Gujarati Whatsapp Status | Hindi Whatsapp Status
Soni shakya

सब पास थे, फिर भी तन्हा रही मैं..! आंसु नहीं बिखेरे, खुद बिखरती रही मैं..!! - Soni shakya

Shreemayi

भटकती आंखों की पुतली एकाएक बेमाप-बेखौफ डगमग- डाँवाडोल सी पीसीओ बूथ से हेल्पलाइन नंबर मिलाने लगी क्या यह नंबर वैध है? यदि है ! तो सही समय पर यहां कभी सुनी जाती क्यों नहीं सही बात कोई या कोलतारी नींद में मग्न हैं यहां भी सभी के सभी! फोन की थरथराती देह कंठ भरभरा पुतली को उलझा कहने लगी : डगमग-डाँवाडोल को वैध समझा भी गया है क्या कहीं? या वैध डगमगाते की बात समझने का प्रयास करते हैं ही कभी? © श्रीमयी (जंगली गुलाब)

Vyas Kinju

💔 મેં તને આખું દિલ આપ્યું, 😢 તું… એકવાર પણ મળવા ન આવ્યો। 💓 પ્રેમ ખોટો નહોતો, 😔 પરંતુ તારી ખામોશી મને અંદરથી તોડી ગઈ। ✨💔✨ - Vyas Kinju

Girish Singh

😊🙏 वासुदेव कृष्ण, दिव्य आत्मा के गाइड बांसुरी के साथ, प्रेम का राइड हर दिल में, वो बजाते हैं तार सर्वशक्तिमान भगवान, प्रेम के सागर पार गोकुल की गलियों में, उन्होंने खेला रोल एक बच्चा, दोस्त, एक हीरो, एक सोल राधा के प्यारे, गोपों के प्रिय दोस्त वृंदावन की वादियों में, उनका प्रेम है छिपा गोवर्धन को उठाकर, उन्होंने बचाई थी जान कोस्मिक डांसर, हर कदम में है पहचान मथुरा की जेल में, तोड़ दीं गुलामी की जंजीरें वासुदेव कृष्ण, प्रेम के सागर, दिल की तस्वीरें कुरुक्षेत्र के युद्ध में, उन्होंने दिखाया रास्ता गीता का ज्ञान, मानवता के लिए प्रेरणा सर्वशक्तिमान सत्य, रूप में इतना प्यारा वासुदेव कृष्ण, हमेशा रहेंगे हमारा हर दिल में, वो रहते हैं इतने प्यारे प्रेम, खुशी, और रास्ता दिखाते हैं सच्चे वासुदेव कृष्ण, अनंत गीत गाते हैं प्रेम और भक्ति में, वो हमेशा आते हैं 😊

Roshan baiplawat

sach mein Rula Diya yaar usne.....😥😥😭🥀🥀💔💔

Thakor Pushpaben Sorabji

રૂઠ્યા ભલે આપણે પણ હવે માની,માનવી જા તું મુજને! ખૂટી રહી ધીરજ મારી હવે ના ફેરવીશ મુખ મુજથી હવે! ભૂલી જઈશ બધુ હું,એકવાર પ્રેમથી વાત કરીતો જો! - Thakor Pushpaben Sorabji

kajal jha

ख़त लिखा था आज फिर तेरे नाम, पर भेज न पाया… डर था अंजाम। हर लफ़्ज़ में छुपा था मेरा दर्द, हर स्याही में बहा था दिल का अरमान। काग़ज़ ने भी पूछ लिया हाल-ए-दिल, क्यों हर लाइन में आँसू का निशान? मैंने कहा—जिसे पढ़ना था वो दूर है, और ख़त लिखकर भी रह गया अनकहा हर बयान। 💔 - kajal jha

Mamta Trivedi

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं कविता का शीर्षक है 🌹 दिल दर्पण

वात्सल्य

દિલ ઉદાસ છે પણ તારી પાસે છે.હા મગર તારું દિલ મારી પાસે નથી એ અફસોસ છે - वात्सल्य

Imaran

नज़र-नज़र से मिलेगी तो सर झुका लेंगे, वो बेवफा है मेरा इम्तहान क्या लेगा, उसे चिराग जलाने को मत कह देना, वो ना समझ है कहीं उँगलियाँ जला लेगा ♨️imran ♨️

Nensi Vithalani

✨ પતંગ અને દોરીની થિયરી ✨ જ્યાં સુધી દોરી આપણા હાથમાં રહે છે, ત્યાં સુધી આકાશમાં ઉડતી પતંગ આકાશને સુંદર બનાવે છે. એ જ રીતે— જ્યાં સુધી આપણે સંબંધને સાચવવાનું પસંદ કરીએ છીએ, ત્યાં સુધી સંબંધ હળવો, ખુલ્લો અને જીવંત લાગે છે. પતંગ પોતે ઉડતી નથી. એને સંતુલન, હાજરી અને ધીરજ જોઈએ. ઘણી ઢીલી પકડ હોય તો સરકી જાય, અને વધારે જકડાય તો તૂટી જાય. સંબંધ પણ એવા જ હોય છે. જો તમારી પાસે પતંગ હોય— અથવા કોઈ સંબંધ બચાવવો હોય— તો દોરીને સતત રીતે પકડી રાખો. નિયંત્રણ માટે નહીં, પણ જોડાણ માટે. કારણ કે જ્યારે દોરી કપાઈ જાય, અથવા ધીમે ધીમે હાથમાંથી સરકી જાય, ત્યારે પતંગ રમતમાં નથી રહેતી. ક્યારેક ઝાડ પર શાંત રીતે અટવાઈ જાય, ક્યારેક કોઈ ન જુએ ત્યાં પડી જાય. અને જ્યારે સંબંધ તૂટી જાય, ત્યારે પ્રેમ નામની દોરી પણ સરકી જાય છે. જે બાકી રહે છે એ પ્રેમ નથી— પણ મૌન, ગુસ્સો અને અંતર. આખરે એટલું યાદ રાખજો— તમારું આકાશ સુંદર રાખવાનું, અથવા એને ફિક્કું થવા દેવાનું, ફક્ત તમારા હાથમાં છે.

