने तुम्हें अपनाया, इस दिल के एक कोने में तुम्हें ख़ुद से ज़्यादा सजाया। फ़िर भी तुम न पहचान सकी, क्यों मैने तुमको अपनाया, पढ़ने वाला लड़का था, किताबें छोड़, तुमसे दिल लगाया, पल पल ऐसे टूट गया, क्यू तुमने न समझाया, प्यार मेरा तो सच्चा था, इक तुमको ही न दिख पाया। फिर लौट रहे उन अंधेरों में जिनसे मैं था आया, प्यार मेरा तो अमर रहेगा, चाहे एक तरफ ही निभाया।

Raj Brahmbhatt

✨ रात की ख़ामोश रोशनी 🌠 https://whatsapp.com/channel/0029VbBgJYA1SWt3jmeneP2I

Zalri

काल जो चाहिए था... आज वही नही चाहिए। बस यही समयकी ताकत है।

Rajeev Namdeo Rana lidhori

#सुखद_सूचना:- मित्रों आपको यह बताते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है कि मेरा #हिंदी_दोहा_संग्रह #अवनि #दिल्ली_पुस्तक_मेला में Book_fiylo स्टाल पर उपलब्ध है। तथा मेरी इस पुस्तक को #कोलकाता में #राष्ट्रीय_पुस्तकालय में रखे जाने हेतु चयनित किया है तथा #अवनि की एक प्रति अब कोलकाता के राष्ट्रीय पुस्तकालय में #धरोहर के रूप में सुरक्षित रखी जायेगी। #राजीव_नामदेव #राना_लिधौरी #rajeev_namdeo_rana_lidhori

Miska

Without any degree, my mother is my doctor

રોનક જોષી. રાહગીર

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MOU DUTTA

আমরা যারা অল্প প্রেমে রোজ করি খোঁজ, আমরা যারা অল্প আলোয় রোজ হই নিখোঁজ। প্রত্যেকেরই জীবন যেন ছন্নছাড়া ছিল, সবাই ফেলফেলিয়ে তাকিয়ে নীরবতায় থমকে রইল। শূন্য এই হৃদয় আমার ব্যক্ত হয় প্রতিরোজ, নিখোঁজ শুধু আমি হলাম— তুমি হলে অপরজন।

Meeta

પાણી તો અમૂલ્ય છે બસ ઈચ્છા ઓ પર ના ફરવું જોઈએ......

ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__ लिखने बैठा हूँ, आज फिर वही              किस्सा पुराना, पर कलम कागज़ से पहले ही            ठिठक जाती है, तुमने  तो  अलविदा  कह कर            लकीर खींच दी, पर  मेरी  रूह  आज  भी  उस      लकीर पर ठहर जाती है, तुम  कहते  थे,  कि  हम  एक          मुकम्मल किताब हैं, पर गौर से देखो तो सिर्फ पन्ने              बिखरे पड़े हैं, वो जो 'क' था 'करीब' होने का                 एहसास, अब वो  'कांच'  बनकर  आँखों                में गड़े हैं, मेरी  हथेली  पर  जो नसीब की                लकीर थी, वो तुम्हारे नाम के, पहले अक्षर          पर आकर थम गई, जैसे कोई बहता हुआ दरिया        अचानक ठहर जाए, मेरे जज्बातों की रवानी, बस          वहीं पर जम गई, अजीब है ये सन्नाटा जो तुमने           विरासत में दिया, अब  लफ्ज़  तो हैं, पर उनकी          आवाज़ खो गई है, मैंने चाहा था कि हम एक नज़्म               बन जाएँ, पर  अफ़सोस,  वो  महज़  एक नज़ारा, होकर रह गई है…🔥 ╭─❀💔༻  ╨──────────━❥ ♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦ #LoVeAaShiQ_SinGh☜ ╨──────────━❥