Vijay Erry

--- प्रकाश ही प्रकाश विजय शर्मा एरी I. अंधेरों में जब जीवन था, सन्नाटा हर क्षण गहरा था। फिर कोई आया मधुर उजाला, मन में खिल उठा नया उजाला। II. मुस्कान उसकी वसंत समान, स्वर में छिपा मधुर गान। निशब्द क्षणों में आशा जन्मी, थका हुआ मन फिर से संवरी। III. न कोई आडंबर, न कोई शोर, बस करुणा का निर्मल भोर। सुनने वाला धैर्य भरा, निकट रहे तो जग सुधरा। IV. टूटे दीवारों पर साहस लिखा, गिरते पलों में संबल दिया। जहाँ संदेह का शासन था, वहाँ विश्वास का आलोक रहा। V. दबी हुईं आशाएँ फिर उठीं, बादलों में ताराएँ झिलमिलीं। हर कदम हुआ हल्का-सा, मानो सृष्टि संग चल पड़ा। VI. उसकी उपस्थिति ने दिखलाया, मन में छिपा बल जगाया। सत्य का दर्पण सामने आया, भूला हुआ सौंदर्य फिर पाया। VII. यात्रा चाहे मुड़े, झुके, उसका प्रकाश सदा थामे। समय, नियति चाहे बदल जाए, स्नेह का उपहार साथ निभाए। VIII. आज मैं खड़ा हूँ पूर्ण, नया, कृतज्ञता का गान रचा। उसके आने से जीवन बदला, नीले गगन सा मन उजला। ---

Gautam Patel

સદાશિવ

Komal Arora

उलझ कर भी सुलझने की कोशिश जारी है.....,. यकीन ना होकर भी करने की तस्लीम जारी है........ ना जाने कैसे मोड़ पर चल रहे हैं...... सब होकर भी हाथ खाली है............

Anup Gajare

चकवा राजेश ने बूढ़े पीपल के वृक्ष को घूर कर देखा फिर सहज ही पीछे की तरफ देखा एक खुशहाल परिवार पीछे बैठा था। राजेश अपने बहन को ससुराल से मायके ला रहा था। कार में उसके जीजा जी और बहन पीछे बैठे थे उनकी 8साल की बेटी उनके बिच में सो रही थी। रात का वक्त सुनसान रास्ता राजेश ड्राइविंग कर रहा था। रास्ते के दोनों तरफा पेड़ थे, खेत थे। आसमान साफ था – हजारों चांदनियों के बीच चांद बादलों को ओढ़ते हुए झपकी ले रहा था। वह रात पूर्णिमा की थी। राजेश को ये रास्ता पता था। हमेशा का था। और वह कोई नया तो ड्राइविंग नहीं कर रहा था। अब एक होटल दिखने वाला था लेफ्ट साइड – होटल से पहले पीपल का पुराना बूढ़ा वृक्ष। उसने टेप लगा दिया नवनाथ भजन कीर्तन चल पड़ा लेकिन तभी ऊपर लटका ये हुए गेरूए कलर के हनुमान जी पता नहीं कैसे नीचे गिर पड़े उन्हें उठाकर वापस रखने के लिए राजेश पलभर के लिए नीचे झुका गाडी बंद कर दी थी उसने उसने उठा लिया और फिर हनुमान जी को ऊपर लटकाने लगा लेकिन तभी गाडी के छत पर धड़ाम! कोई पेड़ से कूदा था उस आवाज से उसकी आठ साल की भतीजी नीद से उठ गई "क्या है वो..." उसके जीजा बोल पड़े दिख रहा था कि उनकी आवाज सहमी सी थी कोई भी डर जाए अगर रात को सुनसान सड़क पर बंद गाड़ी के छत पर अगर कोई धाड़ धाड़ चल रहा हो राजेश दरवाजा खोलने वाला था "नहीं राज मत खोल… जल्दी चल यहां से!" उसकी बहन खिड़की के कांच की तरफ देखते हुए बोल पड़ी। राजेश ने गाड़ी स्टार्ट की वह जितनी हो सकती थी गाड़ी भगा रहा था लेकिन उसे अहसास हो रहा था कि वह गाडी नहीं चला रहा है बल्कि… उसने सोचना छोड़ दिया न जाने कितनी देर तक गाड़ी भाग रही थी लेकिन लेफ्ट टर्न है कि आ ही नहीं रहा था वह होटल कही भी दिख नहीं रही थी और टेप भी अटका हुआ गिछिड मिचीड आवाजें निकाल रहा था। गाड़ी भाग रही थी भाग रही थी भाग रही थी "राजेश मामा दरवाजा खोलो!!!" उसकी भांजी जोर से चिल्लाई जैसे एकदम से किसी ने पानी मारा हो ऐसा अहसास राजेश के तन बदन में बिखर गया उसके रोए खड़े हो गए जब उसने पीछे मुड़कर देखा उसकी आठ साल की भतीजी अपने टेडी को गले से लगाकर खिड़की के कांच की तरफ डरी हुईं देख रही थी राजेश की आंखे भय से बड़ी हो गई क्योंकि… उसकी बहन या जीजा कही भी दिख नहीं रहे थे "चलती हुई गाड़ी में… कैसे" राजेश खुद से ही बड़बड़ाया "मामा… मम्मी, पापा" बच्ची ने खिडकी की तरफ इशारा किया राजेश के ध्यान में आया कि गाड़ी तो चल ही नहीं रही है मतलब इतनी देर से गाड़ी भाग नहीं रही थी अपनी जगह पर ही जस की तस खड़ी थी मीटर जैसा था वैसा ही था थोड़ा भी आगे नहीं बढ़ा था और तब जाकर राजेश को याद आया की दो साल पहले ठीक इसी जगह पर पुराने बूढ़े पीपल वृक्ष से टकराकर उसकी बहन और जीजा एक्सीडेंट में मर गए थे तब भांजी बच गई थी उसके बहन की मौत कांच की खिड़की से बाहर निकलते वक्त हुई थी और जीजा के सिर में सामने के कांच घुस गए थे लोग कहते की जीजा को पीपल के चकवा ने बहका दिया था इसीलिए वे भटक गए थे और उनकी मृत्यु हो गई दो साल पहले मतलब अगर आज… वे दोनों मृत न होते तो राजेश का यहां से बचाना लगभग नामुमकिन था उसकी बहन और जीजा ने उसके साथ अपनी आठ साल की बेटी को भी बचा लिया था जब गाड़ी चलाते हुए राजेश ने बूढ़े पीपल वृक्ष को घूर कर देखा था तभी पेड़ की डंडाल पर बैठा कोई उसे ही देख रहा था ये इसी पीपल का चकवा था जिसने दो साल पहले उसके जीजा बहन की बलि ली थी पर अब राजेश खतरे से बाहर था क्योंकि टेप पर नवनाथ भजन कीर्तन फिर से चालू हो गया

Aruna N Oza

🩷🩷🙏🙏

Aruna N Oza

🩷🙏🙏🙏

Aruna N Oza

🙏🙏🙏

Abantika

'सफ़र-ए-दिल' – जब नफ़रत जुनून में बदल जाए.. एक ईमानदार IAS अफसर, एक जिद्दी MLA। एक 180 दिनों का जहरीला कॉन्ट्रैक्ट और एक रेशमी बेड़ी। क्या अन्वेषा इस सोने के पिंजरे को तोड़ पाएगी, या अभिमान का जुनून उसे हमेशा के लिए जला देगा?" पढ़िए मेरी novel

Sania malik Malik

एक अधूरा ख्वाब: दूसरा जन्म न हो ये सांवला रंग, न मन में कोई उलझन हो, दुआ है रब से मेरी, कि फिर से एक जन्म हो। मैं अपनी बहनों में सबसे छोटी, सबसे प्यारी होऊं, सबके लाड़-दुलार में, मैं चैन की नींद सोऊं। उम्र अठारह की हो और खुशियों का सैलाब आए, जादू से ऐसा हो कि सबसे पहले मेरी बारात आए। ससुराल में भी ऐसा रुतबा, ऐसी मेरी शान हो, शौहर और बच्चों की आँखों में, बस मेरा मान हो। मैं सबसे अमीर होऊं, चाहे मायका हो या ससुराल, दौलत की कमी न हो, न हो खुशियों का अकाल। ससुराल में नौकर हों, जो मेरा हर काम करें, मैं हुकूमत की मलिका बनूँ, सब मुझे सलाम करें। जब लौट के आऊं मायके, तो वही ठाठ निराले हों, बहनें करें सब सेवा, और हाथ मेरे प्याले हों। बैठी रहूँ मैं बेड पर, बस हुक्म चलाती जाऊं, इस नई सी दुनिया में, मैं दिल का सुकून पाऊं। जहाँ से शुरू होती हैं एक सांवली लड़की की उलझनें, वहाँ न आए कोई गम, न बदलें कभी धड़कनें। भटकने की कोई वजह न हो, न कोई शिकवा-शिकायत, काश! हकीकत बन जाए मेरी ये छोटी सी इनायत।

મોરલો

#મન ની શાંતિ

Saroj Prajapati

दिल पर चोट लगी थी गहरी राजदार बनाया एक अपने को सुबह तलक चर्चे आम हो गया अब दोष बताओं दूं किसको ।। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati

Desai Pragati

पहले इतने अच्छे बन चुके है की अब,🌷 किसी के लिए बुरा बनने पर भी बुरा नहीं लगता..!😌

Bhavna Bhatt

#એકવાર જરૂરથી સાંભળજો પ્લીઝ...🙏

Raj Phulware

IshqKeAlfaaz हर बार तुझसे...

Bhavna Bhatt

લીલાં, સૂકા લસણનું સ્નો મેન બનાવ્યું

Vedi Care Health

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Parmar Mayur

जिंदगी में भावनाएं वहां इन्वेस्टमेंट करनी चाहिए, जहां हमें कोई पसंद है। यह थोड़ा एक नजरिए से गलत है, उससे बेहतर यह है कि 'भावनात्मक इन्वेस्टमेंट' वहां करना चाहिए जहां सामनेवाले इंसान भी हम से लगाव हो। कोई व्यक्ति हमें अच्छा लगता है और हम उस पर सब न्योछावर कर दे या उसे ही सबकुछ समझने लगे तो यह सब व्यर्थ है। क्यूं व्यर्थ है? क्यूंकि क्या वह व्यक्ति हमे पसंद करता है? हमारी कद्र करता है ? हमारी भावनाएं समझता है? जो इन प्रश्नों का उत्तर हां मिले तो हम सही राह पर है। नहीं तो फिर हमारी 'भावनाओं का मूल्य' कुछ भी रहेगा नहीं। हमें समझना उसी को चाहिए जो हमें "समझता हो" नहीं की 'हमें बार-बार समझा जाता' हो।

Jyoti Gupta

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Sanket Gawande

Train are moving fast on a track, And my heart beats faster than that.... The journey gives me inner peace, And my mind is just on pause..... No more thoughts, no more dreams, Just absolute and pure nothing...... The chill wind coming through the window, With beautiful and mesmerizing sunlight.... The beauty of glorious nature shines, That makes my life smile..... I am waiting here to meet, One of my new destiny's points... With all the good hope and a curious mind... With all the good hope and a curious mind...

Komal Mehta

શીર્ષક: અંતર નો ઉજાશ કાગળ અને પેન તો છે, પણ સારા વિચારોનો અભાવ છે, તો કાગળ ઉપર શું લખાશે, આ શબ્દો ક્યાંથી આવશે? જીવન જીવવા માટે બધું છે, સુખ, સગવડ, સપના અને રસ્તા છે, પણ જતું કરવાની ભાવના નથી, તો ખુશી દિલ સુધી કેમ પહોંચે છે? બોલતા જ પૈસા પડી જાય છે, કારણ કે સભ્યતાનું આચરણ શીખ્યા નથી, બહારથી અમીર, અંદરથી ખાલી, તો “સારો માણસ” ક્યારે કહેવાશે? બધું મળ્યું છે ભાગ્યે, પણ કૃતજ્ઞતા રાખતા આવડી નથી, એટલે બધું હોવા છતાં પણ કઈક તો હંમેશ ખાલી રહી જતું જ રહે છે. જીવનમાં 💔

M K

बद्दुआ देने में जरा देर लगी मुझे, वरना तुम कब के बर्बाद हो गए होते मेरी इन्सानियत है जो तुझे अब तक खुश रहने दिया साफ दिल को रुलाओगे तो,जीना दुश्वार हो जाएगा। - M K

M K

तुम्हे चाहा तो बहुत अब न चाहेंगे हम, ये दिल है मेरा, दिल से रिश्ता कोई निभाएंगे न हम ... - M K

Kirti kashyap

"ये खुमारी कैसी" दिल पे ये छाई अजब सी बेक़रारी कैसी, इश्क़ इकतरफ़ा है तो फिर ये खुमारी कैसी। किसी तपिश से न पिघले वो पत्थर हूँ मैं, फिर तेरे बिना दिल को ये सोगवारी कैसी। ख़ुद को संभालने की सिफ़त अता है मुझे, मगर अब हर इक साँस में ये गिराँ-बारी कैसी। फर्क़ नहीं पड़ता मुझे अब किसी एहसास से, कह तो देती हूँ मगर फिर ये अश्कबारी कैसी। आईने से भी अब कोई गुफ़्तगू नहीं होती, इस बेख़बरी में फिर ख़ुद से ग़मख्वारी कैसी। तुम निभाओ मोहब्बत, मैं दोस्ती ही निभा लूंगी, मोहब्बत तो मोहब्बत है, फिर मेरी तुम्हारी कैसी। ये तवील सफ़र “कीर्ति” तन्हा ही काट लेगी, अब किसी हमसफ़र से साझेदारी कैसी। Kirti Kashyap"एक शायरा"✍️ खुमारी = नशा-सा एहसास, मदहोशी, तपिश = गर्मी, जलन, सोगवारी = शोक, गहरा दुःख, मातम, सिफ़त = गुण, आदत, हुनर, अता = मिली हुई, प्रदान की गई गिराँ-बारी = भारीपन, बोझिल एहसास, अश्कबारी = आँसुओं का बहना, रोना, ग़मख्वारी = हमदर्दी, हरदर्द होना, तवील = लंबा, दीर्घ

Imaran

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Parmar Mayur

ईश्वर का स्मरण यानी हर एक दुःख के लिए हमें मिलानेवाला आश्वासन और सुख के लिए किया जानेवाला धन्यवाद। - Parmar Mayur