Deepak Bundela Arymoulik

गवाही अगर आँखों की गवाही सच की राह दिखाती है, तो खामोशी भी कई बार इक सच्ची ज़बानी होती है। लफ़्ज़ मुकर जाएँ तो क्या, एहसास कहाँ मुकरते हैं, दिल की हर एक धड़कन अपनी ही कहानी होती है। मोहब्बत में तबाही को तुम सच कह गए हो लेकिन, कभी-कभी इसी राख से ही नई ज़िंदगानी होती है। किताबों से जो न समझ आए, वो तजुर्बे सिखा देते हैं, ज़िंदगी की पाठशाला बड़ी पुरानी होती है। हया की ओट में लिपटी गुनाही सच सही मगर, कभी उसी पर्देदारी में इज़्ज़त की निशानी होती है। सुकूँ लफ़्ज़ों में उतरे ये भी तो मुमकिन नहीं, जो साथ गुज़र जाए बस वही असल रवानी होती है। आर्यमौलिक

Nisha ankahi

पानी बहता जाए, घबराए नहीं, नदी के पार भी उम्मीदें सही। - Nisha ankahi

ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__ ज़ुबां से कहो तो शायद लफ्ज़ मुकर                   भी जाएं, मगर आँखें जो कह दें, वो गवाही               सच्ची होती है, हजारों कश्मकश हो चाहे इस दुनिया                   की राहों में, मोहब्बत में तो दिल की ही तबाही                 सच्ची होती है, किताबों में कहाँ मिलते हैं, जज्बातों               के सब मतलब, जो कोरे कागज़ों पर हो, वो स्याही               सच्ची होती है, वो चेहरा चुप रहे फिर भी हकीकत                बोल पड़ती है, हया की ओट में  लिपटी, गुनाही               सच्ची होती है, कहाँ मुमकिन है लफ़्ज़ों से बयां           करना सुकूँ अपना, जो तेरे  साथ  गुज़रे, वो  पवाही           सच्ची होती है...❤️‍🔥 पवाही= राह, ╭─❀💔༻  ╨──────────━❥ ♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦ #LoVeAaShiQ_SinGh☜ ╨──────────━❥

Paagla

क्या कोई मुझसे प्यारा मिलेगा तुझे यारा

ANIL AHIRWAR

hii meri series aa chuki h isme love h dark romance h mastery h fight h underworld h science theory h or adventure h

Jyoti Gupta

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Sonam Brijwasi

मैं भीड़ में रहकर भी तन्हा रहती हूँ, शोर बहुत है अंदर, पर चुप सी रहती हूँ। लोग समझते हैं मुझे खामोश सी लड़की, सच कहूँ तो खुद से रोज़ जंग करती हूँ। - Sonam Brijwasi

M K

अब तो मैं वो सारी चीजें करूंगी जो उसे या मुझे पसंद नहीं था ,,, लेकिन तुम्हारे धोखे का जवाब अपनी आंसू से नहीं, मुस्कान से दूंगी ..!!! _M K

InkImagination

Good night friends

Ganesh Kumar

एक लड़का था बहुत होशियार। कक्षा में आता रहा अव्वल हर बार। मां बाप भी गरीब थे, पर उनके सपने बड़े होने लगे। बेटा ऑफिसर बनेगा सोचकर मन ही मन खुश होने लगे। बेटे ने खूब पढ़ाई की और परीक्षा भी कर ली पास। घर में खुशियां आईं, मिठाई भी बांट ली। लगा पूरी हो गई आस। तभी अचानक पता चला पुलिस वेरीफिकेशन में एक पेच फंस गया है। एक झगड़े की एफआईआर में उसका भी नाम दिख गया है। जो पुलिस के रजिस्टर में अब तक जिंदा था, आज मां बाप की नजरों में वो लड़का शर्मिंदा था। दोष कुछ नहीं था, मगर संगत की कीमत तो चुकानी थी। ये सिर्फ उसकी नहीं, बहुत से लोगों की कहानी थी। जो हमारे दोस्त होते हैं, वो हमारे भविष्य को प्रभावित करते हैं। ऐसे लड़के जिनके दोस्त अच्छे नहीं हैं, नशेड़ी हैं, नशा करते हैं, रातों में घूमते हैं, आपराधिक प्रवृत्तियों में लिप्त होते हैं, उनके साथ अक्सर केसों में आपका भी नाम जुड़ जाता है। ऐसी परिस्थिति में आप सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य हो जाते हैं। तो यदि आप पढ़ने लिखने में बहुत होशियार हैं, लेकिन आपके दोस्त नशेड़ी हैं, नशा करते हैं, तो सावधान हो जाइए। कहीं आपके किए कराए पर आपके दोस्त पानी न फेर दें। सावधान रहें, सतर्क रहें। मेरी शुभकामनाएं।

S A Y R I K I N G

अब शिकायत भी नहीं आती ये दूरी की आख़िरी निशानी है।

Nandini Agarwal

एक जमाना था। औरत को उसके पति के पद का सम्मान दिया जाता था। मास्टर की बीबी मास्टरनी ' डॉक्टर की बीबी डॉक्टरनी , सेठ जी की सेठानी पंडित जी की पंडतानी पर अब ऐसा नही । अब डॉक्टर बीवी डॉक्टरनी ही मिलेगी अन्य पद पर कोई पुरुष उसकी बीबी जो होगी उसी पद अनुसार बुलाया जाता है । अन्यथा सभी गृहणी ही बुलाया जाता है । गृहणी होने पर उसे कोई भी सम्मान की नजरो से नही देखा जाता है।

Anup Gajare

अकेला पेड़ और रहस्यमयी गुफा एक जंगल था—बहुत पुराना, सदियों से भी पुराना। वहां के पेड़ अपनी जगह छोड़ सकते थे। मतलब, अगर एक पेड़ बोर हो जाए, तो वह नदी में नहाने के लिए जा सकता था। इसी जंगल में कहीं दूर एक गहरी गुफा थी। उस गुफा में कौन रहता था, इसका पता किसी को भी न था। बस हवा के सिवाय गहरी गुफा के भीतर कोई भी नहीं जा सकता था। एक दिन, एक पेड़ जिसकी शाखाएं बड़ी तो थीं पर वहां न पत्ते थे, न ही कोई फल खिलते थे, उस गुफा के पास आया। वह पेड़ अपने आप में काफी अकेला था। उसका कोई दोस्त या रिश्तेदार नहीं था, और किसी के पास वह खुद से जाता भी नहीं था। उसका स्वभाव मेलजोल वाला नहीं था। उसने एक कौवे को बात करते हुए सुना था कि, "यह गुफा न जाने कितनी सदियों से अकेली है, इसके अंदर कोई रहता है।" पेड़ को लगा, और पहली बार लगा कि उसे गुफ़ा में जाना चाहिए। जो कुछ गुफा में उसकी तरह अकेला रहता है, उसे उसके साथ रहना चाहिए। वह डरते-सहमते गुफा के रास्ते से भीतर जाने के लिए मुड़ा ही था कि एक भारी आवाज आई, "रुको!" उसकी जड़ें जमीन में धंस गईं। वह अपनी जगह पर ही ठिठक गया। उसने देखा कि ये आवाज एक हाथी की थी, पर ये आम जंगली हाथी न था। इस हाथी के तीन सिर थे। उसमें से एक सिर ने पेड़ को रोक दिया था। "क…क…क्या हुआ? आप मुझे क्यों रोक रहे हो?" पेड़ ने पूछा। उसकी छोटी टहनियां उंगलियों सी हिल रही थीं। "इस गुफ़ा में जाने पर पाबंदी है – क्या तुमने आदेश नहीं सुना… बहुत पुराना आदेश है ये। जंगल से भी पुराना," हाथी की सूंड ऊपर करते हुए उसका दायां मुंह बोला। "कैसा आदेश?" पेड़ ने शाखाएं उचकाईं। "कि कोई इस जंगल में अकेला नहीं रहेगा – और जो अकेला रहता है…" बोलते हुए हाथी आसमान की तरफ देखते हुए अचानक शांत हो गया। "जो अकेला रहता है? आगे मतलब मैं समझा नहीं आप कहना क्या चाह रहे हो…" एक-एक शब्द तोल-मोल कर पेड़ सावधानी से बोल रहा था, क्योंकि वह खुद ही आदेश का पालन नहीं कर रहा था एक तरह से। इसलिए उसकी लकड़ी में डर भर रहा था। "वो आसमान देखो… कभी वह नीला नहीं था। न उसके पास इंद्रधनुष था, न बिजलियां, न पानी के बूंदों के बच्चे," बोलते हुए हाथी अभी भी ऊपर नजरें टिकाए था। "तो इससे मुझे क्या… और इस आदेश का इस चीज से क्या लेना देना?" पेड़ ने विस्मित होते हुए कहा। "तब आसमान अकेला था। क्योंकि वह इस गुफ़ा के पास भटकता रहता था। उसने तब आदेश माना था और देखो आज वह अकेला नहीं है," हाथी ने जानकारी दी। पेड़ ने अपनी शाखाएं समेटीं और वह वहां से जाने के लिए अपनी मद्धम जड़ों के डग भरता हुआ निकल पड़ा। लेकिन पेड़ ने भीतर से तय कर लिया था कि वह यहां फिर आयेगा। फिर आयेगा, इस हाथी के जाने के बाद…