Dada Bhagwan

જેનું મરણ છે, એ બધાં જ સંસારી! - દાદા ભગવાન વધુ માહિતી માટે અહીં ક્લિક કરો: https://dbf.adalaj.org/kdYmlvna #quoteoftheday #spiritualquotes #quotes #spirituality #DadaBhagwanFoundation

Imaran

😂imran 😂

Saliil Upadhyay

*એક પરિણિત પુરુષોની વ્યથા* સાલુ આપણને શું ભાવે શું ના ભાવે એ પણ પત્નિ નક્કી કરી નાખે... પડોશણે આવીને મને પૂછ્યું ગાજરનો હલવો ખાવો છે ? હું હા પાડુંતે પહેલા જ... પત્નીઃ એમને ગળ્યું ઓછું ભાવે છે..... પત્નિ જાણે છે મને ગાજરનો હલવો બહુ જ ભાવે...પણ.. તમે હસતા રહો અને મસ્ત રહો😀

Deepak Bundela Arymoulik

पैसा आया तो धैर्य ने चुपचाप अपने जूते दरवाज़े पर छोड़ दिए, संवेदनाएँ बोलीं— अब यहाँ जगह कम है, और सहनशीलता ने सिर झुका कर विदा ले ली। अहंकार सिंहासन पर बैठा मुस्कराया, बोला— अब मैं ही घर का मालिक हूँ, जहाँ पहले इंसान बसता था, अब सिर्फ़ दामों में तौला हुआ घमंड रहता है। आर्यमौलिक

Jyotiba Rana

" हिम्मत और इंसान " इंसान का जीवन बाहर से जितना साधारण दिखता है, भीतर उतना ही जटिल होता है। हर चेहरे के पीछे एक कहानी छिपी होती है। कुछ अधूरी, कुछ टूटी हुई, और कुछ ऐसी जिनका बोझ सिर्फ वही इंसान जानता है। इन्हीं कहानियों के बीच कहीं हिम्मत जन्म लेती है। हिम्मत कोई ऊँची आवाज़ नहीं होती, न ही हर बार दिखने वाली ताक़त। कई बार वह बस इतना भर होती है कि इंसान टूटकर भी जीने का फैसला करता है। हिम्मत का मतलब डर का न होना नहीं है। डर तो हर इंसान के भीतर रहता है। असफल होने का, अकेले रह जाने का, अपने ही सवालों में खो जाने का। असली हिम्मत तब सामने आती है जब इंसान उस डर को साथ लेकर भी आगे बढ़ता है। जब वह जानता है कि रास्ता आसान नहीं है, फिर भी एक कदम बढ़ाने का साहस करता है। ज़िंदगी अक्सर इंसान से उसकी उम्मीदें छीन लेती है। रिश्ते बदल जाते हैं, सपने अधूरे रह जाते हैं, और कई बार इंसान खुद से ही हारने लगता है। ऐसे समय में हिम्मत किसी नायक की तरह नहीं आती, बल्कि एक थके हुए दोस्त की तरह आती है। जो कहती है, “बस आज रुक मत जाना।” हिम्मत हमें यह नहीं सिखाती कि दर्द नहीं होगा, बल्कि यह सिखाती है कि दर्द के साथ कैसे जिया जाए। हर इंसान की हिम्मत अलग होती है। किसी के लिए सुबह उठकर मुस्कुराना हिम्मत है, तो किसी के लिए चुपचाप सब सह जाना। कोई अपने हालात से लड़कर हिम्मती कहलाता है, तो कोई हालात को स्वीकार करके। दुनिया अक्सर हिम्मत को जीत से जोड़कर देखती है, लेकिन सच यह है कि कई बार हार को स्वीकार कर लेना भी सबसे बड़ी हिम्मत होती है। इंसान कमजोर होता है। यह सच है। लेकिन यही कमजोरी उसे इंसान बनाती है। जो गिरकर उठना सीख ले, जो अपने टूटे हुए हिस्सों के साथ भी खुद को अपनाए, वही सच में हिम्मती होता है। हिम्मत कोई एक दिन की चीज़ नहीं है; यह हर दिन का चुनाव है। खुद को छोड़ न देने का। अंत में, हिम्मत और इंसान का रिश्ता बहुत गहरा है। इंसान हिम्मत से नहीं बनता, बल्कि हिम्मत इंसान से बनती है। जितना इंसान खुद को समझता है, अपने दर्द, अपनी खामोशी और अपनी उम्मीदों को स्वीकार करता है।उतनी ही उसकी हिम्मत मजबूत होती जाती है। और शायद यही हिम्मत है जो इंसान को हर अंधेरे के बाद भी ज़िंदा रखती है। (समाप्त) ~ JyotibaRana

Imaran

जल-जल के दिल मेरा जलन से जल रहा, एक अश्क मेरे आँख में मुद्दत से पल रहा, जिसका मैं कर रहा हूँ घुट-घुट के इंतजार, वो बेवफा ना आई मेरा दम निकल रहा 💔imran 💔

Nisha ankahi

इतने सलीक़े से उसे अलग किया गया, कि कहा जा सके वो कभी उसका हिस्सा थी ही नहीं। - Nisha ankahi

GIRLy Quotes

એ પોતાની પત્ની સાથે પોતાનાં બાળકો સાથે ખુશ છે.. Breakup ના ફક્ત થોડાં જ દિવસો માં.. અને તમે એનાં ફોટોસ વિડિઓઝ જોઈ રડ્યાં કરો છો.. પણ આ જ એક એક્સ્ટ્રા મેરીટલ અફેર ની સચ્ચાઈ છે. પુરુષ અફેર માં લાગણી શોધવા ક્યારેય નથી જોડાતો .. એ એની જીંદગી માં ખુશ જ હોય છે. એ જોડાય છે ફક્ત એક એક્સાઈટમેન્ટ માટે, જિંદગી માં કંઈક નવું ટ્રાય કરવાં માટે. એને તમારી લાગણી થી કોઈ મતલબ જ નથી હોતો, એને showoff કરવો હોય છે કે હજુ પણ હું બીજી ત્રીજી ને ફેરવી શકું છું.. જ્યારે તમારાં માટે એ પ્રાયોરિટી બની ગયો હોય.. અને તમે ફેમિલી થી, હસબન્ડ થી છુપાઈ આડા અવળા ય જઈ એને msg કરી લો છો... કોલ કરી લો છો.. ત્યાં સામે પક્ષે.. તમને કહેવામાં આવશે કે હું ઘરે હોવ ત્યારે મને કોલ કે msg ના કરવાં.. એને પોતાની મેરેજ લાઇફ બચાવી રાખવી હોય છે. જ્યારે તમે એનાં પર બધું કુરબાન કરી બેઠા હોવ છો.. જેને પ્રેમ સમજી તમે કોઈક ના પતિ ને પોતાનો માની બેઠા હોવ છો, એ સમાજ માં ગર્વ થી પોતાની પત્ની નો હાથ પકડી ચાલતો હોય છે. જે અવાર નવાર તમને ફીલ કરાવતો રહે જ છે કે તમે બહાર ના છો.. પણ, યાદ રાખો, જ્યારે એક સમય એવો આવશે કે એણે તમને અને પોતાનાં પત્ની બાળકો માં થી પસંદગી કરવાની આવશે.. ત્યારે એ તમને કોઈ બજારુ સ્ત્રી ની જેમ જિંદગી માં થી કાઢી ફેંકશે.. કેટલાયે લાંછન તમારાં ચરિત્ર પર લગાવશે, ખુદ ને પત્ની પાસે સાચો સાબિત કરવાં.. એક એવા પુરુષ કે જેના માટે તમે ફક્ત એક વસ્તુ છો એની પાછળ જીંદગી બરબાદ કરવા કરતાં... ખુદ ના ફેમિલી પર ધ્યાન દો, કોઈનો પતિ ક્યારેય તમારો થવાનો ય નથી.