Soni shakya

सब पास थे, फिर भी तन्हा रही मैं..! आंसु नहीं बिखेरे, खुद बिखरती रही मैं..!! - Soni shakya

Shreemayi

भटकती आंखों की पुतली एकाएक बेमाप-बेखौफ डगमग- डाँवाडोल सी पीसीओ बूथ से हेल्पलाइन नंबर मिलाने लगी क्या यह नंबर वैध है? यदि है ! तो सही समय पर यहां कभी सुनी जाती क्यों नहीं सही बात कोई या कोलतारी नींद में मग्न हैं यहां भी सभी के सभी! फोन की थरथराती देह कंठ भरभरा पुतली को उलझा कहने लगी : डगमग-डाँवाडोल को वैध समझा भी गया है क्या कहीं? या वैध डगमगाते की बात समझने का प्रयास करते हैं ही कभी? © श्रीमयी (जंगली गुलाब)

Vyas Kinju

💔 મેં તને આખું દિલ આપ્યું, 😢 તું… એકવાર પણ મળવા ન આવ્યો। 💓 પ્રેમ ખોટો નહોતો, 😔 પરંતુ તારી ખામોશી મને અંદરથી તોડી ગઈ। ✨💔✨ - Vyas Kinju

Girish Singh

😊🙏 वासुदेव कृष्ण, दिव्य आत्मा के गाइड बांसुरी के साथ, प्रेम का राइड हर दिल में, वो बजाते हैं तार सर्वशक्तिमान भगवान, प्रेम के सागर पार गोकुल की गलियों में, उन्होंने खेला रोल एक बच्चा, दोस्त, एक हीरो, एक सोल राधा के प्यारे, गोपों के प्रिय दोस्त वृंदावन की वादियों में, उनका प्रेम है छिपा गोवर्धन को उठाकर, उन्होंने बचाई थी जान कोस्मिक डांसर, हर कदम में है पहचान मथुरा की जेल में, तोड़ दीं गुलामी की जंजीरें वासुदेव कृष्ण, प्रेम के सागर, दिल की तस्वीरें कुरुक्षेत्र के युद्ध में, उन्होंने दिखाया रास्ता गीता का ज्ञान, मानवता के लिए प्रेरणा सर्वशक्तिमान सत्य, रूप में इतना प्यारा वासुदेव कृष्ण, हमेशा रहेंगे हमारा हर दिल में, वो रहते हैं इतने प्यारे प्रेम, खुशी, और रास्ता दिखाते हैं सच्चे वासुदेव कृष्ण, अनंत गीत गाते हैं प्रेम और भक्ति में, वो हमेशा आते हैं 😊

Roshan baiplawat

sach mein Rula Diya yaar usne.....😥😥😭🥀🥀💔💔

Thakor Pushpaben Sorabji

રૂઠ્યા ભલે આપણે પણ હવે માની,માનવી જા તું મુજને! ખૂટી રહી ધીરજ મારી હવે ના ફેરવીશ મુખ મુજથી હવે! ભૂલી જઈશ બધુ હું,એકવાર પ્રેમથી વાત કરીતો જો! - Thakor Pushpaben Sorabji

kajal jha

ख़त लिखा था आज फिर तेरे नाम, पर भेज न पाया… डर था अंजाम। हर लफ़्ज़ में छुपा था मेरा दर्द, हर स्याही में बहा था दिल का अरमान। काग़ज़ ने भी पूछ लिया हाल-ए-दिल, क्यों हर लाइन में आँसू का निशान? मैंने कहा—जिसे पढ़ना था वो दूर है, और ख़त लिखकर भी रह गया अनकहा हर बयान। 💔 - kajal jha