Parag gandhi

*આજનું માનવી પણ ગજબનું પ્રાણી છે...* ........ *યશ મા પોતે અને અપયશ માટે ગામ ગોતે*..... ગુડ મોર્નિંગ

Maharshi Trivedi

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Dr Darshita Babubhai Shah

मैं और मेरे अह्सास जहर बनी जिन्दगी बेवफा के रहनुकरम से जहर बनी जिन्दगी l ख़ालिक की कृपा से जन्नत बनी जिन्दगी ll जब से दर्दों ग़म देकर चल दिये तब से l अश्कों के गुलों का सजर बनी जिन्दगी ll "सखी" डो. दर्शिता बाबूभाई शाह

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

अभिमानी कायर पुरुष, कभी न पाए लक्ष्य। जीवन भर भटका करे, खाए भक्षाभक्ष्य।। दोहा--३८८ (नैश के दोहे से उद्धृत) -----गणेश तिवारी 'नैश'

kattupaya s

Good morning friends.. have a nice day

M K

आज से तुम्हारे लिए बद्दुआ ही करूंगी, तुम सुकून ढूंढो वो तुम्हे मिल न पाए तुम मुस्कुराओ लेकिन आंखों में पानी पलकों पर आए सुबह की पहली किरण तुम्हे हौसला दे, ढलता हुआ शाम तेरे ज़ख्मों को दोहराए.. तुम इंसान ही गलत हो, तुम्हे कोई तो समझाए.. - M K

Raa

🤒🤒🤒

Soni shakya

🙏🙏सुप्रभात 🙏🙏 🌹 आपका दिन मंगलमय हो 🌹

kapila padhiyar

પરીક્ષા જિંદગીનું બીજું નામ છે. સ્કૂલમાં છેક કેજી થી કોલેજ સુધી, આમજ પરીક્ષા આપી કંઈક ઘણી! પણ આ જિંદગીની પરીક્ષા કંઈક અનેરી, પલકે ને પલકે નવી પહેલી આવે સુનહેરી! સુલજાવો તો સહેલી  યા ઉલજાવે પહેલી, કડીથી કડી મેળવી ઘણી ના સુલજી પહેલી! કલ્પના ના સપના કંઈક અનમોલ વણવેલા, પળભરમાં સપના કંઈક વેરાઈ  મેળવેલા! આવી જીવનની શૈલી કંઈક શણગારેલી, મળેલી જીવનની  ભેટ કંઈક શવારેલી! ખુશીથી આકાશમાં મોતી પરોવા ચાલ્યા, દુઃખથી  સાયરમાં આસુ ભરી આવ્યા!    પરીક્ષા જીંદગીનું બીજું નામ છે. કપિલા પઢિયાર

Dinesh

🙏*જય બાબા સ્વામી*🙏 *આજનો સુવિચાર* પ્રેરણા, પ્રોત્સાહન અને પ્રયાસ આ ત્રણ શબ્દો આપણું જીવન બદલી નાખે છે. *શુભ સવાર*

Mrs Farida Desar foram

मुहब्बत वो होती है, जिससे सुकून मिले, मुहब्बत वो होती हैं, जिसमें एक दूसरे की गलती को, मुआफ किया जाए, मुहब्बत वो होती है, जहाँ गिले, शिकवे, भुला दिया जाए... - Mrs Farida Desar foram

Bitu

धोखेबाज़, वफादार, ईमानदार, झूठी मक्कार औरत हर तरह की होती है यार, वो इच्छा सोने के हिरन की भी रखती हैं । और वक्त आने पर सोने की लंका भी ठुकरा देती हैं। एक औरत बच्चों के लिए शराबी पति के साथ जिंदगी गुजार देती हैं, और एक औरत प्रेमी के लिए पति को मारकर ड्रम में डाल देती हैं । एक औरत रघुवंशी के साथ वन में भी खुश थी, और एक औरत राजा रघुवंश को पहाड़ों में मारकर फेंक आती हैं। कुछ औरत बुलंदियों को छूकर रिश्तों को भूल जाती हैं, और कुछ रिश्तों के लिए खुद के सपने मार देती हैं।

Anup Gajare

दो बार मरती है किताबें— पहली बार दम घुटकर, जब प्रकाशन मूल्य लेखक की जेब से बड़ा हो जाता है। और दूसरी बार चुपचाप, जब पाठक उनका मूल्य चुका नहीं पाता।

ek archana arpan tane

આંખો મા પડેલી કણી ની જેમ ખુચતાં સંબંઘો ને મેં હંમેશ। ને માટે આઝાદ કરી દીઘાં. #… - ek archana arpan tane

MOU DUTTA

তোমায় ঘিরে জীবন আমার তোমায় ঘিরে সব তোমায় ঘিরে নানান চিন্তা তোমায় ভেবেই সব। তোমায় ঘিরে রাত্রি হয় আর তোমায় ঘিরে দিন, কি করে বলি তোমায় তোমার কাছেই ঋণ। হৃদয় আজ ক্লান্ত ভীষন ক্লান্ত চোখের জল নিরুপায় শুধু এই হৃদয়ে ভালোবাসার ধোহাই। হয়তো নদী অশান্ত আজ উত্তাল যত ঢেউ, কি হবে ডুব দিয়ে বলো নেই কোনো এখানে কেউ। তবু যদি শূন্য থেকে হয় আবার শুরু, অপেক্ষাতে দিন গুনি হবে আমার গুরু। কল্পনা রা বলবে তোমায় আজ ও বাসি ভালো, নির্বাক শুধু হৃদয় অমায় নেই যে কোথাও ভালো। তোমার হাতেই স্বপ্ন আমার তোমার হাতেই আমি তোমার হাতেই হৃদয় আমার পর করো না তুমি। হয়তো আমি বেমানান হয়তো আমি উদাসীন হয়তো আমার আমি টাকে আজ ভাবই না। তবু তোমায় ভেবে আমার জীবন হোক শেষ তবু তোমায় ভেবে আমার হৃদয়ে হোক ঘোষণা এই জীবনে তুমি আমার ওগো শুধু তুমি আমার বাসনা।

ek archana arpan tane

અગણિત જખમો નું ઉદાહરણ છું હું તો પણ કમાલ નું હસી શકું છું હું 😀😃🤩 - ek archana arpan tane

ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__ दिखावे की इस दुनिया में, सादगी            का गुमान रखते हैं, हम वो हैं, जो टूटे हुए दिलों में भी              जान रखते हैं, तल्खियाँ ज़माने की हमें, मोड़ न               सकीं कभी, लहजे में शहद और सीने में चट्टान                   रखते हैं, माना कि मंज़िलें अभी कुछ फासले                 पर हैं मगर, हम थक हार कर भी कदमों में उड़ान                    रखते हैं, गिला नहीं उनसे जो सफ़र में साथ                  छोड़ गए, हम तो बिछड़ने वालों का भी पूरा            एहतराम करते हैं, महफिलों की चकाचौंध हमें लुभाती                 नहीं ज़ख्मी, हम  अपनी  तन्हाइयों  में ही एक आलीशान जहान रखते हैं…🔥 ╭─❀💔༻  ╨──────────━❥  ♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦  #LoVeAaShiQ_SinGh☜ ╨──────────━❥

Archana Singh

" हर किसी की अपनी-अपनी जर्नी हैं ...! कोई बिखर जाता हैं ... तो कोई संवर जाता हैं "...!! अर्चना सिंह ✍🏻 - Archana Singh

Archana Singh

हीरा परखने वाले से ज़्यादा महत्वपूर्ण , पीड़ा परखने वाला होता हैं ...!! अर्चना सिंह ✍🏻 - Archana Singh

Archana Singh

रिश्ते बिखरनें के बस दो कारण हैं... एक अहम् और ... दूसरे वहम ...!! अर्चना सिंह ✍🏻 - Archana Singh

Archana Singh

अरमां सारे बिखर गए...! दिल टूट सा गया ...! जाने वो कौन मंजर था ...! जब सारे सपने ...! धुंध बनकर रह गए ...!! अर्चना सिंह ✍🏻 - Archana Singh

Archana Singh

" खूबियां क्या हैं मुझमें , ये तो मेरे महादेव जाने , क्योंकि ... ! खामियों की लिस्ट औरों के पास हैं "...!! अर्चना सिंह ✍🏻 - Archana Singh

kajal jha

लड़कियाँ रोती नहीं, बस चुप हो जाती हैं, अपने दर्द को हँसी में छुपा ले जाती हैं। जो टूटता है अंदर हर रोज़ थोड़ा-थोड़ा, उसकी आवाज़ कभी किसी तक नहीं जाती है। उसे सिखाया गया है हर हाल में समझना, अपनी चाहतों को खामोशी में ही रखना। दर्द जब हद से गुज़र जाए दिल के भीतर, तब भी वो कहती है — “मुझे कुछ नहीं कहना।” एक लड़की का दिल काँच सा होता है, दिखता नहीं पर हर चोट गहरी होती है। सबका ख्याल रखते-रखते थक जाती है वो, और उसकी थकान सबसे अनकही होती Kajal jha - kajal jha

Dhamak

મને ખબર છે, જવાબ મળતા નથી, તોય પ્રયત્ન કરતી રહું છું. નિષ્ફળતા મળી છે, પણ અટકતી નથી. એક નવું ડગ ભરીશ, પોતાનું જગ બદલીશ. બસ, આજ વિશ્વાસે હું રોજ આગળ વધું છું. DHAMAK

M K

मोहब्बत को, मोहब्बत से मोहब्बत हो गई लोगों के अंदाज़ बदले प्यार में आकर कुत्ते पालने की बीमारी हो गई....😁 _M K

Ajay Solanki

મૈત્રી ની મહેક (ગઝલ) “સાથે હસતા-રમતા જે વાત હવે પુરી થઇ ગઈ, એ જ વાત હવે મુલાકાતમાં બદલાઈ ગઈ.” “તારી નજરમાં જે સાદગી હતી સદાય, જોતજોતામાં એ તો શરારત થઈ ગઈ.” મિત્ર કહીને તને સંબોધતો રહ્યો હું, અચાનક તું જ મારી આદત બની ગઈ.” હતી જે મૈત્રી હવે એ ચાહત બની ગઈ, તારી સાથેની વાતો હવે ઈબાદત બની ગઈ. “શબ્દો ખૂટી પડ્યા અને લાગણી શરૂ થઈ ગઈ.” “મૈત્રીમાં તો શાંત હતા, પણ હવે બેચેની બની ગઈ.” ખબર નહોતી કે આવી રીતે તારી અસર થઈ ગઈ, જે હતી માત્ર ભાઈબંધી, હવે એ આદત બની ગઈ.” “શબ્દોની જરૂર ક્યાં રહી હવે વાત કરવામાં, તારી આંખોનું મૌન જ હવે મારી ખબર થઈ ગઈ.” - અજય સોલંકી

રોનક જોષી. રાહગીર

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Awantika Palewale

સવારના પહેલા કિરણમાં જે અહેસાસ છે, એ તું છે, મારી અધૂરી રહેતી દરેક વાતનો જે વિશ્વાસ છે, એ તું છે. નથી જોઈતું મારે આખું આભ કે ચાંદ તારા, મારા ખાલી પડેલા આંગણમાં જે ઉજાસ છે, એ તું છે. દુનિયાની ભીડમાં તો લાખો ચહેરાઓ મળે છે, પણ એકાંતમાં જે દિલની સાવ ખાસ છે, એ તું છે. વરસી જાય છે વાદળ બનીને તારી યાદો ક્યારેક, ભીંજાઈ જઉં હું જેમાં, એ મીઠો વરસાદ તું છે. નથી ખબર કે ક્યાં જઈને અટકશે આ સફર, પણ મારી મંઝિલનો અંતિમ પડાવ તું જ છે. શબ્દોમાં લખું તો તું મારી એક કવિતા છે, અને મૌનમાં સાંભળું તો તું મારો શ્વાસ છે.

M K

ये तो पता था मुझसे तुम झूठ बोलते हो, पर ये नहीं पता था धोखेबाज भी निकलोगे... - M K

M K

कोई पढ़ पाए दर्द मेरा तो, कोई उसे पढ़ कर समझाए... कमबख्त बड़ा नासमझी करता है, समझने में मुझे ... एक दिन याद तो आऊंगी तुम्हे, पर तेरे क़रीब नहीं ...! " याद रखना " तुम्हे जवाब तेरे लहज़े में दूंगी ....!! - M K

S A Y R I K I N G

वो इतनी कंजूस जब रुकसत हुई तो रोई भी चार कतरे हमारी दरिया दिली अलग थी हमारा दरिया निकल रहा था

Soni shakya

जब सारा मंज़र विरान सा लगने लगता है..! तेरी यादों से चिराग़ रोशन कर लिया करती हुं.!! - Soni shakya

Satyam kumar

A Smile in the Morning Light The sun wakes up with a golden smile, Painting the sky for a little while. Birds sing softly, hearts feel free, Happiness hums inside of me. Laughter dances in simple things, In gentle words and moments it brings. A cup of hope, a dream so small, Yet it’s enough—I have it all. Every step feels warm and bright, Even shadows glow with light. Joy is not loud, it softly stays, Living with us in everyday days. So breathe it in, this peaceful cheer, Hold it close, keep it near. For happiness blooms when we choose to see, The beauty of now, the joy of being free.