Mamta Trivedi

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं कविता का शीर्षक है 🌹 दिल दर्पण

वात्सल्य

દિલ ઉદાસ છે પણ તારી પાસે છે.હા મગર તારું દિલ મારી પાસે નથી એ અફસોસ છે - वात्सल्य

Imaran

नज़र-नज़र से मिलेगी तो सर झुका लेंगे, वो बेवफा है मेरा इम्तहान क्या लेगा, उसे चिराग जलाने को मत कह देना, वो ना समझ है कहीं उँगलियाँ जला लेगा ♨️imran ♨️

Nensi Vithalani

✨ પતંગ અને દોરીની થિયરી ✨ જ્યાં સુધી દોરી આપણા હાથમાં રહે છે, ત્યાં સુધી આકાશમાં ઉડતી પતંગ આકાશને સુંદર બનાવે છે. એ જ રીતે— જ્યાં સુધી આપણે સંબંધને સાચવવાનું પસંદ કરીએ છીએ, ત્યાં સુધી સંબંધ હળવો, ખુલ્લો અને જીવંત લાગે છે. પતંગ પોતે ઉડતી નથી. એને સંતુલન, હાજરી અને ધીરજ જોઈએ. ઘણી ઢીલી પકડ હોય તો સરકી જાય, અને વધારે જકડાય તો તૂટી જાય. સંબંધ પણ એવા જ હોય છે. જો તમારી પાસે પતંગ હોય— અથવા કોઈ સંબંધ બચાવવો હોય— તો દોરીને સતત રીતે પકડી રાખો. નિયંત્રણ માટે નહીં, પણ જોડાણ માટે. કારણ કે જ્યારે દોરી કપાઈ જાય, અથવા ધીમે ધીમે હાથમાંથી સરકી જાય, ત્યારે પતંગ રમતમાં નથી રહેતી. ક્યારેક ઝાડ પર શાંત રીતે અટવાઈ જાય, ક્યારેક કોઈ ન જુએ ત્યાં પડી જાય. અને જ્યારે સંબંધ તૂટી જાય, ત્યારે પ્રેમ નામની દોરી પણ સરકી જાય છે. જે બાકી રહે છે એ પ્રેમ નથી— પણ મૌન, ગુસ્સો અને અંતર. આખરે એટલું યાદ રાખજો— તમારું આકાશ સુંદર રાખવાનું, અથવા એને ફિક્કું થવા દેવાનું, ફક્ત તમારા હાથમાં છે.

Vijay Erry

--- प्रकाश ही प्रकाश विजय शर्मा एरी I. अंधेरों में जब जीवन था, सन्नाटा हर क्षण गहरा था। फिर कोई आया मधुर उजाला, मन में खिल उठा नया उजाला। II. मुस्कान उसकी वसंत समान, स्वर में छिपा मधुर गान। निशब्द क्षणों में आशा जन्मी, थका हुआ मन फिर से संवरी। III. न कोई आडंबर, न कोई शोर, बस करुणा का निर्मल भोर। सुनने वाला धैर्य भरा, निकट रहे तो जग सुधरा। IV. टूटे दीवारों पर साहस लिखा, गिरते पलों में संबल दिया। जहाँ संदेह का शासन था, वहाँ विश्वास का आलोक रहा। V. दबी हुईं आशाएँ फिर उठीं, बादलों में ताराएँ झिलमिलीं। हर कदम हुआ हल्का-सा, मानो सृष्टि संग चल पड़ा। VI. उसकी उपस्थिति ने दिखलाया, मन में छिपा बल जगाया। सत्य का दर्पण सामने आया, भूला हुआ सौंदर्य फिर पाया। VII. यात्रा चाहे मुड़े, झुके, उसका प्रकाश सदा थामे। समय, नियति चाहे बदल जाए, स्नेह का उपहार साथ निभाए। VIII. आज मैं खड़ा हूँ पूर्ण, नया, कृतज्ञता का गान रचा। उसके आने से जीवन बदला, नीले गगन सा मन उजला। ---

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