S A Y R I K I N G

हम भी कुछ जल्दी में थे तुम भी कुछ जल्दी में थे और वक्त भी कुछ जल्दी में था इस तरह हम तीनों अधूरे रह गए

kattupaya s

Goodnight friends sweet dreams

Prithvi Nokwal

माँ तेरे जानें के बाद खुद को असुरक्षित सा महसूस कर रहा हूं, ऐसा लगता है मेरा सुरक्षा कवच टूट गया हो! - Prithvi Nokwal

M K

जिस दिन बेपरवाह हो गई मैं तुम्हारी मोहब्बत से, यकीन मानो मेरा सबसे ज्यादा आंसू तुम बहाओगे... गलती नहीं ये तो मेरी मोहब्बत थी, जिसे तुमने समझने से ज्यादा मुझे बर्बाद किया ...!!😢 - M K

archana

मैंने चाहा था घर-सा रिश्ता, महल की ख्वाहिश नहीं थी, जो रूखा-सूखा दे दे कोई, उस पर भी कोई फरमाइश नहीं थी। हालात उसके अपने जैसे, मैंने अपने मान लिए थे, उसकी रोटी मेरी रोटी, उसके आँसू अपने जान लिए थे। पर दिल तो उसका कहीं और था, ये बात छुपाई उसने, और इल्ज़ाम वफ़ा पर आया, हर कमी गिनाई उसने। पूछा मुझसे – “तुमने दिया ही क्या?” बड़ी आसानी से, उसने देखा ही नहीं, मैंने खुद को दे दिया ख़ामोशी से। जिसका दिल किसी और के पास हो, वो क़दर क्या जाने, सच्चे प्यार की कीमत अक्सर, झूठे लोग नहीं पहचानें।

kapila padhiyar

જ્યારે તને મેં શોધ્યો માધવ   ત્યારે તું ક્યાં મળે છે  માધવ. મારી એકલતામાં તારો જ એક સથવારો, મારી મહેફીલોમાં પણ તુંજ સમાણો. આવને મળવા એક ક્ષણ તો , ક્યાં પુરી જિંદગી માગી છે તારી . પાગલ મીરા તો નથી કે નથી નરસૈયો હું, મારે તો બસ સુભદ્રા જેવો નાતો . રાખડી સાથે દુઆઓ હજાર કરૂ છું . ભેટ ક્યાં માંગી છે કોઈ મે તુજથી ? બસ મારી અનમોલ ભેટ  તુજ છે. જ્યારે તને મેં શોધ્યો માધવ, ત્યારે તું ક્યાં મળે છે માધવ .                         કપિલા પઢીયાર ( કલ્પી)

NetramEyeCentre

Netram Eye Foundation successfully conducted an eye check-up camp at Vridha Mitra Kendra, Madanpur Khadar, focusing on promoting eye health and regular vision care among senior citizens. The camp aimed to provide timely eye consultations, raise awareness about age-related eye conditions, and emphasize the importance of regular eye check-ups for maintaining good vision and quality of life. Our team interacted with the participants and offered guidance on preventive eye care and timely treatment. Initiatives like these reflect our continued commitment to community welfare and accessible eye care for all. We sincerely thank everyone who supported and participated in making this camp successful. #NetramEyeFoundation #EyeCheckupCamp #SeniorCitizenCare #CommunityHealthcare #VisionCare #EyeHealth #PreventiveCare #HealthcareOutreach

Imaran

आप बेवफा होंगे कभी सोचा ही नहीं था, आप कभी खफा होंगे सोचा ही नहीं था, जो गीत लिखे हमने कभी तेरे प्यार पर तेरे, वही गीत रुशवा होंगे सोचा ही नहीं था ✍️imran ✍️

susma Mishra

vah Kaun Hai jisne mujhe awaaz to nahin Di per main thahar ja Gaya hu

Prithvi Nokwal

इतने साल हो गये इन बातों को , ये कह देने से कोई बात खत्म नहीं हो जाती !

Soni shakya

तेरा साथ ना मिला तो कोई ग़म नहीं..! तेरा प्रेम मिल गया वो भी कम नहीं..!! - Soni shakya

Ashok Bariya

​સાબરમતીના સંત: ગાંધી બાપુ ​હાથમાં લાકડી, આંખે ચશ્મા, સાદગીનો એ શણગાર, સત્ય અહિંસાના શસ્ત્રો જેણે, જીત્યો આખો સંસાર. ​નહોતી તોપ કે નહોતી તલવાર, બસ હૈયામાં હતી હામ, ઝુકાવી દીધી બ્રિટિશ હકૂમત, એવું અમર એનું કામ. ​સાબરમતીના સંત તમે, રેંટિયો તમારો સંગાથ, ખાદીના વસ્ત્રો પહેરીને, ધર્યો ગરીબોનો હાથ. ​ડર નહોતો કોઈ જેલનો, નહોતો કશાનો મોહ, શાંતિના માર્ગે લડ્યા તમે, જગાવ્યો દેશપ્રેમનો છોહ. ​બાપુ તમે છો અમર અમારા, ભારત માતાની શાન, યુગો યુગો સુધી ગુંજશે, તમારું જ પુણ્યગાન. ​કવિતાનો ટૂંકો સાર: ​આ કવિતા ગાંધીજીના સાદા જીવન, તેમના સત્ય અને અહિંસાના સિદ્ધાંતો અને કેવી રીતે તેમણે કોઈપણ હથિયાર વગર દેશને આઝાદી અપાવવામાં મુખ્ય ભૂમિકા ભજવી તે દર્શાવે છે.

Hardik Galiya

મનગમતી મારી પતંગ, કોઈ ઉડાડી ગયું છે, સૂતેલી મારી શ્રદ્ધા, કોઈ જગાડી ગયું છે. નહોતી ખબર ઇશ્ક તણા,પેચો છે કેવા કઠિન, આપીને શરત શ્વાસની,કોઇ રઝળાવી ગયું છે જોઉં છું લાચાર થઈ , સૂનું ગગન હું તો હવે, બાજી જીતેલી હતી, કોઈ બગાડી ગયું છે. રાજી હતો હું એમ કે, છે દોર મારા હાથમાં, કાપી પતંગ હવે કહો, કોણ તે કાપી ગયું છે? બાકી રહી છે યાદ બસ, સૂની હથેળીએ હવે, લુટાઈ ગયો જેના પર, તે જ તડપાવી ગયું છે – હાર્દિક ગાળિયા

वात्सल्य

તારી નજરને કારણ હું દૂર ના જઈ શકયો કે ના નજીક આવી શક્યો. - वात्सल्य

Komal Arora

The worse thing in the world is waiting ....... जब मन का हाल कोई समझ ना पाए....... या कहें कि खुद ही बेचैन से हो जाए...... बगैर किसी वज़ह के........ जिस से बात करनी हो वो साथ ही ना हो...... या यू कहे कि साथ हो कर भी ना हो........ तब जो समय खुद का खुद के साथ निकालना होता है........ that is worse.......

Nandini Agarwal

मेरा भारत महान ' मेरी संस्कृति मेरी धरोहर । क्या अब भी नियन्त्रण चल रहा है। मेरे ख्याल से नहीं। शॉपिंग के लिए जाओ। कपड़े खरीदने जाओ और "मै ' साडी मे सादा सिम्पल सरल स्वभाव तो बाहर से ही शोरूम मे जाने से पहले गार्ड कह देता है। मेम यहाँ वेस्टन कपड़े मिलते है। घुमते - घूममे बहुत देर हो गयी तेज बारिश होने लगी। "तो मन आया पास मे रेस्टोरेंट मे कुछ खा लेते हैं। वहां हम चेयर पर बैठे ही थे। वेटर बोला चाइनीज फूड ही मिलेगा । हम यू ही आ गये। ऐसा नही लग रहा था । हम अपनी देशी धरोहर में ही है। आते - आते रात हो गयी । काफी देर होने के बाद खाने का टाइम हो गया होटल मे खाने की टेवल पर बैठे । मैनयू कार्ड देखा सब कार्डी मांसाहारी व्यंजनों से भरा हुआ था। फिर तो वहाँ होटल मे पानी भी गले से नही उतरा । जो कि हमारे घर में प्याज लहसुन तक नही खाया जाता । वहाँ अण्डा , मांस तो एक हत्या पाप के बराबर है। ( कहाँ गया हमारा धर्म) ? जब बच्चो के स्कूल मे पेरेन्ट्स मिटिंग में जाती हूं। क्यास टीचर का व्यवहार जिस बच्चे की मम्मी स्टाइलिस्ट लुक दो चार वर्ल्ड इंगलिश में बोल दिया या फिर नौकरी पेशा वाली गाडी खुद ड्राइविंग कर के आयी तो उसकी बातो को ध्यानपूर्वक सुन कर मुस्कुरा कर जबाब दिया जा रहा था। और मैं सीधे स्वाभाव से पूछा मेरा बच्चा क्लास मे व्यवहार - पढाई ने कैसा चल रहा है ? तो मेरे बच्चे मे चार कमी निकाल कर जबाब दिया जाता है। जब कि हमारे हिसाब से हमारा बच्चा सही है। क्या व्यक्ति की पहचान दिखावे से होने लगी है। मन की सरलता अपनी पहचान सादगी से नही सोचो अभी ही हाल है। हिन्दू शासन मे साधे का परिणाम कितना घातक होगा।

Nandini Agarwal

तस्वीर घर में ' दीवाली कीथा सफाई करते - करते एक पुरानी तस्वीर हाथ लग गयी। वो तस्वीर में मुस्कुराती ' आँखो में सपने लिय कोई राजकुमार ' सालीनता , चहकता चेहरा कितनी खूबसूरत व सादगी भरा ' उस तस्वीर मे मैं जैसे खो सी गयी। क्या' दौर हुआ करता था। कितनी मधुरता हुआ करती थी ' रिश्तों में । कोई' भेद-भाव तुलनात्मक जीवन नहीं था। जो जैसा है। वैसा सही है। आस -पास जात - पात ऊँच - नीच काम-काज में कोई भी नजरिया अलग नहीं था। उसी पर व्यक्ति धेर्य बांध कर जीता था। डिप्रेशन नाम की कोई चीज नहीं थी। जिस लड़के के साथ विवाह कर दिया । उसी को अपना फर्ज अपना कर निभा लिया करती थी। (करते थे) दो समय की रोटी, दो जोड़ी कपड़े ' सर के नीचे छत पर खुश रहता था। ताजी हवा पानी का तो क्या कहना, रगो मे मिट्टी की खुशब कही भी बैठ जाओ। धरती माँ का एहसास होता । बस यू कहां जाये प्रकृति से जुड़ा हुआ हर व्यक्ति जो एक हिन्दूतानी होने पर गर्व महसूस करता था। तभी शकुनतला " की कोहनी से आईना नीचे गिर टूट गया। शकुनतला की चेतना जागी ' मैं भी कहां खो गयी। आईने के टुकड़ों मे अपने आप को देखा , जितने आईने के  टुकड़े हर एक टुकड़ा कुछ कहता था। जीवन मे तरह -तरह के रिश्ते निभाये ' तस्वीर से आईने मे झांका और देखा वही लड़की । जिसका चेहरा झाइयों से घिर गया। हर एक झाई में जीवन का तर्जुवा था। परिवार को पचास पचपन साल दिये । अन्त में वही आ गयी जहाँ से शुरू किया। मैं और मेरे पति महोदय । सालो साल हो जाते है। बेटे-बहू पोते पोती के मुँह देखे बिना विदेश मे नौकरी करने से ' लोगो की मानसिक सोच है। कामयाबी ' बेटी मेरी सोन चिड़ियां पंक्षी की तरह उड़ गयी। अपनी गृहस्थी से जब समय होता है। तब आना ' सारा घर काटने को दौड़ता है। अरे भाग्यवान आओ साथ मे खाना खाते हैं। मैने आलू पराठा बना लिया और साथ मे दही जब तक श्वांस है तब तक तो साथ है। पति - शकुनतला अब थोड़ा मुस्कुरा दो, जिस मुस्कान पर मैं फिद हूं।

Bhavna Bhatt

સુંદર અભિવ્યક્તિ

M K

चुप रह कर बोलना सिख गई, मैं मोहब्बत हूं, टूटना सीख गई कोई बताए उसे मोहब्बत में सौदेबाजी नहीं होता है झूठ के कलम से कहानी लिखी नहीं जाती ...!! - M K

M K

खुद को खोने से डर नहीं लगा मुझे, तो तुम्हे खोने से कैसे लगेगा?? जरूरी नहीं तुम झूठे निकले, गलती शायद मेरी थी, मुसाफ़िर को अपना कहा ।। भूल गई थी मुसाफ़िर का कोई ठिकाना नहीं होता है, हर किसी को अपना कहता है, लेकिन किसी का अपना नहीं होता है....!! - M K

Raj Brahmbhatt

"अनुभूति" 🍂✨ https://whatsapp.com/channel/0029VbBgJYA1SWt3jmeneP2I

swati

बहूत कुछ खोया मैने , मंजिल तुझे पाने के लिए एक तू है कि अब तक ना मिली, अब भी लगे हैं डटकर हम , दिन रात सुबह ओ शाम , उम्मीद मे तुम्हारे , अब मर्जी तेरी , देख लेना फिर में तुमसे , आगे मैं मिलूं के नहीं .....✍️✍️

Saroj Prajapati

धूप का वो एक कतरा बैठा कुछ जुदा सा है मालूम होता है वो जिंदगी से कुछ खफा सा है।। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati

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